बिलासपुर में सेव माउंट संगठन ने नई शिक्षा नीति के तहत जुखाला कॉलेज में प्रथम वर्ष में प्रवेश बंद करने और विज्ञान संकाय को समाप्त करने के फैसले का कड़ा विरोध किया है। संगठन ने इस निर्णय को ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए सरकार और शिक्षा विभाग से इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है। बुधवार को बिलासपुर सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में सेव माउंट संगठन के अध्यक्ष पवन ठाकुर ने जोर दिया कि शिक्षा हर व्यक्ति का मौलिक अधिकार है और जुखाला कॉलेज क्षेत्र के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में विद्यार्थी यहां अध्ययन कर रहे हैं, ऐसे में प्रथम वर्ष में प्रवेश रोकना और विज्ञान संकाय को खत्म करना उनके हित में नहीं है। पवन ठाकुर ने वर्ष 2025 में इसी कॉलेज की छात्रा अदिति ठाकुर का उदाहरण भी दिया, जिन्होंने प्रतिदिन तीन किलोमीटर पैदल चलकर कॉलेज पहुँचते हुए प्रदेश में सातवां स्थान हासिल किया था, यह दर्शाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें बेहतर अवसर और संसाधनों की आवश्यकता है। संगठन के अध्यक्ष ने बताया कि विज्ञान संकाय बंद होने और नए प्रवेश रुकने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को दूर-दराज के कॉलेजों में जाना पड़ेगा, जिससे उनकी पढ़ाई के साथ-साथ आर्थिक स्थिति पर भी बुरा असर पड़ेगा। उन्होंने प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग से जुखाला कॉलेज में प्रथम वर्ष के प्रवेश और विज्ञान संकाय को तुरंत बहाल करने की मांग की है। पवन ठाकुर ने चेतावनी दी कि यदि इस निर्णय को शीघ्र वापस नहीं लिया गया, तो सेव माउंट संगठन विद्यार्थियों और अभिभावकों के साथ मिलकर आंदोलन शुरू करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी सरकार और शिक्षा विभाग की होगी।
बिलासपुर में सेव माउंट संगठन ने नई शिक्षा नीति के तहत जुखाला कॉलेज में प्रथम वर्ष में प्रवेश बंद करने और विज्ञान संकाय को समाप्त करने के फैसले का कड़ा विरोध किया है। संगठन ने इस निर्णय को ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए सरकार और शिक्षा विभाग से इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है। बुधवार को बिलासपुर सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में सेव माउंट संगठन के अध्यक्ष पवन ठाकुर ने जोर दिया कि शिक्षा हर व्यक्ति का मौलिक अधिकार है और जुखाला कॉलेज क्षेत्र के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में विद्यार्थी यहां अध्ययन कर रहे हैं, ऐसे में प्रथम वर्ष में प्रवेश रोकना और विज्ञान संकाय को खत्म करना उनके हित में नहीं है। पवन ठाकुर ने वर्ष 2025 में इसी कॉलेज की छात्रा अदिति ठाकुर का उदाहरण भी दिया, जिन्होंने प्रतिदिन तीन किलोमीटर पैदल चलकर कॉलेज पहुँचते हुए प्रदेश में सातवां स्थान हासिल किया था, यह दर्शाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें बेहतर अवसर और संसाधनों की आवश्यकता है। संगठन के अध्यक्ष ने बताया कि विज्ञान संकाय बंद होने और नए प्रवेश रुकने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को दूर-दराज के कॉलेजों में जाना पड़ेगा, जिससे उनकी पढ़ाई के साथ-साथ आर्थिक स्थिति पर भी बुरा असर पड़ेगा। उन्होंने प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग से जुखाला कॉलेज में प्रथम वर्ष के प्रवेश और विज्ञान संकाय को तुरंत बहाल करने की मांग की है। पवन ठाकुर ने चेतावनी दी कि यदि इस निर्णय को शीघ्र वापस नहीं लिया गया, तो सेव माउंट संगठन विद्यार्थियों और अभिभावकों के साथ मिलकर आंदोलन शुरू करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी सरकार और शिक्षा विभाग की होगी।
- झंडूता उपमंडल की ग्राम पंचायत सनीहरा के थेह गाँव के वीर सपूत बलदेव चंद को मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है।1
- हमीरपुर मेडिकल कॉलेज से डॉक्टरों के 'गायब' होने को लेकर एक बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है। यह प्रश्न गंभीर चिंता का विषय बन गया है कि क्या वाकई संस्थान से चिकित्सक कम हो रहे हैं।1
