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अमेठी !! पुलिस मुठभेड़ 50 हजार का इनामिया बदमाश मच्छर की टांग में लगी गोली  अमेठी में बुधवार देर रात पुलिस और बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ में अपहरण व फिरौती के मामले में वांछित चल रहा 50 हजार का इनामी बदमाश मच्छर उर्फ इस्लाम अहमद उर्फ सोनू की बाईं टांग में गोली लगने से वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एक तमंचा के साथ एक जिंदा व खोखा कारतूस और बिना नंबर प्लेट की एक बाइक बरामद किया है। घायल बदमाश को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया था। दरअसल बीती 10 फरवरी को मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के एक कबाड़ी रमन अग्रहरि का अपहरण उस समय हो किया गया था जब वे सुबह अपने बेटे को स्कूल छोड़ने गए थे। बेटे को छोड़ने के बाद वापस लौटते समय सफेद चार पहिया वाहन सवार बदमाशों ने उनका अपहरण कर लिया था और नौ लाख अट्ठाइस हजार रुपए की फिरौती लेने के बाद उन्हें सकुशल छोड़ दिया था। रमन ने अपहरण कर्ताओं में दो को पहचान लिया था जो इनके गांव के बगल के गांव के ही रहने वाले थे, लेकिन इनका आतंक इतना था कि दो दिन तक रमन की हिम्मत ही नहीं पड़ी इन बदमाशों के बारे में शिकायत करने की लेकिन परिवार वालों के दबाव में रमन ने दो दिन बाद मुसाफिरखाना थाने में अज्ञात के विरुद्ध तहरीर देकर घटना का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस एक्टिव हुई तो पता चला कि इस मामले में कुल छह लोग इन्वॉल्व थे । उसमें एक नाबालिक भी था जो घटना के पहले रमन की रेकी कर पूरी सूचना बदमाशों को दे रहा था। घटना के दिन का सीसीटीवी फुटेज और और डिटेल्स निकालने के बाद पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर उनके पास रहे साढ़े चार लाख रुपए बरामद कर लिया था। उसी दौरान इस मामले में आरोपित दो बदमाश अयोध्या पुलिस के हत्थे पहले ही चढ़ गए थे। इसके बाद छठवें बदमाश के लिए पुलिस लगातार पड़ताल में लगी रही। बुधवार को देर रात मुखबिर से थाना मुसाफिरखाना पुलिस सूचना मिली कि रमन अपहरण कांड का अंतिम आरोपी मच्छर इसौली घाट की तरफ से बाइक से आएगा। पुलिस टीम ने सूचना के आधार पर घेराबंदी कर उसका इंतजार करने लगे तभी एक बाइक आती दिखी तो पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया। तभी वह बाइक मोड़कर कच्चे रास्ते से होकर गांव की तरफ भागने के प्रयास में बाइक सहित गिर पड़ा। उसने गिरते ही पुलिस पर फायर कर दिया। जवाबी फायरिंग में पुलिस की गोली उसकी बाईं टांग में जा धंसी और फिर गिर पड़ा तभी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। जामा तलाशी में उसके पास सिर्फ एक तमंचा, एक जिंदा व एक खोखा कारतूस ही मिल सका।  बड़ा ताज्जुब होता है इन बदमाशों के लिए कि इतनी बड़ी बड़ी घटनाओं को अंजाम देते हैं लेकिन साथ में सिर्फ एक तमंचा और दो कारतूस ही रखते हैं जो पुलिस मुठभेड़ के दौरान एक गोली खर्च होने के बाद एक जिंदा बचा कर रखते हैं। अक्सर ऐसा सारे गिरफ्तार बदमाशों के बारे में बताया जाता है। बहरहाल, पुलिस की पूछताछ में रमन अग्रहरि अपहरण कांड में शामिल होना बदमाश ने स्वीकार करते हुए बताया कि कबाड़ व्यापारी से रंगदारी कर 9,28,000 रुपये वसूले थे। घटना के बाद अनुज प्रताप सिंह द्वारा घटना में शामिल सभी को रुपये बांट दिया था। उस समय मुझे 60 हजार रुपये मिले थे जिसको लेकर मैं मुम्बई चला गया था। बाद में राजकुमार यादव निवासी लोहरौली मजरे जीतीपुर थाना पैकोलिया जिला बस्ती द्वारा मेरे हिस्से के शेष 1 लाख रुपये देने के लिए बुलाया था वही पैसे लेकर मैं लखनऊ जाने वाला था तब तक मुठभेड़ हो गई।

12 hrs ago
user_Distt Coresspondent NATION ONE tv
Distt Coresspondent NATION ONE tv
Corresspondant Amethi, Uttar Pradesh•
12 hrs ago

