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गौ सेवा परमो धर्मः धर्म रक्षा परमो धर्मः राष्ट्र रक्षा परमो धर्मः अगर थोड़ा बहुत हिंदुत्व या इंसानियत बची हुई है तो गौ माता के लिए सहारा बनना चाहिए
पवन सिंह सनातनी
गौ सेवा परमो धर्मः धर्म रक्षा परमो धर्मः राष्ट्र रक्षा परमो धर्मः अगर थोड़ा बहुत हिंदुत्व या इंसानियत बची हुई है तो गौ माता के लिए सहारा बनना चाहिए
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- अगर थोड़ा बहुत हिंदुत्व या इंसानियत बची हुई है तो गौ माता के लिए सहारा बनना चाहिए1
- Post by Durgesh kanojiya Uttar Pradesh1
- अजीत मिश्रा (खोजी) 🏥जांच की आड़ में 'मेहरबानी': जब रक्षक ही बन जाएं भक्षकों के ढाल🏥 ⭐लापरवाही से मौत, सिस्टम की मेहरबानी: क्या रसूखदारों को बचाने के लिए लटकाए जाते हैं जांच के मामले? ⭐कछुआ चाल जांच, सफेदपोश गुनहगार: पीड़ितों के आंसू सूख गए, पर साहब की 'रिपोर्ट' नहीं आई। ⭐मौत के सौदागरों पर कार्रवाई की आंच नहीं, 'जांच' के नाम पर बस्ती में हो रही केवल लीपापोती। ⭐साहब की 'मेहरबानी' ने बदला सिस्टम: जब रक्षक ही बन जाएं भक्षकों के ढाल! बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश। बस्ती। जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों में मौतों का सिलसिला थमता नहीं दिख रहा है, लेकिन उससे भी ज्यादा भयावह है स्वास्थ्य विभाग की वह 'जांच', जो दोषियों को सजा देने के बजाय उन्हें बचाने का सेफ पैसेज (सुरक्षित रास्ता) बन गई है। जिले के आधा दर्जन से अधिक दागदार अस्पताल और जांच केंद्र आज भी बेखौफ संचालित हो रहे हैं, क्योंकि विभाग ने कार्रवाई की फाइल पर 'जांच' का ऐसा पत्थर रख दिया है जो हटने का नाम नहीं ले रहा। 💫जांच नहीं, यह तो दोषियों का 'सुरक्षा कवच' है! हैरानी की बात यह है कि जब भी किसी अस्पताल की लापरवाही से कोई नवजात दम तोड़ता है या किसी बुजुर्ग की सांसें ऑक्सीजन के अभाव में थम जाती हैं, तो विभाग तत्काल एक 'जांच समिति' गठित कर अपनी जिम्मेदारी की इतिश्री कर लेता है। लेकिन असलियत में ये समितियां न्याय दिलाने के लिए नहीं, बल्कि समय काटने के लिए बनाई जाती हैं। नियम कहता है कि चिकित्सा लापरवाही की जांच एक निश्चित समय सीमा में पूरी होनी चाहिए, लेकिन बस्ती में स्थिति इसके ठीक उलट है। यहाँ महीनों तक रिपोर्ट नहीं आती, और इस बीच अस्पताल संचालक बिचौलिए के जरिए पीड़ित परिवारों को 'मैनेज' करने का खेल खेलते हैं। 💫सिस्टम की 'मेहरबानी' के तीन जीते-जाते सबूत: 🔥सीएचसी भानपुर (खैरा): जहाँ एक एएनएम पर प्रसव के नाम पर अवैध वसूली और नवजात की मौत का दोष सिद्ध हो चुका है, फिर भी विभाग की फाइलें रेंग रही हैं। आखिर किस रसूख के आगे कार्रवाई बौनी साबित हो रही है? 🔥सीएचसी विक्रमजोत: लापरवाही ने यहाँ भी एक मासूम की जान ली। सीएमओ साहब ने टीम तो बना दी, लेकिन रिपोर्ट का इंतजार ऐसा है जैसे वह किसी दूसरे लोक से आनी हो। 🔥भानपुर ऑक्सीजन कांड: गंभीर हालत में बुजुर्ग का ऑक्सीजन हटा देना किसी हत्या से कम नहीं है। परिजनों की आंखों के आंसू सूख गए, लेकिन जांच टीम की कलम से अभी तक सच्चाई की स्याही नहीं निकली। 