logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

लातेहार जिले के तरवाडीह और नवागढ़ पंचायत सचिवालय में हाल ही में नशे के खिलाफ नुक्कड़ नाटक का सफल आयोजन किया गया। 'सरना कला जत्था डुमारो' की टीम ने यह पहल सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के आदेशानुसार की। इन नाटकों का मुख्य उद्देश्य अफीम और गांजे की अवैध खेती की रोकथाम करना तथा मादक द्रव्यों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति स्थानीय लोगों को जागरूक करना था। टीम लीडर कपिल देव सिंह के नेतृत्व में 'सरना कला जत्था डुमारो' ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से ग्रामीणों को यह महत्वपूर्ण संदेश दिया कि नशा न केवल एक परिवार को बर्बाद करता है, बल्कि पूरे समाज को भी खोखला बना देता है। कलाकारों ने लोगों से अफीम और गांजे जैसी अवैध खेती व उनके सेवन से दूर रहने और एक स्वस्थ समाज के निर्माण में सक्रिय सहयोग देने की भावुक अपील की। इस जागरूकता अभियान को सफल बनाने में विद्यानंद सिंह खरवार, अशोक खरवार, सुनील, सरिता देवी, सीता कुमारी, सुनीता कुमारी और शालिनी कुमारी जैसे प्रतिभाशाली कलाकारों ने अपनी बेहतरीन और जीवंत प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीत लिया और उन्हें नशे के खिलाफ जागरूक किया। इस पहल का मूल संदेश था: "नशे को कहें ना, जिंदगी को कहें हाँ!"।

2 hrs ago
user_𝑅 𝑃 𝑆𝐼𝑁𝐺𝐻 𝑃𝑅𝐸𝑆𝑆
𝑅 𝑃 𝑆𝐼𝑁𝐺𝐻 𝑃𝑅𝐸𝑆𝑆
गारू, लातेहार, झारखंड•
2 hrs ago

लातेहार जिले के तरवाडीह और नवागढ़ पंचायत सचिवालय में हाल ही में नशे के खिलाफ नुक्कड़ नाटक का सफल आयोजन किया गया। 'सरना कला जत्था डुमारो' की टीम ने यह पहल सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के आदेशानुसार की। इन नाटकों का मुख्य उद्देश्य अफीम और गांजे की अवैध खेती की रोकथाम करना तथा मादक द्रव्यों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति स्थानीय लोगों को जागरूक करना था। टीम लीडर कपिल देव सिंह के नेतृत्व में 'सरना कला जत्था डुमारो' ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से ग्रामीणों को यह महत्वपूर्ण संदेश दिया कि नशा न केवल एक परिवार को

बर्बाद करता है, बल्कि पूरे समाज को भी खोखला बना देता है। कलाकारों ने लोगों से अफीम और गांजे जैसी अवैध खेती व उनके सेवन से दूर रहने और एक स्वस्थ समाज के निर्माण में सक्रिय सहयोग देने की भावुक अपील की। इस जागरूकता अभियान को सफल बनाने में विद्यानंद सिंह खरवार, अशोक खरवार, सुनील, सरिता देवी, सीता कुमारी, सुनीता कुमारी और शालिनी कुमारी जैसे प्रतिभाशाली कलाकारों ने अपनी बेहतरीन और जीवंत प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीत लिया और उन्हें नशे के खिलाफ जागरूक किया। इस पहल का मूल संदेश था: "नशे को कहें ना, जिंदगी को कहें हाँ!"।

