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छबड़ा के भुवाखेड़ी स्थित ओशो आशीष ध्यान केंद्र में 23 जून 2026, मंगलवार को प्रातः लगभग 5 बजे एक अद्भुत और कौतूहलपूर्ण घटना हुई, जब केंद्र के परिसर में बने स्वीमिंग पूल में एक नाग दिखाई दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नागदेव कुछ समय तक पूल के जल में ऐसे विचरण करते रहे, मानो स्नान कर रहे हों, और फिर अचानक ही दृष्टि से ओझल हो गए। प्रातःकालीन गतिविधियों के लिए ध्यान केंद्र पहुंचे साधकों ने जब पूल में नाग को देखा, तो वे पहले तो आश्चर्यचकित रह गए, लेकिन बाद में उन्होंने श्रद्धा और उत्सुकता के साथ उसे निहारा। बताया गया कि नाग कुछ मिनटों तक जल में शांत भाव से रहा और फिर बिना किसी को नुकसान पहुंचाए रहस्यमयी ढंग से वहां से चला गया। इस घटना की सूचना क्षेत्र में फैलते ही यह लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई। कई श्रद्धालुओं ने इसे आध्यात्मिक दृष्टि से एक शुभ संकेत माना, वहीं कुछ लोगों ने इसे प्राकृतिक घटना बताते हुए वर्षा ऋतु में सर्पों के बाहर निकलने की सामान्य प्रक्रिया कहा। ध्यान केंद्र के संचालक एस. एल. नागर, स्वामी ध्यान गगन (जो ओशो संन्यासी हैं), और ध्यान केंद्र से जुड़े स्वामी ध्यान साक्षी और स्वामी ध्यान रामस्वरूपा सहित अन्य लोगों ने बताया कि केंद्र का परिसर प्राकृतिक वातावरण से घिरा हुआ है, जिसके कारण विभिन्न जीव-जंतु समय-समय पर यहां दिखाई देते रहते हैं। हालांकि, नाग के अचानक प्रकट होने और कुछ ही क्षणों बाद गायब हो जाने की इस घटना ने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। प्रातःकाल की इस अनोखी घटना को देखने वाले लोगों के बीच दिनभर इसकी चर्चा होती रही, और कई लोगों ने इसे प्रकृति व जीव-जगत के साथ सामंजस्य का एक सुंदर उदाहरण बताया, जबकि श्रद्धालुओं ने नागदेव के दर्शन को सौभाग्य का प्रतीक माना।

9 hrs ago
user_Alakh Jyoti Yog Present
Alakh Jyoti Yog Present
Yoga instructor Chhabra, Baran•
9 hrs ago

छबड़ा के भुवाखेड़ी स्थित ओशो आशीष ध्यान केंद्र में 23 जून 2026, मंगलवार को प्रातः लगभग 5 बजे एक अद्भुत और कौतूहलपूर्ण घटना हुई, जब केंद्र के परिसर में बने स्वीमिंग पूल में एक नाग दिखाई दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नागदेव कुछ समय तक पूल के जल में ऐसे विचरण करते रहे, मानो स्नान कर रहे हों, और फिर अचानक ही दृष्टि से ओझल हो गए। प्रातःकालीन गतिविधियों के लिए ध्यान केंद्र पहुंचे

साधकों ने जब पूल में नाग को देखा, तो वे पहले तो आश्चर्यचकित रह गए, लेकिन बाद में उन्होंने श्रद्धा और उत्सुकता के साथ उसे निहारा। बताया गया कि नाग कुछ मिनटों तक जल में शांत भाव से रहा और फिर बिना किसी को नुकसान पहुंचाए रहस्यमयी ढंग से वहां से चला गया। इस घटना की सूचना क्षेत्र में फैलते ही यह लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई। कई श्रद्धालुओं ने इसे

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आध्यात्मिक दृष्टि से एक शुभ संकेत माना, वहीं कुछ लोगों ने इसे प्राकृतिक घटना बताते हुए वर्षा ऋतु में सर्पों के बाहर निकलने की सामान्य प्रक्रिया कहा। ध्यान केंद्र के संचालक एस. एल. नागर, स्वामी ध्यान गगन (जो ओशो संन्यासी हैं), और ध्यान केंद्र से जुड़े स्वामी ध्यान साक्षी और स्वामी ध्यान रामस्वरूपा सहित अन्य लोगों ने बताया कि केंद्र का परिसर प्राकृतिक वातावरण से घिरा हुआ है, जिसके कारण विभिन्न जीव-जंतु समय-समय

