इलाज के दौरान पुर्व प्रधान महुगढ़ी के पूर्व प्रधान की लखनऊ में में हुई मृत्यु मिर्जापुर क्षेत्र के महोगढ़ी ग्राम पंचायत के पूर्व प्रधान देवदत्त सिंह उर्फ पप्पू सिंह (61) की मंगलवार को लखनऊ स्थित ग्लोब हास्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई। वह दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे और अस्पताल में भर्ती थे। मंगलवार दोपहर उन्होंने अंतिम सांस ली। पूर्व प्रधान के मौत की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। देवदत्त सिंह उर्फ पप्पू सिंह ग्राम पंचायत महोगढ़ी का दो बार ग्राम प्रधान रह चुके थे। सामाजिक सरोकारों से जुड़े होने के कारण उनका क्षेत्र में व्यापक जनसंपर्क था। वह गरीबों और पीड़ितों की मदद के लिए हमेशा आगे रहते थे। उनके निधन की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोगों ने शोक व्यक्त करते हुए परिवार के प्रति संवेदना जताई। पूर्व प्रधान अपने पीछे तीन बेटे और एक बेटी छोड़ गए हैं। उनके असामायिक निधन पर पूर्व ब्लाक प्रमुख हलिया ज्ञानेंद्र सिंह, ग्राम प्रधान देवहट कौशलेंद्र गुप्ता, धीरेन्द्र प्रताप सिंह,सोनू सिंह,मंगलदास जायसवाल,गौरी पांडेय बीडीसी कुलदीप सरोज आदि ने गहरा शोक जताया है।
इलाज के दौरान पुर्व प्रधान महुगढ़ी के पूर्व प्रधान की लखनऊ में में हुई मृत्यु मिर्जापुर क्षेत्र के महोगढ़ी ग्राम पंचायत के पूर्व प्रधान देवदत्त सिंह उर्फ पप्पू सिंह (61) की मंगलवार को लखनऊ स्थित ग्लोब हास्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई। वह दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे और अस्पताल में भर्ती थे। मंगलवार दोपहर उन्होंने अंतिम सांस ली। पूर्व प्रधान के मौत की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। देवदत्त सिंह उर्फ पप्पू सिंह ग्राम पंचायत महोगढ़ी का दो बार ग्राम प्रधान रह चुके थे। सामाजिक सरोकारों से जुड़े होने के कारण उनका क्षेत्र में व्यापक जनसंपर्क था। वह गरीबों और पीड़ितों की मदद के लिए हमेशा आगे रहते थे। उनके निधन की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोगों ने शोक व्यक्त करते हुए परिवार के प्रति संवेदना जताई। पूर्व प्रधान अपने पीछे तीन बेटे और एक बेटी छोड़ गए हैं। उनके असामायिक निधन पर पूर्व ब्लाक प्रमुख हलिया ज्ञानेंद्र सिंह, ग्राम प्रधान देवहट कौशलेंद्र गुप्ता, धीरेन्द्र प्रताप सिंह,सोनू सिंह,मंगलदास जायसवाल,गौरी पांडेय बीडीसी कुलदीप सरोज आदि ने गहरा शोक जताया है।
- भूमि विवाद में फर्जी शिकायतें देने का आरोप, पंकज तिवारी ने निष्पक्ष जांच की मांग की जनपद मीरजापुर विंध्याचल थाना क्षेत्र के ग्राम सरोई निवासी पंकज तिवारी पुत्र स्व. जगदीश तिवारी ने भूमि विवाद को लेकर उमाशंकर पाण्डेय पुत्र केशव प्रसाद पाण्डेय निवासी झीलवर बीजर तथा उनकी पत्नी सुनीता के विरुद्ध शिकायती प्रार्थना पत्र देकर मामले की निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता के अनुसार, मौजा कलना गहरवार, तप्पा-छानबे, परगना कंतित, तहसील सदर, जनपद मीरजापुर स्थित आराजी संख्या 954, रकबा 54 वर्गमीटर भूमि का बैनामा 24 जनवरी 2026 को अनिल के.सी. गुप्ता पुत्र स्व. चिंतामणि गुप्ता के पक्ष में कराया गया था। पंकज तिवारी का कहना है कि बैनामे के बाद दाखिल-खारिज की कार्रवाई भी पूरी हो चुकी है और संबंधित खतौनी में अनिल गुप्ता का नाम दर्ज है।प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि उक्त आराजी संख्या की भूमि का विपक्षी पक्ष द्वारा करीब एक वर्ष बाद दूसरे सहखातेदार से बैनामा कराया गया। इसके बाद मकान पर कब्जे को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि विरोध करने पर उसके साथ गाली-गलौज की जाती है तथा उसे परेशान करने के उद्देश्य से लगातार शिकायतें की जा रही हैं।पंकज तिवारी ने आरोप लगाया कि अनिल गुप्ता को मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा रही है और उसे भी झूठे मुकदमे में फंसाने की बात कही जा रही है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, विपक्षीगण के विरुद्ध मुकदमा भी दर्ज हो चुका है। शिकायतकर्ता ने संबंधित अभिलेखों एवं भूमि के स्वामित्व की जांच कराते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने तथा थाना जिगना प्रभारी को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है।2