More news from झारखंड and nearby areas
  • लातेहार जिले के तरवाडीह और नवागढ़ पंचायत सचिवालयों में 'सरना कला जत्था डुमारो' द्वारा नशे के खिलाफ एक प्रभावी नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के आदेश पर हुए इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अफीम व गांजे की अवैध खेती की रोकथाम के साथ-साथ मादक द्रव्यों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करना था। टीम लीडर कपिल देव सिंह के नेतृत्व में 'सरना कला जत्था डुमारो' के कलाकारों ने अपनी जीवंत प्रस्तुति से यह संदेश दिया कि नशा केवल एक परिवार को ही नहीं, बल्कि पूरे समाज को खोखला कर देता है। नाटक के माध्यम से ग्रामीणों से अफीम और गांजे जैसी अवैध खेती से दूर रहने, इनके सेवन से बचने और एक स्वस्थ समाज के निर्माण में सहयोग करने की भावुक अपील की गई। इस जागरूकता अभियान को सफल बनाने में विद्यानंद सिंह खरवार, अशोक खरवार, सुनील, सरिता देवी, सीता कुमारी, सुनीता कुमारी और शालिनी कुमारी जैसे कलाकारों ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुति से लोगों का दिल जीता। यह पहल तरवाडीह और नवागढ़ पंचायत भवन के समीप जागरूकता का केंद्र बनी, जहाँ लोगों को "नशे को कहें ना, जिंदगी को कहें हाँ!" के नारे के साथ एक कुशल समाज के लिए प्रेरित किया गया।
    2
    लातेहार जिले के तरवाडीह और नवागढ़ पंचायत सचिवालयों में 'सरना कला जत्था डुमारो' द्वारा नशे के खिलाफ एक प्रभावी नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के आदेश पर हुए इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अफीम व गांजे की अवैध खेती की रोकथाम के साथ-साथ मादक द्रव्यों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करना था।

टीम लीडर कपिल देव सिंह के नेतृत्व में 'सरना कला जत्था डुमारो' के कलाकारों ने अपनी जीवंत प्रस्तुति से यह संदेश दिया कि नशा केवल एक परिवार को ही नहीं, बल्कि पूरे समाज को खोखला कर देता है। नाटक के माध्यम से ग्रामीणों से अफीम और गांजे जैसी अवैध खेती से दूर रहने, इनके सेवन से बचने और एक स्वस्थ समाज के निर्माण में सहयोग करने की भावुक अपील की गई। इस जागरूकता अभियान को सफल बनाने में विद्यानंद सिंह खरवार, अशोक खरवार, सुनील, सरिता देवी, सीता कुमारी, सुनीता कुमारी और शालिनी कुमारी जैसे कलाकारों ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुति से लोगों का दिल जीता।

