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पलामू जिले की रबदा पंचायत के नेनुआ गाँव में अबुआ आवास और पीएम आवास योजनाओं की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। ग्रामीण इन आवास योजनाओं के क्रियान्वयन और मौजूदा हाल पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं, सीधे तौर पर हेमंत सोरेन जी की सरकार, मोदी सरकार जी, बीडीओ और चैनपुर ब्लॉक के कोordinator को जिम्मेदार ठहराते हुए पूछ रहे हैं कि ये योजनाएँ और संबंधित अधिकारी कहाँ गए। ग्रामीणों का कहना है कि वे जानना चाहते हैं कि आखिर पीएम आवास और अबुआ आवास योजनाओं का क्या हुआ है।
पब्लिक न्यूज़ झारखंड पलामू
पलामू जिले की रबदा पंचायत के नेनुआ गाँव में अबुआ आवास और पीएम आवास योजनाओं की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। ग्रामीण इन आवास योजनाओं के क्रियान्वयन और मौजूदा हाल पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं, सीधे तौर पर हेमंत सोरेन जी की सरकार, मोदी सरकार जी, बीडीओ और चैनपुर ब्लॉक के कोordinator को जिम्मेदार ठहराते हुए पूछ रहे हैं कि ये योजनाएँ और संबंधित अधिकारी कहाँ गए। ग्रामीणों का कहना है कि वे जानना चाहते हैं कि आखिर पीएम आवास और अबुआ आवास योजनाओं का क्या हुआ है।
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- झारखंड के पलामू जिले में अनुसूचित जाति बहुल गांवों के विकास के लिए संचालित प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (पीएमएजीवाई) पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि यह योजना 'छलावा' साबित हो रही है, क्योंकि केंद्र सरकार द्वारा करोड़ों रुपये उपलब्ध कराए जाने के बावजूद चयनित गांवों तक अपेक्षित राशि नहीं पहुँच रही है, जिससे योजना की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। वर्ष 2018 से 2026 तक की अवधि के लिए पलामू जिले में इस योजना के तहत कुल 285 गांवों का चयन किया गया है। प्रावधानों के अनुसार, प्रत्येक गांव पर लगभग 20 लाख रुपये खर्च किए जाने थे, लेकिन अब तक केवल 137 गांवों को 60-60 हजार रुपये और 9 गांवों को 30-30 हजार रुपये ही मिल पाए हैं। करीब आठ वर्षों में कुल मिलाकर केवल 84.90 लाख रुपये का ही आवंटन हो पाया है। सतबरवा प्रखंड के ठेमी, हुड़मुड़, सलइया और चपरना जैसे गांवों को सीमित राशि मिली है, जबकि जोड़ा, नौरंगा, तुम्बागड़ा और पोची जैसे कई गांवों को तो अब तक कोई राशि मिली ही नहीं है, जिस पर ग्रामीणों ने फंड आवंटन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। रबदा पंचायत के सलइया गांव स्थित परहिया टोला में आज भी सड़क, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है, जहाँ ग्रामीण नदी और चुआड़ी के पानी पर निर्भर रहने को मजबूर हैं। वार्ड सदस्य बबलू परहिया ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण बीमार सुगनी देवी को समुचित इलाज नहीं मिल पाया और बाद में उनकी मौत हो गई। इस मामले पर प्रभारी बीडीओ प्रदीप दास ने दो दिन पूर्व जानकारी लेकर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास करने की बात कही थी, लेकिन कोई आलाधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। वहीं समाजसेवी अरबिंद सिंह ने इस योजना को विफल करार देते हुए कहा है कि कई टोले आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं और आदर्श ग्राम का दर्जा केवल कागजों तक ही सीमित रह गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि इरफान अंसारी, हेमंत सोरेन और डीसी पलामू साहब को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर ट्वीट करने के बाद भी परहिया जाति के दर्द को नहीं सुना गया। उनका यह भी मानना है कि यदि नेता और पदाधिकारी चाहते तो इस जांच को बचाया जा सकता था।4
- गढ़वा जिले के धुरकी थाना क्षेत्र के भंडार गांव में एक मामले को लेकर सनसनी फैल गई है। बताया जा रहा है कि एक घर से ऐसे सबूत मिले हैं, जिन्हें जांच में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस ने घटनास्थल से प्राप्त इन सामानों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए पुलिस द्वारा हर पहलू से पड़ताल की जा रही है। अब लोगों की नजर पुलिस की इस जांच और आगे होने वाले खुलासों पर टिकी हुई है, खास तौर पर इस बात पर कि क्या घर से मिले ये सबूत किसी संभावित हत्या के पूरे रहस्य को उजागर कर पाएंगे।1
- तमिलनाडु को 'मंदिरों की भूमि' के रूप में जाना जाता है, जहाँ कई प्रमुख और ऐतिहासिक मंदिर स्थित हैं। यह राज्य भारत में जीवित मंदिर दर्शन की एक अनूठी झलक प्रस्तुत करता है। इन प्रमुख मंदिरों में मदुरै का मीनाक्षी अम्मन मंदिर देवी मीनाक्षी और भगवान सुंदरेश्वर को समर्पित है, जो अपनी विशाल वास्तुकला, भव्य गोपुरम और नक्काशीदार खंभों के लिए विश्व प्रसिद्ध है। त्रिची के श्रीरंगम में स्थित श्री रंगनाथस्वामी मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित दुनिया के सबसे बड़े सक्रिय मंदिर परिसरों में से एक है। रामेश्वरम का रामनाथस्वामी मंदिर, जो भारत के चार धामों में से एक है, अपने विशाल गलियारों और समुद्र तट के पास स्थित होने के कारण बहुत महत्वपूर्ण है। तंजावुर का बृहदीश्वर मंदिर यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित है और यह चोल राजवंश की शानदार वास्तुकला का प्रतीक है। वहीं, चेन्नई के मायलापुर में स्थित कपालेश्वर मंदिर एक बहुत ही जीवंत और प्रसिद्ध शिव मंदिर है। इसके अतिरिक्त, महाबलीपुरम में बंगाल की खाड़ी के तट पर स्थित तटीय मंदिर पल्लव वास्तुकला का बेहतरीन उदाहरण और एक विश्व धरोहर स्थल है।2
