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मेजारोड-सिरसा बाईपास पर दूषित पानी से राहगीर परेशान राजमार्ग के दोनों तरफ बने नाले ओवरफ्लो होने से बाईपास पर बह रहा गंदा पानी, गड्ढों में भी भरा है दूषित पानी मेजा, प्रयागराज। मेजारोड बाजार के पटेल नगर चौराहे से सिरसा और रेलवे स्टेशन बाईपास जाने वाली सड़क पर जलनिकासी की समस्या राहगीरों और स्थानीय व्यापारियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। राजमार्ग के दोनों तरफ बनाए गए नाले का दूषित पानी ओवरफ्लो होकर बाईपास सड़क पर बह रहा है। वहीं, सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों में भी दूषित पानी भरा हुआ है। इससे राहगीरों को गंदे पानी के बीच से होकर आवागमन करना पड़ रहा है। सड़क पर फैले दूषित पानी के कारण पैदल राहगीरों के साथ दोपहिया वाहन चालकों को भी काफी परेशानी हो रही है। पानी भरे होने से गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। वहीं, दूषित पानी से उठ रही दुर्गंध से आसपास के दुकानदार और व्यापारी भी परेशान हैं। दुर्गंध के कारण दुकानों पर बैठना मुश्किल हो रहा है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से नालों की सफाई कराने, दूषित पानी की निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने और सड़क के गड्ढों की मरम्मत कराने की मांग की है।

2 hrs ago
user_Rajesh Kumar
Rajesh Kumar
रिपोर्टर मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

मेजारोड-सिरसा बाईपास पर दूषित पानी से राहगीर परेशान राजमार्ग के दोनों तरफ बने नाले ओवरफ्लो होने से बाईपास पर बह रहा गंदा पानी, गड्ढों में भी भरा है दूषित पानी मेजा, प्रयागराज। मेजारोड बाजार के पटेल नगर चौराहे से सिरसा और रेलवे स्टेशन बाईपास जाने वाली सड़क पर जलनिकासी की समस्या राहगीरों और स्थानीय व्यापारियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। राजमार्ग के दोनों तरफ बनाए गए नाले का दूषित पानी ओवरफ्लो होकर बाईपास सड़क पर बह रहा है। वहीं, सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों में भी दूषित पानी भरा हुआ है। इससे राहगीरों को गंदे पानी के बीच से होकर आवागमन करना पड़ रहा है। सड़क पर फैले दूषित पानी के कारण पैदल राहगीरों के साथ दोपहिया वाहन चालकों को भी काफी परेशानी हो रही है। पानी भरे होने से गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। वहीं, दूषित पानी से उठ रही दुर्गंध से आसपास के दुकानदार और व्यापारी भी परेशान हैं। दुर्गंध के कारण दुकानों पर बैठना मुश्किल हो रहा है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से नालों की सफाई कराने, दूषित पानी की निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने और सड़क के गड्ढों की मरम्मत कराने की मांग की है।

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  • मेजारोड-सिरसा बाईपास पर दूषित पानी से राहगीर परेशान राजमार्ग के दोनों तरफ बने नाले ओवरफ्लो होने से बाईपास पर बह रहा गंदा पानी, गड्ढों में भी भरा है दूषित पानी मेजा, प्रयागराज। मेजारोड बाजार के पटेल नगर चौराहे से सिरसा और रेलवे स्टेशन बाईपास जाने वाली सड़क पर जलनिकासी की समस्या राहगीरों और स्थानीय व्यापारियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। राजमार्ग के दोनों तरफ बनाए गए नाले का दूषित पानी ओवरफ्लो होकर बाईपास सड़क पर बह रहा है। वहीं, सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों में भी दूषित पानी भरा हुआ है। इससे राहगीरों को गंदे पानी के बीच से होकर आवागमन करना पड़ रहा है। सड़क पर फैले दूषित पानी के कारण पैदल राहगीरों के साथ दोपहिया वाहन चालकों को भी काफी परेशानी हो रही है। पानी भरे होने से गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। वहीं, दूषित पानी से उठ रही दुर्गंध से आसपास के दुकानदार और व्यापारी भी परेशान हैं। दुर्गंध के कारण दुकानों पर बैठना मुश्किल हो रहा है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से नालों की सफाई कराने, दूषित पानी की निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने और सड़क के गड्ढों की मरम्मत कराने की मांग की है।
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    मेजारोड-सिरसा बाईपास पर दूषित पानी से राहगीर परेशान

