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" 'शांतिप्रिय परंतु बहादुर' "देश🇮🇳भारत" बिना किसी अन्य देश की सहायता के इस 'भीषण युद्ध' के मुहाने पर 'अकेला' पहुंच
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" 'शांतिप्रिय परंतु बहादुर' "देश🇮🇳भारत" बिना किसी अन्य देश की सहायता के इस 'भीषण युद्ध' के मुहाने पर 'अकेला' पहुंच
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- " 'शांतिप्रिय परंतु बहादुर' "देश🇮🇳भारत" बिना किसी अन्य देश की सहायता के इस 'भीषण युद्ध' के मुहाने पर 'अकेला' पहुंच1
- 2 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। जिला सोनीपत के गांव बिचपडी उप मंडल गोहाना में पैदा हुई व किन्नर समाज की महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 श्री स्वीटी अपने पैतृक गांव में हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंची। उन्होंने मंदिर में पहुंचकर ग्रामीणों से रूबरू होकर मंदिर के लिए अपनी श्रद्धा से दान दिया। ग्रामीणों के संग बैठकर पुरानी यादें ताजा की और प्रसाद ग्रहण किया। उन्होंने गांव बिचपडी को एक आदर्श गांव बताते हुए कहा कि मेरा गांव बहुत अच्छा गांव है। मुझे जो भी मिला है मेरे गांव से मिला है। मैं अपनी जिंदगी में खुश हूं। मैं गांव में आती-जाती रहती हूं। मुझे गांव का प्यार सदा मिलता रहा है।1
- जींद।। विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण मिढा ने आगामी 5 अप्रैल को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अगुवाई में होने वाली विकास रैली की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि यह रैली जींद के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। मुख्यमंत्री इस अवसर पर कई नई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे और जिले को बड़ी सौगातें देंगे। डॉ. मिढा आज रैली स्थल पर मिडिया से बातचित करते हुए बताया कि जींद को हरियाणा का “दिल” कहा जाता है और मुख्यमंत्री का आगमन इस दिल को और मजबूत बनाने का कार्य करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि बड़ी संख्या में लोग रैली में पहुंचेंगे और मुख्यमंत्री को सुनने के लिए उत्साहित हैं। यह रैली विधानसभा स्तर पर अब तक की सबसे बड़ी रैली होगी।उन्होंने कहा कि जींद की जनता ने हाल के चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को पांच में से चार सीटें देकर रिकॉर्ड बनाया है, जिसके लिए मुख्यमंत्री स्वयं जनता का आभार व्यक्त करने आ रहे हैं। साथ ही, वे सैकड़ों-हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की घोषणा भी करेंगे, जिससे क्षेत्र में तेजी से विकास होगा।रैली की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर डॉ. मिढा ने बताया कि पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह के साथ कई बैठकें हो चुकी हैं। सुरक्षा के सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं और किसी प्रकार की अव्यवस्था की संभावना नहीं है। हजारों लोगों की भीड़ को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रबंध किए गए हैं।उन्होने बताया कि रैली लगभग 8 एकड़ क्षेत्र में आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि गांवों के दौरे पूरे हो चुके हैं और शहर में भी वार्ड स्तर पर जनसंपर्क अभियान जारी है। बाजारों में भी लगातार जनसभाएं की जा रही हैं, जिससे लोगों में रैली को लेकर उत्साह बढ़ रहा है।डॉ. मिढा ने जानकारी दी कि मेडिकल कॉलेज की ओपीडी शुरू हो चुकी है और आगामी सत्र से 100 एमबीबीएस छात्रों के प्रवेश की प्रक्रिया शुरू होगी। पूर्ण निर्माण के बाद इसका उद्घाटन देश के प्रधानमंत्री द्वारा किया जाएगा। साथ ही, हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना का उद्घाटन भी इसी दौरान होने की संभावना है।