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पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम, जिन्हें राजद (RJD) की तरफ से विधान परिषद (MLC) का उम्मीदवार नहीं बनाया गया, इस फैसले से बेहद आहत होकर सार्वजनिक रूप से रोने लगे। उनकी यह भावनात्मक प्रतिक्रिया पटना में सामने आई, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
Amardip Kumar
पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम, जिन्हें राजद (RJD) की तरफ से विधान परिषद (MLC) का उम्मीदवार नहीं बनाया गया, इस फैसले से बेहद आहत होकर सार्वजनिक रूप से रोने लगे। उनकी यह भावनात्मक प्रतिक्रिया पटना में सामने आई, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
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- सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र की चंदौर पूर्वी पंचायत स्थित पंचायत सरकार भवन में मंगलवार को एक सहयोग शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का तत्काल निदान करना है। सौर बाजार की प्रखंड विकास पदाधिकारी आशा कुमारी ने दूरभाष पर जानकारी देते हुए बताया कि इस शिविर को सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने आगे बताया कि शिविर में जिले के वरीय पदाधिकारियों के साथ-साथ सभी विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। ये अधिकारी आम लोगों द्वारा प्रस्तुत किए गए आवेदनों पर विचार कर उनका समाधान करेंगे। उल्लेखनीय है कि इस प्रकार के सहयोग शिविर प्रत्येक माह के पहले और अंतिम मंगलवार को आयोजित किए जाते हैं।1
- पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम, जिन्हें राजद (RJD) की तरफ से विधान परिषद (MLC) का उम्मीदवार नहीं बनाया गया, इस फैसले से बेहद आहत होकर सार्वजनिक रूप से रोने लगे। उनकी यह भावनात्मक प्रतिक्रिया पटना में सामने आई, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।1
- सहरसा जिले के सोनबरसा राज प्रखंड अंतर्गत काशनगर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कैरियर मेकर आवासीय विद्यालय से बिना किसी को बताए निकले तीन छात्रों को महज 48 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर उनके परिजनों को सौंप दिया। काशनगर बाजार स्थित इस विद्यालय के तीनों छात्र 4 जून की सुबह अपने हॉस्टल से गायब हो गए थे, जिसके बाद विद्यालय प्रबंधन और परिजनों में भारी चिंता फैल गई थी। पुलिस ने इन छात्रों को मानसी रेलवे स्टेशन के समीप से रविवार को सुरक्षित ढूंढ निकाला। घटना की सूचना मिलते ही काशनगर थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। बच्चों की सकुशल बरामदगी की गंभीरता को देखते हुए, सहरसा के पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सिमरी बख्तियारपुर के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस गठित टीम ने तकनीकी अनुसंधान, मानवीय सूचना तंत्र और लगातार छापेमारी अभियान चलाकर तीनों छात्रों का पता लगाया। बरामद किए गए छात्रों में फतेहपुर निवासी आदित्य कुमार, मंगनवा निवासी शिवम कुमार तथा मंगवार निवासी नीरज कुमार शामिल हैं। आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं के बाद पुलिस ने तीनों छात्रों को उनके परिजनों को सौंप दिया। इस सफल और त्वरित कार्रवाई के बाद छात्रों के परिजनों ने राहत की सांस ली और काशनगर थाना पुलिस की कार्यकुशलता, तत्परता और संवेदनशीलता की भरपूर सराहना की। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस उपलब्धि को सराहनीय बताते हुए कहा कि समय रहते की गई कार्रवाई से ही तीनों छात्रों को सुरक्षित वापस लाया जा सका। पुलिस अधिकारियों ने इस अवसर पर दोहराया कि बच्चों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे मामलों में हमेशा त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। काशनगर थाना की इस सफलता को क्षेत्र में प्रभावी पुलिसिंग का एक उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है।1
- मधेपुरा जिले के एक हॉस्टल में छह वर्षीय छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। इस घटना के बाद हत्या या आत्महत्या को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच में जुटी है।1
- जदयू नेता सुनील सिंह ने मांग की है कि नौहट्टा में ही एक डिग्री कॉलेज का संचालन किया जाए।1
- सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड में डिग्री कॉलेज की स्थापना को लेकर स्थानीय निवासियों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को 'डिग्री कॉलेज संघर्ष समिति' के बैनर तले बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, युवाओं और प्रबुद्धजनों ने प्रखंड मुख्यालय पर शांतिपूर्ण धरना-सत्याग्रह आयोजित कर सरकार और प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद की। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक कॉलेज को प्रखंड मुख्यालय में स्थापित करने का निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने सरकार के उस फैसले पर कड़ा ऐतराज जताया है, जिसके तहत डिग्री कॉलेज को कासिमपुर पंचायत में प्रस्तावित किया गया है। प्रखंडवासियों का तर्क है कि डिग्री कॉलेज का निर्माण और संचालन अनिवार्य रूप से प्रखंड मुख्यालय में ही होना चाहिए, क्योंकि मुख्यालय में कॉलेज बनने से प्रखंड की सभी पंचायतों के छात्र-छात्राओं को आवागमन में सुविधा होगी और सबको समान रूप से इसका लाभ मिल सकेगा। उन्होंने यह भी बताया कि प्रखंड मुख्यालय में कॉलेज के सफल संचालन के लिए आवश्यक पर्याप्त भूमि, भवन, सुगम आवागमन और अन्य सभी ज़रूरी बुनियादी सुविधाएं पहले से ही मौजूद हैं। इसके बावजूद कॉलेज को किसी सुदूर या दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने का निर्णय स्थानीय छात्रों के भविष्य और उनके हितों के साथ खिलवाड़ है। सोमवार के शांतिपूर्ण सत्याग्रह के बाद आंदोलनकारियों ने प्रशासन और सरकार को सीधे तौर पर चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कर दिया है कि यदि उनकी न्यायसंगत मांग पर तुरंत कोई सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया, तो मंगलवार से इस आंदोलन को और उग्र करते हुए अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू कर दिया जाएगा। वर्तमान में डिग्री कॉलेज का यह मुद्दा नवहट्टा में एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले चुका है, जिसकी चर्चा बाज़ार से लेकर गाँवों तक हर जगह है। अब यह देखना होगा कि इस सुलगते हुए स्थानीय मुद्दे और जनता के भारी आक्रोश को देखते हुए ज़िला प्रशासन और राज्य सरकार का अगला कदम क्या होता है।1
- सहरसा के पुरानी एलआईसी भवन के समीप स्थित मंजू ओरल डेंटल केयर उन सभी लोगों के लिए एक बेहतर विकल्प प्रस्तुत कर रहा है जो दांतों की किसी भी समस्या से परेशान हैं। दांत रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नवीन कुमार ने बताया कि क्लिनिक में हर प्रकार की दांतों की बीमारी का इलाज अत्याधुनिक मशीनों का उपयोग करके किया जाता है। इसके अतिरिक्त, मरीजों को दांत के एक्स-रे के लिए बाहर नहीं जाना पड़ता, क्योंकि क्लिनिक के भीतर ही डिजिटल सेवा उपलब्ध है, जिससे एक्स-रे मात्र दो सेकंड में हो जाता है। डॉक्टर नवीन कुमार ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि किसी भी स्थिति में दांतों को निकलवाने से बचना चाहिए, क्योंकि भविष्य में यह बड़ी समस्याएँ पैदा कर सकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि दांत निकलवाए बिना ही अधिकांश बीमारियों से निजात दिलाई जा सकती है। यह क्लिनिक सबसे सस्ते दरों पर बेहतरीन सुविधाएँ प्रदान करता है और यदि दांत लगवाने की आवश्यकता पड़े, तो सबसे अच्छी किस्म के दांत लगाए जाते हैं। दांत से संबंधित किसी भी समस्या के समाधान के लिए मंजू ओरल डेंटल केयर में सप्ताह के प्रत्येक दिन संपर्क किया जा सकता है।1
- मधेपुरा जिले के बिहारीगंज थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एसएच-91 पर एक अज्ञात युवक का खून से लथपथ शव बरामद हुआ। युवक के शरीर पर गोली लगने के निशान मिलने के बाद उसकी हत्या की आशंका जताई जा रही है। यह घटना बिहारीगंज-मुरलीगंज एसएच-91 पर बाढ़ राहत शिविर तुलसिया के सामने हुई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। सड़क के बीचों-बीच पड़े शव को देखकर राहगीरों और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। मृतक की उम्र करीब 30 वर्ष बताई जा रही है, जिसने जींस और गंजी पहनी हुई थी, जबकि उसके शरीर पर कमीज नहीं थी। स्थानीय लोगों ने सुबह करीब छह बजे सड़क पर खून से लथपथ शव देखकर बिहारीगंज थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष लवकुश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में पुलिस को युवक की गोली मारकर हत्या किए जाने की आशंका है, क्योंकि मृतक के सिर के पिछले हिस्से और पीठ के दाहिने भाग में गोली लगने जैसे निशान दिखाई दे रहे हैं। पुलिस का मानना है कि अपराधियों ने तड़के तीन से चार बजे के बीच वारदात को अंजाम देकर शव को सड़क पर छोड़कर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अविनाश कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की समीक्षा की। वहीं एफएसएल टीम ने मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस फिलहाल शव की पहचान कराने और हत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मामले का पूरी तरह से खुलासा हो सकेगा। फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और इलाके में इस वारदात को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं, लेकिन असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।4