राजमार्ग के दोनों तरफ बने नाले ओवरफ्लो होने से बाईपास पर बह रहा गंदा पानी, गड्ढों में भी भरा है दूषित पानी
मेजा, प्रयागराज। मेजारोड बाजार के पटेल नगर चौराहे से सिरसा और रेलवे स्टेशन बाईपास जाने वाली सड़क पर जलनिकासी की समस्या राहगीरों और स्थानीय व्यापारियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। राजमार्ग के दोनों तरफ बनाए गए नाले का दूषित पानी ओवरफ्लो होकर बाईपास सड़क पर बह रहा है। वहीं, सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों में भी दूषित पानी भरा हुआ है। इससे राहगीरों को गंदे पानी के बीच से होकर आवागमन करना पड़ रहा है।
सड़क पर फैले दूषित पानी के कारण पैदल राहगीरों के साथ दोपहिया वाहन चालकों को भी काफी परेशानी हो रही है। पानी भरे होने से गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। वहीं, दूषित पानी से उठ रही दुर्गंध से आसपास के दुकानदार और व्यापारी भी परेशान हैं। दुर्गंध के कारण दुकानों पर बैठना मुश्किल हो रहा है।
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से नालों की सफाई कराने, दूषित पानी की निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने और सड़क के गड्ढों की मरम्मत कराने की मांग की है।
    user_Rajesh Kumar
    Rajesh Kumar
    रिपोर्टर मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • भारतीय वायुसेना को शुक्रवार को तेजस मार्क-1 के पहले बैच के शेष दो ट्रेनर विमान मिलने जा रहे हैं। ये विमान 2006 और 2010 में हुए ₹8,802 करोड़ के दो अनुबंधों के तहत ऑर्डर किए गए 40 तेजस मार्क-1 लड़ाकू विमानों का हिस्सा हैं। वहीं, फरवरी 2021 में ₹46,898 करोड़ के सौदे के तहत 83 तेजस मार्क-1A विमानों का ऑर्डर दिया गया था, लेकिन भारतीय वायुसेना को अब तक पहला मार्क-1A विमान भी नहीं मिला है। भारतीय वायुसेना को शुक्रवार को तेजस मार्क-1 के पहले बैच के शेष दो ट्रेनर विमान मिलने जा रहे हैं। ये विमान 2006 और 2010 में हुए ₹8,802 करोड़ के दो अनुबंधों के तहत ऑर्डर किए गए 40 तेजस मार्क-1 लड़ाकू विमानों का हिस्सा हैं। वहीं, फरवरी 2021 में ₹46,898 करोड़ के सौदे के तहत 83 तेजस मार्क-1A विमानों का ऑर्डर दिया गया था, लेकिन भारतीय वायुसेना को अब तक पहला मार्क-1A विमान भी नहीं मिला है।
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    भारतीय वायुसेना  को शुक्रवार को तेजस मार्क-1 के पहले बैच के शेष दो ट्रेनर विमान मिलने जा रहे हैं।
 ये विमान 2006 और 2010 में हुए ₹8,802 करोड़ के दो अनुबंधों के तहत ऑर्डर किए गए 40 तेजस मार्क-1 लड़ाकू विमानों का हिस्सा हैं।
 वहीं, फरवरी 2021 में ₹46,898 करोड़ के सौदे के तहत 83 तेजस मार्क-1A विमानों का ऑर्डर दिया गया था, लेकिन भारतीय वायुसेना को अब तक पहला मार्क-1A विमान भी नहीं मिला है।
भारतीय वायुसेना  को शुक्रवार को तेजस मार्क-1 के पहले बैच के शेष दो ट्रेनर विमान मिलने जा रहे हैं।
ये विमान 2006 और 2010 में हुए ₹8,802 करोड़ के दो अनुबंधों के तहत ऑर्डर किए गए 40 तेजस मार्क-1 लड़ाकू विमानों का हिस्सा हैं।
वहीं, फरवरी 2021 में ₹46,898 करोड़ के सौदे के तहत 83 तेजस मार्क-1A विमानों का ऑर्डर दिया गया था, लेकिन भारतीय वायुसेना को अब तक पहला मार्क-1A विमान भी नहीं मिला है।
    user_Umesh chandra patrkar
    Umesh chandra patrkar
    Advertising Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • नरेंद्र मोदी ने पहले लोगों से कहा- UPI transaction करो, लेकिन अब उसी पर टैक्स लगा रहे हैं। पिछले साल 2025-26 में टोटल UPI ट्रांजेक्शन था- ₹314 लाख करोड़ • जिसका 66% मतलब ₹207 लाख करोड़ ₹2000 वाले transaction से ज़्यादा था दरअसल, मोदी को वसूली की आदत है- वो जैसे ही लोगों को खर्च करते हुए देखते हैं, वसूली करने पहुंच जाते हैं। ये दिखाता है कि इनकी नीयत में ही खोट है। इन्हें जनता की कोई चिंता नहीं है। :
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    नरेंद्र मोदी ने पहले लोगों से कहा- UPI transaction करो, लेकिन अब उसी पर टैक्स लगा रहे हैं।

