भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा का विस्तार, बागपत के चौधरी रिफाकत बनाया पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष मुजफ्फरनगर भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा के नियाजूपरा प्रदेश कार्यालय पर राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी शाह आलम के नेतृत्व में एक बैठक आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता महाराज जसवीर नाथ जी ने की और संचालन चौधरी जफरियाब ने किया आयोजित बैठक में संगठन के विस्तार के साथ किसानों की समस्याओं पर मंथन हुआ। बढ़ती लोकप्रियता से प्रभावित होकर सैकड़ों किसानों ने सदस्यता ली और चौधरी रिफाकत अली को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन शनिवार दोपहर कार्यालय पर किया गया। बैठक में मौजूदा हालात में किसानों और मजदूरों को आ रही परेशानियों, उनकी समस्याओं और समाधान के संभावित रास्तों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। संगठन की बढ़ती सक्रियता और लोकप्रियता को देखते हुए इस बैठक को संगठनात्मक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है। बैठक के दौरान संगठन के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए किसानों ने भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा की सदस्यता ग्रहण की। खास तौर पर बागपत जिले से आए किसानों की भागीदारी उल्लेखनीय रही। बागपत क्षेत्र से आए पूर्व प्रधान चौधरी रिफाकत अली और उनके सैकड़ों समर्थकों ने संगठन में शामिल होकर संगठन को और मजबूत किया। इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी शाह आलम ने चौधरी रिफाकत अली को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का अध्यक्ष नियुक्त करने की घोषणा की। और उनको नियुक्ति पत्र सोपा गया।नियुक्ति के बाद चौधरी रिफाकत अली ने कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों, मजदूरों और शोषित वर्ग की आवाज को मजबूती से उठाना उनकी प्राथमिकता होगी। साथ ही वे संगठन के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा बताई गई विचारधारा को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का काम करेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी शाह आलम ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं और मौजूदा हालात में उन्हें संगठित होकर अपने हक की लड़ाई लड़ने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि इस बैठक में किसानों को फसलों के उचित दाम, बढ़ती लागत, सिंचाई, बिजली और अन्य बुनियादी मुद्दों पर चर्चा की गई। साथ ही यह भी तय किया गया कि आने वाले समय में संगठन गांव-गांव जाकर किसानों की समस्याओं को सुनेगा और उनके समाधान के लिए संघर्ष करेगा। बैठक में मौजूद किसानों ने संगठन से जुड़कर अपनी एकजुटता का संदेश दिया। उनका कहना था कि भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा किसानों और मजदूरों के हितों की लड़ाई को मजबूती से उठा रहा है, इसी कारण बड़ी संख्या में लोग इससे जुड़ रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में संगठन को मजबूत करने और किसानों के हक की लड़ाई को और तेज करने का संकल्प लिया आज की इस महत्वपूर्ण बैठक में.... मौजूद रहें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष देवेंद्र अग्रवाल राष्ट्रीय महासचिव इंतजार राणा राष्ट्रीय मंत्री अमित कुमार राष्ट्रीय संगठन मंत्री सालिम त्यागी राष्ट्रीय महासचिव शौकत अंसारी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष हाजी इंतजार उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी जुल्फिकार उत्तर प्रदेश सचिव गुफरान राणा मंडल अध्यक्ष साजिद सैफी मंडल उपाध्यक्ष चौधरी ताहिर महिला प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती सुदेश महिला प्रदेश प्रभारी ललिता चौधरी मुजफ्फरनगर जिला अध्यक्ष शहीद राजा बागपत जिला अध्यक्ष मेहंदी हसन युवा प्रदेश उपाध्यक्ष शोएब राणा आदित्य सैकड़ो पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे
भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा का विस्तार, बागपत के चौधरी रिफाकत बनाया पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष मुजफ्फरनगर भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा के नियाजूपरा प्रदेश कार्यालय पर राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी शाह आलम के नेतृत्व में एक बैठक आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता महाराज जसवीर नाथ जी ने की और संचालन चौधरी जफरियाब ने किया आयोजित बैठक में संगठन के विस्तार के साथ किसानों की समस्याओं पर मंथन हुआ। बढ़ती लोकप्रियता से प्रभावित होकर सैकड़ों किसानों ने सदस्यता ली और चौधरी रिफाकत अली को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन शनिवार दोपहर कार्यालय पर किया गया। बैठक में मौजूदा हालात में किसानों और मजदूरों को आ रही परेशानियों, उनकी समस्याओं और समाधान के संभावित रास्तों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। संगठन की बढ़ती सक्रियता और लोकप्रियता को देखते हुए इस बैठक को संगठनात्मक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है। बैठक के दौरान संगठन के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए किसानों ने भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा की सदस्यता ग्रहण की। खास तौर पर बागपत जिले से आए किसानों की भागीदारी उल्लेखनीय रही। बागपत क्षेत्र से आए पूर्व प्रधान चौधरी रिफाकत अली और उनके सैकड़ों समर्थकों ने संगठन में शामिल होकर संगठन को और मजबूत किया। इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी शाह आलम ने चौधरी रिफाकत अली को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का अध्यक्ष नियुक्त करने की घोषणा की। और उनको नियुक्ति पत्र सोपा गया।नियुक्ति के बाद चौधरी रिफाकत अली ने कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे वे पूरी निष्ठा
और ईमानदारी से निभाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों, मजदूरों और शोषित वर्ग की आवाज को मजबूती से उठाना उनकी प्राथमिकता होगी। साथ ही वे संगठन के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा बताई गई विचारधारा को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का काम करेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी शाह आलम ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं और मौजूदा हालात में उन्हें संगठित होकर अपने हक की लड़ाई लड़ने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि इस बैठक में किसानों को फसलों के उचित दाम, बढ़ती लागत, सिंचाई, बिजली और अन्य बुनियादी मुद्दों पर चर्चा की गई। साथ ही यह भी तय किया गया कि आने वाले समय में संगठन गांव-गांव जाकर किसानों की समस्याओं को सुनेगा और उनके समाधान के लिए संघर्ष करेगा। बैठक में मौजूद किसानों ने संगठन से जुड़कर अपनी एकजुटता का संदेश दिया। उनका कहना था कि भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा किसानों और मजदूरों के हितों की लड़ाई को मजबूती से उठा रहा है, इसी कारण बड़ी संख्या में लोग इससे जुड़ रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में संगठन को मजबूत करने और किसानों के हक की लड़ाई को और तेज करने का संकल्प लिया आज की इस महत्वपूर्ण बैठक में.... मौजूद रहें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष देवेंद्र अग्रवाल राष्ट्रीय महासचिव इंतजार राणा राष्ट्रीय मंत्री अमित कुमार राष्ट्रीय संगठन मंत्री सालिम त्यागी राष्ट्रीय महासचिव शौकत अंसारी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष हाजी इंतजार उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी जुल्फिकार उत्तर प्रदेश सचिव गुफरान राणा मंडल अध्यक्ष साजिद सैफी मंडल उपाध्यक्ष चौधरी ताहिर महिला प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती सुदेश महिला प्रदेश प्रभारी ललिता चौधरी मुजफ्फरनगर जिला अध्यक्ष शहीद राजा बागपत जिला अध्यक्ष मेहंदी हसन युवा प्रदेश उपाध्यक्ष शोएब राणा आदित्य सैकड़ो पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे
- मुजफ्फरनगर के Nh 58 पुलिस चौकी रुड़की चुंगी के पास मैं लगा गंदगी का ढेर आने जाने वाले सभी व्यक्तियों को गंदगी की दुर्गंध वे स्थानीय लोगों को गंदगी का सामना करना पड़ रहा है इस गंदगी से काफी परेशानियां हो रही है आने जाने वाले सभी लोगों को इस दुर्गंध को झेलना पड़ता है प्रशासन इस चीज का ध्यान नहीं रख पा रहा है नगर पालिका द्वारा की यहां खुले में कूड़ा डाल रखा है आने वाली बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है1