- मेजारोड-सिरसा बाईपास पर दूषित पानी से राहगीर परेशान राजमार्ग के दोनों तरफ बने नाले ओवरफ्लो होने से बाईपास पर बह रहा गंदा पानी, गड्ढों में भी भरा है दूषित पानी मेजा, प्रयागराज। मेजारोड बाजार के पटेल नगर चौराहे से सिरसा और रेलवे स्टेशन बाईपास जाने वाली सड़क पर जलनिकासी की समस्या राहगीरों और स्थानीय व्यापारियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। राजमार्ग के दोनों तरफ बनाए गए नाले का दूषित पानी ओवरफ्लो होकर बाईपास सड़क पर बह रहा है। वहीं, सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों में भी दूषित पानी भरा हुआ है। इससे राहगीरों को गंदे पानी के बीच से होकर आवागमन करना पड़ रहा है। सड़क पर फैले दूषित पानी के कारण पैदल राहगीरों के साथ दोपहिया वाहन चालकों को भी काफी परेशानी हो रही है। पानी भरे होने से गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। वहीं, दूषित पानी से उठ रही दुर्गंध से आसपास के दुकानदार और व्यापारी भी परेशान हैं। दुर्गंध के कारण दुकानों पर बैठना मुश्किल हो रहा है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से नालों की सफाई कराने, दूषित पानी की निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने और सड़क के गड्ढों की मरम्मत कराने की मांग की है।1
- भारतीय वायुसेना को शुक्रवार को तेजस मार्क-1 के पहले बैच के शेष दो ट्रेनर विमान मिलने जा रहे हैं। ये विमान 2006 और 2010 में हुए ₹8,802 करोड़ के दो अनुबंधों के तहत ऑर्डर किए गए 40 तेजस मार्क-1 लड़ाकू विमानों का हिस्सा हैं। वहीं, फरवरी 2021 में ₹46,898 करोड़ के सौदे के तहत 83 तेजस मार्क-1A विमानों का ऑर्डर दिया गया था, लेकिन भारतीय वायुसेना को अब तक पहला मार्क-1A विमान भी नहीं मिला है। भारतीय वायुसेना को शुक्रवार को तेजस मार्क-1 के पहले बैच के शेष दो ट्रेनर विमान मिलने जा रहे हैं। ये विमान 2006 और 2010 में हुए ₹8,802 करोड़ के दो अनुबंधों के तहत ऑर्डर किए गए 40 तेजस मार्क-1 लड़ाकू विमानों का हिस्सा हैं। वहीं, फरवरी 2021 में ₹46,898 करोड़ के सौदे के तहत 83 तेजस मार्क-1A विमानों का ऑर्डर दिया गया था, लेकिन भारतीय वायुसेना को अब तक पहला मार्क-1A विमान भी नहीं मिला है।1
- *लाखों की लागत से बने स्कूल हो रहे जर्जर न बच्चे पढ़ने आए न पढ़ाने आये टीचर जमालपुर, मीरजापुर। विकास खंड जमालपुर में गरीब बच्चों को नजदीक में शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्ष 2022-23 में लाखों रुपये की लागत से बनाए गए प्राथमिक विद्यालय अब देखरेख के अभाव में जर्जर होते जा रहे हैं।शासन द्वारा हिनौती ग्राम पंचायत के अलमापुर,पिड़खिर ग्राम पंचायत के भैंसा सुर,भदावल ग्राम पंचायत के गोविंदपुर,जफरपुरा ग्राम पंचायत के आजाद नगर तथा अहरौरा के पास कुल पांच प्राथमिक विद्यालयों का निर्माण कराया गया था।बताया जाता है कि प्रत्येक विद्यालय के निर्माण में करीब 8 से 10 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।लेकिन एक-दो विद्यालयों को छोड़ दें तो अलमापुर और भैंसा सुर जैसे विद्यालयों में अभी तक पठन-पाठन का कार्य शुरू ही नहीं हो सका है।विद्यालयों में बच्चों का पठन-पाठन और नियमित देखरेख नहीं होने से अराजक तत्वों द्वारा सोलर पैनल,सबमर्सिबल पंप, पानी की टंकी,नल की पाइप व टोटियां तक उखाड़ लिया गया हैं।तो वहीं शौचालय की टंकी,किचन, कार्यालय के खिड़की-दरवाजे, सीढ़ी और रैंप की रेलिंग सहित कई हिस्से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।एबीएसए कार्यालय बहुआर में बताया गया कि विद्यालयों में प्रभारी अध्यापक नियुक्त हैं,लेकिन पढ़ने वाले बच्चे उपलब्ध नहीं हैं।विभाग द्वारा इन विद्यालय भवनों को आंगनबाड़ी केंद्रों को हस्तांतरित करने की योजना बनाए जाने की बात भी कही गई है। अन्नदाता मंच के संयोजक चौधरी रमेश सिंह ने कहा कि लाखों रुपये की लागत से बने विद्यालयों का उपयोग न होना और देखरेख के अभाव में उनका जर्जर होना सरकारी धन की बर्बादी है।