पिछले साल 2025-26 में टोटल UPI ट्रांजेक्शन था- ₹314 लाख करोड़
• जिसका 66% मतलब ₹207 लाख करोड़ ₹2000 वाले transaction से ज़्यादा था  
दरअसल, मोदी को वसूली की आदत है- वो जैसे ही लोगों को खर्च करते हुए देखते हैं, वसूली करने पहुंच जाते हैं।
ये दिखाता है कि इनकी नीयत में ही खोट है। इन्हें जनता की कोई चिंता नहीं है। 
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    user_दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
    दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
    मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • तालाबों से अवैध राखड़ निकासी का आरोप, ग्रामीणों में दहशत ग्राम प्रधानों ने एनटीपीसी के एजीएम (एचआर) विवेक चंद्रा को सौंपा ज्ञापन, ओवरलोड वाहनों पर रोक और पेटी ठेकेदारों को हटाने की मांग मेजा, प्रयागराज। विकासखंड मेजा की ग्राम पंचायत सलैया कला और सलैया खुर्द में तालाबों से कथित अवैध राखड़ निकासी और ओवरलोड वाहनों से ढुलाई का मामला सामने आया है। मामले को लेकर दोनों ग्राम पंचायतों के प्रधानों ने एनटीपीसी के एजीएम (एचआर) विवेक चंद्रा को ज्ञापन सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। प्रधानों का आरोप है कि राखड़ की ढुलाई में लगे भारी वाहनों की आवाजाही से ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। वहीं, तालाबों के आसपास गोली-बम चलने जैसी घटनाओं का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है। ग्राम प्रधान देवी शंकर यादव ने दिए गए पत्र में आरोप लगाया कि तालाबों से राखड़ निकाली जा रही है और भारी वाहनों के जरिए उसकी ढुलाई की जा रही है। ओवरलोड वाहनों के गांव की सड़कों से गुजरने के कारण आवागमन प्रभावित होने के साथ सड़क क्षतिग्रस्त होने और हादसे का खतरा बना हुआ है। वहीं, सलैया खुर्द के ग्राम प्रधान सुरेश कुमार ने भी एनटीपीसी प्रबंधन को ज्ञापन देकर बताया कि ग्राम पंचायत क्षेत्र के करीब 300 मजदूर एनटीपीसी में काम करने के लिए आते-जाते हैं। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि तालाबों के आसपास आए दिन गोली-बम चलने जैसी घटनाओं से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। पेटी ठेकेदारों को हटाने की मांग ग्राम प्रधानों ने एनटीपीसी प्रबंधन से पूरे मामले की जांच कराने, राखड़ की कथित अवैध निकासी पर रोक लगाने और ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही संबंधित पेटी ठेकेदारों को क्षेत्र से हटाने की भी मांग की गई है। प्रधानों का कहना है कि यदि मामले में समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों की परेशानी बढ़ सकती है। उन्होंने एनटीपीसी प्रबंधन और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने तथा क्षेत्र में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने की मांग की है। तालाबों से अवैध राखड़ निकासी का आरोप, ग्रामीणों में दहशत ग्राम प्रधानों ने एनटीपीसी के एजीएम (एचआर) विवेक चंद्रा को सौंपा ज्ञापन, ओवरलोड वाहनों पर रोक और पेटी ठेकेदारों को हटाने की मांग मेजा, प्रयागराज। विकासखंड मेजा की ग्राम पंचायत सलैया कला और सलैया खुर्द में तालाबों से कथित अवैध राखड़ निकासी और ओवरलोड वाहनों से ढुलाई का मामला सामने आया है। मामले को लेकर दोनों ग्राम पंचायतों के प्रधानों ने एनटीपीसी के एजीएम (एचआर) विवेक चंद्रा को ज्ञापन सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। प्रधानों का आरोप है कि राखड़ की ढुलाई में लगे भारी वाहनों की आवाजाही से ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। वहीं, तालाबों के आसपास गोली-बम चलने जैसी घटनाओं का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है। ग्राम प्रधान देवी शंकर यादव ने दिए गए पत्र में आरोप लगाया कि तालाबों से राखड़ निकाली जा रही है और भारी वाहनों के जरिए उसकी ढुलाई की जा रही है। ओवरलोड वाहनों के गांव की सड़कों से गुजरने के कारण आवागमन प्रभावित होने के साथ सड़क क्षतिग्रस्त होने और हादसे का खतरा बना हुआ है। वहीं, सलैया खुर्द के ग्राम प्रधान सुरेश कुमार ने भी एनटीपीसी प्रबंधन को ज्ञापन देकर बताया कि ग्राम पंचायत क्षेत्र के करीब 300 मजदूर एनटीपीसी में काम करने के लिए आते-जाते हैं। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि तालाबों के आसपास आए दिन गोली-बम चलने जैसी घटनाओं से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। पेटी ठेकेदारों को हटाने की मांग ग्राम प्रधानों ने एनटीपीसी प्रबंधन से पूरे मामले की जांच कराने, राखड़ की कथित अवैध निकासी पर रोक लगाने और ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही संबंधित पेटी ठेकेदारों को क्षेत्र से हटाने की भी मांग की गई है। प्रधानों का कहना है कि यदि मामले में समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों की परेशानी बढ़ सकती है। उन्होंने एनटीपीसी प्रबंधन और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने तथा क्षेत्र में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने की मांग की है।
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    तालाबों से अवैध राखड़ निकासी का आरोप, ग्रामीणों में दहशत

