जतारा थाना क्षेत्र के रामराजा कॉलोनी, गांधी ग्राम स्थित एक सूने घर से अज्ञात चोरों ने लाखों के गहने और नकदी चोरी कर ली। यह वारदात उस समय हुई जब घर के सदस्य अपने एक बीमार भाई का स्वास्थ्य देखने के लिए टीकमगढ़ गए हुए थे। वापस लौटने पर उन्हें मोहल्ले वालों से सूचना मिली कि उनके घर के गेट खुले हैं, जिसके बाद उन्होंने देखा कि घर के ताले टूटे पड़े थे और अंदर से जेवरात व नकदी गायब थे। इस चोरी की सूचना तत्काल जतारा पुलिस को दी गई। पुलिस दल मौके पर पहुंचा और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पीड़ित परिवार की ओर से अनीता घोष ने पुलिस को एक लिखित आवेदन दिया है, जिसे जांच के लिए भेजा गया है। इसके अतिरिक्त, पुलिस को घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी सौंपी गई है, जिसमें चोरी की पूरी घटना स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। पीड़ित परिजनों ने पुलिस से शीघ्र आरोपियों को पकड़ने और चोरी का सामान बरामद करने की मांग की है।
जतारा थाना क्षेत्र के रामराजा कॉलोनी, गांधी ग्राम स्थित एक सूने घर से अज्ञात चोरों ने लाखों के गहने और नकदी चोरी कर ली। यह वारदात उस समय हुई जब घर के सदस्य अपने एक बीमार भाई का स्वास्थ्य देखने के लिए टीकमगढ़ गए हुए थे। वापस लौटने पर उन्हें मोहल्ले वालों से सूचना मिली कि उनके घर के गेट खुले हैं, जिसके बाद उन्होंने देखा कि घर के ताले टूटे पड़े थे और अंदर से जेवरात व नकदी गायब थे। इस चोरी की सूचना तत्काल जतारा पुलिस को दी गई। पुलिस दल मौके पर पहुंचा और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पीड़ित परिवार की ओर से अनीता घोष ने पुलिस को एक लिखित आवेदन दिया है, जिसे जांच के लिए भेजा गया है। इसके अतिरिक्त, पुलिस को घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी सौंपी गई है, जिसमें चोरी की पूरी घटना स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। पीड़ित परिजनों ने पुलिस से शीघ्र आरोपियों को पकड़ने और चोरी का सामान बरामद करने की मांग की है।
- जतारा थाना क्षेत्र के रामराजा कॉलोनी, गांधी ग्राम स्थित एक सूने घर से अज्ञात चोरों ने लाखों के गहने और नकदी चोरी कर ली। यह वारदात उस समय हुई जब घर के सदस्य अपने एक बीमार भाई का स्वास्थ्य देखने के लिए टीकमगढ़ गए हुए थे। वापस लौटने पर उन्हें मोहल्ले वालों से सूचना मिली कि उनके घर के गेट खुले हैं, जिसके बाद उन्होंने देखा कि घर के ताले टूटे पड़े थे और अंदर से जेवरात व नकदी गायब थे। इस चोरी की सूचना तत्काल जतारा पुलिस को दी गई। पुलिस दल मौके पर पहुंचा और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पीड़ित परिवार की ओर से अनीता घोष ने पुलिस को एक लिखित आवेदन दिया है, जिसे जांच के लिए भेजा गया है। इसके अतिरिक्त, पुलिस को घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी सौंपी गई है, जिसमें चोरी की पूरी घटना स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। पीड़ित परिजनों ने पुलिस से शीघ्र आरोपियों को पकड़ने और चोरी का सामान बरामद करने की मांग की है।1
- नगर परिषद पलेरा के वार्ड क्रमांक 4 में एक निर्माणाधीन सीसी सड़क को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। वार्डवासियों ने ठेकेदार पर सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन न करने और घटिया सामग्री का उपयोग करने के आरोप लगाए हैं। शिकायत में कहा गया है कि ठेकेदार एस्टीमेट के विपरीत काम कर रहा है, और जब वार्डवासियों ने इसका विरोध किया तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। इस मामले की लिखित शिकायत तहसीलदार और पलेरा थाना में दर्ज कराई गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क बनाने में घटिया गुणवत्ता की सीमेंट, कम मात्रा में गिट्टी और निम्न स्तर की रेत का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे सड़क की मजबूती पर सवाल खड़े हो गए हैं। निर्माण कार्य की गुणवत्ता से नाराज वार्डवासियों ने मौके पर ही काम रुकवा दिया और अपना विरोध दर्ज कराया। उनका कहना है कि यदि इसी तरह का निर्माण जारी रहा, तो सड़क जल्द ही खराब हो जाएगी और सरकारी धन का दुरुपयोग होगा। वार्डवासियों ने अपने आवेदन में यह भी आरोप लगाया है कि शिकायत और विरोध करने पर ठेकेदार ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी, जिससे लोगों में भय का माहौल है। पीड़ित वार्डवासियों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की तकनीकी जांच करवाने और दोषी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की है। इसके साथ ही, वार्डवासियों ने यह भी मांग की है कि सड़क का निर्माण निर्धारित मानकों और गुणवत्तापूर्ण सामग्री से कराया जाए।1