- मुज़फ्फरनगर | खबर मुज़फ्फरनगर में पुलिस अधीक्षक यातायात अतुल चौबे के निर्देशानुसार शहर के प्रमुख अटल चौक पर ट्रैफिक पुलिस कर्मियों द्वारा रूटीन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान दोपहिया व चारपहिया वाहनों को रोककर दस्तावेज़ों की जांच, हेलमेट व सीट बेल्ट की अनिवार्यता सहित यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराया गया। अचानक हुई चेकिंग से वाहन चालकों में हड़कंप मचा रहा। आपको बता दें कि बढ़ती ठंड और घने कोहरे के चलते सड़क दुर्घटनाओं में इजाफा देखने को मिल रहा है, जिसे नियंत्रित करने के उद्देश्य से ट्रैफिक पुलिस पूरी तरह सतर्कता बरत रही है। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए इस प्रकार के अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। 🚦1
- Post by Ssnews UTTAR PRDESH1
- राष्ट्रीय महिला एकता संगठन1
- मुजफ्फरनगर गांव बिहारी सादात में हर साल की तरह इस साल भी हजरत अली की पैदाइश पर केक काटकर मनाया जशन1
- रिया किन्नर ने उठाई अंकिता भंडारी केस में सीबीआई जांच की मांग –महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार के खिलाफ रिया किन्नर का तीखा ऐलान मुजफ्फरनगर। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर देशभर में उठ रही चिंताओं के बीच सामाजिक कार्यकर्ता व किन्नर समाज की चर्चित आवाज रिया किन्नर ने एक बार फिर सत्ता और सिस्टम को कठघरे में खड़ा कर दिया है। चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में निष्पक्ष न्याय की मांग करते हुए रिया किन्नर ने मामले की सीबीआई जांच की जोरदार मांग की है। शनिवार को मीडिया सेंटर पर राष्ट्रीय महिला एकता संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष रिया किन्नर ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि अंकिता भंडारी जैसी बेटियों के साथ हुए जघन्य अपराध सिर्फ एक परिवार नहीं, बल्कि पूरे समाज की आत्मा को झकझोर देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिशें लगातार सामने आ रही हैं, जिससे जनता का भरोसा न्याय व्यवस्था से डगमगा रहा है। “महिलाओं की सुरक्षा में सेंध बर्दाश्त नहीं” रिया किन्नर ने महिलाओं पर बढ़ते अत्याचारों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि “अगर आज हम चुप रहे तो कल कोई भी बेटी सुरक्षित नहीं रहेगी। महिलाओं की सुरक्षा में सेंध किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ कानून बनाना काफी नहीं है, जब तक उन कानूनों को ईमानदारी से लागू नहीं किया जाएगा। पुलिस और प्रशासन की जवाबदेही तय किए बिना अपराधों पर लगाम लगाना संभव नहीं है। सड़कों से संसद तक लड़ाई का ऐलान रिया किन्नर ने चेतावनी दी कि अगर अंकिता भंडारी केस में सीबीआई जांच नहीं हुई तो यह लड़ाई सड़कों से लेकर संसद तक लड़ी जाएगी। उन्होंने किन्नर समाज सहित सभी सामाजिक संगठनों और महिलाओं से एकजुट होकर आवाज बुलंद करने की अपील की। सरकार से सीधा सवाल उन्होंने सरकार से सीधा सवाल करते हुए कहा कि “आखिर कब तक बेटियों को न्याय के लिए लड़ना पड़ेगा? क्या दोषियों को सजा दिलाने के लिए जनता को हर बार सड़कों पर उतरना ही पड़ेगा?” इस बयान के बाद रिया किन्नर का यह कदम सोशल मीडिया और जनआंदोलनों में चर्चा का विषय बन गया है। महिलाओं की सुरक्षा और न्याय की इस लड़ाई में एक बार फिर समाज के हर वर्ग से समर्थन की उम्मीद की जा रही है।1
- पेपर मिल का जहरीला पानी सिंचाई नाले में छोड़ा जा रहा, सूख गए राष्ट्रीय राजमार्ग के पेड़ मुजफ्फरनगर। जनपद में पर्यावरण और स्वास्थ्य से खिलवाड़ का एक बड़ा मामला सामने आया है। राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे सिंचाई विभाग के एक नाले में पेपर मिल का जहरीला औद्योगिक अपशिष्ट बेरोकटोक छोड़ा जा रहा है। इस प्रदूषित पानी के सिंचाई में इस्तेमाल का असर अब राजमार्ग पर लगे हजारों हरे-भरे पेड़ों को सुखा कर साफ दिखाई देने लगा है। विषैला पानी, सूखते पेड़ और चिंतित नागरिक स्थानीय ग्रामीणों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने पाया है कि एक निजी पेपर मिल की गंदगी को सिंचाई नाले में डाला जा रहा है। यह नाला स्थानीय किसानों द्वारा खेतों की सिंचाई के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है, जिससे जहरीले रसायन सीधे फसलों और मिट्टी में जा रहे हैं। इसी पानी को, जानकारी के अभाव या विकल्पहीनता में, राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) के किनारे हरियाली बनाए रखने के लिए भी उपयोग किया जा रहा है। अब उसी राजमार्ग के किनारे लगे पेड़ तेजी से मुरझाने और सूखने लगे हैं। बड़ी संख्या में पेड़ों