ग्राम प्रधानों ने एनटीपीसी के एजीएम (एचआर) विवेक चंद्रा को सौंपा ज्ञापन, ओवरलोड वाहनों पर रोक और पेटी ठेकेदारों को हटाने की मांग

मेजा, प्रयागराज। विकासखंड मेजा की ग्राम पंचायत सलैया कला और सलैया खुर्द में तालाबों से कथित अवैध राखड़ निकासी और ओवरलोड वाहनों से ढुलाई का मामला सामने आया है। मामले को लेकर दोनों ग्राम पंचायतों के प्रधानों ने एनटीपीसी के एजीएम (एचआर) विवेक चंद्रा को ज्ञापन सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। प्रधानों का आरोप है कि राखड़ की ढुलाई में लगे भारी वाहनों की आवाजाही से ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। वहीं, तालाबों के आसपास गोली-बम चलने जैसी घटनाओं का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है।

ग्राम प्रधान देवी शंकर यादव ने दिए गए पत्र में आरोप लगाया कि तालाबों से राखड़ निकाली जा रही है और भारी वाहनों के जरिए उसकी ढुलाई की जा रही है। ओवरलोड वाहनों के गांव की सड़कों से गुजरने के कारण आवागमन प्रभावित होने के साथ सड़क क्षतिग्रस्त होने और हादसे का खतरा बना हुआ है।

वहीं, सलैया खुर्द के ग्राम प्रधान सुरेश कुमार ने भी एनटीपीसी प्रबंधन को ज्ञापन देकर बताया कि ग्राम पंचायत क्षेत्र के करीब 300 मजदूर एनटीपीसी में काम करने के लिए आते-जाते हैं। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि तालाबों के आसपास आए दिन गोली-बम चलने जैसी घटनाओं से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।

पेटी ठेकेदारों को हटाने की मांग

ग्राम प्रधानों ने एनटीपीसी प्रबंधन से पूरे मामले की जांच कराने, राखड़ की कथित अवैध निकासी पर रोक लगाने और ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही संबंधित पेटी ठेकेदारों को क्षेत्र से हटाने की भी मांग की गई है।