अमेठी !! पुलिस मुठभेड़ 50 हजार का इनामिया बदमाश मच्छर की टांग में लगी गोली  अमेठी में बुधवार देर रात पुलिस और बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ में अपहरण व फिरौती के मामले में वांछित चल रहा 50 हजार का इनामी बदमाश मच्छर उर्फ इस्लाम अहमद उर्फ सोनू की बाईं टांग में गोली लगने से वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एक तमंचा के साथ एक जिंदा व खोखा कारतूस और बिना नंबर प्लेट की एक बाइक बरामद किया है। घायल बदमाश को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया था। दरअसल बीती 10 फरवरी को मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के एक कबाड़ी रमन अग्रहरि का अपहरण उस समय हो किया गया था जब वे सुबह अपने बेटे को स्कूल छोड़ने गए थे। बेटे को छोड़ने के बाद वापस लौटते समय सफेद चार पहिया वाहन सवार बदमाशों ने उनका अपहरण कर लिया था और नौ लाख अट्ठाइस हजार रुपए की फिरौती लेने के बाद उन्हें सकुशल छोड़ दिया था। रमन ने अपहरण कर्ताओं में दो को पहचान लिया था जो इनके गांव के बगल के गांव के ही रहने वाले थे, लेकिन इनका आतंक इतना था कि दो दिन तक रमन की हिम्मत ही नहीं पड़ी इन बदमाशों के बारे में शिकायत करने की लेकिन परिवार वालों के दबाव में रमन ने दो दिन बाद मुसाफिरखाना थाने में अज्ञात के विरुद्ध तहरीर देकर घटना का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस एक्टिव हुई तो पता चला कि इस मामले में कुल छह लोग इन्वॉल्व थे । उसमें एक नाबालिक भी था जो घटना के पहले रमन की रेकी कर पूरी सूचना बदमाशों को दे रहा था। घटना के दिन का सीसीटीवी फुटेज और और डिटेल्स निकालने के बाद पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर उनके पास रहे साढ़े चार लाख रुपए बरामद कर लिया था। उसी दौरान इस मामले में आरोपित दो बदमाश अयोध्या पुलिस के हत्थे पहले ही चढ़ गए थे। इसके बाद छठवें बदमाश के लिए पुलिस लगातार पड़ताल में लगी रही। बुधवार को देर रात मुखबिर से थाना मुसाफिरखाना पुलिस सूचना मिली कि रमन अपहरण कांड का अंतिम आरोपी मच्छर इसौली घाट की तरफ से बाइक से आएगा। पुलिस टीम ने सूचना के आधार पर घेराबंदी कर उसका इंतजार करने लगे तभी एक बाइक आती दिखी तो पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया। तभी वह बाइक मोड़कर कच्चे रास्ते से होकर गांव की तरफ भागने के प्रयास में बाइक सहित गिर पड़ा। उसने गिरते ही पुलिस पर फायर कर दिया। जवाबी फायरिंग में पुलिस की गोली उसकी बाईं टांग में जा धंसी और फिर गिर पड़ा तभी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। जामा तलाशी में उसके पास सिर्फ एक तमंचा, एक जिंदा व एक खोखा कारतूस ही मिल सका।  बड़ा ताज्जुब होता है इन बदमाशों के लिए कि इतनी बड़ी बड़ी घटनाओं को अंजाम देते हैं लेकिन साथ में सिर्फ एक तमंचा और दो कारतूस ही रखते हैं जो पुलिस मुठभेड़ के दौरान एक गोली खर्च होने के बाद एक जिंदा बचा कर रखते हैं। अक्सर ऐसा सारे गिरफ्तार बदमाशों के बारे में बताया जाता है। बहरहाल, पुलिस की पूछताछ में रमन अग्रहरि अपहरण कांड में शामिल होना बदमाश ने स्वीकार करते हुए बताया कि कबाड़ व्यापारी से रंगदारी कर 9,28,000 रुपये वसूले थे। घटना के बाद अनुज प्रताप सिंह द्वारा घटना में शामिल सभी को रुपये बांट दिया था। उस समय मुझे 60 हजार रुपये मिले थे जिसको लेकर मैं मुम्बई चला गया था। बाद में राजकुमार यादव निवासी लोहरौली मजरे जीतीपुर थाना पैकोलिया जिला बस्ती द्वारा मेरे हिस्से के शेष 1 लाख रुपये देने के लिए बुलाया था वही पैसे लेकर मैं लखनऊ जाने वाला था तब तक मुठभेड़ हो गई।

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  • #कोई बेरोजगार आदमी रोजगार वाली #पत्नी से शादी कभी भी न करे 😢मेरी पत्नी मेरे शव को छूने न पाए पत्नी के अफेयर ,तानों एवं गलत #हरकतों से त्रस्त पति ने की #हृदयविदारक वारदात गाजीपुर के सैदपुर क्षेत्र के निवासी पति ने नोतनवा महाराज गंज में दो मासूम बच्चो सहित दे दी जान,#एसएसबी में तैनात है पत्नी के #तैनाती स्थल पर बच्चो के साथ रहता था #पति 😢😢
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    #कोई बेरोजगार आदमी रोजगार  वाली #पत्नी से शादी कभी भी न करे 😢मेरी पत्नी मेरे शव को छूने न पाए
पत्नी के अफेयर ,तानों एवं गलत #हरकतों से त्रस्त पति ने की #हृदयविदारक वारदात
गाजीपुर के सैदपुर क्षेत्र के निवासी पति ने नोतनवा महाराज गंज में दो मासूम बच्चो सहित दे दी जान,#एसएसबी में तैनात है पत्नी के #तैनाती स्थल पर बच्चो के साथ रहता था #पति
😢😢
    user_बृजेश मिश्रा “पत्रकार”
    बृजेश मिश्रा “पत्रकार”
