छह माह पहले बनी सड़क ध्वस्त, राहगीरों के लिए बनी मुसीबत राजापुर में पीडब्ल्यूडी की सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, रोजाना सैकड़ों राहगीरों का आवागमन, मरम्मत नहीं होने से नाराजगी प्रयागराज। जसरा विकासखंड के राजापुर गांव में करीब छह माह पहले बनाई गई काली सड़क अब पूरी तरह से जर्जर होकर ध्वस्त होने लगी है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और कई स्थानों पर सड़क की गिट्टियां उखड़ चुकी हैं। इससे इस मार्ग से प्रतिदिन आवागमन करने वाले सैकड़ों राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने के कुछ ही समय बाद इसकी हालत खराब होने लगी थी, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से अब तक मरम्मत की कोई ठोस पहल नहीं की गई। बताया जा रहा है कि राजापुर का यह मार्ग लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से कराया गया था। सड़क निर्माण के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि लंबे समय तक आवागमन की सुविधा बेहतर रहेगी, लेकिन छह महीने के भीतर ही सड़क की हालत खराब हो गई। वर्तमान में सड़क पर बने गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। कई बार वाहन अनियंत्रित होने से राहगीर चोटिल भी हो चुके हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, बारिश के बाद सड़क की स्थिति और भी खराब हो गई है। गड्ढों में पानी भर जाने के कारण उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। ऐसे में बाइक और साइकिल सवार अक्सर संतुलन खो बैठते हैं। रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है, क्योंकि सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से स्पष्ट दिखाई नहीं देते। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस मार्ग से पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी आए दिन गुजरते हैं और सड़क की बदहाल स्थिति से पूरी तरह परिचित हैं। इसके बावजूद अब तक सड़क का मरम्मतीकरण नहीं कराया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ सकता है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से सड़क की जांच कराकर क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता की भी जांच होनी चाहिए, ताकि कम समय में सड़क के खराब होने के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने। छह माह पहले बनी सड़क ध्वस्त, राहगीरों के लिए बनी मुसीबत राजापुर में पीडब्ल्यूडी की सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, रोजाना सैकड़ों राहगीरों का आवागमन, मरम्मत नहीं होने से नाराजगी प्रयागराज। जसरा विकासखंड के राजापुर गांव में करीब छह माह पहले बनाई गई काली सड़क अब पूरी तरह से जर्जर होकर ध्वस्त होने लगी है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और कई स्थानों पर सड़क की गिट्टियां उखड़ चुकी हैं। इससे इस मार्ग से प्रतिदिन आवागमन करने वाले सैकड़ों राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने के कुछ ही समय बाद इसकी हालत खराब होने लगी थी, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से अब तक मरम्मत की कोई ठोस पहल नहीं की गई। बताया जा रहा है कि राजापुर का यह मार्ग लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से कराया गया था। सड़क निर्माण के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि लंबे समय तक आवागमन की सुविधा बेहतर रहेगी, लेकिन छह महीने के भीतर ही सड़क की हालत खराब हो गई। वर्तमान में सड़क पर बने गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। कई बार वाहन अनियंत्रित होने से राहगीर चोटिल भी हो चुके हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, बारिश के बाद सड़क की स्थिति और भी खराब हो गई है। गड्ढों में पानी भर जाने के कारण उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। ऐसे में बाइक और साइकिल सवार अक्सर संतुलन खो बैठते हैं। रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है, क्योंकि सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से स्पष्ट दिखाई नहीं देते। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस मार्ग से पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी आए दिन गुजरते हैं और सड़क की बदहाल स्थिति से पूरी तरह परिचित हैं। इसके बावजूद अब तक सड़क का मरम्मतीकरण नहीं कराया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ सकता है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से सड़क की जांच कराकर क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता की भी जांच होनी चाहिए, ताकि कम समय में सड़क के खराब होने के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