प्रधानों का कहना है कि यदि मामले में समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों की परेशानी बढ़ सकती है। उन्होंने एनटीपीसी प्रबंधन और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने तथा क्षेत्र में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने की मांग की है।
तालाबों से अवैध राखड़ निकासी का आरोप, ग्रामीणों में दहशत
ग्राम प्रधानों ने एनटीपीसी के एजीएम (एचआर) विवेक चंद्रा को सौंपा ज्ञापन, ओवरलोड वाहनों पर रोक और पेटी ठेकेदारों को हटाने की मांग
मेजा, प्रयागराज। विकासखंड मेजा की ग्राम पंचायत सलैया कला और सलैया खुर्द में तालाबों से कथित अवैध राखड़ निकासी और ओवरलोड वाहनों से ढुलाई का मामला सामने आया है। मामले को लेकर दोनों ग्राम पंचायतों के प्रधानों ने एनटीपीसी के एजीएम (एचआर) विवेक चंद्रा को ज्ञापन सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। प्रधानों का आरोप है कि राखड़ की ढुलाई में लगे भारी वाहनों की आवाजाही से ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। वहीं, तालाबों के आसपास गोली-बम चलने जैसी घटनाओं का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है।
ग्राम प्रधान देवी शंकर यादव ने दिए गए पत्र में आरोप लगाया कि तालाबों से राखड़ निकाली जा रही है और भारी वाहनों के जरिए उसकी ढुलाई की जा रही है। ओवरलोड वाहनों के गांव की सड़कों से गुजरने के कारण आवागमन प्रभावित होने के साथ सड़क क्षतिग्रस्त होने और हादसे का खतरा बना हुआ है।
वहीं, सलैया खुर्द के ग्राम प्रधान सुरेश कुमार ने भी एनटीपीसी प्रबंधन को ज्ञापन देकर बताया कि ग्राम पंचायत क्षेत्र के करीब 300 मजदूर एनटीपीसी में काम करने के लिए आते-जाते हैं। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि तालाबों के आसपास आए दिन गोली-बम चलने जैसी घटनाओं से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।
पेटी ठेकेदारों को हटाने की मांग
ग्राम प्रधानों ने एनटीपीसी प्रबंधन से पूरे मामले की जांच कराने, राखड़ की कथित अवैध निकासी पर रोक लगाने और ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही संबंधित पेटी ठेकेदारों को क्षेत्र से हटाने की भी मांग की गई है।
प्रधानों का कहना है कि यदि मामले में समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों की परेशानी बढ़ सकती है। उन्होंने एनटीपीसी प्रबंधन और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने तथा क्षेत्र में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने की मांग की है।
    user_Rahul Mishra Ak News
    Rahul Mishra Ak News
    Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • छह माह पहले बनी सड़क ध्वस्त, राहगीरों के लिए बनी मुसीबत राजापुर में पीडब्ल्यूडी की सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, रोजाना सैकड़ों राहगीरों का आवागमन, मरम्मत नहीं होने से नाराजगी प्रयागराज। जसरा विकासखंड के राजापुर गांव में करीब छह माह पहले बनाई गई काली सड़क अब पूरी तरह से जर्जर होकर ध्वस्त होने लगी है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और कई स्थानों पर सड़क की गिट्टियां उखड़ चुकी हैं। इससे इस मार्ग से प्रतिदिन आवागमन करने वाले सैकड़ों राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने के कुछ ही समय बाद इसकी हालत खराब होने लगी थी, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से अब तक मरम्मत की कोई ठोस पहल नहीं की गई। बताया जा रहा है कि राजापुर का यह मार्ग लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से कराया गया था। सड़क निर्माण के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि लंबे समय तक आवागमन की सुविधा बेहतर रहेगी, लेकिन छह महीने के भीतर ही सड़क की हालत खराब हो गई। वर्तमान में सड़क पर बने गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। कई बार वाहन अनियंत्रित होने से राहगीर चोटिल भी हो चुके हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, बारिश के बाद सड़क की स्थिति और भी खराब हो गई है। गड्ढों में पानी भर जाने के कारण उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। ऐसे में बाइक और साइकिल सवार अक्सर संतुलन खो बैठते हैं। रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है, क्योंकि सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से स्पष्ट दिखाई नहीं देते। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस मार्ग से पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी आए दिन गुजरते हैं और सड़क की बदहाल स्थिति से पूरी तरह परिचित हैं। इसके बावजूद अब तक सड़क का मरम्मतीकरण नहीं कराया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ सकता है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से सड़क की जांच कराकर क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता की भी जांच होनी चाहिए, ताकि कम समय में सड़क के खराब होने के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने। छह माह पहले बनी सड़क ध्वस्त, राहगीरों के लिए बनी मुसीबत राजापुर में पीडब्ल्यूडी की सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, रोजाना सैकड़ों राहगीरों का आवागमन, मरम्मत नहीं होने से नाराजगी प्रयागराज। जसरा विकासखंड के राजापुर गांव में करीब छह माह पहले बनाई गई काली सड़क अब पूरी तरह से जर्जर होकर ध्वस्त होने लगी है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और कई स्थानों पर सड़क की गिट्टियां उखड़ चुकी हैं। इससे इस मार्ग से प्रतिदिन आवागमन करने वाले सैकड़ों राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने के कुछ ही समय बाद इसकी हालत खराब होने लगी थी, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से अब तक मरम्मत की कोई ठोस पहल नहीं की गई। बताया जा रहा है कि राजापुर का यह मार्ग लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से कराया गया था। सड़क निर्माण के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि लंबे समय तक आवागमन की सुविधा बेहतर रहेगी, लेकिन छह महीने के भीतर ही सड़क की हालत खराब हो गई। वर्तमान में सड़क पर बने गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। कई बार वाहन अनियंत्रित होने से राहगीर चोटिल भी हो चुके हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, बारिश के बाद सड़क की स्थिति और भी खराब हो गई है। गड्ढों में पानी भर जाने के कारण उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। ऐसे में बाइक और साइकिल सवार अक्सर संतुलन खो बैठते हैं। रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है, क्योंकि सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से स्पष्ट दिखाई नहीं देते। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस मार्ग से पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी आए दिन गुजरते हैं और सड़क की बदहाल स्थिति से पूरी तरह परिचित हैं। इसके बावजूद अब तक सड़क का मरम्मतीकरण नहीं कराया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ सकता है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से सड़क की जांच कराकर क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता की भी जांच होनी चाहिए, ताकि कम समय में सड़क के खराब होने के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
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    छह माह पहले बनी सड़क ध्वस्त, राहगीरों के लिए बनी मुसीबत

