#जय_बाबा_केदारनाथ!! #केदारनाथ_धाम_के_खुल_गए_कपाट !! #बाबा_के_दर्शन_शुरू #केदारनाथ_धाम #खुल_गए_कपाट #बाबा_दर्शन_शुरू #22अप्रैल2026 उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित मंदाकिनी नदी के तट पर, समुद्र तल से 3,584 मीटर की ऊंचाई पर अवस्थित, चार धामों और 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक, विश्व प्रसिद्ध हिंदू तीर्थ स्थल है "केदारनाथ धाम" जो भगवान शिव जी के केदार स्वरूप को समर्पित है।। कत्यूरी शैली में बना यह प्राचीन मंदिर पांडवों के इतिहास से जुड़ा हुआ है जिसका जीर्णोद्धार परम पूज्य श्री आदि शंकराचार्य जी ने कराया था।। यह तीर्थ स्थल केदार, खर्चकुंड व भरतकुंड जैसे ऊंचे पहाड़ों से घिरा हुआ है और स्थानीय सुप्रसिद्ध गौरीकुंड से लगभग 16_18 किमी की पैदल दूरी तय कर पहुंचा जा सकता है।। यहां की यात्रा करने का अनुकूल समय अप्रैल_मई से जन व सितंबर से अक्तूबर तक का माना जाता है।। इस वर्ष , 22अप्रैल को बाबा केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर श्रद्धालु दर्शनार्थी वहां उमड़ पड़े हैं।। भारतीय पुरातन सनातन धर्म संस्कृति की गौरव गाथा को बयां करते केदारनाथ धाम में विकास और विरासत की अद्भुत झलक देखने को मिली !! देखिए, किस तरह माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में सनातन धर्म का संवर्धन हो रहा है जिसमें केदारनाथ धाम के द्वार खुलते ही श्रद्धालुओं पर हेलिकॉप्टर से हुई फूलों की अद्भुत बारिश !!✨ हर हर महादेव 🔱 #BJP4India #BJP4Jharkhand #BJP4Uttrakhand साभार, सहर्ष, सगर्व संकलक:: कुमार विश्वजीत जमशेदपुर झारखंड विशेष :: माननीय प्रधानमंत्री जी ने चारधाम यात्रा पर आने वाले समस्त श्रद्धालुओं से निवेदन किया है कि वो अपनी पुनीत यात्रा को संकल्पित होकर ही पूर्ण करें!! श्री मोदी जी ने पत्र लिखकर निम्न पांच संकल्पों का आग्रह किया है::: 1)स्वच्छता सर्वोपरि ! 2)प्रकृति व पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता ! 3)सेवा, सहयोग व एकता पर बल ! 4)वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा! 5)अनुशासन, सुरक्षा व मर्यादा का पालन !
#जय_बाबा_केदारनाथ!! #केदारनाथ_धाम_के_खुल_गए_कपाट !! #बाबा_के_दर्शन_शुरू #केदारनाथ_धाम #खुल_गए_कपाट #बाबा_दर्शन_शुरू #22अप्रैल2026 उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित मंदाकिनी नदी के तट पर, समुद्र तल से 3,584 मीटर की ऊंचाई पर अवस्थित, चार धामों और 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक, विश्व प्रसिद्ध हिंदू तीर्थ स्थल है "केदारनाथ धाम" जो भगवान शिव जी के केदार स्वरूप को समर्पित है।। कत्यूरी शैली में बना यह प्राचीन मंदिर पांडवों के इतिहास से जुड़ा हुआ है जिसका जीर्णोद्धार परम पूज्य श्री आदि शंकराचार्य जी ने कराया था।। यह तीर्थ स्थल केदार, खर्चकुंड व भरतकुंड जैसे ऊंचे पहाड़ों से घिरा हुआ है और स्थानीय सुप्रसिद्ध गौरीकुंड से लगभग 16_18 किमी की पैदल दूरी तय कर पहुंचा जा सकता है।। यहां की यात्रा करने का अनुकूल समय अप्रैल_मई से जन व सितंबर से अक्तूबर तक का माना जाता है।। इस वर्ष , 22अप्रैल को बाबा केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर श्रद्धालु दर्शनार्थी वहां उमड़
पड़े हैं।। भारतीय पुरातन सनातन धर्म संस्कृति की गौरव गाथा को बयां करते केदारनाथ धाम में विकास और विरासत की अद्भुत झलक देखने को मिली !! देखिए, किस तरह माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में सनातन धर्म का संवर्धन हो रहा है जिसमें केदारनाथ धाम के द्वार खुलते ही श्रद्धालुओं पर हेलिकॉप्टर से हुई फूलों की अद्भुत बारिश !!✨ हर हर महादेव 🔱 #BJP4India #BJP4Jharkhand #BJP4Uttrakhand साभार, सहर्ष, सगर्व संकलक:: कुमार विश्वजीत जमशेदपुर झारखंड विशेष :: माननीय प्रधानमंत्री जी ने चारधाम यात्रा पर आने वाले समस्त श्रद्धालुओं से निवेदन किया है कि वो अपनी पुनीत यात्रा को संकल्पित होकर ही पूर्ण करें!! श्री मोदी जी ने पत्र लिखकर निम्न पांच संकल्पों का आग्रह किया है::: 1)स्वच्छता सर्वोपरि ! 2)प्रकृति व पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता ! 3)सेवा, सहयोग व एकता पर बल ! 4)वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा! 5)अनुशासन, सुरक्षा व मर्यादा का पालन !
