रिया किन्नर ने उठाई अंकिता भंडारी केस में सीबीआई जांच की मांग –महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार के खिलाफ रिया किन्नर का तीखा ऐलान मुजफ्फरनगर। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर देशभर में उठ रही चिंताओं के बीच सामाजिक कार्यकर्ता व किन्नर समाज की चर्चित आवाज रिया किन्नर ने एक बार फिर सत्ता और सिस्टम को कठघरे में खड़ा कर दिया है। चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में निष्पक्ष न्याय की मांग करते हुए रिया किन्नर ने मामले की सीबीआई जांच की जोरदार मांग की है। शनिवार को मीडिया सेंटर पर राष्ट्रीय महिला एकता संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष रिया किन्नर ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि अंकिता भंडारी जैसी बेटियों के साथ हुए जघन्य अपराध सिर्फ एक परिवार नहीं, बल्कि पूरे समाज की आत्मा को झकझोर देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिशें लगातार सामने आ रही हैं, जिससे जनता का भरोसा न्याय व्यवस्था से डगमगा रहा है। “महिलाओं की सुरक्षा में सेंध बर्दाश्त नहीं” रिया किन्नर ने महिलाओं पर बढ़ते अत्याचारों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि “अगर आज हम चुप रहे तो कल कोई भी बेटी सुरक्षित नहीं रहेगी। महिलाओं की सुरक्षा में सेंध किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ कानून बनाना काफी नहीं है, जब तक उन कानूनों को ईमानदारी से लागू नहीं किया जाएगा। पुलिस और प्रशासन की जवाबदेही तय किए बिना अपराधों पर लगाम लगाना संभव नहीं है। सड़कों से संसद तक लड़ाई का ऐलान रिया किन्नर ने चेतावनी दी कि अगर अंकिता भंडारी केस में सीबीआई जांच नहीं हुई तो यह लड़ाई सड़कों से लेकर संसद तक लड़ी जाएगी। उन्होंने किन्नर समाज सहित सभी सामाजिक संगठनों और महिलाओं से एकजुट होकर आवाज बुलंद करने की अपील की। सरकार से सीधा सवाल उन्होंने सरकार से सीधा सवाल करते हुए कहा कि “आखिर कब तक बेटियों को न्याय के लिए लड़ना पड़ेगा? क्या दोषियों को सजा दिलाने के लिए जनता को हर बार सड़कों पर उतरना ही पड़ेगा?” इस बयान के बाद रिया किन्नर का यह कदम सोशल मीडिया और जनआंदोलनों में चर्चा का विषय बन गया है। महिलाओं की सुरक्षा और न्याय की इस लड़ाई में एक बार फिर समाज के हर वर्ग से समर्थन की उम्मीद की जा रही है।
रिया किन्नर ने उठाई अंकिता भंडारी केस में सीबीआई जांच की मांग –महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार के खिलाफ रिया किन्नर का तीखा ऐलान मुजफ्फरनगर। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर देशभर में उठ रही चिंताओं के बीच सामाजिक कार्यकर्ता व किन्नर समाज की चर्चित आवाज रिया किन्नर ने एक बार फिर सत्ता और सिस्टम को कठघरे में खड़ा कर दिया है। चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में निष्पक्ष न्याय की मांग करते हुए रिया किन्नर ने मामले की सीबीआई जांच की जोरदार मांग की है। शनिवार को मीडिया सेंटर पर राष्ट्रीय महिला एकता संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष रिया किन्नर ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि अंकिता भंडारी जैसी बेटियों के साथ हुए जघन्य अपराध सिर्फ एक परिवार नहीं, बल्कि पूरे समाज की आत्मा को झकझोर देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिशें लगातार सामने आ रही हैं, जिससे जनता का भरोसा न्याय व्यवस्था से डगमगा रहा है। “महिलाओं की सुरक्षा में सेंध बर्दाश्त नहीं” रिया किन्नर ने महिलाओं पर बढ़ते अत्याचारों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि “अगर आज हम चुप रहे तो कल कोई भी बेटी सुरक्षित नहीं रहेगी। महिलाओं की सुरक्षा में सेंध किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ कानून बनाना काफी नहीं है, जब तक उन कानूनों को ईमानदारी से लागू नहीं किया जाएगा। पुलिस और प्रशासन की जवाबदेही तय किए बिना अपराधों पर लगाम लगाना संभव नहीं है। सड़कों से संसद तक लड़ाई का ऐलान रिया किन्नर ने चेतावनी दी कि अगर अंकिता भंडारी केस में सीबीआई जांच नहीं हुई तो यह लड़ाई सड़कों से लेकर संसद तक लड़ी जाएगी। उन्होंने किन्नर समाज सहित सभी सामाजिक संगठनों और महिलाओं से एकजुट होकर आवाज बुलंद करने की अपील की। सरकार से सीधा सवाल उन्होंने सरकार से सीधा सवाल करते हुए कहा कि “आखिर कब तक बेटियों को न्याय के लिए लड़ना पड़ेगा? क्या दोषियों को सजा दिलाने के लिए जनता को हर बार सड़कों पर उतरना ही पड़ेगा?” इस बयान के बाद रिया किन्नर का यह कदम सोशल मीडिया और जनआंदोलनों में चर्चा का विषय बन गया है। महिलाओं की सुरक्षा और न्याय की इस लड़ाई में एक बार फिर समाज के हर वर्ग से समर्थन की उम्मीद की जा रही है।
- User7253Sukma, Chhattisgarh👏7 hrs ago
- मुज़फ्फरनगर!शहर की नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित आबकारी पुलिस चौकी पर शीत लहर के प्रकोप के बीच पुलिस कर्मी अलाव के सहारे पूरी तरह अलर्ट दिखाई दिए। आपको बता दें कि रविवार सुबह से ही मौसम ने अचानक करवट लेते हुए शीत लहर का विकराल रूप ले लिया है। कड़ाके की ठंड से जहां आम जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं पुलिस कर्मी बढ़ती सर्दी के बावजूद अपनी ड्यूटी पर मुस्तैदी से तैनात नज़र आ रहे हैं। कड़ाके की ठंड में भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों की यह सजगता प्रशंसनीय है। पुलिस प्रशासन द्वारा आवश्यक सतर्कता बरतते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है। ❄️👮♂️1
- मुजफ्फरनगर के Nh 58 पुलिस चौकी रुड़की चुंगी के पास मैं लगा गंदगी का ढेर आने जाने वाले सभी व्यक्तियों को गंदगी की दुर्गंध वे स्थानीय लोगों को गंदगी का सामना करना पड़ रहा है इस गंदगी से काफी परेशानियां हो रही है आने जाने वाले सभी लोगों को इस दुर्गंध को झेलना पड़ता है प्रशासन इस चीज का ध्यान नहीं रख पा रहा है नगर पालिका द्वारा की यहां खुले में कूड़ा डाल रखा है आने वाली बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है1
- Post by Ssnews UTTAR PRDESH1
- राष्ट्रीय महिला एकता संगठन1
- मुजफ्फरनगर गांव बिहारी सादात में हर साल की तरह इस साल भी हजरत अली की पैदाइश पर केक काटकर मनाया जशन1
- रिया किन्नर ने उठाई अंकिता भंडारी केस में सीबीआई जांच की मांग –महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार के खिलाफ रिया किन्नर का तीखा ऐलान मुजफ्फरनगर। