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पलामू जिले के पांकी ब्लॉक में पर्यावरण की कोई सुध नहीं ली जा रही है। ब्लॉक के अगल-बगल बोतलों के ढेर लगे हुए हैं, जो आसपास के वातावरण को प्रभावित कर रहे हैं। आरोप लगाया गया है कि यह कचरा एक अधिकारी द्वारा फैलाया गया है, और इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई करने की मांग की गई है।
W SINGH
पलामू जिले के पांकी ब्लॉक में पर्यावरण की कोई सुध नहीं ली जा रही है। ब्लॉक के अगल-बगल बोतलों के ढेर लगे हुए हैं, जो आसपास के वातावरण को प्रभावित कर रहे हैं। आरोप लगाया गया है कि यह कचरा एक अधिकारी द्वारा फैलाया गया है, और इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई करने की मांग की गई है।
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- लातेहार के महुआडार स्थित संत जेवियर महाविद्यालय के सभागार में छेछारी घाटी के सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय संतुलन पर आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी रविवार शाम 4:00 बजे संपन्न हो गई। इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य छेछारी घाटी के संघर्षों को प्रस्तुत करना और उन पर विस्तार से चर्चा करना था। आयोजन में महाविद्यालय के प्रचार फादर डॉक्टर एमके जोश, फादर दिलीप, डॉक्टर संतोष, सामाजिक कार्यकर्ता जेरोम जेराल्ड कुजूर और परवीन एकका सहित कई लोग उपस्थित थे।1
- लातेहार जिले के तरवाडीह और नवागढ़ पंचायत सचिवालय में हाल ही में नशे के खिलाफ नुक्कड़ नाटक का सफल आयोजन किया गया। 'सरना कला जत्था डुमारो' की टीम ने यह पहल सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के आदेशानुसार की। इन नाटकों का मुख्य उद्देश्य अफीम और गांजे की अवैध खेती की रोकथाम करना तथा मादक द्रव्यों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति स्थानीय लोगों को जागरूक करना था। टीम लीडर कपिल देव सिंह के नेतृत्व में 'सरना कला जत्था डुमारो' ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से ग्रामीणों को यह महत्वपूर्ण संदेश दिया कि नशा न केवल एक परिवार को बर्बाद करता है, बल्कि पूरे समाज को भी खोखला बना देता है। कलाकारों ने लोगों से अफीम और गांजे जैसी अवैध खेती व उनके सेवन से दूर रहने और एक स्वस्थ समाज के निर्माण में सक्रिय सहयोग देने की भावुक अपील की। इस जागरूकता अभियान को सफल बनाने में विद्यानंद सिंह खरवार, अशोक खरवार, सुनील, सरिता देवी, सीता कुमारी, सुनीता कुमारी और शालिनी कुमारी जैसे प्रतिभाशाली कलाकारों ने अपनी बेहतरीन और जीवंत प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीत लिया और उन्हें नशे के खिलाफ जागरूक किया। इस पहल का मूल संदेश था: "नशे को कहें ना, जिंदगी को कहें हाँ!"।2
- लातेहार में पीवीयूएनएल बनहरदी कोयला खनन परियोजना द्वारा आयोजित दो माह के सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। 15 जून 2026 को हुए इस कार्यक्रम में पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अशोक कुमार सहगल ने 40 प्रशिक्षित महिलाओं को सिलाई मशीनों का वितरण किया। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय समुदाय की महिलाओं को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करना है। इस अवसर पर बनहरदी कोयला खनन परियोजना के महाप्रबंधक श्री निरोद कुमार मलिक, एजीएम (माइनिंग) श्री असीम मिश्रा, एजीएम (एलए/आर एंड आर) श्री आर. बी. सिंह, और एजीएम (इन्फ्रा) श्री सिद्धार्थ शंकर सहित अन्य अधिकारीगण, स्थानीय ग्रामीण और मीडिया प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रत्येक बैच में 20-20 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था, जिसमें कुल 40 प्रशिक्षार्थियों ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा किया। कार्यक्रम के दौरान सभी 40 प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए, साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली पाँच प्रतिभागियों को स्मृति-चिह्न और शॉल देकर सम्मानित किया गया। मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अशोक कुमार सहगल ने इस अवसर पर कहा कि पीवीयूएनएल स्थानीय समुदायों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह सिलाई प्रशिक्षण और मशीनों का वितरण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके परिवारों की आजीविका को सुदृढ़ करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ किया गया।4
- एक पोस्ट के माध्यम से हैरानी व्यक्त करते हुए सवाल उठाया गया है कि आखिर क्यों किसी स्थिति को 'मौत का कुआं' बनाकर छोड़ दिया जाता है।1
- लोहरदगा स्थित ललित नारायण स्टेडियम अब नशेड़ियों का अड्डा बन गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रोजाना बच्चे इस स्टेडियम में अभ्यास करने के लिए आते हैं। हालांकि, रात के समय शराबी लोग यहाँ शराब पीकर बोतलें तोड़कर चले जाते हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा और अभ्यास का माहौल प्रभावित हो रहा है।1
- झारखंड के लातेहार जिले में चंदवा के पास स्थित एक चूल्हा पानी द्वार पूरी तरह से जर्जर अवस्था में है।1
- झारखंड में नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों से निपटने के लिए एक राज्यव्यापी जनजागरूकता अभियान समाहरणालय परिसर में शुरू किया गया है। इस पहल के तहत, उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रवि आनंद ने तीन LED प्रचार रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, साथ ही उपस्थित पदाधिकारियों और कर्मियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर यह महत्वपूर्ण अभियान 15 जून से 26 जून 2026 तक चलेगा। इसका मुख्य विषय 'नशा छोड़ें, जीवन जोड़ें — सुरक्षित चतरा, सशक्त झारखंड' रखा गया है। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार किए गए ये LED रथ जिले के प्रखंडों, पंचायतों और गांवों में भ्रमण कर नशे के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाएंगे, विशेष रूप से युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया जाएगा। उपायुक्त ने इस अवसर पर कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज के लिए एक गंभीर चुनौती है। उन्होंने एक नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रशासनिक प्रयासों के साथ-साथ जनभागीदारी के महत्व पर जोर दिया और युवाओं से इस संदेश को फैलाने तथा जागरूकता अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में अपर समाहर्ता अरविंद कुमार, डीएसपी मुख्यालय समेत कई अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।1
- लातेहार के जालिम इचाक ग्राम में विवाह के मात्र एक माह के भीतर एक विवाहिता ने कथित तौर पर दहेज प्रताड़ना के कारण फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। इस घटना ने क्षेत्र में दुख और आक्रोश पैदा कर दिया है। मृतका के पिता योगेंद्र सिंह, जो पलामू जिले के लेस्लीगंज थाना अंतर्गत हरगुड़िया ग्राम के निवासी हैं, ने लातेहार थाने में अपनी बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने रविवार दोपहर 3:00 बजे लातेहार थाने में एक आवेदन प्रस्तुत किया, जिसे उन्होंने अपनी पत्नी तरुणा देवी, यानी मृतका की मां के माध्यम से दिया। इस आवेदन में उन्होंने संबंधित आरोपी पक्ष पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।1
- झारखंड में एक ऐसा रेलवे फाटक है जहाँ लोगों को घंटों तक खड़ा रहना पड़ता है, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।1