💫बिचौलियों का 'सहानुभूति' वाला धंधा रिपोर्ट में एक और कड़वी सच्चाई सामने आई है। जब तक विभाग की जांच लटकती है, तब तक अस्पताल संचालक और उनके गुर्गे पीड़ित परिवार को मानसिक और आर्थिक रूप से इतना थका देते हैं कि वे समझौता करने को मजबूर हो जाते हैं। विडंबना देखिए, जिस स्वास्थ्य विभाग को गरीबों का सहारा होना चाहिए था, वह आज सफेदपोश 'मौत के सौदागरों' के लिए क्लीन चिट बांटने वाली मशीन बन गया है। 💫सवाल जो जवाब मांगते हैं: 👉क्या सीएमओ कार्यालय सिर्फ फाइलें दबाने का अड्डा बन गया है? 👉क्या जांच रिपोर्ट में देरी जानबूझकर की जाती है ताकि दोषियों को भागने या सबूत मिटाने का मौका मिले? उ👉न मांओं की चीखें प्रशासन को क्यों नहीं सुनाई देतीं जिनके बच्चे विभाग की 'ढिलाई' की भेंट चढ़ गए? 💫विभागीय मिलीभगत: स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी बड़ी घटना होने पर केवल समिति गठित कर अपनी जिम्मेदारी की "इतिश्री" (खानापूर्ति) कर लेते हैं। 💫दोषियों को 'क्लीन चिट': कई मामलों में जांच रिपोर्ट इतनी देरी से आती है या ऐसी बनाई जाती है कि अस्पताल संचालकों को आसानी से 'क्लीन चिट' मिल जाती है और वे दोबारा निडर होकर अपना धंधा शुरू कर देते हैं। 💫पीड़ितों का शोषण: समय बीतने के साथ पीड़ित परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से थक जाता है। इसी का फायदा उठाकर बिचौलिए सक्रिय होते हैं और मामले को रफा-दफा करने का दबाव बनाते हैं। 📢अधिकारी का बयान: सीएमओ राजीव निगम का कहना है कि "रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई की जाएगी," जो कि लेख के अनुसार एक मानक और टालमटोल वाला जवाब है। बस्ती का स्वास्थ्य विभाग आज वेंटिलेटर पर है। अगर समय रहते इन 'दागदार' संस्थानों और उन्हें संरक्षण देने वाले अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो 'जांच' शब्द से जनता का भरोसा पूरी तरह उठ जाएगा। जनता जवाब चाहती है—न्याय कब मिलेगा या फिर एक और मौत का इंतजार किया जा रहा है?1
- तारुन (अयोध्या) ।रिपोर्टर दुर्गा सिंह।। विकास खंड तारुन की ग्रामसभा जाना में जल निगम की घोर उदासीनता के चलते आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त हो गया है। जाना-ननसा मार्ग पर देवलाह स्थित शहीद बाबा मजार के पास पाइपलाइन फटने से पिछले कई दिनों से सड़क पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। लगातार हो रहे पानी के रिसाव के कारण राम तेज सिंह के मकान के बगल वाले मोड़ पर सड़क गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जिससआए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि पानी के तेज बहाव से सड़क का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। इस संबंध में जब जल निगम के अवर अभियंता करुण वीर गौतम से बात की गई, तो उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही पाइप की मरम्मत कराकर जलापूर्ति सामान्य कर दी जाएगी। अब देखना यह है कि विभाग इस गंभीर समस्या का समाधान कब तक करता है।1