    Voice of people अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • संग्रामपुर। सहजीपुर में आयोजित सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन वृहस्पतिवार को प्रवाचक स्वामी ओमानंद जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन करते हुए भक्ति, प्रेम और सच्ची मित्रता का संदेश दिया। कथा के समापन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और आरती के समय श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। प्रवाचक ने सुदामा चरित्र का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि सच्ची मित्रता कैसी होती है, यह भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की कथा से समझा जा सकता है। उन्होंने बताया कि सुदामा अपनी पत्नी के आग्रह पर अपने बालसखा भगवान श्रीकृष्ण से मिलने के लिए द्वारिका पहुंचे। जब वे द्वारिकाधीश के महल के द्वार पर पहुंचे तो द्वारपालों ने उन्हें साधारण भिक्षुक समझकर रोक दिया। सुदामा ने कहा कि वह भगवान श्रीकृष्ण के मित्र हैं। जब द्वारपाल ने महल में जाकर भगवान से कहा कि कोई व्यक्ति अपना नाम सुदामा बताकर आपसे मिलने आया है, तो यह सुनते ही भगवान श्रीकृष्ण सिंहासन से उठकर तेजी से द्वार की ओर दौड़ पड़े। सामने अपने मित्र सुदामा को देखकर उन्होंने उन्हें प्रेम से गले लगा लिया। सुदामा भी “कन्हैया-कन्हैया” कहते हुए भावविभोर हो गए। दोनों की ऐसी मित्रता देखकर सभा में उपस्थित सभी लोग आश्चर्यचकित रह गए। भगवान श्रीकृष्ण ने सुदामा को अपने राज सिंहासन पर बैठाकर उनका सम्मान किया और उन्हें अपार धन-संपदा प्रदान कर मालामाल कर दिया। महाराज जी ने कहा कि जब भी भक्तों पर विपत्ति आती है तो भगवान स्वयं उनका उद्धार करने के लिए अवश्य आते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं को संदेश देते हुए कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में भक्ति, सदाचार और सत्कर्म को अपनाकर सदमार्ग पर चलना चाहिए। भगवान की सच्चे मन से भक्ति करने वाले भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है और जीवन में सुख-शांति प्राप्त होती है। कथा के समापन पर विधि-विधान से आरती की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे पांडाल में भक्ति गीतों और जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर श्यामकृष्ण, राधेकृष्ण, राम कृष्ण तिवारी, त्रियुगी तिवारी, कल्लू पांडेय, शैलेंद्र तिवारी, सुधांशु, कुलदीप, संदीप, अभिनव, शुभम, सत्यम शुक्ला, आदित्य मिश्र, सौरभ, अनूप, अनिल तिवारी, उत्कर्ष, शिवांशु, दीपांशु, विवेक दुबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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    संग्रामपुर। सहजीपुर में आयोजित सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन वृहस्पतिवार को प्रवाचक स्वामी ओमानंद जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन करते हुए भक्ति, प्रेम और सच्ची मित्रता का संदेश दिया। कथा के समापन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और आरती के समय श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
प्रवाचक ने सुदामा चरित्र का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि सच्ची मित्रता कैसी होती है, यह भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की कथा से समझा जा सकता है। उन्होंने बताया कि सुदामा अपनी पत्नी के आग्रह पर अपने बालसखा भगवान श्रीकृष्ण से मिलने के लिए द्वारिका पहुंचे। जब वे द्वारिकाधीश के महल के द्वार पर पहुंचे तो द्वारपालों ने उन्हें साधारण भिक्षुक समझकर रोक दिया। सुदामा ने कहा कि वह भगवान श्रीकृष्ण के मित्र हैं। जब द्वारपाल ने महल में जाकर भगवान से कहा कि कोई व्यक्ति अपना नाम सुदामा बताकर आपसे मिलने आया है, तो यह सुनते ही भगवान श्रीकृष्ण सिंहासन से उठकर तेजी से द्वार की ओर दौड़ पड़े। सामने अपने मित्र सुदामा को देखकर उन्होंने उन्हें प्रेम से गले लगा लिया। सुदामा भी “कन्हैया-कन्हैया” कहते हुए भावविभोर हो गए। दोनों की ऐसी मित्रता देखकर सभा में उपस्थित सभी लोग आश्चर्यचकित रह गए।
