मध्य प्रदेश के सुंदर कुशवाहा (छिपरी) ने आरोप लगाया है कि बच्चों की पढ़ाई को लेकर एक शिक्षिका के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के बाद उन्हें न केवल शारीरिक हमले का सामना करना पड़ा, बल्कि अब झूठे आरोपों और धमकियों से भी जूझना पड़ रहा है। कुशवाहा जी के अनुसार, उन्होंने 181 हेल्पलाइन पर शिकायत की थी कि एक शिक्षिका नियमित रूप से बच्चों को पढ़ाने के बजाय सिर्फ हस्ताक्षर करने विद्यालय आती हैं। इस शिकायत के बाद उन्हें विद्यालय बुलाया गया, जहाँ उनके साथ मारपीट की गई। इसके बाद जब सुंदर कुशवाहा लिधौरा थाने शिकायत लेकर पहुँचे, तो उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ छेड़छाड़ का झूठा आरोप लगाने की कोशिश की गई और उन्हें लगातार धमकियाँ मिल रही हैं। उनका यह भी आरोप है कि उनकी शिकायत पर अब तक कोई उचित एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। इस पूरे मामले को लेकर यह स्पष्ट माँग की गई है कि यदि कोई नागरिक बच्चों की शिक्षा और विद्यालय की व्यवस्था के संबंध में शिकायत करता है, तो उसकी निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए। साथ ही, यदि किसी के साथ मारपीट या धमकी हुई है, तो कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। माननीय पुलिस अधीक्षक, टीकमगढ़ से विनम्र निवेदन किया गया है कि वे पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जाँच कराएं और यदि प्रथम दृष्टया अपराध बनता है तो तत्काल एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करें, ताकि शिकायतकर्ता की सुरक्षा और बच्चों के भविष्य के हित दोनों सुरक्षित रह सकें, क्योंकि बच्चों के भविष्य के लिए आवाज़ उठाना अपराध नहीं हो सकता।
मध्य प्रदेश के सुंदर कुशवाहा (छिपरी) ने आरोप लगाया है कि बच्चों की पढ़ाई को लेकर एक शिक्षिका के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के बाद उन्हें न केवल शारीरिक हमले का सामना करना पड़ा, बल्कि अब झूठे आरोपों और धमकियों से भी जूझना पड़ रहा है। कुशवाहा जी के अनुसार, उन्होंने 181 हेल्पलाइन पर शिकायत की थी कि एक शिक्षिका नियमित रूप से बच्चों को पढ़ाने के बजाय सिर्फ हस्ताक्षर करने विद्यालय आती हैं। इस शिकायत के बाद उन्हें विद्यालय बुलाया गया, जहाँ उनके साथ मारपीट की गई। इसके बाद जब सुंदर कुशवाहा लिधौरा थाने शिकायत लेकर पहुँचे, तो उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ छेड़छाड़ का झूठा आरोप लगाने की कोशिश की गई और उन्हें लगातार धमकियाँ मिल रही हैं। उनका यह भी आरोप है कि उनकी शिकायत पर अब तक कोई उचित एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। इस पूरे मामले को लेकर यह स्पष्ट माँग की गई है कि यदि कोई नागरिक बच्चों की शिक्षा और विद्यालय की व्यवस्था के संबंध में शिकायत करता है, तो उसकी निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए। साथ ही, यदि किसी के साथ मारपीट या धमकी हुई है, तो कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। माननीय पुलिस अधीक्षक, टीकमगढ़ से विनम्र निवेदन किया गया है कि वे पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जाँच कराएं और यदि प्रथम दृष्टया अपराध बनता है तो तत्काल एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करें, ताकि शिकायतकर्ता की सुरक्षा और बच्चों के भविष्य के हित दोनों सुरक्षित रह सकें, क्योंकि बच्चों के भविष्य के लिए आवाज़ उठाना अपराध नहीं हो सकता।
- बिहार में शराब की दुकानों से संबंधित पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक फरमान जारी है। यह फरमान राज्य में शराब की बिक्री से जुड़े पहलुओं पर केंद्रित है।1
- ओरछा के जामुनी नदी हत्याकांड से जुड़े एक फरार आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के उपरांत, पुलिस ने इस आरोपी को न्यायालय में पेश किया है।1