- DM,SSP के आश्वासन पर धरना समाप्त 23 मार्च 2026 अयोध्या। सोहावल किसान समस्याओं के समाधान को लेकर 16 मार्च से सोहावल तहसील परिसर में भारतीय किसान यूनियन द्वारा चलाए जा रहे अनिश्चितकालीन धरने पर आयोजित किसान महापंचायत के पदाधिकारियों से तहसील दिवस में पहुंचे जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा बिंदुवार वार्ता करके समस्याओं के समाधान का आश्वासन देने के बाद अनिश्चितकालीन धरना व किसान महापंचायत स्थगित कर दी गई। किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव घनश्याम वर्मा ने कहा कि किसानों -मजदूरों की की छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान तहसील प्रशासन द्वारा ना करके विवाद को बढ़ाया जा रहा है जिसके कारण मजबूरी में किसान महापंचायत करना पड़ा घनश्याम वर्मा ने कहा कि तहसील प्रशासन हदबरारी व बटवारा मुकदमों के आदेशों का कंप्लायंस नहीं कर पा रहा है नाली चकमार्ग सहित सार्वजनिक जमीनों पर अवैध कब्जों को नहीं हटवा रही है। मध्यांचल सचिव सूर्यनाथ वर्मा ने कहा कि 1991 से वर्ग 6( 2) की जमीन पर काबिज गरीब मजदूर व्यक्ति को तहसील प्रशासन द्वारा अनुचित दबाव बनाकर मकान बनाने से रोका जा रहा है जो किसी भी दशा में उचित नहीं है किसान नेता फरीद अहमद ने कहा कि तहसील परिसर में करोड़ों की लागत से बनाई गई पानी की टंकी चालू नहीं हो पाई मोटर पाइप दरवाजा को बेच दिया गया जिसकी जांच कराकर रिकवरी होनी चाहिए। जिला अध्यक्ष राम गणेश मौर्य ने कहां की छुट्टा जानवरों व नील गायों के आतंक से खेती बर्बाद हो रही है खेती की लागत बढ़ रही है सड़क पर दुर्घटनाएं हो रही हैं प्रशासन पूरी तरह से छुट्टा जानवरों को पकड़ने में असफल साबित हो रहा है। किसान महापंचायत पूरे सबाब थी और भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं पदाधिकारियों द्वारा शासन प्रशासन विरोधी नारे लगाए जा रहे थे और जिला अधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के काफिले को रोकने की योजना बनाया जा रहा था कि जिला अधिकारी के दूत के रूप में नायब तहसीलदार इन्दू भूषण यादव किसान महापंचायत में पहुंचकर वार्ता के लिए प्रतिनिधि मंडल को बुलाया जिस पर पांच सदस्यीय टीम ने जिला अधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय से संयुक्त रूप से बिंदुवार वार्ता किया जिला अधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने समस्याओं का समाधान का आश्वासन दिया भारतीय किसान यूनियन नेताओं ने जिला अधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पर विश्वास करते हुए किसान महापंचायत व अनिश्चितकालीन धरना स्थगित कर दिया। किसान महापंचायत में अभय राज ब्रह्मचारी डॉक्टर आर एस सरोजजिला उपाध्यक्ष भागीरथी वर्मा, देवी प्रसाद वर्मा, विवेक पटेल, सिद्धू भारती, बाबूराम तिवारी, प्रेम शंकर वर्मा, विवेक पटेल, जगन्नाथ पटेल, जितेंद्र कुमार, सती प्रसाद वर्मा ,राम सुमेर भारती, जिला सचिव राजदेव यादव, नाथूराम यादव, रामबक्स भारती, उर्मिला निषाद, अश्वनी शर्मा, शहजादी बेगम, आसमा बेगम, विजय कुमार शर्मा,मंगरु राम दर्जनों लोगों ने संबोधित किया।3
- गोंडा के नवाबगंज क्षेत्र स्थित सिद्धपीठ कोल्हमपुर धाम माता जी के मंदिर की विशालकाय भव्य कलश शोभायात्रा उमड़ा जनसैलाब1
- सोनपा में रामकथा का महाकुंभ, पं. सुखेन त्रिपाठी के प्रवचन से भावविभोर श्रद्धालु, माँ कामाख्या मंदिर में उमड़ा जनसैलाब1
- संकल्प से सिद्धि तक सुरेश यादव का कमाल, सरयू तट पर गूंजी रामकथा, आस्था का उमड़ा जनसैलाब1