भगवान श्रीकृष्ण ने सुदामा को अपने राज सिंहासन पर बैठाकर उनका सम्मान किया और उन्हें अपार धन-संपदा प्रदान कर मालामाल कर दिया। महाराज जी ने कहा कि जब भी भक्तों पर विपत्ति आती है तो भगवान स्वयं उनका उद्धार करने के लिए अवश्य आते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं को संदेश देते हुए कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में भक्ति, सदाचार और सत्कर्म को अपनाकर सदमार्ग पर चलना चाहिए। भगवान की सच्चे मन से भक्ति करने वाले भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है और जीवन में सुख-शांति प्राप्त होती है। कथा के समापन पर विधि-विधान से आरती की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे पांडाल में भक्ति गीतों और जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर श्यामकृष्ण, राधेकृष्ण, राम कृष्ण तिवारी, त्रियुगी तिवारी, कल्लू पांडेय, शैलेंद्र तिवारी, सुधांशु, कुलदीप, संदीप, अभिनव, शुभम, सत्यम शुक्ला, आदित्य मिश्र, सौरभ, अनूप, अनिल तिवारी, उत्कर्ष, शिवांशु, दीपांशु, विवेक दुबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
    user_SHIV MOHAN MISHRA
    SHIV MOHAN MISHRA
    Local News Reporter अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • अमेठी में बुधवार देर रात पुलिस और बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ में अपहरण व फिरौती के मामले में वांछित चल रहा 50 हजार का इनामी बदमाश मच्छर उर्फ इस्लाम अहमद उर्फ सोनू की बाईं टांग में गोली लगने से वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एक तमंचा के साथ एक जिंदा व खोखा कारतूस और बिना नंबर प्लेट की एक बाइक बरामद किया है। घायल बदमाश को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया था। दरअसल बीती 10 फरवरी को मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के एक कबाड़ी रमन अग्रहरि का अपहरण उस समय हो किया गया था जब वे सुबह अपने बेटे को स्कूल छोड़ने गए थे। बेटे को छोड़ने के बाद वापस लौटते समय सफेद चार पहिया वाहन सवार बदमाशों ने उनका अपहरण कर लिया था और नौ लाख अट्ठाइस हजार रुपए की फिरौती लेने के बाद उन्हें सकुशल छोड़ दिया था। रमन ने अपहरण कर्ताओं में दो को पहचान लिया था जो इनके गांव के बगल के गांव के ही रहने वाले थे, लेकिन इनका आतंक इतना था कि दो दिन तक रमन की हिम्मत ही नहीं पड़ी इन बदमाशों के बारे में शिकायत करने की लेकिन परिवार वालों के दबाव में रमन ने दो दिन बाद मुसाफिरखाना थाने में अज्ञात के विरुद्ध तहरीर देकर घटना का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस एक्टिव हुई तो पता चला कि इस मामले में कुल छह लोग इन्वॉल्व थे । उसमें एक नाबालिक भी था जो घटना के पहले रमन की रेकी कर पूरी सूचना बदमाशों को दे रहा था। घटना के दिन का सीसीटीवी फुटेज और और डिटेल्स निकालने के बाद पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर उनके पास रहे साढ़े चार लाख रुपए बरामद कर लिया था। उसी दौरान इस मामले में आरोपित दो बदमाश अयोध्या पुलिस के हत्थे पहले ही चढ़ गए थे। इसके बाद छठवें बदमाश के लिए पुलिस लगातार पड़ताल में लगी रही। बुधवार को देर रात मुखबिर से थाना मुसाफिरखाना पुलिस सूचना मिली कि रमन अपहरण कांड का अंतिम आरोपी मच्छर इसौली घाट की तरफ से बाइक से आएगा। पुलिस टीम ने सूचना के आधार पर घेराबंदी कर उसका इंतजार करने लगे तभी एक बाइक आती दिखी तो पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया। तभी वह बाइक मोड़कर कच्चे रास्ते से होकर गांव की तरफ भागने के प्रयास में बाइक सहित गिर पड़ा। उसने गिरते ही पुलिस पर फायर कर दिया। जवाबी फायरिंग में पुलिस की गोली उसकी बाईं टांग में जा धंसी और फिर गिर पड़ा तभी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। जामा तलाशी में उसके पास सिर्फ एक तमंचा, एक जिंदा व एक खोखा कारतूस ही मिल सका।  बड़ा ताज्जुब होता है इन बदमाशों के लिए कि इतनी बड़ी बड़ी घटनाओं को अंजाम देते हैं लेकिन साथ में सिर्फ एक तमंचा और दो कारतूस ही रखते हैं जो पुलिस मुठभेड़ के दौरान एक गोली खर्च होने के बाद एक जिंदा बचा कर रखते हैं। अक्सर ऐसा सारे गिरफ्तार बदमाशों के बारे में बताया जाता है। बहरहाल, पुलिस की पूछताछ में रमन अग्रहरि अपहरण कांड में शामिल होना बदमाश ने स्वीकार करते हुए बताया कि कबाड़ व्यापारी से रंगदारी कर 9,28,000 रुपये वसूले थे। घटना के बाद अनुज प्रताप सिंह द्वारा घटना में शामिल सभी को रुपये बांट दिया था। उस समय मुझे 60 हजार रुपये मिले थे जिसको लेकर मैं मुम्बई चला गया था। बाद में राजकुमार यादव निवासी लोहरौली मजरे जीतीपुर थाना पैकोलिया जिला बस्ती द्वारा मेरे हिस्से के शेष 1 लाख रुपये देने के लिए बुलाया था वही पैसे लेकर मैं लखनऊ जाने वाला था तब तक मुठभेड़ हो गई।