- प्रदेश में डिपो तक कम राशन पहुंचने को लेकर डिपो संचालकों ने निगम और विभाग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रदेश डिपो संचालक समिति के अध्यक्ष अशोक कवि ने यह मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया है कि राशन डिपुओं तक निर्धारित मात्रा से कम सामग्री पहुंच रही है।1
- हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में मचे सियासी घमासान के बीच पार्टी ने अनुशासनहीनता के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। कृषि मंत्री चंद्र कुमार के बेटे और पूर्व विधायक नीरज भारती द्वारा कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ाने के मामले में आज शिमला स्थित राजीव भवन में अनुशासन समिति की बैठक बुलाई गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए कांग्रेस अनुशासन कमेटी अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने स्पष्ट चेतावनी दी कि पार्टी के भीतर किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राठौर ने जोर देकर कहा कि जो भी पार्टी की विचारधारा के खिलाफ हैं, उन्हें संगठन में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने सख्त लहजे में यह भी कहा कि अगर कोई भी कांग्रेस नेता मीडिया या सोशल मीडिया में जाकर अनुशासनहीनता करेगा, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में अनुशासन कमेटी के पदाधिकारी उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, विधायक आशीष बुटेल, विधायक हरदीप सिंह बाबा, विधायक अनुराधा के साथ-साथ कांग्रेस महासचिव विनोद ज़िंटा और अमित नंदा भी मौजूद रहे।1
- जनगणना 2027 के प्रथम चरण हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग सेंसस (HLO) के सफल संचालन के लिए ऊना तहसील के डीआरडीए हॉल में प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता तहसीलदार एवं चार्ज ऑफिसर विपन ठाकुर ने की, जिसमें करीब 100 प्रगणकों और पर्यवेक्षकों ने भाग लिया।1
- नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने ऊना में भाजपा के प्रदेश स्तरीय प्रशिक्षण शिविर में हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सरकार चलाने के बजाय गुटबाजी की राजनीति को बढ़ावा दे रहे हैं। ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों द्वारा सार्वजनिक मंचों पर अपनी ही सरकार और नेतृत्व के खिलाफ लगातार बयानबाजी से यह स्पष्ट है कि प्रदेश कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं है। जयराम ठाकुर ने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि जब सुखविंद्र सिंह सुक्खू प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष थे, तब भी वे पूरी पार्टी को साथ लेकर चलने के बजाय केवल अपने गुट को मजबूत करने में लगे रहते थे और मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उनकी कार्यशैली में कोई बदलाव नहीं आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री प्रदेश के विकास और जनहित के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय अपने राजनीतिक समीकरणों को साधने और एक विशेष गुट को लाभ पहुँचाने में व्यस्त हैं। पूर्व मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश में कांग्रेस के गुटों की संख्या इतनी बढ़ गई है कि उनकी गिनती करना भी मुश्किल है, जिससे प्रत्येक गुट अपनी अलग राजनीति कर रहा है और इसका सीधा असर सरकार की कार्यक्षमता पर पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि सरकार का अधिकांश समय आंतरिक खींचतान और राजनीतिक संतुलन बनाने में निकल रहा है, जिसके चलते विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। नीरज भारती के बयान का उल्लेख करते हुए, नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता और पार्टी उपाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को लेकर बेहद तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने मुख्यमंत्री से प्रदेश की जनता के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करने और सरकार से कांग्रेस के भीतर चल रही गतिविधियों का खुलासा करने की माँग की। जयराम ठाकुर ने यह भी दावा किया कि पार्टी के भीतर लगातार बढ़ते असंतोष के कारण आने वाले समय में कांग्रेस की अंदरूनी कलह और अधिक खुलकर सामने आएगी।1