उन्होंने कहा कि भाखड़ा नहर से पानी लाने की परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है और निर्धारित समय से पहले ही जींद को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।आईएमटी (औद्योगिक मॉडल टाउनशिप) के संबंध में उन्होंने कहा कि इसकी घोषणा हो चुकी है और इसके लिए भूमि उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने किसानों और भूमि मालिकों से प्रदेश के विकास में सहयोग की अपील की। कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला द्वारा किसानों के मुद्दे उठाने पर डॉ. मिढा ने कहा कि कानून हमेशा जनहित को ध्यान में रखकर बनाए जाते हैं। यदि किसानों को किसी प्रकार की समस्या है तो सरकार बातचीत के माध्यम से उसका समाधान करेगी। उन्होंने अंत में कहा कि जींद अब पिछड़ा नहीं रहा और विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आगामी रैली इस बदलाव को और गति देने का कार्य करेगी।1
- हरियाणा जिला करनाल इंद्री मार्ग जो गढ़पुर खालसा और बीयना ट्रॉली एक्टिवा कैसे चकनाचूर हुई और उनके सवारी बैठी हुई उसका ख्याल हुआ देखिए हमारे साथ वीडियो में 1
- विनाशकारी 'तरक्की' बनाम ज़हरीला 'भविष्य' शीर्षक: सावधान! जिसे आप 'तरक्की' समझ रहे हैं, वह आपके बच्चों का 'भविष्य' निगल रही है — ज़हर खा रही है 'गौमाता', तो आपके बच्चे 'अमृत' कहाँ से पाएँगे? स्थान: कुरुक्षेत्र/हरियाणा | दिनांक: 02 अप्रैल, 2026 प्रस्तुति: विशाल शर्मा (स्वतंत्र पत्रकार एवं मीडिया शोधकर्ता) मुख्य बिंदु और चेतावनी: तरक्की का भ्रम: डिजिटल इंडिया और आधुनिकता के नाम पर हम तरक्की नहीं, बल्कि अपने बच्चों के भविष्य को रसायनों की आग में झोंक रहे हैं। असली तरक्की गाँव की स्वच्छता और खेत की मिट्टी की शुद्धता में है। ज़हर का जानलेवा चक्र: आज हमारी गौमाता पेस्टिसाइड और यूरिया से सना ज़हरीला घास खा रही है। जब चारा ही ज़हरीला है, तो दूध अमृत कैसे हो सकता है? हम अनजाने में अपनी आने वाली पीढ़ी की रगों में 'सफ़ेद ज़हर' उतार रहे हैं। गाँव की मर्यादा और प्रवेश द्वार: गाँव का प्रवेश द्वार (Entrance) ही 'फर्स्ट इम्प्रेशन' है। यदि वहाँ गोबर के ढेर और बीमारियों के मच्छर हैं, तो गाँव का भविष्य सुरक्षित नहीं। इसे फूलों और जड़ी-बूटियों से सजाना अनिवार्य है। वैज्ञानिकों और सरकार को सुझाव: वैज्ञानिकों ने गायों की नस्लें तो बदलीं, लेकिन उनके 'ईंधन' (चारे) पर ध्यान नहीं दिया। यदि सरकार 'औषधीय चारा नीति' लागू करे और हर किसान 2 एकड़ पर एक नीम और अर्जुन का वृक्ष लगाए, तो 20 साल में प्रकृति का कायाकल्प हो जाएगा। 100+ औषधियों का कवच: समाज को बचाने के लिए 100 से अधिक औषधीय पौधों की सूची तैयार की गई है (जैसे: नीम, अर्जुन, मोरिंगा, गिलोय, अश्वगंधा, अपराजिता आदि)। ये पौधे न केवल सजावट के लिए श्रेष्ठ हैं, बल्कि घर-गाँव को 'प्राकृतिक ऑक्सीजन प्लांट' में बदल देते हैं। 1. प्रमुख औषधीय पौधे (Medicinal Plants) ये पौधे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और विभिन्न विकारों के उपचार में सहायक हैं: नीम: रक्त शोधक और एंटी-बैक्टीरियल। तुलसी: (रामा, श्यामा, वन और कपूर तुलसी) श्वसन तंत्र के लिए रामबाण। गिलोय: जीर्ण ज्वर और इम्युनिटी के लिए प्रसिद्ध। एलोवेरा (घृतकुमारी): त्वचा और पाचन तंत्र हेतु। अश्वगंधा: मानसिक तनाव और शारीरिक शक्ति के लिए। आंवला: विटामिन-C का सर्वोत्तम स्रोत, नेत्र और केश विकार में लाभकारी। शतावरी: हार्मोनल संतुलन और कमजोरी दूर करने के लिए। ब्राह्मी: याददाश्त और मस्तिष्क की कार्यक्षमता बढ़ाने हेतु। कालमेघ: लिवर की सुरक्षा और बुखार के लिए। सर्पगंधा: उच्च रक्तचाप (BP) को नियंत्रित करने के लिए। मोरिंगा (सहजन): मल्टी-विटामिन और खनिज का खजाना। स्टीविया: प्राकृतिक शुगर-फ्री विकल्प। पत्थरचट्टा: गुर्दे की पथरी के उपचार में सहायक। अडूसा (वसाका): खांसी और दमा के लिए प्रभावी। हरड़ और बहेड़ा: त्रिफला के मुख्य घटक, पाचन के लिए श्रेष्ठ। 