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रातों-रात उड़ गए 108 गैस सिलेंडर दुधवा रोड पर बेखौफ चोरों का बड़ा खेल लखीमपुर खीरी के पलिया कोतवाली क्षेत्र से एक बड़ी और चौंकाने वाली वारदात सामने आई है। दुधवा रोड स्थित करुणा गैस एजेंसी के गोदाम में चोरों ने रात के अंधेरे में धावा बोलकर 108 गैस सिलेंडर पार कर दिए। इनमें 98 भरे और 10 खाली सिलेंडर शामिल हैं। सुबह जब कर्मचारी गोदाम पहुंचे तो ताला टूटा मिला और अंदर का स्टॉक गायब था। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। आशंका है कि चोर मिनी ट्रक जैसे बड़े वाहन से सिलेंडर ले गए।मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस इसे किसी संगठित गिरोह की करतूत मान रही है।इस घटना से व्यापारियों और स्थानीय लोगों में डर और गुस्सा है। पुलिस ने जल्द खुलासे का भरोसा दिया है।
Shahnawaz Gauri
रातों-रात उड़ गए 108 गैस सिलेंडर दुधवा रोड पर बेखौफ चोरों का बड़ा खेल लखीमपुर खीरी के पलिया कोतवाली क्षेत्र से एक बड़ी और चौंकाने वाली वारदात सामने आई है। दुधवा रोड स्थित करुणा गैस एजेंसी के गोदाम में चोरों ने रात के अंधेरे में धावा बोलकर 108 गैस सिलेंडर पार कर दिए। इनमें 98 भरे और 10 खाली सिलेंडर शामिल हैं। सुबह जब कर्मचारी गोदाम पहुंचे तो ताला टूटा मिला और अंदर का स्टॉक गायब था। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। आशंका है कि चोर मिनी ट्रक जैसे बड़े वाहन से सिलेंडर ले गए।मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस इसे किसी संगठित गिरोह की करतूत मान रही है।इस घटना से व्यापारियों और स्थानीय लोगों में डर और गुस्सा है। पुलिस ने जल्द खुलासे का भरोसा दिया है।
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- ASTv24 digital शाहिद लखाही बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार में पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी ने किया रोड शो,,भारत मां के जयकारों से गूंजा बंगाल1
- पलिया तहसील सभागार में शनिवार को जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल की अध्यक्षता में आयोजित तहसील समाधान दिवस में जनसमस्याओं की भरमार देखने को मिली। विभिन्न विभागों से जुड़ी कुल 68 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें सर्वाधिक 43 शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित रहीं। इसके अलावा पुलिस विभाग की 9, नगर पालिका की 2, विकास विभाग की 3, पूर्ति विभाग की 1, विद्युत विभाग की 3 एवं अन्य विभागों की 7 शिकायतें शामिल रहीं। हालांकि मौके पर राजस्व विभाग की मात्र 7 शिकायतों का ही निस्तारण हो सका, जिससे शेष फरियादियों को निराशा हाथ लगी। जिलाधिकारी ने लंबित शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश देते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ख्याति गर्ग, एसडीएम डॉ. अवनीश कुमार, तहसीलदार ज्योति वर्मा, बीडीओ सर्वेश कुमार तिवारी, विद्युत विभाग के एक्सईएन निशांत जोती एवं मझगईं वन क्षेत्राधिकारी अंकित कुमार सिंह समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी/कर्मचारी मौजूद रहे।1
- *थाना शारदानगर पुलिस द्वारा, मंगलसूत्र चोरी की घटना का 24 घण्टे के अन्दर सफल अनावरण करते हुये घटना कारित करने वाली 05 नफर अभियुक्ताओं को गिरफ्तार करने के संबंध में सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी सदर, विवेक कुमार तिवारी*1
- लखीमपुर खीरी के नीमगांव थाना क्षेत्र का मामला1
- लखीमपुर खीरी के पलिया कोतवाली क्षेत्र से एक बड़ी और चौंकाने वाली वारदात सामने आई है। दुधवा रोड स्थित करुणा गैस एजेंसी के गोदाम में चोरों ने रात के अंधेरे में धावा बोलकर 108 गैस सिलेंडर पार कर दिए। इनमें 98 भरे और 10 खाली सिलेंडर शामिल हैं। सुबह जब कर्मचारी गोदाम पहुंचे तो ताला टूटा मिला और अंदर का स्टॉक गायब था। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। आशंका है कि चोर मिनी ट्रक जैसे बड़े वाहन से सिलेंडर ले गए।मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस इसे किसी संगठित गिरोह की करतूत मान रही है।इस घटना से व्यापारियों और स्थानीय लोगों में डर और गुस्सा है। पुलिस ने जल्द खुलासे का भरोसा दिया है।1