- झांसी के मऊरानीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम वीरा में खेत पर तार फेंसिंग कराने को लेकर एक गंभीर विवाद सामने आया है। गांव निवासी रोशनी खातून ने अपने पड़ोसी किसानों पर फेंसिंग तोड़ने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है, जिसके बाद उन्होंने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। रविवार दोपहर करीब 2 बजे थाना पुलिस को दिए अपने शिकायती पत्र में रोशनी खातून ने बताया कि उन्होंने अपनी कृषि भूमि की सरकारी पैमाइश कराई है और अपनी मूंगफली की फसल की सुरक्षा के लिए खेत पर तार फेंसिंग करवा रही थीं। आरोप है कि पड़ोसी यासीन खान, कमलू और हनीफ ने फेंसिंग का विरोध करते हुए पहले मजदूरों को धमकाकर भगा दिया। इसके बाद, उन्होंने महिला के साथ गाली-गलौज, मारपीट और अभद्रता की तथा जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने खेत की तार फेंसिंग और मेड़ को भी क्षतिग्रस्त कर दिया है। महिला ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है, जिसके बाद पुलिस ने शिकायत मिलने पर मामले की जांच शुरू कर दी है।2
- जतारा थाना क्षेत्र के रामराजा कॉलोनी, गांधी ग्राम स्थित एक सूने घर से अज्ञात चोरों ने लाखों के गहने और नकदी चोरी कर ली। यह वारदात उस समय हुई जब घर के सदस्य अपने एक बीमार भाई का स्वास्थ्य देखने के लिए टीकमगढ़ गए हुए थे। वापस लौटने पर उन्हें मोहल्ले वालों से सूचना मिली कि उनके घर के गेट खुले हैं, जिसके बाद उन्होंने देखा कि घर के ताले टूटे पड़े थे और अंदर से जेवरात व नकदी गायब थे। इस चोरी की सूचना तत्काल जतारा पुलिस को दी गई। पुलिस दल मौके पर पहुंचा और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पीड़ित परिवार की ओर से अनीता घोष ने पुलिस को एक लिखित आवेदन दिया है, जिसे जांच के लिए भेजा गया है। इसके अतिरिक्त, पुलिस को घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी सौंपी गई है, जिसमें चोरी की पूरी घटना स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। पीड़ित परिजनों ने पुलिस से शीघ्र आरोपियों को पकड़ने और चोरी का सामान बरामद करने की मांग की है।1
- मध्य प्रदेश के सुंदर कुशवाहा (छिपरी) ने आरोप लगाया है कि बच्चों की पढ़ाई को लेकर एक शिक्षिका के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के बाद उन्हें न केवल शारीरिक हमले का सामना करना पड़ा, बल्कि अब झूठे आरोपों और धमकियों से भी जूझना पड़ रहा है। कुशवाहा जी के अनुसार, उन्होंने 181 हेल्पलाइन पर शिकायत की थी कि एक शिक्षिका नियमित रूप से बच्चों को पढ़ाने के बजाय सिर्फ हस्ताक्षर करने विद्यालय आती हैं। इस शिकायत के बाद उन्हें विद्यालय बुलाया गया, जहाँ उनके साथ मारपीट की गई। इसके बाद जब सुंदर कुशवाहा लिधौरा थाने शिकायत लेकर पहुँचे, तो उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ छेड़छाड़ का झूठा आरोप लगाने की कोशिश की गई और उन्हें लगातार धमकियाँ मिल रही हैं। उनका यह भी आरोप है कि उनकी शिकायत पर अब तक कोई उचित एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। इस पूरे मामले को लेकर यह स्पष्ट माँग की गई है कि यदि कोई नागरिक बच्चों की शिक्षा और विद्यालय की व्यवस्था के संबंध में शिकायत करता है, तो उसकी निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए। साथ ही, यदि किसी के साथ मारपीट या धमकी हुई है, तो कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। माननीय पुलिस अधीक्षक, टीकमगढ़ से विनम्र निवेदन किया गया है कि वे पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जाँच कराएं और यदि प्रथम दृष्टया अपराध बनता है तो तत्काल एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करें, ताकि शिकायतकर्ता की सुरक्षा और बच्चों के भविष्य के हित दोनों सुरक्षित रह सकें, क्योंकि बच्चों के भविष्य के लिए आवाज़ उठाना अपराध नहीं हो सकता।1