यह पहल तरवाडीह और नवागढ़ पंचायत भवन के समीप जागरूकता का केंद्र बनी, जहाँ लोगों को "नशे को कहें ना, जिंदगी को कहें हाँ!" के नारे के साथ एक कुशल समाज के लिए प्रेरित किया गया।
    user_𝑅 𝑃 𝑆𝐼𝑁𝐺𝐻 𝑃𝑅𝐸𝑆𝑆
    𝑅 𝑃 𝑆𝐼𝑁𝐺𝐻 𝑃𝑅𝐸𝑆𝑆
    गारू, लातेहार, झारखंड•
    1 hr ago
  • लातेहार में स्थानीय मुखिया शशि कुजूर ने उपायुक्त से मुलाकात कर ग्रामीणों की समस्याओं से अवगत कराया, जिसमें जर्जर सड़क के निर्माण की मांग प्रमुख थी। मुखिया शशि कुजूर ने इस संबंध में उपायुक्त को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें क्षेत्र की जर्जर सड़क के निर्माण की मांग उठाई गई। उपायुक्त ने शीघ्र सड़क निर्माण कराने का आश्वासन दिया है, जिससे क्षेत्रवासियों में उम्मीद जगी है और वे जल्द निर्माण कार्य शुरू होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
    1
    लातेहार में स्थानीय मुखिया शशि कुजूर ने उपायुक्त से मुलाकात कर ग्रामीणों की समस्याओं से अवगत कराया, जिसमें जर्जर सड़क के निर्माण की मांग प्रमुख थी। मुखिया शशि कुजूर ने इस संबंध में उपायुक्त को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें क्षेत्र की जर्जर सड़क के निर्माण की मांग उठाई गई। उपायुक्त ने शीघ्र सड़क निर्माण कराने का आश्वासन दिया है, जिससे क्षेत्रवासियों में उम्मीद जगी है और वे जल्द निर्माण कार्य शुरू होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
    user_Ram Kumar
    Ram Kumar
    Photographer लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    6 hrs ago
  • लातेहार नगर पंचायत का 'ठंडा पानी' केंद्र अब केवल एक शोपीस बनकर रह गया है, जिससे राहगीरों को पानी नहीं मिल पा रहा है। इस केंद्र के बोर्ड पर ठंडे पानी का वादा किया गया है, लेकिन वहाँ रखे घड़ों में पानी उपलब्ध नहीं है। इस स्थिति ने लातेहार नगर पंचायत की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
    1
    लातेहार नगर पंचायत का 'ठंडा पानी' केंद्र अब केवल एक शोपीस बनकर रह गया है, जिससे राहगीरों को पानी नहीं मिल पा रहा है। इस केंद्र के बोर्ड पर ठंडे पानी का वादा किया गया है, लेकिन वहाँ रखे घड़ों में पानी उपलब्ध नहीं है। इस स्थिति ने लातेहार नगर पंचायत की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
    user_Yuva team jharkhand
    Yuva team jharkhand
    Latehar, Jharkhand•
    10 hrs ago
  • झारखंड के पलामू जिले में अनुसूचित जाति बहुल गांवों के विकास के लिए संचालित प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (पीएमएजीवाई) पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि यह योजना 'छलावा' साबित हो रही है, क्योंकि केंद्र सरकार द्वारा करोड़ों रुपये उपलब्ध कराए जाने के बावजूद चयनित गांवों तक अपेक्षित राशि नहीं पहुँच रही है, जिससे योजना की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। वर्ष 2018 से 2026 तक की अवधि के लिए पलामू जिले में इस योजना के तहत कुल 285 गांवों का चयन किया गया है। प्रावधानों के अनुसार, प्रत्येक गांव पर लगभग 20 लाख रुपये खर्च किए जाने थे, लेकिन अब तक केवल 137 गांवों को 60-60 हजार रुपये और 9 गांवों को 30-30 हजार रुपये ही मिल पाए हैं। करीब आठ वर्षों में कुल मिलाकर केवल 84.90 लाख रुपये का ही आवंटन हो पाया है। सतबरवा प्रखंड के ठेमी, हुड़मुड़, सलइया और चपरना जैसे गांवों को सीमित राशि मिली है, जबकि जोड़ा, नौरंगा, तुम्बागड़ा और पोची जैसे कई गांवों को तो अब तक कोई राशि मिली ही नहीं है, जिस पर ग्रामीणों ने फंड आवंटन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। रबदा पंचायत के सलइया गांव स्थित परहिया टोला में आज भी सड़क, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है, जहाँ ग्रामीण नदी और चुआड़ी के पानी पर निर्भर रहने को मजबूर हैं। वार्ड सदस्य बबलू परहिया ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण बीमार सुगनी देवी को समुचित इलाज नहीं मिल पाया और बाद में उनकी मौत हो गई। इस मामले पर प्रभारी बीडीओ प्रदीप दास ने दो दिन पूर्व जानकारी लेकर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास करने की बात कही थी, लेकिन कोई आलाधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। वहीं समाजसेवी अरबिंद सिंह ने इस योजना को विफल करार देते हुए कहा है कि कई टोले आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं और आदर्श ग्राम का दर्जा केवल कागजों तक ही सीमित रह गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि इरफान अंसारी, हेमंत सोरेन और डीसी पलामू साहब को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर ट्वीट करने के बाद भी परहिया जाति के दर्द को नहीं सुना गया। उनका यह भी मानना है कि यदि नेता और पदाधिकारी चाहते तो इस जांच को बचाया जा सकता था।
    4
    झारखंड के पलामू जिले में अनुसूचित जाति बहुल गांवों के विकास के लिए संचालित प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (पीएमएजीवाई) पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि यह योजना 'छलावा' साबित हो रही है, क्योंकि केंद्र सरकार द्वारा करोड़ों रुपये उपलब्ध कराए जाने के बावजूद चयनित गांवों तक अपेक्षित राशि नहीं पहुँच रही है, जिससे योजना की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लग गया है।