राजापुर में पीडब्ल्यूडी की सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, रोजाना सैकड़ों राहगीरों का आवागमन, मरम्मत नहीं होने से नाराजगी

प्रयागराज। जसरा विकासखंड के राजापुर गांव में करीब छह माह पहले बनाई गई काली सड़क अब पूरी तरह से जर्जर होकर ध्वस्त होने लगी है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और कई स्थानों पर सड़क की गिट्टियां उखड़ चुकी हैं। इससे इस मार्ग से प्रतिदिन आवागमन करने वाले सैकड़ों राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने के कुछ ही समय बाद इसकी हालत खराब होने लगी थी, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से अब तक मरम्मत की कोई ठोस पहल नहीं की गई।

बताया जा रहा है कि राजापुर का यह मार्ग लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से कराया गया था। सड़क निर्माण के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि लंबे समय तक आवागमन की सुविधा बेहतर रहेगी, लेकिन छह महीने के भीतर ही सड़क की हालत खराब हो गई। वर्तमान में सड़क पर बने गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। कई बार वाहन अनियंत्रित होने से राहगीर चोटिल भी हो चुके हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक, बारिश के बाद सड़क की स्थिति और भी खराब हो गई है। गड्ढों में पानी भर जाने के कारण उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। ऐसे में बाइक और साइकिल सवार अक्सर संतुलन खो बैठते हैं। रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है, क्योंकि सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से स्पष्ट दिखाई नहीं देते।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस मार्ग से पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी आए दिन गुजरते हैं और सड़क की बदहाल स्थिति से पूरी तरह परिचित हैं। इसके बावजूद अब तक सड़क का मरम्मतीकरण नहीं कराया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ सकता है।