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पर यहां दिखाई देते रहते हैं। हालांकि, नाग के अचानक प्रकट होने और कुछ ही क्षणों बाद गायब हो जाने की इस घटना ने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। प्रातःकाल की इस अनोखी घटना को देखने वाले लोगों के बीच दिनभर इसकी चर्चा होती रही, और कई लोगों ने इसे प्रकृति व जीव-जगत के साथ सामंजस्य का एक सुंदर उदाहरण बताया, जबकि श्रद्धालुओं ने नागदेव के दर्शन को सौभाग्य का प्रतीक माना।

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  • छबड़ा के भुवाखेड़ी स्थित ओशो आशीष ध्यान केंद्र में 23 जून 2026, मंगलवार को प्रातः लगभग 5 बजे एक अद्भुत और कौतूहलपूर्ण घटना हुई, जब केंद्र के परिसर में बने स्वीमिंग पूल में एक नाग दिखाई दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नागदेव कुछ समय तक पूल के जल में ऐसे विचरण करते रहे, मानो स्नान कर रहे हों, और फिर अचानक ही दृष्टि से ओझल हो गए। प्रातःकालीन गतिविधियों के लिए ध्यान केंद्र पहुंचे साधकों ने जब पूल में नाग को देखा, तो वे पहले तो आश्चर्यचकित रह गए, लेकिन बाद में उन्होंने श्रद्धा और उत्सुकता के साथ उसे निहारा। बताया गया कि नाग कुछ मिनटों तक जल में शांत भाव से रहा और फिर बिना किसी को नुकसान पहुंचाए रहस्यमयी ढंग से वहां से चला गया। इस घटना की सूचना क्षेत्र में फैलते ही यह लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई। कई श्रद्धालुओं ने इसे आध्यात्मिक दृष्टि से एक शुभ संकेत माना, वहीं कुछ लोगों ने इसे प्राकृतिक घटना बताते हुए वर्षा ऋतु में सर्पों के बाहर निकलने की सामान्य प्रक्रिया कहा। ध्यान केंद्र के संचालक एस. एल. नागर, स्वामी ध्यान गगन (जो ओशो संन्यासी हैं), और ध्यान केंद्र से जुड़े स्वामी ध्यान साक्षी और स्वामी ध्यान रामस्वरूपा सहित अन्य लोगों ने बताया कि केंद्र का परिसर प्राकृतिक वातावरण से घिरा हुआ है, जिसके कारण विभिन्न जीव-जंतु समय-समय पर यहां दिखाई देते रहते हैं। हालांकि, नाग के अचानक प्रकट होने और कुछ ही क्षणों बाद गायब हो जाने की इस घटना ने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। प्रातःकाल की इस अनोखी घटना को देखने वाले लोगों के बीच दिनभर इसकी चर्चा होती रही, और कई लोगों ने इसे प्रकृति व जीव-जगत के साथ सामंजस्य का एक सुंदर उदाहरण बताया, जबकि श्रद्धालुओं ने नागदेव के दर्शन को सौभाग्य का प्रतीक माना।
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    छबड़ा के भुवाखेड़ी स्थित ओशो आशीष ध्यान केंद्र में 23 जून 2026, मंगलवार को प्रातः लगभग 5 बजे एक अद्भुत और कौतूहलपूर्ण घटना हुई, जब केंद्र के परिसर में बने स्वीमिंग पूल में एक नाग दिखाई दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नागदेव कुछ समय तक पूल के जल में ऐसे विचरण करते रहे, मानो स्नान कर रहे हों, और फिर अचानक ही दृष्टि से ओझल हो गए। प्रातःकालीन गतिविधियों के लिए ध्यान केंद्र पहुंचे साधकों ने जब पूल में नाग को देखा, तो वे पहले तो आश्चर्यचकित रह गए, लेकिन बाद में उन्होंने श्रद्धा और उत्सुकता के साथ उसे निहारा। बताया गया कि नाग कुछ मिनटों तक जल में शांत भाव से रहा और फिर बिना किसी को नुकसान पहुंचाए रहस्यमयी ढंग से वहां से चला गया।