- Post by Gudiya Kumari1
- #केदारनाथ_धाम #खुल_गए_कपाट #बाबा_दर्शन_शुरू #22अप्रैल2026 उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित मंदाकिनी नदी के तट पर, समुद्र तल से 3,584 मीटर की ऊंचाई पर अवस्थित, चार धामों और 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक, विश्व प्रसिद्ध हिंदू तीर्थ स्थल है "केदारनाथ धाम" जो भगवान शिव जी के केदार स्वरूप को समर्पित है।। कत्यूरी शैली में बना यह प्राचीन मंदिर पांडवों के इतिहास से जुड़ा हुआ है जिसका जीर्णोद्धार परम पूज्य श्री आदि शंकराचार्य जी ने कराया था।। यह तीर्थ स्थल केदार, खर्चकुंड व भरतकुंड जैसे ऊंचे पहाड़ों से घिरा हुआ है और स्थानीय सुप्रसिद्ध गौरीकुंड से लगभग 16_18 किमी की पैदल दूरी तय कर पहुंचा जा सकता है।। यहां की यात्रा करने का अनुकूल समय अप्रैल_मई से जन व सितंबर से अक्तूबर तक का माना जाता है।। इस वर्ष , 22अप्रैल को बाबा केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर श्रद्धालु दर्शनार्थी वहां उमड़ पड़े हैं।। भारतीय पुरातन सनातन धर्म संस्कृति की गौरव गाथा को बयां करते केदारनाथ धाम में विकास और विरासत की अद्भुत झलक देखने को मिली !! देखिए, किस तरह माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में सनातन धर्म का संवर्धन हो रहा है जिसमें केदारनाथ धाम के द्वार खुलते ही श्रद्धालुओं पर हेलिकॉप्टर से हुई फूलों की अद्भुत बारिश !!✨ हर हर महादेव 🔱 #BJP4India #BJP4Jharkhand #BJP4Uttrakhand साभार, सहर्ष, सगर्व संकलक:: कुमार विश्वजीत जमशेदपुर झारखंड विशेष :: माननीय प्रधानमंत्री जी ने चारधाम यात्रा पर आने वाले समस्त श्रद्धालुओं से निवेदन किया है कि वो अपनी पुनीत यात्रा को संकल्पित होकर ही पूर्ण करें!! श्री मोदी जी ने पत्र लिखकर निम्न पांच संकल्पों का आग्रह किया है::: 1)स्वच्छता सर्वोपरि ! 2)प्रकृति व पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता ! 3)सेवा, सहयोग व एकता पर बल ! 4)वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा! 5)अनुशासन, सुरक्षा व मर्यादा का पालन !2
- jindagi ka suvichar1
- *भाजपा के स्टार प्रचारक ने बंगाल पहुँच क़र संभाली कमान अब tmc का सूपड़ा साफ ही समझो😂*1
- राजनगर प्रखंड के गमदेसाई गांव के प्रसिद्ध पशुपालक व पशु प्रेमी रातू हांसदा की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद गुरुवार शाम से आक्रोश फूट पड़ा। परिजन व ग्रामीणों ने राजनगर स्थित सिदो-कान्हु चौक पर शव रखकर रात भर एनएच 220 को जाम रखा। स्वजन वाहन मालिक से दस लाख रुपये मुआवजा दिलाने की मांग कर रहे थे। इस दौरान हाता चाईबासा एनएच 220 तथा राजनगर सरायकेला मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। यह जाम करीब 18 घंटे तक जारी रहा। जाम गुरुवार शाम करीब आठ बजे शुरू हुआ और शुक्रवार को लगभग तीन बजे अपराह्न को वार्ता के बाद समाप्त हुआ। इस दौरान कई बार प्रशासन द्वारा जाम हटाने का प्रयास किया गया। लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। जाम के कारण दोनों ओर लगभग 8–9 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। वहीं राजनगर–सरायकेला मार्ग पर भी करीब 7 किलोमीटर तक ट्रक, बस व अन्य वाहन फंसे रहे। सड़क जाम का असर आम जनजीवन पर भी व्यापक रूप से पड़ा। राजनगर बाजार की सभी दुकानें बंद रहीं, जिससे यात्रियों, ट्रक चालकों और स्थानीय लोगों को खाने-पीने सहित जरूरी सामान के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दूर-दराज से आने-जाने वाले यात्रियों को घंटों सड़क पर ही रुकना पड़ा। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। सरायकेला एसडीपीओ समीर सवैयां, कार्यपालक दंडाधिकारी सत्येंद्र महतो, अंचल अधिकारी श्रावण कुमार झा एवं बीडीओ मलय कुमार, सरायकेला थाना प्रभारी विनय कुमार, राजनगर थाना प्रभारी विपुल कुमार ओझा, सांसद प्रतिनिधि भक्तु मार्डी ने ग्रामीणों से लगातार वार्ता की। इस दौरान मामले की सूचना फोन पर सांसद जोबा माझी को भी दी गई। उन्होंने हस्तक्षेप करते हुए उपायुक्त नितीश सिंह से फोन पर बातचीत कर मृतक के परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता देने का निर्देश दिया। इसके बाद जाम स्थल पर पर ही प्रसाशन ने सांसद प्रतिनिधि सह झामुमो प्रखंड उपाध्यक्ष भक्तु मार्डी के हाथों मृतक के परिजनों को एक लाख रुपये नगद सहायता प्रदान किया । साथ ही अन्य लाभ कागजी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद देने का आश्वासन दिया। मुआवजा राशि मिलने के बाद परिजन व ग्रामीण शांत हुए और जाम समाप्त किया गया। इसके पश्चात लगभग 18 घंटे बाद मार्ग पर आवागमन सामान्य हो सका। घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है। वहीं लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा और दुर्घटना पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।5
- तेज़ रफ्तार और लापरवाही का नतीजा कितना खतरनाक हो सकता है, ये इस वीडियो में साफ दिखता है। मोड़ पर हुई इस टक्कर ने सबको हिला कर रख दिया। ⚠️ हमेशा सुरक्षित ड्राइव करें, आपकी एक गलती किसी की ज़िंदगी बदल सकती है।#Accident #RoadAccident #CarVsBike #SpeedKills #DriveSafe #RealFootage #ViralVideo #IndiaNews #Jamshedpur #SafetyFirst #Trending #BreakingNews #ReelsIndia #Awareness #DangerousDriving1
- राजनगर: करीब 20 घंटे तक ठप रही राजनगर की मुख्य सड़क पर आखिरकार शुक्रवार दोपहर लगभग 3 बजे यातायात बहाल हो गया। प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नेताओं के लगातार प्रयासों के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम हटाने पर सहमति जताई। मौके पर एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट सत्येंद्र महतो, SDPO समीर सवाईयाँ, CO व BDO राजनगर, सरायकेला व राजनगर के थाना प्रभारी तथा JLKM नेता प्रेम मार्डी मौजूद रहे। सभी ने प्रदर्शनकारियों और पीड़ित परिजनों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने की दिशा में पहल की। इस दौरान सिंहभूम सांसद जोबा माझी के सहयोग से पीड़ित परिवार को तत्काल 1 लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई गई। मुआवजा मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम समाप्त करने का निर्णय लिया। हालांकि आंदोलन समाप्त करने से पहले ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने कई अहम मांगें रखीं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस मार्ग पर ओवरलोड और तेज रफ्तार भारी वाहनों पर तत्काल नियंत्रण जरूरी है। साथ ही हर बुधवार को लगने वाले साप्ताहिक हाट के दौरान भारी वाहनों के लिए NO ENTRY लागू करने की मांग की गई, ताकि बाजार के दिन आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कंपनियों के भारी वाहन नियमों की अनदेखी करते हुए तेज गति और ओवरलोड होकर गुजरते हैं, जिससे लगातार हादसों का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से सख्त निगरानी और नियम उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। फिलहाल जाम हटने से आमजन को राहत मिली है और यातायात सामान्य हो गया है, लेकिन ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार, हाट के दिन NO ENTRY और भारी वाहनों पर नियंत्रण को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में फिर से आंदोलन किया जाएगा।1
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