अटरिया,ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद किसान को नहीं मिली खाद, धरावा सहकारी समिति पर कालाबाजारी का आरोप; मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद किसान को नहीं मिली खाद, धरावा सहकारी समिति पर कालाबाजारी का आरोप; मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत संवाददाता, नरेश गुप्ता अटरिया सीतापुर। जनपद के सिधौली तहसील अंतर्गत अटरिया थाना क्षेत्र में किसानों को खाद वितरण में कथित अनियमितता और कालाबाजारी का मामला सामने आया है। बेडसापुर गांव निवासी किसान मुंशीलाल पुत्र मिठाई लाल ने सहकारी समिति धरावा पर उनके हिस्से की डीएपी एवं यूरिया खाद को फर्जी तरीके से रिसीव दिखाकर कालाबाजारी करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित किसान ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित किसान के अनुसार उसने शासन की ऑनलाइन व्यवस्था के तहत डीएपी एवं यूरिया खाद प्राप्त करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बुकिंग कराई थी। बुकिंग की पुष्टि होने के बाद वह सहकारी समिति धरावा पहुंचा। लंबी कतार में घंटों इंतजार करने के बाद जब उसका नंबर आया तो बायोमेट्रिक सत्यापन सफल हो गया, लेकिन समिति कर्मचारियों ने यह कहकर खाद देने से इनकार कर दिया कि उसका पंजीकरण निरस्त हो गया है और दोबारा आवेदन करना होगा। किसान ने बताया कि वह पढ़ा-लिखा नहीं है, इसलिए समिति कर्मचारियों की बात पर भरोसा कर वापस लौट गया। बाद में जब वह सहज जन सेवा केंद्र पहुंचा तो उसे पता चला कि उसके नाम पर बुक की गई खाद पहले ही सिस्टम में "रिसीव" दर्शाई जा चुकी है। ऐसे में अब उसे खाद नहीं मिल सकती और अगली शिफ्ट में दोबारा आवेदन करना होगा। पीड़ित का कहना है कि समय पर खाद न मिलने से उसकी फसल प्रभावित होने की आशंका है। उसने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा उसे उसका अधिकार दिलाने की मांग की है। स्थानीय किसानों का आरोप है कि खाद वितरण में गड़बड़ी और कालाबाजारी की शिकायतें कोई नई बात नहीं हैं। उनका कहना है कि कई किसान इसी प्रकार की समस्याओं का सामना कर चुके हैं। किसानों का आरोप है कि ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बावजूद कुछ लोग तकनीकी खामियों और किसानों की अनभिज्ञता का फायदा उठाकर खाद की कालाबाजारी कर रहे हैं। गौरतलब है कि सरकार ने किसानों को पारदर्शी तरीके से खाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ऑनलाइन बुकिंग और बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था लागू की है। यदि किसान के आरोप सही पाए जाते हैं तो यह व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। अब निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं कि शिकायत की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाती है और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। (नोट: सहकारी समिति पर लगाए गए आरोप किसान की शिकायत पर आधारित हैं। प्रशासनिक जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।)
अटरिया,ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद किसान को नहीं मिली खाद, धरावा सहकारी समिति पर कालाबाजारी का आरोप; मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद किसान को नहीं मिली खाद, धरावा सहकारी समिति पर कालाबाजारी का आरोप; मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत संवाददाता, नरेश गुप्ता अटरिया सीतापुर। जनपद के सिधौली तहसील अंतर्गत अटरिया थाना क्षेत्र में किसानों को खाद वितरण में कथित अनियमितता और कालाबाजारी का मामला सामने आया है। बेडसापुर गांव निवासी किसान मुंशीलाल पुत्र मिठाई लाल ने सहकारी समिति धरावा पर उनके हिस्से की डीएपी एवं यूरिया खाद को फर्जी तरीके से रिसीव दिखाकर कालाबाजारी करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित किसान ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित किसान के अनुसार उसने शासन की ऑनलाइन व्यवस्था के तहत डीएपी एवं यूरिया खाद प्राप्त करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बुकिंग कराई थी। बुकिंग की पुष्टि होने के बाद वह