इस घटना की सूचना क्षेत्र में फैलते ही यह लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई। कई श्रद्धालुओं ने इसे आध्यात्मिक दृष्टि से एक शुभ संकेत माना, वहीं कुछ लोगों ने इसे प्राकृतिक घटना बताते हुए वर्षा ऋतु में सर्पों के बाहर निकलने की सामान्य प्रक्रिया कहा। ध्यान केंद्र के संचालक एस. एल. नागर, स्वामी ध्यान गगन (जो ओशो संन्यासी हैं), और ध्यान केंद्र से जुड़े स्वामी ध्यान साक्षी और स्वामी ध्यान रामस्वरूपा सहित अन्य लोगों ने बताया कि केंद्र का परिसर प्राकृतिक वातावरण से घिरा हुआ है, जिसके कारण विभिन्न जीव-जंतु समय-समय पर यहां दिखाई देते रहते हैं। हालांकि, नाग के अचानक प्रकट होने और कुछ ही क्षणों बाद गायब हो जाने की इस घटना ने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। प्रातःकाल की इस अनोखी घटना को देखने वाले लोगों के बीच दिनभर इसकी चर्चा होती रही, और कई लोगों ने इसे प्रकृति व जीव-जगत के साथ सामंजस्य का एक सुंदर उदाहरण बताया, जबकि श्रद्धालुओं ने नागदेव के दर्शन को सौभाग्य का प्रतीक माना।
    user_Alakh Jyoti Yog Present
    Alakh Jyoti Yog Present
    Yoga instructor Chhabra, Baran•
    9 hrs ago
  • गुना के फतेहगढ़ में एक 5 फीट ऊंची पुलिया के निर्माण का कार्य फिर से शुरू हो गया है, जिस पर ग्रामीणों ने कड़ा अल्टीमेटम दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे उनमें गहरा रोष है। ग्रामीणों के अनुसार, अधिकारियों के निरीक्षण के बावजूद इस मुद्दे का कोई संतोषजनक समाधान नहीं निकला है। ग्रामीणों ने इस बात पर जोर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा और भविष्य में होने वाली परेशानियों को देखते हुए पुलिया के डिजाइन में बदलाव किया जाना चाहिए। अपनी मांगों को अनसुना किए जाने पर ग्रामीणों ने अब स्पष्ट रूप से आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। यह जनहित का मुद्दा बन गया है, और ग्रामीण अपनी आवाज बुलंद कर अधिकारियों से तत्काल समाधान की मांग कर रहे हैं।
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    गुना के फतेहगढ़ में एक 5 फीट ऊंची पुलिया के निर्माण का कार्य फिर से शुरू हो गया है, जिस पर ग्रामीणों ने कड़ा अल्टीमेटम दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे उनमें गहरा रोष है।

ग्रामीणों के अनुसार, अधिकारियों के निरीक्षण के बावजूद इस मुद्दे का कोई संतोषजनक समाधान नहीं निकला है। ग्रामीणों ने इस बात पर जोर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा और भविष्य में होने वाली परेशानियों को देखते हुए पुलिया के डिजाइन में बदलाव किया जाना चाहिए।

अपनी मांगों को अनसुना किए जाने पर ग्रामीणों ने अब स्पष्ट रूप से आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। यह जनहित का मुद्दा बन गया है, और ग्रामीण अपनी आवाज बुलंद कर अधिकारियों से तत्काल समाधान की मांग कर रहे हैं।
    user_Pankaj Boudh
    Pankaj Boudh
    Local News Reporter छबड़ा, बारां, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • छीपाबड़ौद कस्बे में मंगलवार को इमाम हुसैन की याद में अलम सजदे का जुलूस अत्यंत श्रद्धा और परंपरागत तरीके से निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद, युवा और बच्चे शामिल हुए। मोहर्रम लाइसेंसधारी शकील हुसैन और नईम मोहम्मद ने बताया कि यह जुलूस हर वर्ष की तरह इस साल भी इमाम हुसैन की स्मृति में निकाला गया। जुलूस शाम 6 बजे मंसूरी मस्जिद, इमाम चौक से शुरू हुआ, जिसमें अलम और अखाड़े भी साथ रहे। यह सब्जी मंडी, बस स्टैंड और मुख्य बाजार से होते हुए निर्धारित मार्ग से गुजरा तथा रात 8 बजे इमाम चौक पर संपन्न हुआ। इस दौरान मार्ग में कई स्थानों पर जुलूस परंपरागत तरीके से रुका, जिसमें जुलूस कमेटी के सभी जिम्मेदारान और समाज के अकीदतमंद सक्रिय रूप से साथ रहे। मोहर्रम कमेटी के आगामी कार्यक्रम के अनुसार, 25 जून गुरुवार को रात्रि में और 26 जून शुक्रवार को दिन में मोहर्रम के जुलूस निकाले जाएंगे।
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    छीपाबड़ौद कस्बे में मंगलवार को इमाम हुसैन की याद में अलम सजदे का जुलूस अत्यंत श्रद्धा और परंपरागत तरीके से निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद, युवा और बच्चे शामिल हुए। मोहर्रम लाइसेंसधारी शकील हुसैन और नईम मोहम्मद ने बताया कि यह जुलूस हर वर्ष की तरह इस साल भी इमाम हुसैन की स्मृति में निकाला गया। जुलूस शाम 6 बजे मंसूरी मस्जिद, इमाम चौक से शुरू हुआ, जिसमें अलम और अखाड़े भी साथ रहे। यह सब्जी मंडी, बस स्टैंड और मुख्य बाजार से होते हुए निर्धारित मार्ग से गुजरा तथा रात 8 बजे इमाम चौक पर संपन्न हुआ। इस दौरान मार्ग में कई स्थानों पर जुलूस परंपरागत तरीके से रुका, जिसमें जुलूस कमेटी के सभी जिम्मेदारान और समाज के अकीदतमंद सक्रिय रूप से साथ रहे।