छह माह पहले बनी सड़क ध्वस्त, राहगीरों के लिए बनी मुसीबत राजापुर में पीडब्ल्यूडी की सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, रोजाना सैकड़ों राहगीरों का आवागमन, मरम्मत नहीं होने से नाराजगी प्रयागराज। जसरा विकासखंड के राजापुर गांव में करीब छह माह पहले बनाई गई काली सड़क अब पूरी तरह से जर्जर होकर ध्वस्त होने लगी है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और कई स्थानों पर सड़क की गिट्टियां उखड़ चुकी हैं। इससे इस मार्ग से प्रतिदिन आवागमन करने वाले सैकड़ों राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने के कुछ ही समय बाद इसकी हालत खराब होने लगी थी, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से अब तक मरम्मत की कोई ठोस पहल नहीं की गई। बताया जा रहा है कि राजापुर का यह मार्ग लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से कराया गया था। सड़क निर्माण के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि लंबे समय तक आवागमन की सुविधा बेहतर रहेगी, लेकिन छह महीने के भीतर ही सड़क की हालत खराब हो गई। वर्तमान में सड़क पर बने गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। कई बार वाहन अनियंत्रित होने से राहगीर चोटिल भी हो चुके हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, बारिश के बाद सड़क की स्थिति और भी खराब हो गई है। गड्ढों में पानी भर जाने के कारण उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। ऐसे में बाइक और साइकिल सवार अक्सर संतुलन खो बैठते हैं। रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है, क्योंकि सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से स्पष्ट दिखाई नहीं देते। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस मार्ग से पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी आए दिन गुजरते हैं और सड़क की बदहाल स्थिति से पूरी तरह परिचित हैं। इसके बावजूद अब तक सड़क का मरम्मतीकरण नहीं कराया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ सकता है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से सड़क की जांच कराकर क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता की भी जांच होनी चाहिए, ताकि कम समय में सड़क के खराब होने के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने। छह माह पहले बनी सड़क ध्वस्त, राहगीरों के लिए बनी मुसीबत राजापुर में पीडब्ल्यूडी की सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, रोजाना सैकड़ों राहगीरों का आवागमन, मरम्मत नहीं होने से नाराजगी प्रयागराज। जसरा विकासखंड के राजापुर गांव में करीब छह माह पहले बनाई गई काली सड़क अब पूरी तरह से जर्जर होकर ध्वस्त होने लगी है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और कई स्थानों पर सड़क की गिट्टियां उखड़ चुकी हैं। इससे इस मार्ग से प्रतिदिन आवागमन करने वाले सैकड़ों राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने के कुछ ही समय बाद इसकी हालत खराब होने लगी थी, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से अब तक मरम्मत की कोई ठोस पहल नहीं की गई। बताया जा रहा है कि राजापुर का यह मार्ग लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से कराया गया था। सड़क निर्माण के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि लंबे समय तक आवागमन की सुविधा बेहतर रहेगी, लेकिन छह महीने के भीतर ही सड़क की हालत खराब हो गई। वर्तमान में सड़क पर बने गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। कई बार वाहन अनियंत्रित होने से राहगीर चोटिल भी हो चुके हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, बारिश के बाद सड़क की स्थिति और भी खराब हो गई है। गड्ढों में पानी भर जाने के कारण उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। ऐसे में बाइक और साइकिल सवार अक्सर संतुलन खो बैठते हैं। रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है, क्योंकि सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से स्पष्ट दिखाई नहीं देते। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस मार्ग से पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी आए दिन गुजरते हैं और सड़क की बदहाल स्थिति से पूरी तरह परिचित हैं। इसके बावजूद अब तक सड़क का मरम्मतीकरण नहीं कराया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ सकता है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से सड़क की जांच कराकर क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता की भी जांच होनी चाहिए, ताकि कम समय में सड़क के खराब होने के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
- छह माह पहले बनी सड़क ध्वस्त, राहगीरों के लिए बनी मुसीबत राजापुर में पीडब्ल्यूडी की सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, रोजाना सैकड़ों राहगीरों का आवागमन, मरम्मत नहीं होने से नाराजगी प्रयागराज। जसरा विकासखंड के राजापुर गांव में करीब छह माह पहले बनाई गई काली सड़क अब पूरी तरह से जर्जर होकर ध्वस्त होने लगी है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और कई स्थानों पर सड़क की गिट्टियां उखड़ चुकी हैं। इससे इस मार्ग से प्रतिदिन आवागमन करने वाले सैकड़ों राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने के कुछ ही समय बाद इसकी हालत खराब होने लगी थी, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से अब तक मरम्मत की कोई ठोस पहल नहीं की गई। बताया जा रहा है कि राजापुर का यह मार्ग लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से कराया गया था। सड़क निर्माण के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि लंबे समय तक आवागमन की सुविधा बेहतर रहेगी, लेकिन छह महीने के भीतर ही सड़क की हालत खराब हो गई। वर्तमान में सड़क पर बने गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। कई बार वाहन अनियंत्रित होने से राहगीर चोटिल भी हो चुके हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, बारिश के बाद सड़क की स्थिति और भी खराब हो गई है। गड्ढों में पानी भर जाने के कारण उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। ऐसे में बाइक और साइकिल सवार अक्सर संतुलन खो बैठते हैं। रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है, क्योंकि सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से स्पष्ट दिखाई नहीं देते। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस मार्ग से पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी आए दिन गुजरते हैं और सड़क की बदहाल स्थिति से पूरी तरह परिचित हैं। इसके बावजूद अब तक सड़क का मरम्मतीकरण नहीं कराया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ सकता है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से सड़क की जांच कराकर क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता की भी जांच होनी चाहिए, ताकि कम समय में सड़क के खराब होने के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने। छह माह पहले बनी सड़क ध्वस्त, राहगीरों के लिए बनी मुसीबत राजापुर में पीडब्ल्यूडी की सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, रोजाना सैकड़ों राहगीरों का आवागमन, मरम्मत नहीं होने से नाराजगी प्रयागराज। जसरा विकासखंड के राजापुर गांव में करीब छह माह पहले बनाई गई काली सड़क अब पूरी तरह से जर्जर होकर ध्वस्त होने लगी है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और कई स्थानों पर सड़क की गिट्टियां उखड़ चुकी हैं। इससे इस मार्ग से प्रतिदिन आवागमन करने वाले सैकड़ों राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने के कुछ ही समय बाद इसकी हालत खराब होने लगी थी, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से अब तक मरम्मत की कोई ठोस पहल नहीं की गई। बताया जा रहा है कि राजापुर का यह मार्ग लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से कराया गया था। सड़क निर्माण के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि लंबे समय तक आवागमन की सुविधा बेहतर रहेगी, लेकिन छह महीने के भीतर ही सड़क की हालत खराब हो गई। वर्तमान में सड़क पर बने गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। कई बार वाहन अनियंत्रित होने से राहगीर चोटिल भी हो चुके हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, बारिश के बाद सड़क की स्थिति और भी खराब हो गई है। गड्ढों में पानी भर जाने के कारण उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। ऐसे में बाइक और साइकिल सवार अक्सर संतुलन खो बैठते हैं। रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है, क्योंकि सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से स्पष्ट दिखाई नहीं देते। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस मार्ग से पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी आए दिन गुजरते हैं और सड़क की बदहाल स्थिति से पूरी तरह परिचित हैं। इसके बावजूद अब तक सड़क का मरम्मतीकरण नहीं कराया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ सकता है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से सड़क की जांच कराकर क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता की भी जांच होनी चाहिए, ताकि कम समय में सड़क के खराब होने के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।1
- 🚨 प्रयागराज में सनसनीखेज वारदात: बातचीत के दौरान सपा नेता पर ताबड़तोड़ फायरिंग, मौत! 🚨 प्रयागराज में सनसनीखेज वारदात: बातचीत के दौरान सपा नेता पर ताबड़तोड़ फायरिंग, मौत! प्रयागराज। हंडिया थाना क्षेत्र में मंगलवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब बाइक सवार तीन बदमाशों ने बातचीत के दौरान सपा नेता पवन यादव पर कथित तौर पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से पवन यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने सपा नेता की पीठ में गोली मारी और वारदात को अंजाम देने के बाद बाइक से मौके से फरार हो गए। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। घटना हंडिया थाना क्षेत्र में पीलर नंबर 52 के पास की बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। घटना के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। बड़ा सवाल: आखिर सपा नेता पवन यादव की हत्या के पीछे वजह क्या थी? बाइक सवार तीनों हमलावर कौन थे? पुलिस मामले की जांच में जुटी है और हमलावरों की तलाश की जा रही है।4
