आगरा रोड स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) फतेहाबाद में रिंच और पाना जैसे पारंपरिक औजारों से प्रशिक्षण का दौर पीछे छूट रहा है। टाटा कंपनी द्वारा संस्थान को गोद लेने के बाद वर्ष 2024 में यहां अत्याधुनिक रोबोटिक्स और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग लैब स्थापित की गई है। इसके बाद से विद्यार्थी सीएनसी मशीनों, डिजिटल ऑटोमेशन और रोबोट पर सीधे प्रैक्टिकल कर आधुनिक उद्योगों की कार्यप्रणाली सीख रहे हैं। फोरमैन ओमप्रकाश के अनुसार पुरानी मशीनों की जगह लैब में यास्कावा एआर-1440 वेल्डिंग रोबोट और जीपी-12 रोबोट लगाए गए हैं। इनमें पहला रोबोट स्वचालित वेल्डिंग करता है, जबकि दूसरा सामग्री को उठाकर निर्धारित स्थान पर स्थापित करता है। इसके अलावा मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस कंट्रोल एंड ऑटोमेशन, पीएलसी, वीएफडी यूनिट तथा सीएनसी आधारित वर्टिकल मिलिंग सेंटर (वीएमसी) मशीन पर भी पार्ट्स तैयार करने की तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आधुनिक लैब बनने के बाद संस्थान में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है। प्रधानाचार्य शमसाद अहमद ने बताया कि इस बदलाव से दाखिले में तेजी आई है, जबकि फोरमैन खेतपाल के मुताबिक रोबोटिक्स और पीएलसी तकनीक में छात्राओं की भी विशेष रुचि देखने को मिल रही है। सीधे कंप्यूटर आधारित मशीनों पर प्रैक्टिकल करने से विद्यार्थियों की तकनीकी समझ, आत्मविश्वास और रोजगार की संभावनाएं पहले की तुलना में काफी बढ़ गई हैं।
आगरा रोड स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) फतेहाबाद में रिंच और पाना जैसे पारंपरिक औजारों से प्रशिक्षण का दौर पीछे छूट रहा है। टाटा कंपनी द्वारा संस्थान को गोद लेने के बाद वर्ष 2024 में यहां अत्याधुनिक रोबोटिक्स और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग लैब स्थापित की गई है। इसके बाद से विद्यार्थी सीएनसी मशीनों, डिजिटल ऑटोमेशन और रोबोट पर सीधे प्रैक्टिकल कर आधुनिक उद्योगों की कार्यप्रणाली सीख रहे हैं। फोरमैन ओमप्रकाश के अनुसार पुरानी मशीनों की जगह लैब में यास्कावा एआर-1440 वेल्डिंग रोबोट और जीपी-12 रोबोट लगाए गए हैं। इनमें पहला रोबोट स्वचालित वेल्डिंग करता है, जबकि दूसरा सामग्री को उठाकर निर्धारित स्थान पर स्थापित करता है।
इसके अलावा मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस कंट्रोल एंड ऑटोमेशन, पीएलसी, वीएफडी यूनिट तथा सीएनसी आधारित वर्टिकल मिलिंग सेंटर (वीएमसी) मशीन पर भी पार्ट्स तैयार करने की तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आधुनिक लैब बनने के बाद संस्थान में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है। प्रधानाचार्य शमसाद अहमद ने बताया कि इस बदलाव से दाखिले में तेजी आई है, जबकि फोरमैन खेतपाल के मुताबिक रोबोटिक्स और पीएलसी तकनीक में छात्राओं की भी विशेष रुचि देखने को मिल रही है। सीधे कंप्यूटर आधारित मशीनों पर प्रैक्टिकल करने से विद्यार्थियों की तकनीकी समझ, आत्मविश्वास और रोजगार की संभावनाएं पहले की तुलना में काफी बढ़ गई हैं।