का सूखना साफ इशारा कर रहा है कि पानी में मौजूद भारी रसायन और केमिकल्स पौधों की जड़ों को मार रहे हैं। पर्यावरणीय खतरा और स्वास्थ्य संकट पेपर मिलों के अपशिष्ट में क्लोरीन, डाइऑक्सिन, फरफ्यूरल और भारी धातु जैसे जहरीले तत्व पाए जाते हैं। जब यह पानी खेतों में जाता है, तो यह मिट्टी की सेहत को बर्बाद कर देता है, भूजल को जहरीला बना देता है और अंतत: फसलों के जरिए मानव शरीर में पहुंचकर गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकता है। पेड़ों का सूखना तो इस गंभीर समस्या का सिर्फ दृश्यमान हिस्सा है। पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के लिए यह एक बड़ा संकट है। विभागीय लापरवाही और जिम्मेदारों पर सवाल यह घटना मुजफ्फरनगर में सिंचाई विभाग की कार्यशैली पर एक बार फिर सवाल खड़े करती है। पिछले कुछ समय में विभाग अपने काम की घटिया गुणवत्ता के कारण विवादों में रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, सिंचाई विभाग द्वारा बनाई गई एक सड़क महज पांच दिन में ही उखड़ गई थी और उसमें घास उग आई थी। इस मामले में समाजसेवी सुमित मलिक ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए भूख हड़ताल तक की थी। ऐसे में, सवाल उठता है कि क्या उसी विभाग द्वारा संचालित नाले में जहरीला पानी छोड़ने की अनदेखी की जा रही है? क्या मिल मालिकों और निगरानी न करने वाले अधिकारियों के बीच कोई सांठगांठ है? किसान नेता और स्थानीय लोग पहले भी विभाग के खिलाफ आवाज उठा चुके हैं। नए साल के पहले दिन से ही एक कार्यकर्ता ने विभाग के 'घटिया खेल' के खिलाफ भूख हड़ताल जारी रखी हुई है। प्रशासन से मांग और भविष्य की चुनौती स्थानीय निवासी और पर्यावरण प्रेमी प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं: 1. सबसे पहले पेपर मिल द्वारा नाले में अपशिष्ट छोड़ने पर तुरंत रोक लगाई जाए। 2. प्रदूषित नाले के पानी और आसपास की मिट्टी का वैज्ञानिक परीक्षण कराया जाए। 3. सूखे पेड़ों की जगह नए पौधे लगाए जाएं, लेकिन शुद्ध पानी की व्यवस्था के साथ। 4. पिछले मामलों की तरह इस मामले में भी भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। राष्ट्रीय राजमार्ग पर सूखते हजारों पेड़ सिर्फ पेड़ नहीं मर रहे, बल्कि यह पूरे क्षेत्र के पर्यावरण और कृषि के लिए खतरे की घंटी है। प्रशासन की ओर से तुरंत और ठोस कार्रवाई ही इस संकट से निपट सकती है और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण दे सकती है।1
- मुजफ्फरनगर के ग्राम पीनना NHAI हाईवे पर किसानों ने दे रखा था 3 साल से धरना किसने की मांग थी कि यहां पर अंडर पास ना बनाएं किसने की मांग थी यहां पर पुल का निर्माण ही कराया जाए ताकि यहां से चार-पांच गांव के लिए रास्ता जाता है अंडर पास बनने पर जल भराव की समस्या ज्यादा रहती है इसी वजह से यहां पर पुल का निर्माण कराया जाएगा किसानों का 3 साल से धरना देखते हुए सरकार इस बात को मान गई है कि यहां पर अब पल का ही निर्माण कराया जाएगा फूल निर्माण के लिए जो रसूल से कम शुरू कर दिया गया1
- मुज़फ्फरनगर जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में नव निर्माण कार्य को लेकर अब स्पष्ट रूप से तेजी देखने को मिल रही है। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के सख्त निर्देशों के बाद निर्माण कार्य में आई रफ्तार ने प्रशासनिक सक्रियता का संकेत दिया है। वीडियो में दिखाई दे रही तस्वीरों में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि जिलाधिकारी कार्यालय के नव निर्माण को लेकर कार्य प्रगति पर है। लंबे समय से प्रस्तावित इस निर्माण को लेकर अब ज़मीनी स्तर पर काम तेज़ी से आगे बढ़ाया जा रहा है। निर्माण स्थल पर श्रमिकों की संख्या बढ़ाई गई है और आवश्यक संसाधन भी मौके पर मौजूद हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जिलाधिकारी उमेश मिश्रा स्वयं निर्माण कार्य की नियमित समीक्षा कर रहे हैं और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं। उद्देश्य है कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया जिलाधिकारी कार्यालय जल्द से जल्द तैयार हो सके, जिससे आम जनता और अधिकारियों दोनों को बेहतर व्यवस्था मिल सके। स्थानीय लोगों का भी मानना है कि निर्माण कार्य में आई यह तेजी भविष्य में प्रशासनिक कार्यों को और अधिक सुचारू बनाएगी। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि तय समयसीमा में यह नव निर्माण कार्य किस हद तक पूरा हो पाता है।1