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मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और सतर्कता के चलते एक बाल विवाह को ऐन मौके पर टाल दिया गया। यह विवाह 17 वर्ष 5 माह की एक नाबालिग बालिका का कराया जा रहा था। प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप करते हुए बालिका के परिजनों को समझाइश दी, जिसके बाद वे विवाह रोकने पर सहमत हो गए। इस तरह प्रशासन की सक्रियता से एक नाबालिग का विवाह रुक सका।
Samarpit sahu
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और सतर्कता के चलते एक बाल विवाह को ऐन मौके पर टाल दिया गया। यह विवाह 17 वर्ष 5 माह की एक नाबालिग बालिका का कराया जा रहा था। प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप करते हुए बालिका के परिजनों को समझाइश दी, जिसके बाद वे विवाह रोकने पर सहमत हो गए। इस तरह प्रशासन की सक्रियता से एक नाबालिग का विवाह रुक सका।
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- मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और सतर्कता के चलते एक बाल विवाह को ऐन मौके पर टाल दिया गया। यह विवाह 17 वर्ष 5 माह की एक नाबालिग बालिका का कराया जा रहा था। प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप करते हुए बालिका के परिजनों को समझाइश दी, जिसके बाद वे विवाह रोकने पर सहमत हो गए। इस तरह प्रशासन की सक्रियता से एक नाबालिग का विवाह रुक सका।1
- एक वायरल बयान में सवाल उठाया गया है कि 'बाबू बाबू, तुम अपने यार को पति की गोद में क्यों खिलाओगी?' यह टिप्पणी एक व्यक्ति के संबंध में की गई है।1
- 28 जून की रात लगभग 9 बजे, लाँजी थाने के अंतर्गत लाँजी-आमंगांव मार्ग पर कलार भवन के पास एक सराफा व्यापारी कपिल आसटकर से बंदूक की नोक पर लगभग 8 से 9 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात लूट लिए गए। कामना जवेलर्स के संचालक कपिल आसटकर अपनी दुकान बंद करके बाइक से घर लौट रहे थे, तभी करीब आठ लुटेरों ने दो बाइकों पर आकर इस घटना को अंजाम दिया। लुटेरों ने सुनसान जगह का फायदा उठाकर पहले उनके सिर पर लकड़ी के डंडे से हमला किया। जब व्यापारी ने सोने-चांदी से भरे अपने दो थैले नहीं छोड़े, तो लुटेरों ने बंदूक से फायरिंग भी की। आखिरकार, लुटेरे सोने-चांदी से भरे दोनों थैलों को लूटकर ले जाने में कामयाब रहे। इस हमले में सराफा व्यापारी कपिल आसटकर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और उन्हें बेहतर इलाज के लिए गोंदिया के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। फिलहाल, लाँजी पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर इस पूरी घटना की गहन जाँच कर रही है।1
- बालाघाट जिले के जराहमोहगांव में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ घर के बाहर बंधे चार मवेशियों पर आकाशीय बिजली गिरने से उनकी मौत हो गई है।1
- मलाजखंड के चारटोला क्षेत्र में भारी बारिश दर्ज की गई है। इस बारिश के कारण स्थानीय निवासियों को अत्यधिक राहत मिली है।2
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- सिवनी जिले के घंसौर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ न्यूज नेशन 81 के क्राइम ब्यूरो चीफ मोहित यादव द्वारा लगातार प्रमुखता से प्रकाशित की गई तीन मासूम बेटियों के बेघर परिवार की दर्दभरी कहानी का बड़ा असर हुआ है। खबर सामने आने के बाद ग्राम पंचायत नयेगांव ने पीड़ित शालकराम पटेल को एक पत्र जारी किया है। इस पत्र में पंचायत भवन में अस्थायी रूप से रहने की व्यवस्था करने और सात दिनों के भीतर पंचायत द्वारा उपलब्ध कराए गए उचित स्थान पर परिवार सहित रहने के निर्देश दिए गए हैं। पंचायत द्वारा जारी इस पत्र में स्पष्ट रूप से समाचार पत्रों, सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों में प्रकाशित खबरों का उल्लेख किया गया है, जिससे यह मामला अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है। इस घटनाक्रम के बाद अब कई बड़े सवाल उठ रहे हैं: क्या जिस परिवार का घर बारिश में ढह गया, उसे स्थायी आवास मिलेगा? क्या प्रधानमंत्री आवास योजना या आपदा राहत का लाभ जल्द ही पीड़ित परिवार तक पहुँचेगा? क्या जिला प्रशासन उन तीन मासूम बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगा? और यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है, तो क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी? न्यूज नेशन 81 लगातार इस मामले को प्रमुखता से उठा रहा है, और अब पूरे जिले की निगाहें जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर टिकी हैं कि पीड़ित परिवार को स्थायी राहत और न्याय कब तक मिलेगा। न्यूज नेशन 81 की यह मुहिम तब तक जारी रहेगी, जब तक मासूम बेटियों को न्याय और बेघर परिवार को सिर पर छत नहीं मिल जाती।2