स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से सड़क की जांच कराकर क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता की भी जांच होनी चाहिए, ताकि कम समय में सड़क के खराब होने के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
छह माह पहले बनी सड़क ध्वस्त, राहगीरों के लिए बनी मुसीबत
राजापुर में पीडब्ल्यूडी की सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, रोजाना सैकड़ों राहगीरों का आवागमन, मरम्मत नहीं होने से नाराजगी
प्रयागराज। जसरा विकासखंड के राजापुर गांव में करीब छह माह पहले बनाई गई काली सड़क अब पूरी तरह से जर्जर होकर ध्वस्त होने लगी है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और कई स्थानों पर सड़क की गिट्टियां उखड़ चुकी हैं। इससे इस मार्ग से प्रतिदिन आवागमन करने वाले सैकड़ों राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने के कुछ ही समय बाद इसकी हालत खराब होने लगी थी, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से अब तक मरम्मत की कोई ठोस पहल नहीं की गई।
बताया जा रहा है कि राजापुर का यह मार्ग लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से कराया गया था। सड़क निर्माण के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि लंबे समय तक आवागमन की सुविधा बेहतर रहेगी, लेकिन छह महीने के भीतर ही सड़क की हालत खराब हो गई। वर्तमान में सड़क पर बने गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। कई बार वाहन अनियंत्रित होने से राहगीर चोटिल भी हो चुके हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, बारिश के बाद सड़क की स्थिति और भी खराब हो गई है। गड्ढों में पानी भर जाने के कारण उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। ऐसे में बाइक और साइकिल सवार अक्सर संतुलन खो बैठते हैं। रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है, क्योंकि सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से स्पष्ट दिखाई नहीं देते।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस मार्ग से पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी आए दिन गुजरते हैं और सड़क की बदहाल स्थिति से पूरी तरह परिचित हैं। इसके बावजूद अब तक सड़क का मरम्मतीकरण नहीं कराया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ सकता है।
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से सड़क की जांच कराकर क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता की भी जांच होनी चाहिए, ताकि कम समय में सड़क के खराब होने के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
    user_Manoj kumar Bind pratahkal express Jamuna paar prabhariprayagraj
    Manoj kumar Bind pratahkal express Jamuna paar prabhariprayagraj
    Bara, Prayagraj•
    7 hrs ago
  • प्रयागराज में सनसनीखेज वारदात: बातचीत के दौरान सपा नेता पर ताबड़तोड़ फायरिंग, मौत! प्रयागराज में सनसनीखेज वारदात: बातचीत के दौरान सपा नेता पर ताबड़तोड़ फायरिंग, मौत! प्रयागराज। हंडिया थाना क्षेत्र में मंगलवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब बाइक सवार तीन बदमाशों ने बातचीत के दौरान सपा नेता पवन यादव पर कथित तौर पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से पवन यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने सपा नेता की पीठ में गोली मारी और वारदात को अंजाम देने के बाद बाइक से मौके से फरार हो गए। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। घटना हंडिया थाना क्षेत्र में पीलर नंबर 52 के पास की बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। घटना के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। बड़ा सवाल: आखिर सपा नेता पवन यादव की हत्या के पीछे वजह क्या थी? बाइक सवार तीनों हमलावर कौन थे? पुलिस मामले की जांच में जुटी है और हमलावरों की तलाश की जा रही है।
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    प्रयागराज में सनसनीखेज वारदात: बातचीत के दौरान सपा नेता पर ताबड़तोड़ फायरिंग, मौत!
प्रयागराज में सनसनीखेज वारदात: बातचीत के दौरान सपा नेता पर ताबड़तोड़ फायरिंग, मौत!
प्रयागराज। हंडिया थाना क्षेत्र में मंगलवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब बाइक सवार तीन बदमाशों ने बातचीत के दौरान सपा नेता पवन यादव पर कथित तौर पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से पवन यादव गंभीर रूप से घायल हो गए।
बताया जा रहा है कि हमलावरों ने सपा नेता की पीठ में गोली मारी और वारदात को अंजाम देने के बाद बाइक से मौके से फरार हो गए। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई।
घटना हंडिया थाना क्षेत्र में पीलर नंबर 52 के पास की बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। घटना के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है।