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    अमेठी में बुधवार देर रात पुलिस और बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ में अपहरण व फिरौती के मामले में वांछित चल रहा 50 हजार का इनामी बदमाश मच्छर उर्फ इस्लाम अहमद उर्फ सोनू की बाईं टांग में गोली लगने से वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एक तमंचा के साथ एक जिंदा व खोखा कारतूस और बिना नंबर प्लेट की एक बाइक बरामद किया है। घायल बदमाश को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया था।
दरअसल बीती 10 फरवरी को मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के एक कबाड़ी रमन अग्रहरि का अपहरण उस समय हो किया गया था जब वे सुबह अपने बेटे को स्कूल छोड़ने गए थे। बेटे को छोड़ने के बाद वापस लौटते समय सफेद चार पहिया वाहन सवार बदमाशों ने उनका अपहरण कर लिया था और नौ लाख अट्ठाइस हजार रुपए की फिरौती लेने के बाद उन्हें सकुशल छोड़ दिया था। रमन ने अपहरण कर्ताओं में दो को पहचान लिया था जो इनके गांव के बगल के गांव के ही रहने वाले थे, लेकिन इनका आतंक इतना था कि दो दिन तक रमन की हिम्मत ही नहीं पड़ी इन बदमाशों के बारे में शिकायत करने की लेकिन परिवार वालों के दबाव में रमन ने दो दिन बाद मुसाफिरखाना थाने में अज्ञात के विरुद्ध तहरीर देकर घटना का मुकदमा दर्ज कराया था।
मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस एक्टिव हुई तो पता चला कि इस मामले में कुल छह लोग इन्वॉल्व थे । उसमें एक नाबालिक भी था जो घटना के पहले रमन की रेकी कर पूरी सूचना बदमाशों को दे रहा था। घटना के दिन का सीसीटीवी फुटेज और और डिटेल्स निकालने के बाद पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर उनके पास रहे साढ़े चार लाख रुपए बरामद कर लिया था। उसी दौरान इस मामले में आरोपित दो बदमाश अयोध्या पुलिस के हत्थे पहले ही चढ़ गए थे। इसके बाद छठवें बदमाश के लिए पुलिस लगातार पड़ताल में लगी रही।
बुधवार को देर रात मुखबिर से थाना मुसाफिरखाना पुलिस सूचना मिली कि रमन अपहरण कांड का अंतिम आरोपी मच्छर इसौली घाट की तरफ से बाइक से आएगा। पुलिस टीम ने सूचना के आधार पर घेराबंदी कर उसका इंतजार करने लगे तभी एक बाइक आती दिखी तो पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया। तभी वह बाइक मोड़कर कच्चे रास्ते से होकर गांव की तरफ भागने के प्रयास में बाइक सहित गिर पड़ा। उसने गिरते ही पुलिस पर फायर कर दिया। जवाबी फायरिंग में पुलिस की गोली उसकी बाईं टांग में जा धंसी और फिर गिर पड़ा तभी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। जामा तलाशी में उसके पास सिर्फ एक तमंचा, एक जिंदा व एक खोखा कारतूस ही मिल सका। 
बड़ा ताज्जुब होता है इन बदमाशों के लिए कि इतनी बड़ी बड़ी घटनाओं को अंजाम देते हैं लेकिन साथ में सिर्फ एक तमंचा और दो कारतूस ही रखते हैं जो पुलिस मुठभेड़ के दौरान एक गोली खर्च होने के बाद एक जिंदा बचा कर रखते हैं। अक्सर ऐसा सारे गिरफ्तार बदमाशों के बारे में बताया जाता है।
बहरहाल, पुलिस की पूछताछ में रमन अग्रहरि अपहरण कांड में शामिल होना बदमाश ने स्वीकार करते हुए बताया कि कबाड़ व्यापारी से रंगदारी कर 9,28,000 रुपये वसूले थे। घटना के बाद अनुज प्रताप सिंह द्वारा घटना में शामिल सभी को रुपये बांट दिया था। उस समय मुझे 60 हजार रुपये मिले थे जिसको लेकर मैं मुम्बई चला गया था। बाद में राजकुमार यादव निवासी लोहरौली मजरे जीतीपुर थाना पैकोलिया जिला बस्ती द्वारा मेरे हिस्से के शेष 1 लाख रुपये देने के लिए बुलाया था वही पैसे लेकर मैं लखनऊ जाने वाला था तब तक मुठभेड़ हो गई।
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    Corresspondant Amethi, Uttar Pradesh•
    12 hrs ago
  • गरीब बेटियों की शादी या सरकारी अव्यवस्था का मेला? अमेठी में पत्तल के लिए मची छीना-झपटी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में शर्मनाक अव्यवस्था भोजन के लिए मारामारी, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल आदित्य मिश्र अमेठी। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत गौरीगंज में आयोजित कार्यक्रम में उस समय अव्यवस्था का नजारा देखने को मिला जब भोजन वितरण के दौरान लोगों में पत्तल और खाने के लिए छीना-झपटी शुरू हो गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों के बीच भोजन की व्यवस्था चरमरा गई और देखते ही देखते धक्का-मुक्की और अफरातफरी का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि सामूहिक विवाह समारोह में जिले के विभिन्न ब्लॉकों से आए सैकड़ों लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी, लेकिन भीड़ के मुकाबले इंतजाम कम पड़ गए। इसी दौरान कुछ लोगों ने पत्तल और भोजन पाने के लिए एक-दूसरे से छीना-झपटी शुरू कर दी। मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि लोग पत्तल और खाने के लिए एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे कार्यक्रम की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। जहां एक ओर मंच से सरकारी योजनाओं की उपलब्धियां गिनाई जा रही थीं, वहीं दूसरी ओर जमीन पर अव्यवस्था का यह नजारा लोगों को शर्मिंदा करने वाला साबित हुआ। सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। जिले के 13 ब्लॉकों और चारों नगर निकायों से चयनित 308 जोड़े वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लेकर वैवाहिक बंधन में बंधे। विवाह से जुड़ी सभी रस्में पूरे रीति-रिवाज के साथ संपन्न कराई गईं और बेटियों को उपहार व आशीर्वाद देकर विदा किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने नवविवाहित जोड़ों को विवाह प्रमाण-पत्र और उपहार सामग्री प्रदान की। उन्होंने कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए अत्यंत लाभकारी है और सरकार का उद्देश्य गरीब परिवारों की बेटियों का सम्मानपूर्वक विवाह कराना है। डीएम संजय चौहान ने कहा कि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शिता के साथ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है और सभी नवदंपतियों को सुखद वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं। प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी शेर बहादुर ने बताया कि योजना के तहत प्रति युगल एक लाख रुपये की सहायता दी जाती है। इसमें 60 हजार रुपये कन्या के बैंक खाते में भेजे जाते हैं, जबकि 25 हजार रुपये की उपहार सामग्री में पांच साड़ियां, ब्राइडल लहंगा, चांदी की पायल व बिछिया, डिनर सेट, कुकर, ट्रॉली बैग, सीलिंग फैन, आयरन, गद्दा-तकिया आदि दिए जाते हैं। इसके अलावा 15 हजार रुपये समारोह के आयोजन पर खर्च किए जाते हैं। हालांकि इस भव्य आयोजन के बीच अव्यवस्था की तस्वीर भी सामने आई। भोजन वितरण के दौरान भीड़ बढ़ने पर लोगों में पत्तल और खाने के लिए छीना-झपटी शुरू हो गई। कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया और लोग भोजन पाने के लिए एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश करते नजर आए। मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि लोग पत्तल और भोजन के लिए धक्का-मुक्की कर रहे हैं। इसके बाद कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
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    गरीब बेटियों की शादी या सरकारी अव्यवस्था का मेला? अमेठी में पत्तल के लिए मची छीना-झपटी 
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में शर्मनाक अव्यवस्था भोजन के लिए मारामारी, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
आदित्य मिश्र 
अमेठी। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत गौरीगंज में आयोजित कार्यक्रम में उस समय अव्यवस्था का नजारा देखने को मिला जब भोजन वितरण के दौरान लोगों में पत्तल और खाने के लिए छीना-झपटी शुरू हो गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों के बीच भोजन की व्यवस्था चरमरा गई और देखते ही देखते धक्का-मुक्की और अफरातफरी का माहौल बन गया।
बताया जा रहा है कि सामूहिक विवाह समारोह में जिले के विभिन्न ब्लॉकों से आए सैकड़ों लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी, लेकिन भीड़ के मुकाबले इंतजाम कम पड़ गए। इसी दौरान कुछ लोगों ने पत्तल और भोजन पाने के लिए एक-दूसरे से छीना-झपटी शुरू कर दी। मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि लोग पत्तल और खाने के लिए एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे कार्यक्रम की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। जहां एक ओर मंच से सरकारी योजनाओं की उपलब्धियां गिनाई जा रही थीं, वहीं दूसरी ओर जमीन पर अव्यवस्था का यह नजारा लोगों को शर्मिंदा करने वाला साबित हुआ।
सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। जिले के 13 ब्लॉकों और चारों नगर निकायों से चयनित 308 जोड़े वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लेकर वैवाहिक बंधन में बंधे। विवाह से जुड़ी सभी रस्में पूरे रीति-रिवाज के साथ संपन्न कराई गईं और बेटियों को उपहार व आशीर्वाद देकर विदा किया गया।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने नवविवाहित जोड़ों को विवाह प्रमाण-पत्र और उपहार सामग्री प्रदान की। उन्होंने कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए अत्यंत लाभकारी है और सरकार का उद्देश्य गरीब परिवारों की बेटियों का सम्मानपूर्वक विवाह कराना है।
डीएम संजय चौहान ने कहा कि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शिता के साथ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है और सभी नवदंपतियों को सुखद वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं।
प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी शेर बहादुर ने बताया कि योजना के तहत प्रति युगल एक लाख रुपये की सहायता दी जाती है। इसमें 60 हजार रुपये कन्या के बैंक खाते में भेजे जाते हैं, जबकि 25 हजार रुपये की उपहार सामग्री में पांच साड़ियां, ब्राइडल लहंगा, चांदी की पायल व बिछिया, डिनर सेट, कुकर, ट्रॉली बैग, सीलिंग फैन, आयरन, गद्दा-तकिया आदि दिए जाते हैं। इसके अलावा 15 हजार रुपये समारोह के आयोजन पर खर्च किए जाते हैं।
हालांकि इस भव्य आयोजन के बीच अव्यवस्था की तस्वीर भी सामने आई। भोजन वितरण के दौरान भीड़ बढ़ने पर लोगों में पत्तल और खाने के लिए छीना-झपटी शुरू हो गई। कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया और लोग भोजन पाने के लिए एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश करते नजर आए।
मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि लोग पत्तल और भोजन के लिए धक्का-मुक्की कर रहे हैं। इसके बाद कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
    user_Aditya Mishra
    Aditya Mishra
    पत्रकार अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • नेताओं के नाक कान एवं आंख के नीचे से ये संपर्क मार्ग भूसियावां से विकास खण्ड शाहगढ को जोड़ते हुए रामगंज तक जाता है जो लगभग 5 से 6 वर्षो से निर्माणाधीन है जिस संपर्क मार्ग पर प्रतिदिन 10 हजारों की संख्या स्कूली बच्चों और आप जनमानस का आवागमन होता है I फिर भी आज तक निर्माणाधीन है I
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    नेताओं के नाक कान एवं आंख के नीचे से ये संपर्क  मार्ग भूसियावां से विकास खण्ड शाहगढ को जोड़ते हुए रामगंज तक जाता है जो लगभग 5 से 6 वर्षो से निर्माणाधीन है जिस संपर्क मार्ग पर प्रतिदिन 10 हजारों की संख्या स्कूली बच्चों और आप जनमानस का आवागमन होता है I फिर भी आज तक निर्माणाधीन है  I
    user_Sargam Gautam
    Sargam Gautam
    अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • ये Saree Business आपको मालामाल कर देगा
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    ये Saree Business आपको मालामाल कर देगा
    user_Reporter Ravinder
    Reporter Ravinder
    Business management consultant Musafirkhana, Amethi•
    7 hrs ago
  • लखनऊ - सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात की अखिलेश यादव ने कहा पूजनीय शंकराचार्य जी का आशीर्वाद मिलने से नकली संतों का अंत होने जा रहा है
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    लखनऊ - सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात की
अखिलेश यादव ने कहा पूजनीय शंकराचार्य जी का आशीर्वाद मिलने से नकली संतों का अंत होने जा रहा है
    user_Omprakash प्रजापति
    Omprakash प्रजापति