सहकारी समिति धरावा पहुंचा। लंबी कतार में घंटों इंतजार करने के बाद जब उसका नंबर आया तो बायोमेट्रिक सत्यापन सफल हो गया, लेकिन समिति कर्मचारियों ने यह कहकर खाद देने से इनकार कर दिया कि उसका पंजीकरण निरस्त हो गया है और दोबारा आवेदन करना होगा। किसान ने बताया कि वह पढ़ा-लिखा नहीं है, इसलिए समिति कर्मचारियों की बात पर भरोसा कर वापस लौट गया। बाद में जब वह सहज जन सेवा केंद्र पहुंचा तो उसे पता चला कि उसके नाम पर बुक की गई खाद पहले ही सिस्टम में "रिसीव" दर्शाई जा चुकी है। ऐसे में अब उसे खाद नहीं मिल सकती और अगली शिफ्ट में दोबारा आवेदन करना होगा। पीड़ित का कहना है कि समय पर खाद न मिलने से उसकी फसल प्रभावित होने की आशंका है। उसने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा उसे उसका अधिकार दिलाने की मांग की है। स्थानीय किसानों का आरोप है कि खाद वितरण में गड़बड़ी और कालाबाजारी की शिकायतें कोई नई बात नहीं हैं। उनका कहना है कि कई किसान इसी प्रकार की समस्याओं का सामना कर चुके हैं। किसानों का आरोप है कि ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बावजूद कुछ लोग तकनीकी खामियों और किसानों की अनभिज्ञता का फायदा उठाकर खाद की कालाबाजारी कर रहे हैं। गौरतलब है कि सरकार ने किसानों को पारदर्शी तरीके से खाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ऑनलाइन बुकिंग और बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था लागू की है। यदि किसान के आरोप सही पाए जाते हैं तो यह व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। अब निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं कि शिकायत की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाती है और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। (नोट: सहकारी समिति पर लगाए गए आरोप किसान की शिकायत पर आधारित हैं। प्रशासनिक जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।)
- मऊ अटरिया,महिलाओं के सशक्तिकरण की नई पहल, पद्मावती संकुल स्तरीय समिति कार्यालय का शुभारंभ मऊ अटरिया,महिलाओं के सशक्तिकरण की नई पहल, पद्मावती संकुल स्तरीय समिति कार्यालय का शुभारंभ सिधौली के मऊ पंचायत भवन में खंड विकास अधिकारी राजेश कुमार तिवारी ने किया उद्घाटन, ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर दिया जोर। संवाददाता,,नरेश गुप्ता मऊ अटरिया सीतापुर। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में शुक्रवार को सिधौली विकासखंड के ग्राम पंचायत मऊ स्थित पंचायत भवन में पद्मावती संकुल स्तरीय समिति (संघ) के कार्यालय का शुभारंभ किया गया। कार्यालय का उद्घाटन खंड विकास अधिकारी राजेश कुमार तिवारी ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। समूहों के माध्यम से महिलाएं स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं और परिवार के साथ-साथ समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं को उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई तथा समूहों को मजबूत बनाकर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर मिशन प्रबंधन इकाई सिधौली की टीम, पद्मावती संकुल स्तरीय समिति की पदाधिकारी एवं सदस्य, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं तथा क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर उन्हें आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाना रहा। "नारी का करो सम्मान, तभी बनेगा देश महान" तथा "समूह से समृद्धि की ओर" के संदेश के साथ आयोजित यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।2
- श्रावण मास एवं कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत जनपद में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन एवं कानून-व्यवस्था बनाए श्रावण मास एवं कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत जनपद में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन की व्यवस्था की गई है। शासन से प्राप्त निर्देशों के अनुरूप मंदिरों, घाटों, प्रमुख मार्गों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड एवं अन्य संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। साथ ही विद्युत सुरक्षा, साफ-सफाई, रूट डायवर्जन, मीडिया मॉनिटरिंग तथा विभिन्न धर्मगुरुओं एवं कांवड़ यात्रा समितियों के साथ समन्वय स्थापित कर सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। विशेष अवसरों, सोमवार एवं शनिवार को अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं शांतिपूर्ण वातावरण सुनिश्चित किया जाएगा। के सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक सुलतानपुर श्रीमती चारू निगम द्वारा दी गयी बाइट1