2. फलदार वृक्ष (Fruit Trees) ये न केवल पोषण देते हैं बल्कि वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाते हैं: आम: (दशहरी, लंगड़ा, चौसा, अल्फोंसो) फलों का राजा। जामुन: मधुमेह रोगियों के लिए वरदान। अमरूद: पेट की सफाई और विटामिन-C के लिए। बेल: लू से बचाव और पेट की ठंडक के लिए। नींबू: क्षारीय गुणों से भरपूर। पपीता: पाचन और प्लेटलेट्स बढ़ाने में सहायक। चीकू: ऊर्जा का त्वरित स्रोत। अनार: रक्त की कमी को दूर करने वाला। अंजीर: हड्डियों की मजबूती और कब्ज निवारक। शहतूत: शीतलता प्रदान करने वाला। इमली: विटामिन-C और खनिजों से युक्त। सीताफल (शरीफा): हृदय स्वास्थ्य के लिए उत्तम। 3. सुगंधित एवं सजावटी फूल (Flowering & Ornamental Plants) ये मानसिक शांति और सौंदर्य के साथ-साथ वातावरण को शुद्ध करते हैं: गुलाब: सौंदर्य प्रसाधन और गुलकंद के लिए। गेंदा: कीटनाशक गुणों से युक्त और सजावट में सर्वोपरि। मोगरा/चमेली: सुगंधित तेल और तनाव कम करने के लिए। पारिजात (हरसिंगार): इसके फूल और पत्तियां जोड़ों के दर्द में भी उपयोगी हैं। गुड़हल: बालों की सेहत और बीपी नियंत्रण के लिए। कनेर: कम पानी में उगने वाला सजावटी पौधा। अपराजिता: बुद्धि वर्धक और सुंदर नीले फूलों वाला। रजनीगंधा: रात में महकने वाला लोकप्रिय फूल। अमलतास: सुनहरे फूलों वाला औषधीय वृक्ष। गुलमोहर: ग्रीष्म ऋतु में छाया और सौंदर्य देने वाला। सदाबहार: शुगर कंट्रोल और कैंसर रोधी गुणों से युक्त। चांदनी: सफेद फूलों वाला शांत पौधा। 4. वायु शोधक एवं अन्य उपयोगी पौधे (Air Purifying & Others) स्नेक प्लांट: रात में ऑक्सीजन देने वाला। मनी प्लांट: हवा से टॉक्सिन्स दूर करने वाला। पीपल: 24 घंटे ऑक्सीजन देने वाला सबसे विशाल वृक्ष। बरगद: दीर्घायु और गहरी छाया का प्रतीक। कड़ी पत्ता (मीठा नीम): रसोई और पाचन के लिए अनिवार्य। लेमन ग्रास: काढ़ा और चाय के लिए बेहतरीन। गाँव और भविष्य के लिए सुझाव जैसा कि आप मानते हैं कि "शुद्ध वायु बढ़ाए आयु", यदि हर खेत की मेड़ पर और गाँव के प्रवेश द्वार पर निम्नलिखित का मिश्रण लगाया जाए, तो वातावरण संतुलित रहेगा: मेड़ पर: सहजन, नीम और आंवला (आर्थिक और स्वास्थ्य लाभ)। प्रवेश द्वार पर: फूलों वाले वृक्ष जैसे अमलतास, कचनार और गुलमोहर (सौंदर्य)। आंगन में: तुलसी, एलोवेरा और गिलोय (प्राथमिक चिकित्सा)। निष्कर्ष: "जब तक खेत की मेड़ पर औषधि नहीं होगी, तब तक न डेयरी का दूध शुद्ध होगा और न इंसान का खून। यह केवल व्यापार नहीं, हमारे वंश को रसायनों के चंगुल से बचाने का महा-यज्ञ है। बौद्धिक क्षमता बढ़ाएं, हिंदुस्तान बचाएं।" संपर्क: इंडिया न्यूज़ 9 लाइव (मीडिया रिसर्च विंग) विशाल शर्मा, स्वतंत्र पत्रकार शोधकर्ता1
- बच्चो को शिक्षा के साथ साथ उनका मनोरंजन भी बहुत जरूरी है ताकि उनका स्वास्थ्य ठीक रहे इसके लिऐ ऐसे टीचर की जरूरत होती है1
- #Rohtak: सुबह खरावड़ जाते समय अचानक E-Scooty में लगी आग: पहले निकला धुँआ, फिर धूँ -धूँ कर जलने लगी, बाल-बाल बच्चे युवक1
- जिला सोनीपत के गांव बिचपडी में हनुमान जयंती पर भव्य भंडारा लगाया गया।इस अवसर पर मंदिर के महंत बाबा धर्मदास जी ने हवन यज्ञ के बाद भंडारे की शुरुआत की और आए हुए संतो को भोजन खिलाकर आशीर्वाद दिया और उन्हें दक्षिणा देकर विदा किया इस अवसर पर ग्रामीणों में धर्मदास जी का दिल खोलकर साथ दिया और भंडारे में महिलाओं की संख्या भी काफी नजर आ रही थी।1