मोहर्रम कमेटी के आगामी कार्यक्रम के अनुसार, 25 जून गुरुवार को रात्रि में और 26 जून शुक्रवार को दिन में मोहर्रम के जुलूस निकाले जाएंगे।
    user_User10561
    User10561
    छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • छीपाबड़ौद कस्बे में मंगलवार को इमाम हुसैन की याद में अलम सजदे का एक पारंपरिक जुलूस निकाला गया। यह जुलूस शाम 6 बजे मंसूरी मस्जिद इमाम चौक से शुरू हुआ और रात 8 बजे उसी स्थान पर समाप्त हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया। मोहर्रम लाइसेंसधारी शकिल हुसैन और नईम मोहम्मद ने जानकारी दी कि यह जुलूस हर साल की तरह इस वर्ष भी पूरी तरह से पारंपरिक तरीके से निकाला गया। जुलूस मंसूरी मस्जिद इमाम चौक से प्रारंभ होकर सब्जी मंडी, बस स्टैंड और मुख्य बाजार सहित निर्धारित मार्ग से गुजरा। इस दौरान अलम और अखाड़ा भी जुलूस के साथ थे, जिसमें युवाओं और बच्चों ने विशेष रूप से भाग लिया। जुलूस कमेटी के सभी जिम्मेदारान और समाज के समस्त अकीदतमंद सदस्य पूरे रास्ते जुलूस के साथ रहे। आगामी दिनों में, 25 जून गुरुवार की रात और 26 जून शुक्रवार के दिन छीपाबड़ौद में मोहर्रम निकाले जाएंगे।
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    छीपाबड़ौद कस्बे में मंगलवार को इमाम हुसैन की याद में अलम सजदे का एक पारंपरिक जुलूस निकाला गया। यह जुलूस शाम 6 बजे मंसूरी मस्जिद इमाम चौक से शुरू हुआ और रात 8 बजे उसी स्थान पर समाप्त हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया।

मोहर्रम लाइसेंसधारी शकिल हुसैन और नईम मोहम्मद ने जानकारी दी कि यह जुलूस हर साल की तरह इस वर्ष भी पूरी तरह से पारंपरिक तरीके से निकाला गया। जुलूस मंसूरी मस्जिद इमाम चौक से प्रारंभ होकर सब्जी मंडी, बस स्टैंड और मुख्य बाजार सहित निर्धारित मार्ग से गुजरा। इस दौरान अलम और अखाड़ा भी जुलूस के साथ थे, जिसमें युवाओं और बच्चों ने विशेष रूप से भाग लिया। जुलूस कमेटी के सभी जिम्मेदारान और समाज के समस्त अकीदतमंद सदस्य पूरे रास्ते जुलूस के साथ रहे।

