मधेपुरा जिले के बिहारीगंज थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एसएच-91 पर एक अज्ञात युवक का खून से लथपथ शव बरामद हुआ। युवक के शरीर पर गोली लगने के निशान मिलने के बाद उसकी हत्या की आशंका जताई जा रही है। यह घटना बिहारीगंज-मुरलीगंज एसएच-91 पर बाढ़ राहत शिविर तुलसिया के सामने हुई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। सड़क के बीचों-बीच पड़े शव को देखकर राहगीरों और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। मृतक की उम्र करीब 30 वर्ष बताई जा रही है, जिसने जींस और गंजी पहनी हुई थी, जबकि उसके शरीर पर कमीज नहीं थी। स्थानीय लोगों ने सुबह करीब छह बजे सड़क पर खून से लथपथ शव देखकर बिहारीगंज थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष लवकुश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में पुलिस को युवक की गोली मारकर हत्या किए जाने की आशंका है, क्योंकि मृतक के सिर के पिछले हिस्से और पीठ के दाहिने भाग में गोली लगने जैसे निशान दिखाई दे रहे हैं। पुलिस का मानना है कि अपराधियों ने तड़के तीन से चार बजे के बीच वारदात को अंजाम देकर शव को सड़क पर छोड़कर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अविनाश कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की समीक्षा की। वहीं एफएसएल टीम ने मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस फिलहाल शव की पहचान कराने और हत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मामले का पूरी तरह से खुलासा हो सकेगा। फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और इलाके में इस वारदात को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं, लेकिन असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
मधेपुरा जिले के बिहारीगंज थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एसएच-91 पर एक अज्ञात युवक का खून से लथपथ शव बरामद हुआ। युवक के शरीर पर गोली लगने के निशान मिलने के बाद उसकी हत्या की आशंका जताई जा रही है। यह घटना बिहारीगंज-मुरलीगंज एसएच-91 पर बाढ़ राहत शिविर तुलसिया के सामने हुई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। सड़क के बीचों-बीच पड़े शव को देखकर राहगीरों और स्थानीय लोगों की भीड़
जमा हो गई। मृतक की उम्र करीब 30 वर्ष बताई जा रही है, जिसने जींस और गंजी पहनी हुई थी, जबकि उसके शरीर पर कमीज नहीं थी। स्थानीय लोगों ने सुबह करीब छह बजे सड़क पर खून से लथपथ शव देखकर बिहारीगंज थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष लवकुश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में पुलिस को युवक की गोली
मारकर हत्या किए जाने की आशंका है, क्योंकि मृतक के सिर के पिछले हिस्से और पीठ के दाहिने भाग में गोली लगने जैसे निशान दिखाई दे रहे हैं। पुलिस का मानना है कि अपराधियों ने तड़के तीन से चार बजे के बीच वारदात को अंजाम देकर शव को सड़क पर छोड़कर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अविनाश कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की समीक्षा की। वहीं एफएसएल टीम ने
मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस फिलहाल शव की पहचान कराने और हत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मामले का पूरी तरह से खुलासा हो सकेगा। फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और इलाके में इस वारदात को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं, लेकिन असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
- मधेपुरा जिले के एक हॉस्टल में छह वर्षीय छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। इस घटना के बाद हत्या या आत्महत्या को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच में जुटी है।1
- सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र की चंदौर पूर्वी पंचायत स्थित पंचायत सरकार भवन में मंगलवार को एक सहयोग शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का तत्काल निदान करना है। सौर बाजार की प्रखंड विकास पदाधिकारी आशा कुमारी ने दूरभाष पर जानकारी देते हुए बताया कि इस शिविर को सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने आगे बताया कि शिविर में जिले के वरीय पदाधिकारियों के साथ-साथ सभी विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। ये अधिकारी आम लोगों द्वारा प्रस्तुत किए गए आवेदनों पर विचार कर उनका समाधान करेंगे। उल्लेखनीय है कि इस प्रकार के सहयोग शिविर प्रत्येक माह के पहले और अंतिम मंगलवार को आयोजित किए जाते हैं।1
- पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम, जिन्हें राजद (RJD) की तरफ से विधान परिषद (MLC) का उम्मीदवार नहीं बनाया गया, इस फैसले से बेहद आहत होकर सार्वजनिक रूप से रोने लगे। उनकी यह भावनात्मक प्रतिक्रिया पटना में सामने आई, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।1
- आज दिनांक 08.06.2026 को सुपौल के जिलाधिकारी, श्री सावन कुमार, भा0प्र0से0, की अध्यक्षता में समाहरणालय, सुपौल स्थित लहटन चौधरी सभागार में एक जिला स्तरीय साप्ताहिक सोमवारीय समीक्षात्मक बैठक सम्पन्न हुई। इस बैठक में सभी जिला स्तरीय, अनुमंडल स्तरीय एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान न्यायालय वाद संबंधी मामले, दाखिल-खारिज, जिला जनता दरबार, जन संवाद और विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इसके साथ ही, सहयोग पोर्टल पर प्राप्त ऑनलाइन आवेदनों के निष्पादन की भी समीक्षा की गई, जिसमें सभी उपस्थित पदाधिकारियों को आवेदनों का ससमय निष्पादन करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में श्री तारीक, अपर समाहर्त्ता, आपदा प्रबंधन, सुपौल, श्री गयानंद यादव, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, सुपौल, श्री विकास कुमार, अपर समाहर्त्ता-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, सुपौल, श्री सतीश कुमार, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, सुपौल, श्रीमती पुष्पा कुमारी, वरीय उप समाहर्त्ता, सुपौल, श्री अमित कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी, जिला गोपनीय शाखा, सुपौल और श्री मुकेश कुमार यादव, वरीय उप समाहर्त्ता, सुपौल सहित अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित रहे। जिले के बाहर के पदाधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।3
- सहरसा जिले के सोनबरसा राज प्रखंड अंतर्गत काशनगर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कैरियर मेकर आवासीय विद्यालय से बिना किसी को बताए निकले तीन छात्रों को महज 48 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर उनके परिजनों को सौंप दिया। काशनगर बाजार स्थित इस विद्यालय के तीनों छात्र 4 जून की सुबह अपने हॉस्टल से गायब हो गए थे, जिसके बाद विद्यालय प्रबंधन और परिजनों में भारी चिंता फैल गई थी। पुलिस ने इन छात्रों को मानसी रेलवे स्टेशन के समीप से रविवार को सुरक्षित ढूंढ निकाला। घटना की सूचना मिलते ही काशनगर थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। बच्चों की सकुशल बरामदगी की गंभीरता को देखते हुए, सहरसा के पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सिमरी बख्तियारपुर के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस गठित टीम ने तकनीकी अनुसंधान, मानवीय सूचना तंत्र और लगातार छापेमारी अभियान चलाकर तीनों छात्रों का पता लगाया। बरामद किए गए छात्रों में फतेहपुर निवासी आदित्य कुमार, मंगनवा निवासी शिवम कुमार तथा मंगवार निवासी नीरज कुमार शामिल हैं। आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं के बाद पुलिस ने तीनों छात्रों को उनके परिजनों को सौंप दिया। इस सफल और त्वरित कार्रवाई के बाद छात्रों के परिजनों ने राहत की सांस ली और काशनगर थाना पुलिस की कार्यकुशलता, तत्परता और संवेदनशीलता की भरपूर सराहना की। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस उपलब्धि को सराहनीय बताते हुए कहा कि समय रहते की गई कार्रवाई से ही तीनों छात्रों को सुरक्षित वापस लाया जा सका। पुलिस अधिकारियों ने इस अवसर पर दोहराया कि बच्चों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे मामलों में हमेशा त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। काशनगर थाना की इस सफलता को क्षेत्र में प्रभावी पुलिसिंग का एक उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है।1