- बल्देवगढ़ में समय पर स्कूल न खुलने का विरोध करने पर एक शिक्षक ग्रामीणों पर बुरी तरह भड़क गए। इस दौरान शिक्षक ने ग्रामीणों को अपशब्द कहे, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।1
- टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ क्षेत्र में एक शासकीय विद्यालय के समय पर न खुलने को लेकर ग्रामीण और एक शिक्षक के बीच तीखी बहस हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि विरोध जताने पर संबंधित शिक्षक ने उनके साथ न केवल अभद्र व्यवहार किया, बल्कि लोधी समाज के प्रति भी अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया। इस घटना के बाद ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और संबंधित शिक्षक के खिलाफ उचित कार्रवाई करने पर ज़ोर दिया है। समाचार संस्थान ने यह भी बताया कि यदि शिक्षक की ओर से कोई पक्ष या स्पष्टीकरण सामने आता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।1
- मध्य प्रदेश के बल्देवगढ़ में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक शिक्षक समय पर स्कूल न खुलने का विरोध कर रहे ग्रामीणों को अपशब्द कहता हुआ दिखाई दे रहा है। शिक्षक ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन से भड़क गया था, जिसके बाद उसने अनुचित शब्दों का प्रयोग किया। इस घटना के संबंध में ओबीसी चतुर्भुज कुशवाहा, विवेक श्रोत्रिय, कलेक्टर टीकमगढ़ नीलेश दादा यादव, उत्तम नापित, सीताराम लोधी, राजपूत फुटेर, और पीआरओ टीकमगढ़ डॉ. कौशल प्रजापति को टैग किया गया है।1
- टीकमगढ़ जिले के पलेरा तहसील अंतर्गत बराना ग्राम पंचायत में दबंगों ने गौचर की शासकीय भूमि पर करीब आठ साल से कब्जा कर बुबाई कर दी है, जिसके चलते मवेशी सड़कों पर आ गए हैं। इस अतिक्रमण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। यह घटना पलेरा तहसील और जतारा विधानसभा के बराना खास क्षेत्र की है, जहाँ खुलेआम दबंग ट्रैक्टरों से जुताई करते और फसल बोते नजर आ रहे हैं। बरना ग्राम पंचायत के अंतर्गत खसरा नंबर 649/7 की 12.456 हेक्टेयर गौचर भूमि पर कब्जा किया गया है, जिससे शासन को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। बताया गया है कि प्रदेश सरकार और टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोती द्वारा गौचर भूमि से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए जाने के बावजूद, स्थानीय प्रशासन इस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पाया है। बराना के सरपंच ने मुख्यमंत्री से लेकर जिले के कलेक्टर, पलेरा तहसीलदार और जतारा एसडीएम सहित निचले स्तर के अधिकारियों तक ऑनलाइन माध्यम से कई शिकायतें की हैं, लेकिन प्रशासन उक्त जमीन को मुक्त कराने में लगातार असफल रहा है। सरपंच का आरोप है कि उच्च स्तरीय अधिकारियों से लेकर निचले स्तर के अधिकारियों की मिलीभगत के कारण दबंगों ने प्रशासन की कार्रवाई के बाद भी पुनः गौचर जमीन पर बुवाई कर फसल खड़ी करने की तैयारी कर ली है। सरपंच ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासनिक स्तर पर गौचर की जमीन मुक्त नहीं कराई गई, तो ग्रामीण 'चक्का जाम' कर प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे। यह देखना बाकी है कि प्रशासन इस अतिक्रमित भूमि को मुक्त करा पाता है या एक बार फिर असफल साबित होता है।1
- टीकमगढ़ के छिपरी से सुंदर कुशवाहा सर ने 181 पर एक महिला शिक्षिका की शिकायत दर्ज कराई थी, जो एक बड़े घराने से आती हैं। शिकायत में कहा गया था कि वह शिक्षिका स्कूल में केवल दस्तखत करने आती हैं और बच्चों को नियमित रूप से पढ़ाती नहीं हैं। इस शिकायत के बाद, स्कूल के प्रिंसिपल ने सुंदर सरजी को स्कूल बुलाया और महिला शिक्षिका के देवर से उन्हें पिटवा दिया। मारपीट के बाद, जब सुंदर सर अपनी शिकायत लेकर लिधोरा थाने पहुँचे, तो महिला शिक्षिका भी वहाँ पहुँच गईं और सुंदर कुशवाहा सर पर छेड़छाड़ का झूठा आरोप लगा दिया, जिसे एक साज़िश का हिस्सा बताया गया है। अब सुंदर सर को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। आरोप है कि शिक्षिका के परिजन शिकायतकर्ता की जान के पीछे पड़े हैं, जबकि बच्चों के भविष्य के लिए स्कूल को सुचारू रूप से चलाने की मांग करना इतना बड़ा गुनाह बन गया है। इस गंभीर मामले में पुलिस अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं कर रही है। हृदेश कुशवाहा, जो जिला पंचायत सदस्य, प्रांतीय कुशवाहा समाज टीकमगढ़ के जिलाध्यक्ष और आज़ाद समाज पार्टी मध्यप्रदेश के प्रदेश महासचिव हैं, ने एसपी टीकमगढ़ से इस घटना का संज्ञान लेने और तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराकर कार्यवाही करने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो सुंदर सर और बच्चों के भविष्य की सुरक्षा के लिए उन्हें आपका दरवाज़ा खटखटाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।1