- रंका पुलिस ने मारपीट के एक आरोपी को गिरफ्तार कर गढ़वा न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अरुण ठाकुर, पिता रमेश ठाकुर के रूप में हुई है। वहीं, इस मामले का एक अन्य आरोपी अभी भी फरार बताया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना मई माह में हुई थी जब मानपुर पंचायत के पूरेगाड़ा निवासी होरीलाल प्रजापति के साथ रमेश ठाकुर और उनके पुत्र अरुण ठाकुर द्वारा कथित रूप से बेरहमी से मारपीट की गई थी। इस घटना में होरीलाल प्रजापति गंभीर रूप से घायल हो गए थे, उनके शरीर के कई हिस्सों में चोटें आई थीं और एक पैर भी क्षतिग्रस्त हो गया था। घटना के बाद, होरीलाल प्रजापति ने न्याय की मांग को लेकर रंका थाना में आवेदन देकर कार्रवाई की गुहार लगाई थी। पुलिस की जांच के दौरान, रंका पुलिस ने एक आरोपी अरुण ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, मामले का दूसरा आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। एक आरोपी की गिरफ्तारी से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।1
- जिले के उपायुक्त श्री संदीप कुमार ने सभी जिले वासियों से गाजर घास को पूरी तरह से जड़ से मिटाने की अपील की है।1
- पलामू जिले के पांकी ब्लॉक में पर्यावरण की कोई सुध नहीं ली जा रही है। ब्लॉक के अगल-बगल बोतलों के ढेर लगे हुए हैं, जो आसपास के वातावरण को प्रभावित कर रहे हैं। आरोप लगाया गया है कि यह कचरा एक अधिकारी द्वारा फैलाया गया है, और इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई करने की मांग की गई है।1
- गढ़वा जिले के चिनिया थाना क्षेत्र के रानीचेरी गांव में ढाई वर्षों से चला आ रहा एक प्रेम प्रसंग आखिरकार सुखद अंत की ओर बढ़ रहा है। प्रेमिका द्वारा जहर खाने की घटना के बाद दोनों परिवारों, ग्रामीणों और विशेष रूप से समाजसेवी मोहम्मद फरीद खां की पहल से प्रेमी युगल की शादी तय कर दी गई है। यह विवाह आगामी 20 जून को संपन्न होगा, जब दोनों सात फेरे लेंगे। मिली जानकारी के अनुसार, रानीचेरी गांव निवासी हरबंस कोरवा की पुत्री आरती कुमारी का प्रेम संबंध धुरकी थाना क्षेत्र के मरचैया गांव निवासी अवतार कोरवा के पुत्र राहुल कुमार के साथ पिछले ढाई वर्षों से था। बताया जाता है कि जब आरती ने राहुल से शादी की बात की, तो किसी कारणवश मामला उलझ गया, जिससे आहत होकर युवती ने कुछ दिन पूर्व जहर खा लिया। हालांकि, परिजनों की तत्परता से समय पर इलाज मिलने के कारण उसकी जान बच गई। मामले की जानकारी मिलने पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता एवं समाजसेवी मोहम्मद फरीद खान ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने दोनों पक्षों को एक साथ बैठाकर समझौता कराने का प्रयास किया, और कई दौर की बातचीत के बाद दोनों परिवार शादी के लिए सहमत हो गए। इसी क्रम में रविवार को रानीचेरी गांव में दोनों पक्षों, ग्रामीणों और समाज के गणमान्य लोगों की उपस्थिति में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से राहुल कुमार और आरती कुमारी की शादी की तिथि 20 जून निर्धारित की गई। बैठक में हरबंस कोरवा, अवतार कोरवा, गौतम कुमार रवि, अनिल कोरवा, मानिक कोरवा, चंदेश्वर कोरवा, लइक अंसारी, बबलू खान, महफूज खान, रियाज खान, इम्तियाज खान, राहुल खान, शोएब राजा सहित सैकड़ों ग्रामीण महिला-पुरुष मौजूद थे। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाज और परिवार के सहयोग से समय रहते एक बड़ी अनहोनी टल गई है। अब दोनों परिवार खुशी-खुशी विवाह की तैयारियों में जुट गए हैं, और यह प्रेम कहानी गांव में चर्चा का विषय बनी हुई है, जहाँ परिवार और पंचायत की सहमति से विवाह बंधन में बंधेंगे राहुल और आरती।1
- झारखंड के गढ़वा जिले में मोहर्रम पर्व को लेकर एक बड़ा ऐलान किया गया है, जिसके बाद जिले भर में इसकी तैयारियाँ तेज़ हो गई हैं। इस वर्ष मोहर्रम के दौरान हजारों ताजिया और लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं व दर्शकों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन ने इस आयोजन के लिए सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु विशेष इंतजाम करने की बात कही है। मोहर्रम जुलूस के निर्धारित मार्गों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी, और सभी अखाड़ा समितियों से प्रशासन ने सहयोग की अपील की है। इसके साथ ही, प्रशासन ने आम जनता से अनुरोध किया है कि वे आपसी भाईचारा और सौहार्द बनाए रखते हुए इस पर्व को मनाएँ।1