- दिव्यांग चाय विक्रेता का आरोप: दो बार दुकान में चोरी, पड़ोसी दुकानदार पर गंभीर आरोप; पुलिस से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग लखनऊ। राजधानी लखनऊ के थाना गाजीपुर क्षेत्र स्थित इंदिरा नगर में एक दिव्यांग चाय विक्रेता ने पड़ोसी दुकानदार पर चोरी कराने, असामाजिक गतिविधियों को संरक्षण देने और लगातार धमकाने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि लगातार हो रही घटनाओं से उसका परिवार आर्थिक संकट में आ गया है और अब दुकान चलाना भी मुश्किल हो गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पटेल नगर, इंदिरा नगर निवासी संतराम वर्मा पुत्र प्रदीप वर्मा सेक्टर-8 चौराहे के पास "वर्मा टी स्टॉल" के नाम से चाय की दुकान संचालित करते हैं। संतराम वर्मा एक पैर से दिव्यांग हैं और इसी दुकान की आय से सात सदस्यीय परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उन्होंने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि उनकी दुकान से कुछ दूरी पर संचालित एक चाय की दुकान पर लंबे समय से असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है, जहां कथित रूप से जुआ, नशीले पदार्थों का सेवन और अन्य अवैध गतिविधियां होती हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कुछ माह पहले उनकी दुकान में करीब 15 से 20 हजार रुपये के सामान की चोरी हुई थी। मामले की शिकायत पुलिस चौकी इस्माईलगंज में की गई थी। उनका दावा है कि पुलिस ने कुछ नाबालिग लड़कों को पकड़कर पूछताछ की थी, जिन्होंने चोरी की बात स्वीकार की थी। हालांकि बाद में उन्हें समझाइश देकर उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। संतराम वर्मा ने आरोप लगाया है कि 22 जुलाई 2026 और 26 जुलाई 2026 को उनकी दुकान में दोबारा चोरी हुई। उनका कहना है कि दुकान में तोड़फोड़ की गई और करीब 20 से 25 हजार रुपये कीमत का पान मसाला, सिगरेट तथा नकदी चोरी कर ली गई। शिकायतकर्ता ने इन घटनाओं के पीछे पड़ोसी दुकानदार सूरज कुमार गुप्ता और उसके साथियों का हाथ होने का संदेह जताया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में भी ऐसी घटनाएं होती रहेंगी। प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित दुकान पर कथित रूप से जुआ खिलाया जाता है, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन कराया जाता है तथा नाबालिग बच्चों से काम लिया जाता है। शिकायतकर्ता का दावा है कि इन आरोपों से संबंधित वीडियो उसके पास मौजूद हैं, जिन्हें वह जांच अधिकारी को उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। उसने यह भी आरोप लगाया है कि अवैध गतिविधियों के दौरान दुकान का सीसीटीवी कैमरा हटा दिया जाता है। पीड़ित का कहना है कि वह आर्थिक रूप से इतना सक्षम नहीं है कि बार-बार चोरी के बाद अपनी दुकान को दोबारा खड़ा कर सके। दुकान ही उसके परिवार की आजीविका का एकमात्र साधन है। लगातार हो रही घटनाओं से पूरा परिवार मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान है। संतराम वर्मा ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, उपलब्ध वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच की जाए तथा यदि आरोप सही पाए जाएं तो संबंधित लोगों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी अनुरोध किया है कि उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए ताकि वह बिना भय के अपना रोजगार चला सकें। फिलहाल इस मामले में पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- अटरिया,ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद किसान को नहीं मिली खाद, धरावा