- आगरा रोड स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) फतेहाबाद में रिंच और पाना जैसे पारंपरिक औजारों से प्रशिक्षण का दौर पीछे छूट रहा है। टाटा कंपनी द्वारा संस्थान को गोद लेने के बाद वर्ष 2024 में यहां अत्याधुनिक रोबोटिक्स और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग लैब स्थापित की गई है। इसके बाद से विद्यार्थी सीएनसी मशीनों, डिजिटल ऑटोमेशन और रोबोट पर सीधे प्रैक्टिकल कर आधुनिक उद्योगों की कार्यप्रणाली सीख रहे हैं। फोरमैन ओमप्रकाश के अनुसार पुरानी मशीनों की जगह लैब में यास्कावा एआर-1440 वेल्डिंग रोबोट और जीपी-12 रोबोट लगाए गए हैं। इनमें पहला रोबोट स्वचालित वेल्डिंग करता है, जबकि दूसरा सामग्री को उठाकर निर्धारित स्थान पर स्थापित करता है। इसके अलावा मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस कंट्रोल एंड ऑटोमेशन, पीएलसी, वीएफडी यूनिट तथा सीएनसी आधारित वर्टिकल मिलिंग सेंटर (वीएमसी) मशीन पर भी पार्ट्स तैयार करने की तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आधुनिक लैब बनने के बाद संस्थान में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है। प्रधानाचार्य शमसाद अहमद ने बताया कि इस बदलाव से दाखिले में तेजी आई है, जबकि फोरमैन खेतपाल के मुताबिक रोबोटिक्स और पीएलसी तकनीक में छात्राओं की भी विशेष रुचि देखने को मिल रही है। सीधे कंप्यूटर आधारित मशीनों पर प्रैक्टिकल करने से विद्यार्थियों की तकनीकी समझ, आत्मविश्वास और रोजगार की संभावनाएं पहले की तुलना में काफी बढ़ गई हैं।2
- आगरा के फतेहाबाद नगर पंचायत स्थित सदर बाजार में जोगेंद्र निवास पर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने एकत्र होकर वृक्षारोपण किया। इस दौरान 'एक वृक्ष मां के नाम' लगाया गया, जिसमें स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान सभासद जोगेंद्र सिंह ने बताया कि वृक्ष लगाने से लोगों को नया जीवनदान मिलता है और इससे वातावरण में सुंदरता आती है। इस अवसर पर वीरेंद्र सिंह, करतार सिंह बघेल, दीपक पोद्दार, नितिन गुप्ता, सुभाष वर्मा और भाजपा सभासद जोगेंद्र सिंह गुर्जर मौजूद रहे।2
- दिल्ली में अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के बाद आगरा में सपा कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। यह पूरा मामला ताजगंज थाना क्षेत्र के फतेहाबाद रोड पर स्थित सपा कार्यालय का है, जहाँ इकट्ठा हुए कार्यकर्ताओं ने विरोध जताते हुए जमकर नारेबाजी की। सड़क पर जाम और प्रदर्शन की सूचना मिलते ही थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची। पुलिस अधिकारी और जवान स्थिति को सँभालने तथा प्रदर्शन कर रहे सपा कार्यकर्ताओं को समझाने-बुझाने के प्रयास में जुटे हुए हैं।1
- थाना पचोखरा पुलिस ने दुकान की दीवार तोड़कर हुई चोरी की घटना का खुलासा करते हुए मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पचोखरा स्थित जय अम्बे ट्रेडर्स के संचालक मुकेश कुमार बघेल ने दुकान से 8 कॉपर लीड होल्डर और 10 हजार रुपये नकद चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी, जिस पर थाना पचोखरा में मुकदमा संख्या 157/2026, धारा 331(4)/305 बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया था। सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर जांच के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी चोरी का सामान बेचने श्रीनगर पैठ रोड की ओर जा रहा है। पुलिस द्वारा घेराबंदी करने पर आरोपी ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी, जिसकी जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लग गई। घायल आरोपी को पुलिस अभिरक्षा में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी पहचान पचोखरा निवासी अंग्रेज उर्फ शिवम पुत्र ओमबाबू के रूप में हुई है, जिसके विरुद्ध पहले से भी थाना पचोखरा में आपराधिक मामला दर्ज है। आरोपी के कब्जे से एक .315 बोर का तमंचा, तीन जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस, तांबे के तार के बंडल और ₹4,000 नकद बरामद हुए हैं। थाना प्रभारी सुरेन्द्र भाटी के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक प्रेमचंद, पुष्पेन्द्र, जाहिद अली सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।2