आगामी दिनों में, 25 जून गुरुवार की रात और 26 जून शुक्रवार के दिन छीपाबड़ौद में मोहर्रम निकाले जाएंगे।
    user_इंसाफ अली पत्रकार छीपाबड़ौद
    इंसाफ अली पत्रकार छीपाबड़ौद
    Local News Reporter छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • नाभि जटका प्रयोग से संबंधित जानकारी उपलब्ध है।
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    नाभि जटका प्रयोग से संबंधित जानकारी उपलब्ध है।
    user_Jagdish Chandra Sharma
    Jagdish Chandra Sharma
    Video Creator छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • पनवाड़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत लायफल में राज्य सरकार द्वारा आयोजित एक ग्रामीण सेवा शिविर का सफलतापूर्वक समापन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस शिविर में पहुँचे ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं और परिवादों को संबंधित अधिकारियों ने ध्यानपूर्वक सुना, जिसके उपरांत उन्हें मौके पर ही इन समस्याओं के तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए गए।
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    पनवाड़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत लायफल में राज्य सरकार द्वारा आयोजित एक ग्रामीण सेवा शिविर का सफलतापूर्वक समापन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस शिविर में पहुँचे ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं और परिवादों को संबंधित अधिकारियों ने ध्यानपूर्वक सुना, जिसके उपरांत उन्हें मौके पर ही इन समस्याओं के तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए गए।
    user_Ram raj Nagar
    Ram raj Nagar
    Local News Reporter खानपुर, झालावाड़, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • झालावाड़ जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने आमजन से 'झगड़ा प्रथा' के दुष्परिणामों को लेकर एक विशेष अपील की है। इस अपील के माध्यम से उन्होंने इस प्रथा के नकारात्मक प्रभावों के प्रति लोगों को सचेत करने का प्रयास किया है।
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    झालावाड़ जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने आमजन से 'झगड़ा प्रथा' के दुष्परिणामों को लेकर एक विशेष अपील की है। इस अपील के माध्यम से उन्होंने इस प्रथा के नकारात्मक प्रभावों के प्रति लोगों को सचेत करने का प्रयास किया है।
    user_हर क्षेत्र की खबर
    हर क्षेत्र की खबर
    Local News Reporter खानपुर, झालावाड़, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • बारां जिले के छीपाबड़ौद तहसील क्षेत्र के उतावली गांव में मंगलवार सुबह करीब 8 बजे चारागाह भूमि को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। लंबे समय से चल रहे इस विवाद के दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते यह विवाद लाठी-गंडासों से मारपीट में बदल गया। इस संघर्ष में कुल 11 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें 2 महिलाएं और 9 पुरुष शामिल हैं। कई घायलों के सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। घायलों में एक पक्ष से डाली बाई, रामप्रसाद, नरेंद्र, त्रिलोक, सोनू, मोनू और गुड्डी बाई शामिल हैं, जबकि दूसरे पक्ष से लक्ष्मीचंद, पुष्करराज, जगदीश और हरीश घायल हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। एएसआई इस्लाम खान ने जानकारी दी कि दोनों पक्षों की ओर से रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है और पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, साथ ही विवाद के कारणों की पड़ताल भी की जा रही है। घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छीपाबड़ौद लाया गया, लेकिन वहां सही उपचार न मिलने का आरोप लगाते हुए उन्होंने अस्पताल के सामने आधे घंटे तक जाम लगा दिया। इस हंगामे के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और परिजनों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया और जाम खुलवाया। एएसआई इस्लाम खान के अनुसार, प्राथमिक उपचार के बाद पहले दोनों पक्षों के 2-2 गंभीर घायलों को बारां रेफर किया गया था, और बाद में परिजनों की नाराजगी के चलते शेष सभी घायलों को भी बारां जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
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    बारां जिले के छीपाबड़ौद तहसील क्षेत्र के उतावली गांव में मंगलवार सुबह करीब 8 बजे चारागाह भूमि को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। लंबे समय से चल रहे इस विवाद के दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते यह विवाद लाठी-गंडासों से मारपीट में बदल गया। इस संघर्ष में कुल 11 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें 2 महिलाएं और 9 पुरुष शामिल हैं। कई घायलों के सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं।

घायलों में एक पक्ष से डाली बाई, रामप्रसाद, नरेंद्र, त्रिलोक, सोनू, मोनू और गुड्डी बाई शामिल हैं, जबकि दूसरे पक्ष से लक्ष्मीचंद, पुष्करराज, जगदीश और हरीश घायल हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। एएसआई इस्लाम खान ने जानकारी दी कि दोनों पक्षों की ओर से रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है और पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, साथ ही विवाद के कारणों की पड़ताल भी की जा रही है।

घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छीपाबड़ौद लाया गया, लेकिन वहां सही उपचार न मिलने का आरोप लगाते हुए उन्होंने अस्पताल के सामने आधे घंटे तक जाम लगा दिया। इस हंगामे के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और परिजनों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया और जाम खुलवाया। एएसआई इस्लाम खान के अनुसार, प्राथमिक उपचार के बाद पहले दोनों पक्षों के 2-2 गंभीर घायलों को बारां रेफर किया गया था, और बाद में परिजनों की नाराजगी के चलते शेष सभी घायलों को भी बारां जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
    user_User10561
    User10561
    छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
    8 hrs ago
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