मानसून की बारिश के साथ खेतों में बुवाई शुरू होते ही राजस्थान के राजाखेड़ा में यूरिया, डीएपी और उन्नत बीजों की भारी किल्लत पैदा हो गई है। सहकारी समितियों में खाद न होने के कारण किसान निजी दुकानों से मनमाने और ऊंचे दामों पर खरीदारी करने को मजबूर हैं। खाद न मिलने और कालाबाजारी से परेशान किसानों की आज दोपहर राजाखेड़ा के एक खाद विक्रेता से कहासुनी हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की तक हो गई, जिसके बाद सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया। पीड़ित किसानों का आरोप है कि दुकानों पर यूरिया का 270 रुपये वाला कट्टा 450 से 500 रुपये में और 1400 रुपये वाली डीएपी 1700 से 2200 रुपये तक में बेची जा रही है। इसके अलावा बीज के पैकेट पर भी एमआरपी से 200 से 300 रुपये अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं। राजाखेड़ा निवासी किसान विष्णु सिंह का कहना है कि निजी दुकानों पर लंबी लाइनें लग रही हैं और समय पर खाद-बीज न मिलने से बुवाई में देरी होगी, जिससे फसल खराब हो जाएगी। वहीं कृषि विभाग के अधिकारी ने बताया कि शिकायतें मिली हैं और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इस सीजन में मांग के अनुरूप आपूर्ति न होने और डीलरों द्वारा चोरी-छिपे माल को ऊंचे दामों में अन्य राज्यों में भेजने की वजह से यह किल्लत बनी हुई है।
मानसून की बारिश के साथ खेतों में बुवाई शुरू होते ही राजस्थान के राजाखेड़ा में यूरिया, डीएपी और उन्नत बीजों की भारी किल्लत पैदा हो गई है। सहकारी समितियों में खाद न होने के कारण किसान निजी दुकानों से मनमाने और ऊंचे दामों पर खरीदारी करने को मजबूर हैं। खाद न मिलने और कालाबाजारी से परेशान किसानों की आज दोपहर राजाखेड़ा के एक खाद विक्रेता से कहासुनी हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की तक हो गई, जिसके बाद सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया। पीड़ित किसानों का आरोप है कि दुकानों पर यूरिया का 270 रुपये वाला कट्टा 450 से 500 रुपये में और 1400 रुपये वाली डीएपी 1700 से 2200 रुपये तक में बेची जा रही है। इसके अलावा बीज के पैकेट पर भी एमआरपी से 200 से 300 रुपये अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं। राजाखेड़ा निवासी किसान विष्णु सिंह का कहना है कि निजी दुकानों पर लंबी लाइनें लग रही हैं और समय पर खाद-बीज न मिलने से बुवाई में देरी होगी, जिससे फसल खराब हो जाएगी। वहीं कृषि विभाग के अधिकारी ने बताया कि शिकायतें मिली हैं और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इस सीजन में मांग के अनुरूप आपूर्ति न होने और डीलरों द्वारा चोरी-छिपे माल को ऊंचे दामों में अन्य राज्यों में भेजने की वजह से यह किल्लत बनी हुई है।
- मानसून की बारिश के साथ खेतों में बुवाई शुरू होते ही राजस्थान के राजाखेड़ा में यूरिया, डीएपी और उन्नत बीजों की भारी किल्लत पैदा हो गई है। सहकारी समितियों में खाद न होने के कारण किसान निजी दुकानों से मनमाने और ऊंचे दामों पर खरीदारी करने को मजबूर हैं। खाद न मिलने और कालाबाजारी से परेशान किसानों की आज दोपहर राजाखेड़ा के एक खाद विक्रेता से कहासुनी हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की तक हो गई, जिसके बाद सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया। पीड़ित किसानों का आरोप है कि दुकानों पर यूरिया का 270 रुपये वाला कट्टा 450 से 500 रुपये में और 1400 रुपये वाली डीएपी 1700 से 2200 रुपये तक में बेची जा रही है। इसके अलावा बीज के पैकेट पर भी एमआरपी से 200 से 300 रुपये अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं। राजाखेड़ा निवासी किसान विष्णु सिंह का कहना है कि निजी दुकानों पर लंबी लाइनें लग रही हैं और समय पर खाद-बीज न मिलने से बुवाई में देरी होगी, जिससे फसल खराब हो जाएगी। वहीं कृषि विभाग के अधिकारी ने बताया कि शिकायतें मिली हैं और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इस सीजन में मांग के अनुरूप आपूर्ति न होने और डीलरों द्वारा चोरी-छिपे माल को ऊंचे दामों में अन्य राज्यों में भेजने की वजह से यह किल्लत बनी हुई है।1
- आगरा रोड स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) फतेहाबाद में रिंच और पाना जैसे पारंपरिक औजारों से प्रशिक्षण का दौर पीछे छूट रहा है। टाटा कंपनी द्वारा संस्थान को गोद लेने के बाद वर्ष 2024 में यहां अत्याधुनिक रोबोटिक्स और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग लैब स्थापित की गई है। इसके बाद से विद्यार्थी सीएनसी मशीनों, डिजिटल ऑटोमेशन और रोबोट पर सीधे प्रैक्टिकल कर आधुनिक उद्योगों की कार्यप्रणाली सीख रहे हैं। फोरमैन ओमप्रकाश के अनुसार पुरानी मशीनों की जगह लैब में यास्कावा एआर-1440 वेल्डिंग रोबोट और जीपी-12 रोबोट लगाए गए हैं। इनमें पहला रोबोट स्वचालित वेल्डिंग करता है, जबकि दूसरा सामग्री को उठाकर निर्धारित स्थान पर स्थापित करता है। इसके अलावा मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस कंट्रोल एंड ऑटोमेशन, पीएलसी, वीएफडी यूनिट तथा सीएनसी आधारित वर्टिकल मिलिंग सेंटर (वीएमसी) मशीन पर भी पार्ट्स तैयार करने की तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आधुनिक लैब बनने के बाद संस्थान में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है। प्रधानाचार्य शमसाद अहमद ने बताया कि इस बदलाव से दाखिले में तेजी आई है, जबकि फोरमैन खेतपाल के मुताबिक रोबोटिक्स और पीएलसी तकनीक में छात्राओं की भी विशेष रुचि देखने को मिल रही है। सीधे कंप्यूटर आधारित मशीनों पर प्रैक्टिकल करने से विद्यार्थियों की तकनीकी समझ, आत्मविश्वास और रोजगार की संभावनाएं पहले की तुलना में काफी बढ़ गई हैं।2