वर्ष 2018 से 2026 तक की अवधि के लिए पलामू जिले में इस योजना के तहत कुल 285 गांवों का चयन किया गया है। प्रावधानों के अनुसार, प्रत्येक गांव पर लगभग 20 लाख रुपये खर्च किए जाने थे, लेकिन अब तक केवल 137 गांवों को 60-60 हजार रुपये और 9 गांवों को 30-30 हजार रुपये ही मिल पाए हैं। करीब आठ वर्षों में कुल मिलाकर केवल 84.90 लाख रुपये का ही आवंटन हो पाया है। सतबरवा प्रखंड के ठेमी, हुड़मुड़, सलइया और चपरना जैसे गांवों को सीमित राशि मिली है, जबकि जोड़ा, नौरंगा, तुम्बागड़ा और पोची जैसे कई गांवों को तो अब तक कोई राशि मिली ही नहीं है, जिस पर ग्रामीणों ने फंड आवंटन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

रबदा पंचायत के सलइया गांव स्थित परहिया टोला में आज भी सड़क, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है, जहाँ ग्रामीण नदी और चुआड़ी के पानी पर निर्भर रहने को मजबूर हैं। वार्ड सदस्य बबलू परहिया ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण बीमार सुगनी देवी को समुचित इलाज नहीं मिल पाया और बाद में उनकी मौत हो गई। इस मामले पर प्रभारी बीडीओ प्रदीप दास ने दो दिन पूर्व जानकारी लेकर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास करने की बात कही थी, लेकिन कोई आलाधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। वहीं समाजसेवी अरबिंद सिंह ने इस योजना को विफल करार देते हुए कहा है कि कई टोले आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं और आदर्श ग्राम का दर्जा केवल कागजों तक ही सीमित रह गया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि इरफान अंसारी, हेमंत सोरेन और डीसी पलामू साहब को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर ट्वीट करने के बाद भी परहिया जाति के दर्द को नहीं सुना गया। उनका यह भी मानना है कि यदि नेता और पदाधिकारी चाहते तो इस जांच को बचाया जा सकता था।
    user_लोकतांत्रिक अधिकार झारखण्ड़
    लोकतांत्रिक अधिकार झारखण्ड़
    सतबरवा, पलामू, झारखंड•
    10 hrs ago
  • लातेहार प्रखंड के अंतर्गत लातेहार रेलवे स्टेशन नवरंग चौक स्थित बाजकुम हनुमान मंदिर ग्राउंड में बाजकुम क्रिकेट क्लब द्वारा आयोजित बाजकुम चैंपियन ट्रॉफी के दूसरे सीजन का उद्घाटन किया गया। इस प्रतियोगिता का पहला मैच महुवामिलन और मननचोटाग के बीच खेला गया, जिसमें महुवामिलन ने जीत दर्ज की। क्रिकेट मैच का शुभारंभ डुरूआ स्कूल के प्रधानाध्यापक चंदन कुमार सिंह ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर रणधीर सर, क्लब के अध्यक्ष अनीश कुमार सिंह, उपाध्यक्ष आशीष कु चंद्रवंशी, रोहित राज, सुमित गुप्ता, अंशु कुमार, शुभम् गुप्ता, प्रिंस सिंह, आकाश गिरी, मनीष वर्मा और अन्य लोग उपस्थित थे।
    1
    लातेहार प्रखंड के अंतर्गत लातेहार रेलवे स्टेशन नवरंग चौक स्थित बाजकुम हनुमान मंदिर ग्राउंड में बाजकुम क्रिकेट क्लब द्वारा आयोजित बाजकुम चैंपियन ट्रॉफी के दूसरे सीजन का उद्घाटन किया गया। इस प्रतियोगिता का पहला मैच महुवामिलन और मननचोटाग के बीच खेला गया, जिसमें महुवामिलन ने जीत दर्ज की।