    Voice of people प्रतापगढ़, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • संग्रामपुर। भैरवपुर प्राथमिक विद्यालय के पास बुधवार की देर रात्रि सड़क किनारे लगे विद्युत पोल से अनियंत्रित होकर बाइक टकराने से बारात से शामिल होकर घर लौट रहे। भगतपुर विशेषरगंज निवासी युवक प्रदीप वर्मा (25) पुत्र स्व. धरमवीर वर्मा की मौत हो गई। वही बाइक पर पीछे बैठा युवक कप्तान (21) पुत्र इंद्रपाल मामूली रूप से घायल होते हुए बाल-बाल बच गया। राहगीरों की मदद से दोनों को एम्बुलेंस से संग्रामपुर सीएचसी भर्ती कराया गया। जहां पर प्रदीप वर्मा को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक के छोटे भाई विशाल वर्मा ने बताया कि उनके बड़े भाई प्रदीप वर्मा बुधवार की शाम रिश्तेदारी नरी से कटका मानापुर प्रतापगढ़ बारात में शामिल होकर घर वापस लौट रहे थे। करीब साढ़े 10 बजे रात्रि भैरवपुर के पास बाइक विद्युत पोल से टकराकर घायल होने की सूचना मिली। अस्पताल पहुंचने पता चला कि उनके भाई प्रदीप वर्मा की मौत हो गई है। मृतक प्रदीप वर्मा के पिता स्व. धरमवीर वर्मा की 12 साल पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी। मां शीला देवी ने बच्चों का पालन पोषण किया। मृतक की दो साल पहले शादी हुई थी। पत्नी गायत्री और नौ महीने का बेटा सनवीर है। जहां घटना से पत्नी रो रोकर बेहोश हो जा रही है तो वही मासूम के सिर उसके जानने से पहले ही पिता का छाया छीन गया। मृतक के दो भाई है। उससे छोटा संदीप वर्मा गुजरात के अहमदाबाद में प्राइवेट नौकरी करके परिवार चलाने में भाई का सहयोग करता था। सबसे छोटा भाई विशाल वर्मा घर रहकर खेती में मां का सहयोग करता है। मृतक प्रदीप वर्मा घर पर ही रहकर प्रतिदिन मजदूरी करके परिवार की जिम्मेदारी संभालता था। मां शीला देवी बड़े बेटे की मौत से सदमे में आ गई है। रो रोकर बस यही कह रही थी पति के जाने के बाद जब बेटा सहारा देने के लायक बना तो भगवान ने उसे भी छीन लिया। घटना से मृतक के चाचा धर्मवीर और अयोध्या प्रसाद वर्मा सहित पूरे परिवार में मातम छा गया है। इंस्पेक्टर संजय सिंह ने बताया कि बुधवार देर रात बाइक पोल से टकराने से हादसा सामने आया है। जिसमें बाइक चला रहे युवक प्रदीप वर्मा की मौत हो गई है जबकि बाइक के पीछे बैठा एक युवक घायल हुआ है। मृतक युवक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
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    संग्रामपुर। भैरवपुर प्राथमिक विद्यालय के पास बुधवार की देर रात्रि सड़क किनारे लगे विद्युत पोल से अनियंत्रित होकर बाइक टकराने से बारात से शामिल होकर घर लौट रहे। भगतपुर विशेषरगंज निवासी युवक प्रदीप वर्मा (25) पुत्र स्व. धरमवीर वर्मा की मौत हो गई। वही बाइक पर पीछे बैठा युवक कप्तान (21) पुत्र इंद्रपाल मामूली रूप से घायल होते हुए बाल-बाल बच गया। राहगीरों की मदद से दोनों को एम्बुलेंस से संग्रामपुर सीएचसी भर्ती कराया गया। जहां पर प्रदीप वर्मा को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
मृतक के छोटे भाई विशाल वर्मा ने बताया कि उनके बड़े भाई प्रदीप वर्मा बुधवार की शाम रिश्तेदारी नरी से कटका मानापुर प्रतापगढ़ बारात में शामिल होकर घर वापस लौट रहे थे। करीब साढ़े 10 बजे रात्रि भैरवपुर के पास बाइक विद्युत पोल से टकराकर घायल होने की सूचना मिली। अस्पताल पहुंचने पता चला कि उनके भाई प्रदीप वर्मा की मौत हो गई है।
मृतक प्रदीप वर्मा के पिता स्व. धरमवीर वर्मा की 12 साल पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी। मां शीला देवी ने बच्चों का पालन पोषण किया। मृतक की दो साल पहले शादी हुई थी। पत्नी गायत्री और नौ महीने का बेटा सनवीर है। जहां घटना से पत्नी रो रोकर बेहोश हो जा रही है तो वही मासूम के सिर उसके जानने से पहले ही पिता का छाया छीन गया। मृतक के दो भाई है। उससे छोटा संदीप वर्मा गुजरात के अहमदाबाद में प्राइवेट नौकरी करके परिवार चलाने में भाई का सहयोग करता था। सबसे छोटा भाई विशाल वर्मा घर रहकर खेती में मां का सहयोग करता है। मृतक प्रदीप वर्मा घर पर ही रहकर प्रतिदिन मजदूरी करके परिवार की जिम्मेदारी संभालता था।
मां शीला देवी बड़े बेटे की मौत से सदमे में आ गई है। रो रोकर बस यही कह रही थी पति के जाने के बाद जब बेटा सहारा देने के लायक बना तो भगवान ने उसे भी छीन लिया। घटना से मृतक के चाचा धर्मवीर और अयोध्या प्रसाद वर्मा सहित पूरे परिवार में मातम छा गया है।
इंस्पेक्टर संजय सिंह ने बताया कि बुधवार देर रात बाइक पोल से टकराने से हादसा सामने आया है। जिसमें बाइक चला रहे युवक प्रदीप वर्मा की मौत हो गई है जबकि बाइक के पीछे बैठा एक युवक घायल हुआ है। मृतक युवक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
    user_SHIV MOHAN MISHRA
    SHIV MOHAN MISHRA
    Local News Reporter अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
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