- लखीमपुर खीरी के कस्बा खीरी में प्रस्तावित रामलीला पार्क का निर्माण कार्य लंबे समय से अधर में लटका हुआ है। स्थानीय लोगों और हिन्दू संगठनों द्वारा इस मुद्दे को लेकर कई बार धरना-प्रदर्शन भी किया गया, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ। फिलहाल पार्क के नाम पर केवल चारों ओर बाउंड्री बनाकर कार्य को अधूरा छोड़ दिया गया है। मामले को लेकर अब सियासत भी तेज हो गई है। भाजपा नेता रोहित अवस्थी ने नगर पंचायत पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस भूमि पर रामलीला पार्क का निर्माण कराया जा रहा है, वह असल में नगर पंचायत की भूमि नहीं है। उनका दावा है कि यह जमीन ‘महादेव’ के नाम से दान में ली गई है, जबकि उसी स्थान पर नगर पंचायत के पास पहले से ‘रामलीला मैदान’ के नाम से दर्ज भूमि उपलब्ध है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब नगर पंचायत के पास खुद की जमीन मौजूद है, तो फिर दान की भूमि पर निर्माण कार्य क्यों कराया जा रहा है। रोहित अवस्थी ने यह भी आरोप लगाया कि नगर पंचायत के ईओ कुछ भू-माफियाओं को बचाने का प्रयास कर रहे हैं, जिसके चलते इस परियोजना में अनियमितताएं हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रामलीला जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन के लिए एक व्यवस्थित मैदान की आवश्यकता है, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के चलते यह परियोजना वर्षों से अधूरी पड़ी है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और कब तक खीरी वासियों को एक पूर्ण विकसित रामलीला पार्क मिल पाता है।1
- Post by संदीप कुमार शर्मा1
- लखीमपुर खीरी: मोहम्मदी में प्रशासन की नाक के नीचे अवैध खनन का 'तांडव', रॉयल्टी के नाम पर हो रही खुली लूट मोहम्मदी (लखीमपुर खीरी): उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले की मोहम्मदी तहसील इन दिनों अवैध खनन और मिट्टी के काले कारोबार का मुख्य केंद्र बन गई है। हैरत की बात यह है कि यह पूरा खेल "रॉयल्टी" के नाम पर खेला जा रहा है, और उससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि मिट्टी से लदी दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रालियां रोजाना उपजिलाधिकारी (SDM) और तहसीलदार जैसे जिम्मेदार अधिकारियों के आवास के सामने से सीना तानकर गुजर रही हैं, लेकिन जिम्मेदार मौन साधे हुए हैं। अधिकारियों के आवास के सामने से गुजरता अवैध कारोबार स्थानीय लोगों का आरोप है कि मोहम्मदी नगर और तहसील क्षेत्र में अवैध खनन ने विकराल रूप ले लिया है। मिट्टी माफिया इतने बेखौफ हैं कि उन्हें कानून का जरा भी डर नहीं है। जिन रास्तों पर अधिकारियों के बंगले हैं और जहाँ से तहसील प्रशासन की गाड़ियां गुजरती हैं, उन्हीं रास्तों पर दिन-रात मिट्टी से लदी ट्रैक्टर-ट्रालियों की कतारें देखी जा सकती हैं। शहर के बीचों-बीच चल रहे इस अवैध खेल ने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। रॉयल्टी के नाम पर फर्जीवाड़ा सूत्रों की मानें तो इस अवैध धंधे को "रॉयल्टी" की आड़ में छिपाया जा रहा है। माफिया किसी एक वैध पट्टे या अनुमति की आड़ में क्षेत्र के दर्जनों स्थानों से मिट्टी का उठाव कर रहे हैं। मोहम्मदी के विभिन्न इलाकों में हो रही प्लाटों की अवैध पटाई इस समय जोरों पर है। नए बन रहे कॉलोनियों और निजी प्लाटों में धड़ल्ले से मिट्टी डाली जा रही है, जिसके लिए न तो कोई अनुमति ली गई है और न ही सरकार को नियमानुसार राजस्व दिया जा रहा है। पर्यावरण और राजस्व को भारी चपत अवैध खनन के इस कारोबार से जहाँ एक ओर सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का चूना लग रहा है, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुँच रहा है। मानकों को ताक पर रखकर की जा रही खुदाई से भू-गर्भ जल स्तर और जमीन की उर्वरता पर बुरा असर पड़ रहा है। इसके अलावा, तेज रफ्तार से दौड़ती ये ट्रैक्टर-ट्रालियां शहर की सड़कों को क्षतिग्रस्त कर रही हैं और आए दिन छोटी-मोटी दुर्घटनाओं का कारण बन रही हैं। > "क्या प्रशासन की मिलीभगत है?" > स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब आम आदमी एक ट्राली मिट्टी भी अपने घर के लिए लाता है, तो पुलिस और प्रशासन सक्रिय हो जाते हैं। लेकिन जब माफिया सैकड़ों ट्रालियों से अवैध पटाई कर रहे हैं, तो अधिकारियों को उनके घर के सामने से गुजरते ये वाहन दिखाई क्यों नहीं दे रहे? > जनता में भारी आक्रोश मोहम्मदी की जनता में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि रसूखदार माफियाओं के सामने प्रशासन नतमस्तक है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही इस अवैध खनन पर लगाम नहीं लगाई गई, तो वे उच्चाधिकारियों और मुख्यमंत्री पोर्टल पर इसकी शिकायत करेंगे। निष्कर्ष फिलहाल मोहम्मदी में अवैध खनन का यह सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। अब देखना यह है कि क्या जिला प्रशासन और खनन विभाग इस मामले में संज्ञान लेकर भू-माफियाओं और खनन माफियाओं के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई करता है, या फिर अधिकारियों के आवास के सामने से इसी तरह 'अवैध मिट्टी' का काफिला निकलता रहेगा।1