बड़ा सवाल:
आखिर सपा नेता पवन यादव की हत्या के पीछे वजह क्या थी? बाइक सवार तीनों हमलावर कौन थे?
पुलिस मामले की जांच में जुटी है और हमलावरों की तलाश की जा रही है।
    user_Rohit Sharma
    Rohit Sharma
    निष्पक्षता से खबर को प्रकाशित करना मेरा बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • पूर्व प्रधान एवं सपा जिला सचिव पवन यादव की गोली मारकर हत्या बाइक सवार तीन हमलावरों ने मारी गोली, इलाज के दौरान मौत से मचा हड़कंप हंडिया, प्रयागराज। हंडिया थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम बाइक सवार तीन हमलावरों ने पूर्व प्रधान एवं समाजवादी पार्टी के जिला सचिव पवन यादव को गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल पवन यादव को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। जानकारी के अनुसार, मुग्रराव गांव के पूर्व प्रधान एवं पूर्व प्रधान संघ के जिला अध्यक्ष पवन यादव मंगलवार शाम करीब छह बजे हंडिया क्षेत्र में 52 नंबर पिलर के पास कुछ लोगों से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान एक बाइक पर सवार तीन युवक वहां पहुंचे। बताया जा रहा है कि दो हमलावरों ने हेलमेट पहन रखा था। बाइक सवारों में से एक युवक ने पवन यादव को निशाना बनाकर गोली चला दी। गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़े। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों हमलावर बाइक से बरौत की ओर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल पवन यादव को अस्पताल पहुंचाया गया। हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी। पुलिस हमलावरों की पहचान और घटना के कारणों का पता लगाने में जुटी है। वारदात के बाद इलाके में तनाव और दहशत का माहौल है।
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    पूर्व प्रधान एवं सपा जिला सचिव पवन यादव की गोली मारकर हत्या
बाइक सवार तीन हमलावरों ने मारी गोली, इलाज के दौरान मौत से मचा हड़कंप
हंडिया, प्रयागराज। हंडिया थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम बाइक सवार तीन हमलावरों ने पूर्व प्रधान एवं समाजवादी पार्टी के जिला सचिव पवन यादव को गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल पवन यादव को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
जानकारी के अनुसार, मुग्रराव गांव के पूर्व प्रधान एवं पूर्व प्रधान संघ के जिला अध्यक्ष पवन यादव मंगलवार शाम करीब छह बजे हंडिया क्षेत्र में 52 नंबर पिलर के पास कुछ लोगों से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान एक बाइक पर सवार तीन युवक वहां पहुंचे। बताया जा रहा है कि दो हमलावरों ने हेलमेट पहन रखा था।
बाइक सवारों में से एक युवक ने पवन यादव को निशाना बनाकर गोली चला दी। गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़े। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों हमलावर बाइक से बरौत की ओर फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल पवन यादव को अस्पताल पहुंचाया गया। हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी। पुलिस हमलावरों की पहचान और घटना के कारणों का पता लगाने में जुटी है। वारदात के बाद इलाके में तनाव और दहशत का माहौल है।
    user_RAMBABU PATEL
    RAMBABU PATEL
    Insurance Agent Bara, Prayagraj•
    16 hrs ago
  • थाना हण्डिया क्षेत्रान्तर्गत कस्बा हण्डिया में मोटरसाइकिल सवार अज्ञात बदमाशों द्वारा ग्राम मुगरहा निवासी पवन कुमार यादव को गोली मारकर घायल कर देने व ईलाज के दौरान मृत्यु हो जाने पर पुलिस द्वारा कृत कार्यवाही के सम्बन्ध में पुलिस उपायुक्त गंगानगर द्वारा दी गई बाइट थाना हण्डिया क्षेत्रान्तर्गत कस्बा हण्डिया में मोटरसाइकिल सवार अज्ञात बदमाशों द्वारा ग्राम मुगरहा निवासी पवन कुमार यादव को गोली मारकर घायल कर देने व ईलाज के दौरान मृत्यु हो जाने पर पुलिस द्वारा कृत कार्यवाही के सम्बन्ध में पुलिस उपायुक्त गंगानगर द्वारा दी गई बाइट
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    थाना हण्डिया क्षेत्रान्तर्गत कस्बा हण्डिया में मोटरसाइकिल सवार अज्ञात बदमाशों द्वारा ग्राम मुगरहा निवासी पवन कुमार यादव को गोली मारकर घायल कर देने व ईलाज के दौरान मृत्यु हो जाने पर पुलिस द्वारा कृत कार्यवाही के सम्बन्ध में पुलिस उपायुक्त गंगानगर द्वारा दी गई बाइट
थाना हण्डिया क्षेत्रान्तर्गत कस्बा हण्डिया में मोटरसाइकिल सवार अज्ञात बदमाशों द्वारा ग्राम मुगरहा निवासी पवन कुमार यादव को गोली मारकर घायल कर देने व ईलाज के दौरान मृत्यु हो जाने पर पुलिस द्वारा कृत कार्यवाही के सम्बन्ध में पुलिस उपायुक्त गंगानगर द्वारा दी गई बाइट
    user_Rajesh Kumar
    Rajesh Kumar
    रिपोर्टर मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
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