- बिहार की राजनीति में बयानबाजी एक बार फिर तेज हो गई है, जहाँ बंगला खाली कराने और सुरक्षा वापस लेने के विवाद के बीच तेज प्रताप यादव ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी और जनता से जुड़े अहम मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय राजनीतिक विरोधियों को निशाना बना रही है। तेज प्रताप यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और भाजपा पर तंज कसते हुए यहाँ तक कहा कि अगर सरकार का पूरा ध्यान सिर्फ बंगला खाली कराने पर ही है, तो फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ही बिहार का मुख्यमंत्री बना देना चाहिए था। उन्होंने दावा किया कि परिवार और पार्टी से जुड़े अंदरूनी विवादों को राजनीतिक मुद्दा बनाकर जनता के असली सवालों से ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है। इस बयान के बाद बिहार की सियासत में एक नया विवाद खड़ा हो गया है और राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा जोरों पर है।1
- मधेपुरा जिले के आलमनगर थाना में सोमवार को पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह ने औचक निरीक्षण किया। थाना पहुंचने पर पुलिस अधिकारियों और जवानों ने उन्हें सलामी देकर स्वागत किया। इस दौरान एसपी ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अविनाश कुमार, इंस्पेक्टर संतोष कुमार गुप्ता और थानाध्यक्ष कुलवंत कुमार के साथ बैठक कर विभिन्न प्रशासनिक और पुलिसिंग से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान, एसपी ने थाना परिसर में चल रहे नए भवन निर्माण कार्य, साफ-सफाई, अभिलेखों के रखरखाव और विधि-व्यवस्था की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने स्टेशन डायरी, ओडी रजिस्टर, आगंतुक पंजी समेत अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों की जांच की और लंबित तथा निष्पादित कांडों की प्रगति रिपोर्ट भी देखी। निरीक्षण के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी संदीप सिंह ने बताया कि बेहतर कार्य करने वाले पुलिस पदाधिकारियों और चौकीदारों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि कार्य में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बिहार पुलिस के डिजिटल आधुनिकीकरण अभियान के तहत सीसीडीएनएस और ई-समन व्यवस्था की समीक्षा का भी उल्लेख किया, जिसके तहत अब न्यायालय से आने वाली कई आदेशिकाएं सीधे इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से थानों को भेजी जा रही हैं। इसे प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सभी थानाध्यक्षों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। एसपी संदीप कुमार सिंह ने कहा कि आने वाले समय में सभी थानों में न्यायालयीय आदेशों का अनुपालन पूरी तरह डिजिटल माध्यम से सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने थाना भवनों के भौतिक संसाधनों और आधारभूत संरचना की समीक्षा करने की भी जानकारी दी।4
- मधेपुरा जिले के बिहारीगंज थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एसएच-91 पर एक अज्ञात युवक का खून से लथपथ शव बरामद हुआ। युवक के शरीर पर गोली लगने के निशान मिलने के बाद उसकी हत्या की आशंका जताई जा रही है। यह घटना बिहारीगंज-मुरलीगंज एसएच-91 पर बाढ़ राहत शिविर तुलसिया के सामने हुई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। सड़क के बीचों-बीच पड़े शव को देखकर राहगीरों और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। मृतक की उम्र करीब 30 वर्ष बताई जा रही है, जिसने जींस और गंजी पहनी हुई थी, जबकि उसके शरीर पर कमीज नहीं थी। स्थानीय लोगों ने सुबह करीब छह बजे सड़क पर खून से लथपथ शव देखकर बिहारीगंज थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष लवकुश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में पुलिस को युवक की गोली मारकर हत्या किए जाने की आशंका है, क्योंकि मृतक के सिर के पिछले हिस्से और पीठ के दाहिने भाग में गोली लगने जैसे निशान दिखाई दे रहे हैं। पुलिस का मानना है कि अपराधियों ने तड़के तीन से चार बजे के बीच वारदात को अंजाम देकर शव को सड़क पर छोड़कर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अविनाश कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की समीक्षा की। वहीं एफएसएल टीम ने मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस फिलहाल शव की पहचान कराने और हत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मामले का पूरी तरह से खुलासा हो सकेगा। फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और इलाके में इस वारदात को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं, लेकिन असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।4