- कुल्हड़िया गांव में बना गौशाला बदहाल, सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल गौशाला बदहाल, सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल प्रयागराज: विकासखंड कौंधियारा के कुल्हड़िया ग्राम सभा स्थित गौशाला में गंदगी और अव्यवस्थाओं का अंबार लगा है। परिसर में जगह-जगह कचरा व गोबर जमा होने से पशुओं को परेशानी हो रही है। गौशाला में करीब 300 पशु बताए जा रहे हैं, जिनमें कुछ के बीमार होने की भी जानकारी है। वहीं, पशुओं की देखभाल और सफाई के लिए लगाए गए पांच मजदूरों ने दो माह से मानदेय नहीं मिलने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने गौशाला का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं में सुधार, बीमार पशुओं के उपचार, नियमित सफाई और मजदूरों के लंबित मानदेय भुगतान की मांग की है।1
- लालापुर में टूटा पुल बना मौत का जाल नहर में समाया ई रिक्शा चालक ने कूदकर बचाईं जान बारा, प्रयागराज यमुनानगर/बारा। लालापुर से मसूरियन मैया धाम जाने वाले मार्ग पर टूटा नहर पुल अब लोगों की जान पर भारी पड़ने लगा है। महीनों से पुल क्षतिग्रस्त होने के बावजूद जिम्मेदार विभाग की ओर से कोई स्थायी व्यवस्था नहीं किए जाने का खामियाजा एक ई-रिक्शा चालक को भुगतना पड़ा। कच्ची और संकरी पटरी से निकलने के दौरान ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर गहरी नहर में जा गिरा। चालक ने समय रहते छलांग लगाकर जान बचाई। गनीमत रही कि हादसे के समय ई-रिक्शा में कोई सवारी नहीं थी, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। कैसे हुआ हादसा बताया गया कि कौंधियारा निवासी कप्तान बिंद पुत्र जगदीश प्रसाद ई-रिक्शा संख्या UP70 NT 9250 से मसूरियन मैया धाम दर्शन करने पहुंचे थे। दर्शन के बाद लालापुर की ओर जाते समय उन्हें पुल के टूटे होने की जानकारी हुई। वैकल्पिक रास्ते की जानकारी नहीं होने के कारण उन्होंने नहर किनारे बनी कच्ची पटरी से आगे निकलने का प्रयास किया।पुल से करीब 100 मीटर आगे पहुंचते ही संकरी, ऊबड़-खाबड़ और फिसलन भरी पटरी पर ई-रिक्शा का संतुलन बिगड़ गया और देखते ही देखते ई-रिक्शा नहर में जा गिरा। चालक ने खतरा भांपते हुए तत्काल वाहन से छलांग लगा दी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आवाज सुनकर खेतों में काम कर रहे ग्रामीण दौड़कर पहुंचे और रस्सियों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद ई-रिक्शा को नहर से बाहर निकाला। सैकड़ों लोगों की जिंदगी दांव पर ग्रामीणों का आरोप है कि पुल की हालत लंबे समय से खराब है और इसकी मरम्मत व पुनर्निर्माण की मांग कई बार की जा चुकी है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग मौन है। इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालुओं, ग्रामीणों और स्कूली बच्चों का आवागमन होता है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते पुल का निर्माण नहीं कराया गया तो अगली बार हादसा जानलेवा साबित हो सकता है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी प्रयागराज से तत्काल हस्तक्षेप कर टूटे पुल का निर्माण कराने और तब तक सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- चंद्र करीब शुक्र ग्रह 14 सितंबर 2026 आसमान में दिखा अद्भुत नजारा दिखा 14 सितंबर को आसमान में दिखा अद्भुत खगोलीय घटना चंद्रमा के करीब शुक्र ग्रह2
- रूस ने भारत को अपनी इवोल्गा हाई-स्पीड ट्रेन ऑफर की है। 360 km/h स्पीड, 642 पैसेंजर, 8 कारें और 80% लोकल कंटेंट। रूस ने भारत को अपनी इवोल्गा हाई-स्पीड ट्रेन ऑफर की है। 360 km/h स्पीड, 642 पैसेंजर, 8 कारें और 80% लोकल कंटेंट।1
- ओसा गांव में बिजली संकट, बार-बार फुंक रहा ट्रांसफॉर्मर, ग्रामीण परेशान कौंधियारा: ओसा गांव में करीब एक माह से बिजली संकट बना हुआ है। 25 KVA का ट्रांसफॉर्मर बार-बार खराब होने से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग ने दो बार ट्रांसफॉर्मर बदला, लेकिन कुछ ही समय बाद फिर खराब हो गया। बिजली कटौती से घरों के पंखे-कूलर बंद हैं और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने विभाग से सही स्थिति वाला नया ट्रांसफॉर्मर लगाकर जल्द विद्युत आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।1
- पूर्व प्रधान एवं सपा जिला सचिव पवन यादव की गोली मारकर हत्या बाइक सवार तीन हमलावरों ने मारी गोली, इलाज के दौरान मौत से मचा हड़कंप हंडिया, प्रयागराज। हंडिया थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम बाइक सवार तीन हमलावरों ने पूर्व प्रधान एवं समाजवादी पार्टी के जिला सचिव पवन यादव को गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल पवन यादव को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। जानकारी के अनुसार, मुग्रराव गांव के पूर्व प्रधान एवं पूर्व प्रधान संघ के जिला अध्यक्ष पवन यादव मंगलवार शाम करीब छह बजे हंडिया क्षेत्र में 52 नंबर पिलर के पास कुछ लोगों से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान एक बाइक पर सवार तीन युवक वहां पहुंचे। बताया जा रहा है कि दो हमलावरों ने हेलमेट पहन रखा था। बाइक सवारों में से एक युवक ने पवन यादव को निशाना बनाकर गोली चला दी। गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़े। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों हमलावर बाइक से बरौत की ओर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल पवन यादव को अस्पताल पहुंचाया गया। हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी। पुलिस हमलावरों की पहचान और घटना के कारणों का पता लगाने में जुटी है। वारदात के बाद इलाके में तनाव और दहशत का माहौल है।1