क्रिकेट मैच का शुभारंभ डुरूआ स्कूल के प्रधानाध्यापक चंदन कुमार सिंह ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर रणधीर सर, क्लब के अध्यक्ष अनीश कुमार सिंह, उपाध्यक्ष आशीष कु चंद्रवंशी, रोहित राज, सुमित गुप्ता, अंशु कुमार, शुभम् गुप्ता, प्रिंस सिंह, आकाश गिरी, मनीष वर्मा और अन्य लोग उपस्थित थे।
    user_Ashish Chandravanshi
    Ashish Chandravanshi
    Athletic Sports Club लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    16 hrs ago
  • लातेहार नगर पंचायत विगत दिनों उन महिलाओं को फुटपाथ से हटा और भगा रही है, जो सब्जी, फल और फूल बेचकर अपना गुजारा कर रही हैं और आत्मनिर्भर बनने का प्रयास कर रही हैं। नगर पंचायत इन महिलाओं को अतिक्रमणकारी बता रही है। इस मामले में एक पीड़ित महिला रीता देवी ने बताया कि उनके महिला समूह ने स्वावलंबी बनने के उद्देश्य से ऋण लिया था। वह इस ऋण की मदद से फुटपाथ पर दुकान लगाकर अपनी रोजी-रोटी कमाने और ऋण चुकाने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन नगर पंचायत लातेहार उन्हें फुटपाथ पर दुकान लगाने से लगातार हटा रही है। इसी तरह, अनारवा कुंवर नामक एक अन्य महिला ने बताया कि उन्हें मनरेगा योजना के तहत आम की बागवानी मिली थी, जिसका उत्पाद उनके गाँव में नहीं बिकता है। वह किसी तरह भाड़ा खर्च कर लातेहार शहर में आम बेचने आती हैं, लेकिन नगर पंचायत लातेहार के कर्मी उन्हें भी दुकान लगाने से हटा और भगा रहे हैं।
    1
    लातेहार नगर पंचायत विगत दिनों उन महिलाओं को फुटपाथ से हटा और भगा रही है, जो सब्जी, फल और फूल बेचकर अपना गुजारा कर रही हैं और आत्मनिर्भर बनने का प्रयास कर रही हैं। नगर पंचायत इन महिलाओं को अतिक्रमणकारी बता रही है।