सहकारी समिति पर कालाबाजारी का आरोप; मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद किसान को नहीं मिली खाद, धरावा सहकारी समिति पर कालाबाजारी का आरोप; मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत संवाददाता, नरेश गुप्ता अटरिया सीतापुर। जनपद के सिधौली तहसील अंतर्गत अटरिया थाना क्षेत्र में किसानों को खाद वितरण में कथित अनियमितता और कालाबाजारी का मामला सामने आया है। बेडसापुर गांव निवासी किसान मुंशीलाल पुत्र मिठाई लाल ने सहकारी समिति धरावा पर उनके हिस्से की डीएपी एवं यूरिया खाद को फर्जी तरीके से रिसीव दिखाकर कालाबाजारी करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित किसान ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित किसान के अनुसार उसने शासन की ऑनलाइन व्यवस्था के तहत डीएपी एवं यूरिया खाद प्राप्त करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बुकिंग कराई थी। बुकिंग की पुष्टि होने के बाद वह सहकारी समिति धरावा पहुंचा। लंबी कतार में घंटों इंतजार करने के बाद जब उसका नंबर आया तो बायोमेट्रिक सत्यापन सफल हो गया, लेकिन समिति कर्मचारियों ने यह कहकर खाद देने से इनकार कर दिया कि उसका पंजीकरण निरस्त हो गया है और दोबारा आवेदन करना होगा। किसान ने बताया कि वह पढ़ा-लिखा नहीं है, इसलिए समिति कर्मचारियों की बात पर भरोसा कर वापस लौट गया। बाद में जब वह सहज जन सेवा केंद्र पहुंचा तो उसे पता चला कि उसके नाम पर बुक की गई खाद पहले ही सिस्टम में "रिसीव" दर्शाई जा चुकी है। ऐसे में अब उसे खाद नहीं मिल सकती और अगली शिफ्ट में दोबारा आवेदन करना होगा। पीड़ित का कहना है कि समय पर खाद न मिलने से उसकी फसल प्रभावित होने की आशंका है। उसने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा उसे उसका अधिकार दिलाने की मांग की है। स्थानीय किसानों का आरोप है कि खाद वितरण में गड़बड़ी और कालाबाजारी की शिकायतें कोई नई बात नहीं हैं। उनका कहना है कि कई किसान इसी प्रकार की समस्याओं का सामना कर चुके हैं। किसानों का आरोप है कि ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बावजूद कुछ लोग तकनीकी खामियों और किसानों की अनभिज्ञता का फायदा उठाकर खाद की कालाबाजारी कर रहे हैं। गौरतलब है कि सरकार ने किसानों को पारदर्शी तरीके से खाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ऑनलाइन बुकिंग और बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था लागू की है। यदि किसान के आरोप सही पाए जाते हैं तो यह व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। अब निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं कि शिकायत की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाती है और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। (नोट: सहकारी समिति पर लगाए गए आरोप किसान की शिकायत पर आधारित हैं। प्रशासनिक जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।)1
- थनैतपुर गांव में चोरों का आतंक, एक ही रात दो घरों को बनाया निशाना थनैतपुर गांव में चोरों का आतंक, एक ही रात दो घरों को बनाया निशाना सदरपुर थाना क्षेत्र के थनैतपुर गांव में बीती रात चोरों ने बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर एक घर से 50 हजार रुपये नकद व कीमती जेवरात समेत करीब 6 लाख रुपये का सामान पार कर ले गए। वहीं, इसी गांव में चोरों ने शिवकुमार गौतम के घर को भी निशाना बनाया और बक्सा उठाकर ले गए। घटना बीती रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है। एक ही रात गांव में दो घरों में चोरी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। सदरपुर थाना क्षेत्र के थनैतपुर गांव में बीती रात चोरों ने बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर एक घर से 50 हजार रुपये नकद व कीमती जेवरात समेत करीब 6 लाख रुपये का सामान पार कर ले गए। वहीं, इसी गांव में चोरों ने शिवकुमार गौतम के घर को भी निशाना बनाया और बक्सा उठाकर ले गए। घटना बीती रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है। एक ही रात गांव में दो घरों में चोरी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।1