देशभर में 10 केंद्रीय श्रमिक संगठनों द्वारा आहूत आम हड़ताल की वजह से गुरुवार को 10 बजे से ही गिरिडीह के तमाम बैंकों में ताला लटका रहा और तमाम बैंक कर्मी बरगंडा रोड स्थित बैंक ऑफ़ इंडिया के बाहर धरने पर डटे रहे।बताया गया कि निजीकरण, मजदूर विरोधी कानून, बढ़ती महंगाई, ठेका प्रथा और रोजगार सुरक्षा के मुद्दों को लेकर यह हड़ताल ऐतिहासिक संघर्ष का प्रतीक बन गई। इसी क्रम में ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉयीज़ एसोसिएशन के सदस्यों सहित गिरिडीह के बैंक कर्मचारी भी इस आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल हुए। हड़ताल ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक क्षेत्र, बैंकिंग व्यवस्था और श्रमिक अधिकारों पर कोई समझौता स्वीकार्य नहीं है। सरकार से मांग की गई कि वह श्रमिक संगठनों के साथ सार्थक संवाद स्थापित करे और जनविरोधी नीतियों को वापस ले। यह आंदोलन श्रमिक वर्ग की एकता, दृढ़ता और अधिकारों की रक्षा का संदेश दे गया।
देशभर में 10 केंद्रीय श्रमिक संगठनों द्वारा आहूत आम हड़ताल की वजह से गुरुवार को 10 बजे से ही गिरिडीह के तमाम बैंकों में ताला लटका रहा और तमाम बैंक कर्मी बरगंडा रोड स्थित बैंक ऑफ़ इंडिया के बाहर धरने पर डटे रहे।बताया गया कि निजीकरण, मजदूर विरोधी कानून, बढ़ती महंगाई, ठेका प्रथा और रोजगार सुरक्षा के मुद्दों को लेकर यह हड़ताल ऐतिहासिक संघर्ष का प्रतीक बन गई। इसी क्रम में ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉयीज़ एसोसिएशन के सदस्यों सहित गिरिडीह के बैंक कर्मचारी भी इस आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल हुए। हड़ताल ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक क्षेत्र, बैंकिंग व्यवस्था और श्रमिक अधिकारों पर कोई समझौता स्वीकार्य नहीं है। सरकार से मांग की गई कि वह श्रमिक संगठनों के साथ सार्थक संवाद स्थापित करे और जनविरोधी नीतियों को वापस ले। यह आंदोलन श्रमिक वर्ग की एकता, दृढ़ता और अधिकारों की रक्षा का संदेश दे गया।
- देशभर में 10 केंद्रीय श्रमिक संगठनों द्वारा आहूत आम हड़ताल की वजह से गुरुवार को 10 बजे से ही गिरिडीह के तमाम बैंकों में ताला लटका रहा और तमाम बैंक कर्मी बरगंडा रोड स्थित बैंक ऑफ़ इंडिया के बाहर धरने पर डटे रहे।बताया गया कि निजीकरण, मजदूर विरोधी कानून, बढ़ती महंगाई, ठेका प्रथा और रोजगार सुरक्षा के मुद्दों को लेकर यह हड़ताल ऐतिहासिक संघर्ष का प्रतीक बन गई। इसी क्रम में ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉयीज़ एसोसिएशन के सदस्यों सहित गिरिडीह के बैंक कर्मचारी भी इस आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल हुए। हड़ताल ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक क्षेत्र, बैंकिंग व्यवस्था और श्रमिक अधिकारों पर कोई समझौता स्वीकार्य नहीं है। सरकार से मांग की गई कि वह श्रमिक संगठनों के साथ सार्थक संवाद स्थापित करे और जनविरोधी नीतियों को वापस ले। यह आंदोलन श्रमिक वर्ग की एकता, दृढ़ता और अधिकारों की रक्षा का संदेश दे गया।1
- झारखंड राज्य खाद्य आयोग आयोग की प्रभारी अध्यक्ष शबनम परवीन ने गुरुवार को 3 बजे नया परिसदन भवन में अधिकारियों के साथ बैठक की और सभी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।1
- जनता के बीच पवन कुमार, धनवार नगर पंचायत चुनाव में तेज़ हुआ जनसंपर्क4
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- Post by Dilip kumar sharma1
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- पूर्व निर्धारण कार्यक्रम के तहत 12 फरवरी को विभिन्न ट्रेड यूनियनो द्वारा 4 श्रमिक संहिता के विरोध में विभिन्न कोलियरियों का कामकाज ठप्प कर दिया और सरकार के विरुद्ध जोरदार नारे लगाए उन्होंने इसको लेकर क्या कुछ कहा आइए जानते हैं इस खबर में।1
- अहिल्यापुर को नया प्रखंड बनाने की मांग गांडेय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन और पूर्व विधायक लक्ष्मण स्वर्णकार ने संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मुलाकात की। गुरुवार को 4 बजे श्री स्वर्णकार ने सिरसिया स्थित आवास से इसकी जानकारी दी।बताया गया कि मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव पर गंभीरता दिखाते हुए सकारात्मक आश्वासन दिया है। राँची स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में हुई इस महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान लक्ष्मण स्वर्णकार ने विस्तार से बताया कि गांडेय प्रखंड के अहिल्यापुर, बुधुडीह, फूलझरिया, पर्वतपुर, गजकुंडा ,ताराटांड़, कुंडलवादह, बांकीकला, जमजोरी, रसनजोरी एवं बरमसिया-2 पंचायतों को मिलाकर नया प्रखंड गठित किया जाना क्षेत्र की प्रशासनिक जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अहिल्यापुर सभी मानकों पर खरा उतरता है—यहां थाना, बैंक, उच्च विद्यालय समेत बुनियादी सुविधाएं पहले से मौजूद हैं और यह प्रस्तावित पंचायतों के केंद्र में स्थित है। श्री स्वर्णकार ने तर्क दिया कि गांडेय प्रखंड भौगोलिक रूप से बड़ा होने के कारण आम लोगों को सरकारी कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। नया प्रखंड बनने से लगभग आधी आबादी को सीधा लाभ मिलेगा, प्रशासनिक कामकाज में तेजी आएगी और विकास योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन संभव होगा। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने मांग को गंभीरता से सुनते हुए सकारात्मक पहल का भरोसा दिया। इसे क्षेत्र के लिए एक बड़ी प्रशासनिक उपलब्धि की दिशा में कदम माना जा रहा है।1