इस मामले में एक पीड़ित महिला रीता देवी ने बताया कि उनके महिला समूह ने स्वावलंबी बनने के उद्देश्य से ऋण लिया था। वह इस ऋण की मदद से फुटपाथ पर दुकान लगाकर अपनी रोजी-रोटी कमाने और ऋण चुकाने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन नगर पंचायत लातेहार उन्हें फुटपाथ पर दुकान लगाने से लगातार हटा रही है। इसी तरह, अनारवा कुंवर नामक एक अन्य महिला ने बताया कि उन्हें मनरेगा योजना के तहत आम की बागवानी मिली थी, जिसका उत्पाद उनके गाँव में नहीं बिकता है। वह किसी तरह भाड़ा खर्च कर लातेहार शहर में आम बेचने आती हैं, लेकिन नगर पंचायत लातेहार के कर्मी उन्हें भी दुकान लगाने से हटा और भगा रहे हैं।
    user_Manoj dutt dev
    Manoj dutt dev
    Local News Reporter लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    22 hrs ago
  • लोहरदगा स्थित ललित नारायण स्टेडियम अब नशेड़ियों का अड्डा बन गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रोजाना बच्चे इस स्टेडियम में अभ्यास करने के लिए आते हैं। हालांकि, रात के समय शराबी लोग यहाँ शराब पीकर बोतलें तोड़कर चले जाते हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा और अभ्यास का माहौल प्रभावित हो रहा है।
    1
    लोहरदगा स्थित ललित नारायण स्टेडियम अब नशेड़ियों का अड्डा बन गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रोजाना बच्चे इस स्टेडियम में अभ्यास करने के लिए आते हैं। हालांकि, रात के समय शराबी लोग यहाँ शराब पीकर बोतलें तोड़कर चले जाते हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा और अभ्यास का माहौल प्रभावित हो रहा है।
    user_Badri Narayan Sahu
    Badri Narayan Sahu
    किसको, लोहरदगा, झारखंड•
    2 hrs ago
  • लातेहार जिले के तरवाडीह और नवागढ़ पंचायत सचिवालय में हाल ही में नशे के खिलाफ नुक्कड़ नाटक का सफल आयोजन किया गया। 'सरना कला जत्था डुमारो' की टीम ने यह पहल सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के आदेशानुसार की। इन नाटकों का मुख्य उद्देश्य अफीम और गांजे की अवैध खेती की रोकथाम करना तथा मादक द्रव्यों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति स्थानीय लोगों को जागरूक करना था। टीम लीडर कपिल देव सिंह के नेतृत्व में 'सरना कला जत्था डुमारो' ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से ग्रामीणों को यह महत्वपूर्ण संदेश दिया कि नशा न केवल एक परिवार को बर्बाद करता है, बल्कि पूरे समाज को भी खोखला बना देता है। कलाकारों ने लोगों से अफीम और गांजे जैसी अवैध खेती व उनके सेवन से दूर रहने और एक स्वस्थ समाज के निर्माण में सक्रिय सहयोग देने की भावुक अपील की। इस जागरूकता अभियान को सफल बनाने में विद्यानंद सिंह खरवार, अशोक खरवार, सुनील, सरिता देवी, सीता कुमारी, सुनीता कुमारी और शालिनी कुमारी जैसे प्रतिभाशाली कलाकारों ने अपनी बेहतरीन और जीवंत प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीत लिया और उन्हें नशे के खिलाफ जागरूक किया। इस पहल का मूल संदेश था: "नशे को कहें ना, जिंदगी को कहें हाँ!"।
    2
    लातेहार जिले के तरवाडीह और नवागढ़ पंचायत सचिवालय में हाल ही में नशे के खिलाफ नुक्कड़ नाटक का सफल आयोजन किया गया। 'सरना कला जत्था डुमारो' की टीम ने यह पहल सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के आदेशानुसार की। इन नाटकों का मुख्य उद्देश्य अफीम और गांजे की अवैध खेती की रोकथाम करना तथा मादक द्रव्यों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति स्थानीय लोगों को जागरूक करना था।

टीम लीडर कपिल देव सिंह के नेतृत्व में 'सरना कला जत्था डुमारो' ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से ग्रामीणों को यह महत्वपूर्ण संदेश दिया कि नशा न केवल एक परिवार को बर्बाद करता है, बल्कि पूरे समाज को भी खोखला बना देता है। कलाकारों ने लोगों से अफीम और गांजे जैसी अवैध खेती व उनके सेवन से दूर रहने और एक स्वस्थ समाज के निर्माण में सक्रिय सहयोग देने की भावुक अपील की।

इस जागरूकता अभियान को सफल बनाने में विद्यानंद सिंह खरवार, अशोक खरवार, सुनील, सरिता देवी, सीता कुमारी, सुनीता कुमारी और शालिनी कुमारी जैसे प्रतिभाशाली कलाकारों ने अपनी बेहतरीन और जीवंत प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीत लिया और उन्हें नशे के खिलाफ जागरूक किया। इस पहल का मूल संदेश था: "नशे को कहें ना, जिंदगी को कहें हाँ!"।
    user_𝑅 𝑃 𝑆𝐼𝑁𝐺𝐻 𝑃𝑅𝐸𝑆𝑆
    𝑅 𝑃 𝑆𝐼𝑁𝐺𝐻 𝑃𝑅𝐸𝑆𝑆
    गारू, लातेहार, झारखंड•
    2 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.