हमीरपुर के राठ स्थित सरकारी सहकारी क्रय-विक्रय समिति का जर्जर भवन किसानों और कर्मचारियों के लिए गंभीर खतरे का कारण बना हुआ है। बरसात के मौसम में छत टपकने के कारण गोदाम में रखा यूरिया और डीएपी खाद भीग जाता है, जिससे खाद की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके बावजूद किसान मजबूरी में गीली खाद लेने और अपनी जान जोखिम में डालने के लिए विवश हैं। खाद पाने के लिए किसानों को घंटों इसी जर्जर इमारत में इंतजार करना पड़ता है, जहाँ छत से लगातार प्लास्टर और ईंटें गिरती रहती हैं। पिछले तीन वर्षों में कई बार छत के टुकड़े गिर चुके हैं और कई किसान बाल-बाल बचे हैं, जबकि समिति के कर्मचारी भी इसी खतरे के बीच काम करने को मजबूर हैं। स्थानीय स्तर पर अधिकारियों को कई बार सूचना देने के बावजूद न तो भवन की मरम्मत कराई गई और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई। किसानों ने चेतावनी दी है कि समय रहते कार्रवाई न होने पर बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने तत्काल नए भवन को स्वीकृत करने, तब तक खाद वितरण सुरक्षित स्थान से चलाने और जर्जर भवन में भंडारण पर रोक लगाने की माँग की है।
हमीरपुर के राठ स्थित सरकारी सहकारी क्रय-विक्रय समिति का जर्जर भवन किसानों और कर्मचारियों के लिए गंभीर खतरे का कारण बना हुआ है। बरसात के मौसम में छत टपकने के कारण गोदाम में रखा यूरिया और डीएपी खाद भीग जाता है, जिससे खाद की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके बावजूद किसान मजबूरी में गीली खाद लेने और अपनी जान जोखिम में डालने के लिए विवश हैं। खाद पाने के लिए किसानों को घंटों इसी जर्जर इमारत में इंतजार करना पड़ता है, जहाँ छत से लगातार प्लास्टर और ईंटें गिरती रहती हैं। पिछले तीन वर्षों में कई बार छत के टुकड़े गिर चुके हैं और कई किसान बाल-बाल बचे हैं, जबकि समिति के कर्मचारी भी इसी खतरे के बीच काम करने को मजबूर हैं। स्थानीय स्तर पर अधिकारियों को कई बार सूचना देने के बावजूद न तो भवन की मरम्मत कराई गई और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई। किसानों ने चेतावनी दी है कि समय रहते कार्रवाई न होने पर बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने तत्काल नए भवन को स्वीकृत करने, तब तक खाद वितरण सुरक्षित स्थान से चलाने और जर्जर भवन में भंडारण पर रोक लगाने की माँग की है।
- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर स्थित राठ कस्बे की सरकारी सहकारी क्रय-विक्रय समिति का जर्जर भवन किसानों और कर्मचारियों के लिए गंभीर खतरे का सबब बना हुआ है। बरसात के दौरान छत टपकने से गोदाम में रखा यूरिया और डीएपी खाद भीग रहा है, जिससे किसानों को मजबूरी में गीली खाद लेनी पड़ रही है। इससे खाद की गुणवत्ता प्रभावित होने और आर्थिक नुकसान होने की आशंका बनी हुई है। खाद पाने के लिए किसानों को घंटों इसी खस्ताहाल भवन में इंतजार करना पड़ता है, जहां छत से प्लास्टर और ईंटें गिरती रहती हैं। पिछले तीन वर्षों में कई बार छत के टुकड़े गिर चुके हैं और कई किसान बाल-बाल बचे हैं। इसके बावजूद समिति के कर्मचारी भी इसी जर्जर भवन में बैठकर काम करने को मजबूर हैं। स्थानीय किसानों ने इस समस्या की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों को दी, लेकिन न तो भवन की मरम्मत कराई गई और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा हादसा हो सकता है। किसानों ने मांग की है कि सहकारी समिति के लिए तत्काल नया भवन स्वीकृत किया जाए और जब तक नया भवन नहीं बनता, तब तक खाद वितरण और समिति का संचालन किसी सुरक्षित स्थान से कराया जाए। साथ ही जर्जर भवन में खाद भंडारण पर रोक लगाने और किसानों के बैठने व खाद वितरण की सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है। फिलहाल जर्जर भवन में समिति का संचालन जारी है और किसान अपनी जान जोखिम में डालकर खाद लेने को मजबूर हैं।4