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर देशभर में उठ रही चिंताओं के बीच सामाजिक कार्यकर्ता व किन्नर समाज की चर्चित आवाज रिया किन्नर ने एक बार फिर सत्ता और सिस्टम को कठघरे में खड़ा कर दिया है। चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में निष्पक्ष न्याय की मांग करते हुए रिया किन्नर ने मामले की सीबीआई जांच की जोरदार मांग की है। शनिवार को मीडिया सेंटर पर राष्ट्रीय महिला एकता संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष रिया किन्नर ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि अंकिता भंडारी जैसी बेटियों के साथ हुए जघन्य अपराध सिर्फ एक परिवार नहीं, बल्कि पूरे समाज की आत्मा को झकझोर देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिशें लगातार सामने आ रही हैं, जिससे जनता का भरोसा न्याय व्यवस्था से डगमगा रहा है। “महिलाओं की सुरक्षा में सेंध बर्दाश्त नहीं” रिया किन्नर ने महिलाओं पर बढ़ते अत्याचारों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि “अगर आज हम चुप रहे तो कल कोई भी बेटी सुरक्षित नहीं रहेगी। महिलाओं की सुरक्षा में सेंध किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ कानून बनाना काफी नहीं है, जब तक उन कानूनों को ईमानदारी से लागू नहीं किया जाएगा। पुलिस और प्रशासन की जवाबदेही तय किए बिना अपराधों पर लगाम लगाना संभव नहीं है। सड़कों से संसद तक लड़ाई का ऐलान रिया किन्नर ने चेतावनी दी कि अगर अंकिता भंडारी केस में सीबीआई जांच नहीं हुई तो यह लड़ाई सड़कों से लेकर संसद तक लड़ी जाएगी। उन्होंने किन्नर समाज सहित सभी सामाजिक संगठनों और महिलाओं से एकजुट होकर आवाज बुलंद करने की अपील की। सरकार से सीधा सवाल उन्होंने सरकार से सीधा सवाल करते हुए कहा कि “आखिर कब तक बेटियों को न्याय के लिए लड़ना पड़ेगा? क्या दोषियों को सजा दिलाने के लिए जनता को हर बार सड़कों पर उतरना ही पड़ेगा?” इस बयान के बाद रिया किन्नर का यह कदम सोशल मीडिया और जनआंदोलनों में चर्चा का विषय बन गया है। महिलाओं की सुरक्षा और न्याय की इस लड़ाई में एक बार फिर समाज के हर वर्ग से समर्थन की उम्मीद की जा रही है।1
- मौसम के मिजाज ने बढ़ाई किसानों की चिंता: बुवाई विलंब से खराब हो सकती है सरसों की फसल, फंगस रोग का खतरा मंडराया मुजफ्फरनगर, 04 जनवरी 2026। जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। समय पर लेथ (रबी की एक प्रमुख फसल) की बुवाई न हो पाने के कारण अब सरसों की फसल पर फंगस जनित रोगों के हमले का खतरा मंडराने लगा है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते सतर्कता और उचित प्रबंधन नहीं किया गया, तो इस सीजन में किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। जलवायु परिवर्तन और विलंबित बुवाई: एक दोहरी मार इस साल मानसून के देरी से विदा होने और बेमौसम बारिश के चलते जनपद के बड़े हिस्से में लेथ की बुवाई समय पर नहीं हो पाई। इस विलंब का सीधा असर अब सरसों पर पड़ने वाला है। विशेषज्ञ बताते हैं कि देर से बोई गई फसलें अक्सर कमजोर होती हैं और उनमें रोगों के प्रति प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। ऊपर से पिछले कुछ दिनों से दिन के तापमान में गिरावट और रात के समय कोहरे में बढ़ोतरी ने परिस्थितियों को और चिंताजनक बना दिया है। बढ़ता खतरा: झुलसा और सफेद रतुआ रोग कृषि विज्ञान केंद्र, मुजफ्फरनगर के एक वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक ने बताया, "वर्तमान में बढ़ी हुई नमी और कम तापमान का मिश्रण 'ऑल्टरनेरिया ब्लाइट' (झुलसा रोग) और 'व्हाइट रस्ट' (सफेद रतुआ) जैसे फंगस रोगों के लिए आदर्श स्थिति है। ये रोग पत्तियों, तनों और फलियों