- आगरा के फतेहाबाद नगर पंचायत स्थित सदर बाजार में जोगेंद्र निवास पर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने एकत्र होकर वृक्षारोपण किया। इस दौरान 'एक वृक्ष मां के नाम' लगाया गया, जिसमें स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान सभासद जोगेंद्र सिंह ने बताया कि वृक्ष लगाने से लोगों को नया जीवनदान मिलता है और इससे वातावरण में सुंदरता आती है। इस अवसर पर वीरेंद्र सिंह, करतार सिंह बघेल, दीपक पोद्दार, नितिन गुप्ता, सुभाष वर्मा और भाजपा सभासद जोगेंद्र सिंह गुर्जर मौजूद रहे।2
- दिल्ली में अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के बाद आगरा में सपा कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। यह पूरा मामला ताजगंज थाना क्षेत्र के फतेहाबाद रोड पर स्थित सपा कार्यालय का है, जहाँ इकट्ठा हुए कार्यकर्ताओं ने विरोध जताते हुए जमकर नारेबाजी की। सड़क पर जाम और प्रदर्शन की सूचना मिलते ही थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची। पुलिस अधिकारी और जवान स्थिति को सँभालने तथा प्रदर्शन कर रहे सपा कार्यकर्ताओं को समझाने-बुझाने के प्रयास में जुटे हुए हैं।1
- लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी के विरुद्ध की गई कार्रवाई के विरोध में मुरैना जिले के अंबाह स्थित नगर पालिका चौराहे पर मंगलवार रात कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। अंबाह और महुआ के संयुक्त कांग्रेस नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने की मांग उठाई। वक्ताओं ने कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है और कांग्रेस पार्टी जनहित के मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी। धरना-प्रदर्शन के दौरान महुआ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व किसान नेता पवन सिंह "शेरा" ने कहा कि राहुल गांधी के विरुद्ध की गई कार्रवाई लोकतांत्रिक परंपराओं के बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराते रहेंगे। इस रात्रिकालीन धरना-प्रदर्शन में अंबाह एवं महुआ क्षेत्र के कई कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में समर्थक उपस्थित रहे।1
- मुरैना जिले के अंबाह स्थित नगर पालिका चौराहे पर मंगलवार रात्रि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी के विरुद्ध की गई कार्रवाई के विरोध में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। अंबाह और महुआ के संयुक्त कांग्रेस नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि विपक्ष की आवाज़ को दबाने का प्रयास लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है और कांग्रेस पार्टी जनहित के मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी। इस अवसर पर महुआ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व किसान नेता पवन सिंह "शेरा" ने कहा कि राहुल गांधी के विरुद्ध की गई कार्रवाई लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराते रहेंगे। इस रात्रिकालीन धरना-प्रदर्शन में अंबाह और महुआ क्षेत्र के कई कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में समर्थक उपस्थित रहे।1
- मुरैना के अंबाह में शुरू ऐप पर प्रसारित खबर का असर देखने को मिला है। 12 जून को ऐप पर खबर दिखाए जाने के बाद पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने चौकवारिन के पुरा स्थित श्मशान घाट का जीर्णोद्धार कार्य शुरू करा दिया है। श्मशान घाट का जीर्णोद्धार शुरू होने पर सभी स्थानीय लोगों ने शुरू ऐप पर खबर दिखाए जाने और उस पर हुई इस कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त किया है।1
- उत्तर प्रदेश के आगरा में आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेसवे के निर्माण को लेकर किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन (चौधरी चरण सिंह गुट) ने एसडीएम फतेहाबाद को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि कई किसानों को मुआवजा दिए बिना और कानूनी प्रक्रिया पूरी किए बिना निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इस दौरान भारी मशीनों से खेतों में खड़ी खरीफ फसलें भी बर्बाद हो रही हैं। भाकियू ने मांग की है कि फसल क्षति का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिया जाए, वर्तमान सर्किल रेट के आधार पर भूमि का मूल्यांकन हो और सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने तक निर्माण कार्य रोका जाए। संगठन ने प्रशासन को खुली चेतावनी दी है कि यदि 7 दिन में समाधान नहीं हुआ तो किसान पंचायत के बाद बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।2