शासन द्वारा मामले का तत्काल संज्ञान लेकर विद्यालयों में पठन-पाठन शुरू कराने तथा क्षतिग्रस्त सामान और भवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- *भूमि विवाद में फर्जी शिकायतें देने का आरोप, पंकज तिवारी ने निष्पक्ष जांच की मांग की* *भूमि विवाद में फर्जी शिकायतें देने का आरोप, पंकज तिवारी ने निष्पक्ष जांच की मांग की* जनपद मीरजापुर विंध्याचल थाना क्षेत्र के ग्राम सरोई निवासी पंकज तिवारी पुत्र स्व. जगदीश तिवारी ने भूमि विवाद को लेकर उमाशंकर पाण्डेय पुत्र केशव प्रसाद पाण्डेय निवासी झीलवर बीजर तथा उनकी पत्नी सुनीता के विरुद्ध शिकायती प्रार्थना पत्र देकर मामले की निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता के अनुसार, मौजा कलना गहरवार, तप्पा-छानबे, परगना कंतित, तहसील सदर, जनपद मीरजापुर स्थित आराजी संख्या 954, रकबा 54 वर्गमीटर भूमि का बैनामा 24 जनवरी 2026 को अनिल के.सी. गुप्ता पुत्र स्व. चिंतामणि गुप्ता के पक्ष में कराया गया था। पंकज तिवारी का कहना है कि बैनामे के बाद दाखिल-खारिज की कार्रवाई भी पूरी हो चुकी है और संबंधित खतौनी में अनिल गुप्ता का नाम दर्ज है।प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि उक्त आराजी संख्या की भूमि का विपक्षी पक्ष द्वारा करीब एक वर्ष बाद दूसरे सहखातेदार से बैनामा कराया गया। इसके बाद मकान पर कब्जे को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि विरोध करने पर उसके साथ गाली-गलौज की जाती है तथा उसे परेशान करने के उद्देश्य से लगातार शिकायतें की जा रही हैं।पंकज तिवारी ने आरोप लगाया कि अनिल गुप्ता को मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा रही है और उसे भी झूठे मुकदमे में फंसाने की बात कही जा रही है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, विपक्षीगण के विरुद्ध मुकदमा भी दर्ज हो चुका है। शिकायतकर्ता ने संबंधित अभिलेखों एवं भूमि के स्वामित्व की जांच कराते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने तथा थाना विंध्याचल प्रभारी को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है।1
- छह माह पहले बनी सड़क ध्वस्त, राहगीरों के लिए बनी मुसीबत राजापुर में पीडब्ल्यूडी की सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, रोजाना सैकड़ों राहगीरों का आवागमन, मरम्मत नहीं होने से नाराजगी प्रयागराज। जसरा विकासखंड के राजापुर गांव में करीब छह माह पहले बनाई गई काली सड़क अब पूरी तरह से जर्जर होकर ध्वस्त होने लगी है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और कई स्थानों पर सड़क की गिट्टियां उखड़ चुकी हैं। इससे इस मार्ग से प्रतिदिन आवागमन करने वाले सैकड़ों राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने के कुछ ही समय बाद इसकी हालत खराब होने लगी थी, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से अब तक मरम्मत की कोई ठोस पहल नहीं की गई। बताया जा रहा है कि राजापुर का यह मार्ग लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से कराया गया था। सड़क निर्माण के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि लंबे समय तक आवागमन की सुविधा बेहतर रहेगी, लेकिन छह महीने के भीतर ही सड़क की हालत खराब हो गई। वर्तमान में सड़क पर बने गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। कई बार वाहन अनियंत्रित होने से राहगीर चोटिल भी हो चुके हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, बारिश के बाद सड़क की स्थिति और भी खराब हो गई है। गड्ढों में पानी भर जाने के कारण उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। ऐसे में बाइक और साइकिल सवार अक्सर संतुलन खो बैठते हैं। रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है, क्योंकि सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से स्पष्ट दिखाई नहीं देते। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस मार्ग से पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी आए दिन गुजरते हैं और सड़क की बदहाल स्थिति से पूरी तरह परिचित हैं। इसके बावजूद अब तक सड़क का मरम्मतीकरण नहीं कराया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ सकता है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से सड़क की जांच कराकर क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता की भी जांच होनी चाहिए, ताकि कम समय में सड़क के खराब होने के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने। छह माह पहले बनी सड़क ध्वस्त, राहगीरों के लिए बनी मुसीबत राजापुर में पीडब्ल्यूडी की सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, रोजाना सैकड़ों राहगीरों का आवागमन, मरम्मत नहीं होने से नाराजगी प्रयागराज। जसरा विकासखंड के राजापुर गांव में करीब छह माह पहले बनाई गई काली सड़क अब पूरी तरह से जर्जर होकर ध्वस्त होने लगी है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और कई स्थानों पर सड़क की गिट्टियां उखड़ चुकी हैं। इससे इस मार्ग से प्रतिदिन आवागमन करने वाले सैकड़ों राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने के कुछ ही समय बाद इसकी हालत खराब होने लगी थी, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से अब तक मरम्मत की कोई ठोस पहल नहीं की गई। बताया जा रहा है कि राजापुर का यह मार्ग लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से कराया गया था। सड़क निर्माण के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि लंबे समय तक आवागमन की सुविधा बेहतर रहेगी, लेकिन छह महीने के भीतर ही सड़क की हालत खराब हो गई। वर्तमान में सड़क पर बने गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। कई बार वाहन अनियंत्रित होने से राहगीर चोटिल भी हो चुके हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, बारिश के बाद सड़क की स्थिति और भी खराब हो गई है। गड्ढों में पानी भर जाने के कारण उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। ऐसे में बाइक और साइकिल सवार अक्सर संतुलन खो बैठते हैं। रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है, क्योंकि सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से स्पष्ट दिखाई नहीं देते। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस मार्ग से पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी आए दिन गुजरते हैं और सड़क की बदहाल स्थिति से पूरी तरह परिचित हैं। इसके बावजूद अब तक सड़क का मरम्मतीकरण नहीं कराया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ सकता है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से सड़क की जांच कराकर क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता की भी जांच होनी चाहिए, ताकि कम समय में सड़क के खराब होने के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।1
- प्रयागराज में सनसनीखेज वारदात: बातचीत के दौरान सपा नेता पर ताबड़तोड़ फायरिंग, मौत! प्रयागराज में सनसनीखेज वारदात: बातचीत के दौरान सपा नेता पर ताबड़तोड़ फायरिंग, मौत! प्रयागराज। हंडिया थाना क्षेत्र में मंगलवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब बाइक सवार तीन बदमाशों ने बातचीत के दौरान सपा नेता पवन यादव पर कथित तौर पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से पवन यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने सपा नेता की पीठ में गोली मारी और वारदात को अंजाम देने के बाद बाइक से मौके से फरार हो गए। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। घटना हंडिया थाना क्षेत्र में पीलर नंबर 52 के पास की बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। घटना के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। बड़ा सवाल: आखिर सपा नेता पवन यादव की हत्या के पीछे वजह क्या थी? बाइक सवार तीनों हमलावर कौन थे? पुलिस मामले की जांच में जुटी है और हमलावरों की तलाश की जा रही है।4
- थाना हण्डिया क्षेत्रान्तर्गत कस्बा हण्डिया में मोटरसाइकिल सवार अज्ञात बदमाशों द्वारा ग्राम मुगरहा निवासी पवन कुमार यादव को गोली मारकर घायल कर देने व ईलाज के दौरान मृत्यु हो जाने पर पुलिस द्वारा कृत कार्यवाही के सम्बन्ध में पुलिस उपायुक्त गंगानगर द्वारा दी गई बाइट थाना हण्डिया क्षेत्रान्तर्गत कस्बा हण्डिया में मोटरसाइकिल सवार अज्ञात बदमाशों द्वारा ग्राम मुगरहा निवासी पवन कुमार यादव को गोली मारकर घायल कर देने व ईलाज के दौरान मृत्यु हो जाने पर पुलिस द्वारा कृत कार्यवाही के सम्बन्ध में पुलिस उपायुक्त गंगानगर द्वारा दी गई बाइट1