पर हमला करते हैं, जिससे पौधे की प्रकाश संश्लेषण की क्षमता कम हो जाती है और दाने ठीक से नहीं बन पाते। अगर रोकथाम न की गई, तो पैदावार में 30 से 50 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है।" किसानों की मुश्किलें और विभाग की सलाह जनपद के एक प्रगतिशील किसान सुरेंद्र सिंह ने बताया, "पहले ही बुवाई में देरी से चिंता थी, अब यह नया खतरा सामने आ गया है। कीटनाशकों का खर्च बढ़ेगा और मेहनत भी ज्यादा लगेगी।" इस चुनौती को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। इसमें फसल की नियमित निगरानी करने, शुरुआती लक्षण दिखते ही कवकनाशी दवाओं (जैसे कि मैंकोजेब या कॉपर ऑक्सीक्लोराइड का छिड़काव) का उपयोग करने और खेत में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखने की सलाह दी गई है। साथ ही, संतुलित मात्रा में नाइट्रोजन के प्रयोग पर जोर दिया गया है, क्योंकि अधिक नाइट्रोजन भी फंगस को बढ़ावा दे सकती है। जिले में कृषि संबंधी चुनौतियों का संदर्भ मुजफ्फरनगर जनपद में कृषि संबंधी मुद्दे नए नहीं हैं। इससे पहले भी सिंचाई विभाग द्वारा किए गए घटिया निर्माण कार्यों, जिसमें पांच दिन में उखड़ जाने वाली सड़क भी शामिल है, के कारण किसानों को सिंचाई सुविधाओं को लेकर दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। एक समाजसेवी द्वारा इन मुद्दों को उठाने के लिए भूख हड़ताल तक की गई थी। ऐसे में, फसलों पर रोगों का खतरा किसानों की मुश्किलों को और बढ़ा सकता है। क्या है समाधान का रास्ता? विशेषज्ञों का मानना है कि इस समस्या से निपटने के लिए दीर्घकालिक रणनीति पर काम करना होगा। शॉर्ट ड्यूरेशन और रोग प्रतिरोधी किस्मों के बीजों को बढ़ावा देना, जलवायु के अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाना और मौसम पूर्वानुमान के आधार पर किसानों को समय पर सलाह देना ही इसका समाधान है। अगर समय रहते सावधानी बरती गई, तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।2
- मुज़फ्फरनगर | खबर मुज़फ्फरनगर में पुलिस अधीक्षक यातायात अतुल चौबे के निर्देशानुसार शहर के प्रमुख अटल चौक पर ट्रैफिक पुलिस कर्मियों द्वारा रूटीन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान दोपहिया व चारपहिया वाहनों को रोककर दस्तावेज़ों की जांच, हेलमेट व सीट बेल्ट की अनिवार्यता सहित यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराया गया। अचानक हुई चेकिंग से वाहन चालकों में हड़कंप मचा रहा। आपको बता दें कि बढ़ती ठंड और घने कोहरे के चलते सड़क दुर्घटनाओं में इजाफा देखने को मिल रहा है, जिसे नियंत्रित करने के उद्देश्य से ट्रैफिक पुलिस पूरी तरह सतर्कता बरत रही है। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए इस प्रकार के अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। 🚦1
- मुजफ्फरनगर के ग्राम पीनना NHAI हाईवे पर किसानों ने दे रखा था 3 साल से धरना किसने की मांग थी कि यहां पर अंडर पास ना बनाएं किसने की मांग थी यहां पर पुल का निर्माण ही कराया जाए ताकि यहां से चार-पांच गांव के लिए रास्ता जाता है अंडर पास बनने पर जल भराव की समस्या ज्यादा रहती है इसी वजह से यहां पर पुल का निर्माण कराया जाएगा किसानों का 3 साल से धरना देखते हुए सरकार इस बात को मान गई है कि यहां पर अब पल का ही निर्माण कराया जाएगा फूल निर्माण के लिए जो रसूल से कम शुरू कर दिया गया1