- फिरोजाबाद में भीम आर्मी ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कांग्रेस के समर्थन में हुंकार भरी है। संगठन की ओर से कांग्रेस को खुला समर्थन देने की बात कही गई है और साथ ही राहुल गांधी को लेकर भी एक बड़ा बयान दिया गया है।1
- मौलाना शौकत अली इस्लामी कट्टरता की वजह से यह भूल गए हैं कि कावड़ यात्रा सड़क पर ही श्रद्धा भाव के साथ निकाली जाती है, जहाँ कई किलोमीटर का सफर तय करके माँ गंगा को घर तक लाया जाता है। इससे यातायात व्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ता और न ही किसी नागरिक को किसी तरह की समस्या होती है। वहीं, रास्ता रोककर नमाज़ अदा करने की मंशा रखने वाले शौकत अली कानून और जनता दोनों पर प्रभाव और परेशानी डालना चाहते हैं, और इसी कट्टरपंथी सोच की वजह से उन्हें कावड़ यात्रा तथा सड़क पर नमाज़ में कोई अंतर नजर नहीं आ रहा है।1
- मानसून की बारिश के साथ खेतों में बुवाई शुरू होते ही राजस्थान के राजाखेड़ा में यूरिया, डीएपी और उन्नत बीजों की भारी किल्लत पैदा हो गई है। सहकारी समितियों में खाद न होने के कारण किसान निजी दुकानों से मनमाने और ऊंचे दामों पर खरीदारी करने को मजबूर हैं। खाद न मिलने और कालाबाजारी से परेशान किसानों की आज दोपहर राजाखेड़ा के एक खाद विक्रेता से कहासुनी हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की तक हो गई, जिसके बाद सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया। पीड़ित किसानों का आरोप है कि दुकानों पर यूरिया का 270 रुपये वाला कट्टा 450 से 500 रुपये में और 1400 रुपये वाली डीएपी 1700 से 2200 रुपये तक में बेची जा रही है। इसके अलावा बीज के पैकेट पर भी एमआरपी से 200 से 300 रुपये अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं। राजाखेड़ा निवासी किसान विष्णु सिंह का कहना है कि निजी दुकानों पर लंबी लाइनें लग रही हैं और समय पर खाद-बीज न मिलने से बुवाई में देरी होगी, जिससे फसल खराब हो जाएगी। वहीं कृषि विभाग के अधिकारी ने बताया कि शिकायतें मिली हैं और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इस सीजन में मांग के अनुरूप आपूर्ति न होने और डीलरों द्वारा चोरी-छिपे माल को ऊंचे दामों में अन्य राज्यों में भेजने की वजह से यह किल्लत बनी हुई है।1
- उत्तर प्रदेश के आगरा में आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेसवे के निर्माण को लेकर किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन (चौधरी चरण सिंह गुट) ने एसडीएम फतेहाबाद को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि कई किसानों को मुआवजा दिए बिना और कानूनी प्रक्रिया पूरी किए बिना निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इस दौरान भारी मशीनों से खेतों में खड़ी खरीफ फसलें भी बर्बाद हो रही हैं। भाकियू ने मांग की है कि फसल क्षति का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिया जाए, वर्तमान सर्किल रेट के आधार पर भूमि का मूल्यांकन हो और सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने तक निर्माण कार्य रोका जाए। संगठन ने प्रशासन को खुली चेतावनी दी है कि यदि 7 दिन में समाधान नहीं हुआ तो किसान पंचायत के बाद बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।2