- संसद परिसर में धरने पर बैठे सांसद चंद्रशेखर आज़ाद से आज आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मुलाकात की है। संजय सिंह ने धरने पर मौजूद चंद्रशेखर आज़ाद से मिलकर उनके प्रति अपना समर्थन जताया। संसद भवन परिसर में हुई इस मुलाकात और चंद्रशेखर आज़ाद के जारी धरने के घटनाक्रम को राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।1
- चिकित्सकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर बिहार राज्य स्वास्थ्य सेवा संघ के आह्वान पर भभुआ सदर अस्पताल सहित कैमूर जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों ने ओपीडी सेवा का बहिष्कार कर दिया। बुधवार सुबह से ही ओपीडी बंद रहने के कारण इलाज के लिए पहुंचे सैकड़ों मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान कई मरीज बिना इलाज कराए ही वापस लौट गए, जबकि कुछ मरीजों ने इलाज के लिए निजी अस्पतालों का रुख किया। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. विनोद ने बताया कि अरवल के सिविल सर्जन और मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल के चिकित्सक डॉ. प्रदीप कुमार समेत कई डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट की घटनाओं के विरोध में यह आंदोलन किया गया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित कार्य वातावरण के बिना गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देना संभव नहीं है। चिकित्सकों ने अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, पर्याप्त सुरक्षा बल की तैनाती और डॉक्टरों पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए सरकार से शीघ्र ठोस कदम उठाने की अपील की है।4
- चंदौली के धीना खजरा विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विधायक सुशील सिंह ने कहा कि कार्यकर्ताओं का सहयोग ही उनकी असली ताकत है।1
- संत रामपाल जी महाराज केवल आध्यात्मिक ज्ञान ही नहीं दे रहे, बल्कि मानवता की रक्षा के लिए धरातल पर सेवा कार्य भी कर रहे हैं। वे दुखी, गरीब, किसान, मजदूर और असहाय परिवारों का सच्चा सहारा बनकर सामने आए हैं। शास्त्रों के अनुसार पूर्ण परमात्मा कबीर साहिब जी ही सर्व सृष्टि के रचनहार हैं, और संत रामपाल जी महाराज इसी तत्वज्ञान को प्रमाण सहित जगत के सामने रख रहे हैं। उनका उद्देश्य केवल सांसारिक सहायता देना नहीं, बल्कि मानव समाज को सुख, शांति, समृद्धि तथा मोक्ष का मार्ग बताते हुए जीवात्माओं को जन्म-मृत्यु के दुखद चक्र से निकालकर सतलोक की ओर ले जाना है। इस महान सेवा अभियान का हिस्सा बनने और संत रामपाल जी महाराज के मानव कल्याणकारी कार्यों को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया गया है। लोगों से हाथ जोड़कर उनका सम्मान करने और जरूरतमंद किसानों के चेहरों पर मुस्कान लाने के लिए इस जनसेवा अभियान में सहयोग करने की अपील की गई है।1
- उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर जिले में पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देशन में थाना राजगढ़ पुलिस टीम को बड़ी सफलता हासिल हुई है। पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए एक अंतर्राज्यीय शातिर वाहन चोर गिरोह का पर्दाफ़ाश किया है और मामले में 04 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से चोरी की 07 मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। इस पूरी सफलता और पुलिसिया कार्रवाई को लेकर क्षेत्राधिकारी (ऑपरेशन) ने आधिकारिक बयान जारी कर मामले की पुष्टि की है।1
- चंदौली जिले के सैयदराजा विधानसभा क्षेत्र स्थित खजरा के एक निजी विद्यालय में बुधवार को भाजपा बूथ अध्यक्ष सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र सिंह और सैयदराजा विधायक सुशील सिंह ने संयुक्त रूप से श्यामा प्रसाद मुखर्जी, भारत माता तथा पंडित दीनदयाल उपाध्याय के तैल चित्र पर दीप प्रज्वलित एवं पुष्प अर्पित कर किया। सम्मेलन में बूथ अध्यक्षों, शक्ति केंद्र संयोजकों, सेक्टर प्रभारियों और मंडल पदाधिकारियों को आगामी चुनाव में अपनी ताकत दिखाते हुए 'मेरा बूथ सबसे मजबूत' के संकल्प को पूरा करने पर बल दिया गया। मुख्य अतिथि धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि बूथ अध्यक्षों को गांवों के बूथों को मजबूत करने के लिए पूरी ईमानदारी से काम करना होगा, क्योंकि संगठन की मजबूती ही पार्टी की जीत सुनिश्चित करती है। विधायक सुशील सिंह ने कहा कि कार्यकर्ताओं की ताकत ही भाजपा की असली शक्ति है और यदि बूथ मजबूत है तो चुनाव में कोई मात नहीं दे सकता। वहीं जिलाध्यक्ष काशी नाथ सिंह ने बूथ अध्यक्षों को पार्टी के लिए देवतुल्य बताते हुए कहा कि नए मतदाताओं, युवाओं और मातृ शक्ति को पार्टी से जोड़ना तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही वास्तविक विकास है। इस दौरान धानापुर ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह, देवेंद्र सिंह, भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेश सिंह, जिला महामंत्री सुजीत जायसवाल, हरिवंश उपाध्याय, सेक्टर प्रभारी राणा सिंह, राजेश जायसवाल, परमानंद सिंह, मंडल अध्यक्ष चंद्रभान मौर्य, रमेश द्विवेदी, इंद्रजीत बिंद, विपिन सिंह, पवन सिंह, भगवती तिवारी, हृदय नारायण तिवारी, निधि खरवार, सत्यवान मौर्य, अमित गुप्ता, विकास गुप्ता और दिलीप त्रिशूलिया सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।4
- हमीरपुर के राठ स्थित सरकारी सहकारी क्रय-विक्रय समिति का जर्जर भवन किसानों और कर्मचारियों के लिए गंभीर खतरे का कारण बना हुआ है। बरसात के मौसम में छत टपकने के कारण गोदाम में रखा यूरिया और डीएपी खाद भीग जाता है, जिससे खाद की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके बावजूद किसान मजबूरी में गीली खाद लेने और अपनी जान जोखिम में डालने के लिए विवश हैं। खाद पाने के लिए किसानों को घंटों इसी जर्जर इमारत में इंतजार करना पड़ता है, जहाँ छत से लगातार प्लास्टर और ईंटें गिरती रहती हैं। पिछले तीन वर्षों में कई बार छत के टुकड़े गिर चुके हैं और कई किसान बाल-बाल बचे हैं, जबकि समिति के कर्मचारी भी इसी खतरे के बीच काम करने को मजबूर हैं। स्थानीय स्तर पर अधिकारियों को कई बार सूचना देने के बावजूद न तो भवन की मरम्मत कराई गई और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई। किसानों ने चेतावनी दी है कि समय रहते कार्रवाई न होने पर बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने तत्काल नए भवन को स्वीकृत करने, तब तक खाद वितरण सुरक्षित स्थान से चलाने और जर्जर भवन में भंडारण पर रोक लगाने की माँग की है।1