- बिलासपुर में सेव माउंट संगठन ने नई शिक्षा नीति के तहत जुखाला कॉलेज में प्रथम वर्ष में प्रवेश बंद करने और विज्ञान संकाय को समाप्त करने के फैसले का कड़ा विरोध किया है। संगठन ने इस निर्णय को ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए सरकार और शिक्षा विभाग से इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है। बुधवार को बिलासपुर सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में सेव माउंट संगठन के अध्यक्ष पवन ठाकुर ने जोर दिया कि शिक्षा हर व्यक्ति का मौलिक अधिकार है और जुखाला कॉलेज क्षेत्र के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में विद्यार्थी यहां अध्ययन कर रहे हैं, ऐसे में प्रथम वर्ष में प्रवेश रोकना और विज्ञान संकाय को खत्म करना उनके हित में नहीं है। पवन ठाकुर ने वर्ष 2025 में इसी कॉलेज की छात्रा अदिति ठाकुर का उदाहरण भी दिया, जिन्होंने प्रतिदिन तीन किलोमीटर पैदल चलकर कॉलेज पहुँचते हुए प्रदेश में सातवां स्थान हासिल किया था, यह दर्शाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें बेहतर अवसर और संसाधनों की आवश्यकता है। संगठन के अध्यक्ष ने बताया कि विज्ञान संकाय बंद होने और नए प्रवेश रुकने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को दूर-दराज के कॉलेजों में जाना पड़ेगा, जिससे उनकी पढ़ाई के साथ-साथ आर्थिक स्थिति पर भी बुरा असर पड़ेगा। उन्होंने प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग से जुखाला कॉलेज में प्रथम वर्ष के प्रवेश और विज्ञान संकाय को तुरंत बहाल करने की मांग की है। पवन ठाकुर ने चेतावनी दी कि यदि इस निर्णय को शीघ्र वापस नहीं लिया गया, तो सेव माउंट संगठन विद्यार्थियों और अभिभावकों के साथ मिलकर आंदोलन शुरू करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी सरकार और शिक्षा विभाग की होगी।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक नया इतिहास रच दिया है। वे अब भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं।1
- हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनाव की प्रक्रिया समाप्त होने के बावजूद, इससे भड़की सियासी आग लगातार बढ़ती जा रही है। इस ताज़ा मामले में, भाजपा विधायक डॉक्टर जनक राज ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विधायक का आरोप है कि सरकार ने गुपचुप तरीके से चुनावी प्रक्रिया के दौरान ही अधिनियम में संशोधन किया और एक अधिसूचना जारी कर दी। इस अधिसूचना के अनुसार, जिला चंबा के पांगी, लाहौल-स्पीति के केलांग सब-डिवीजन और कल्लू की चार पंचायतों के प्रधान, बीडीसी सदस्य और जिला परिषद सदस्यों का कार्यकाल 18 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दिया गया है। डॉ. जनक राज ने कहा कि इस फैसले से अब इन पंचायतों में दो-दो प्रतिनिधि हो गए हैं। उन्होंने सरकार के इस कदम को पंचायती राज संस्थाओं और संविधान का सीधा अपमान बताया, यह कहते हुए कि वर्तमान कांग्रेस सरकार ने संविधान और संवैधानिक व्यवस्थाओं का मज़ाक बना दिया है, जो पंचायती राज चुनाव के समय स्पष्ट हो गया। इसके अतिरिक्त, डॉ. जनक राज ने बीडीसी, जिला परिषद और शहरी निकायों में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पदों के चुनाव में देरी को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इसके पीछे प्रदेश सरकार की रणनीति केवल यह है कि चुने हुए प्रतिनिधियों को डरा-धमकाकर या प्रताड़ित करके अपनी विचारधारा के लोगों को इन पदों पर बैठाया जा सके। डॉ. जनक राज ने इस पूरे मामले को जनमत का मज़ाक करार दिया और चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया तो वे उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।3