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देशभर में बकरीद का त्योहार बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है।

18 hrs ago
user_Ravindra
Ravindra
Singer अशोकनगर, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
18 hrs ago

देशभर में बकरीद का त्योहार बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • देशभर में बकरीद का त्योहार बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है।
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    देशभर में बकरीद का त्योहार बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है।
    user_Ravindra
    Ravindra
    Singer अशोकनगर, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के गुना जिले का भैसाना गांव इन दिनों एक अनूठी गाथा लिख रहा है, जहाँ आयोजित महायज्ञ केवल धर्म-कर्म का केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति में 'सतयुगी' दौर की वापसी बन गया है। इस महायज्ञ में दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु पहुँचे हैं, और आज इसका अंतिम दिन है, जिससे पूरा भैसाना 'राममय' हो गया है। यह आयोजन आधुनिक दौर के वीआईपी कल्चर और राजनीतिक प्रचार से हटकर पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल बन चुका है। आयोजकों ने यह सिद्ध कर दिया है कि बिना किसी सरकारी मदद या राजनीतिक संरक्षण के भी, यदि नीयत साफ हो और संगठन में अनुशासन हो, तो ऐसे विशाल आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न किए जा सकते हैं। यह महायज्ञ गुना जिले की पहचान बन गया है और संदेश दे रहा है कि 'धर्म' का अर्थ दिखावा नहीं, बल्कि 'सेवा' और 'समानता' है। यज्ञ स्थल को प्राचीन भारतीय वास्तुशैली के अनुरूप तैयार किया गया है, जहाँ मिट्टी की सुगंध, वैदिक मंत्रों का गुंजन और पारंपरिक वेशभूषा में स्वयंसेवक ऋषियों की कुटिया जैसा आभास कराते हैं, जो मन को असीम शांति प्रदान करता है। इस महायज्ञ की सबसे बड़ी और क्रांतिकारी विशेषता 'समानता' का मंत्र है, जहाँ वीआईपी कल्चर का पूरी तरह से बहिष्कार किया गया है। बड़े से बड़े रसूखदार, प्रशासनिक अधिकारी या नेता—सभी को आम श्रद्धालुओं की तरह ही लाइन में लगकर दर्शन करने पड़ रहे हैं। भोजन व्यवस्था में भी वीआईपी के लिए कोई अलग कमरा या व्यवस्था नहीं है; हर कोई एक साथ जमीन पर बैठकर प्रसाद ग्रहण कर रहा है, जो समाज में व्याप्त ऊंच-नीच के भेदभाव को मिटा रहा है। पूरे यज्ञ परिसर में किसी भी राजनीतिक पार्टी का झंडा, नेता का पोस्टर या फोटो नहीं दिखाई देता, केवल भगवान की भक्ति और सेवा भाव का ही बोलबाला है। श्रद्धालुओं के लिए विशाल और व्यवस्थित निशुल्क पार्किंग, दिन-रात चलने वाला 'अन्नपूर्णा सेवा' का विशाल भंडारा जहाँ गर्म और सात्विक भोजन उपलब्ध है, और भीषण गर्मी में शीतल पेयजल की निरंतर व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम, निजी सुरक्षा गार्ड और हजारों की संख्या में समर्पित स्वयंसेवक दिन-रात निस्वार्थ भाव से सुरक्षा और सेवा में तत्पर हैं, जो साबित करता है कि आज भी समाज में इंसानियत जिंदा है।
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    मध्य प्रदेश के गुना जिले का भैसाना गांव इन दिनों एक अनूठी गाथा लिख रहा है, जहाँ आयोजित महायज्ञ केवल धर्म-कर्म का केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति में 'सतयुगी' दौर की वापसी बन गया है। इस महायज्ञ में दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु पहुँचे हैं, और आज इसका अंतिम दिन है, जिससे पूरा भैसाना 'राममय' हो गया है। यह आयोजन आधुनिक दौर के वीआईपी कल्चर और राजनीतिक प्रचार से हटकर पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल बन चुका है।

आयोजकों ने यह सिद्ध कर दिया है कि बिना किसी सरकारी मदद या राजनीतिक संरक्षण के भी, यदि नीयत साफ हो और संगठन में अनुशासन हो, तो ऐसे विशाल आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न किए जा सकते हैं। यह महायज्ञ गुना जिले की पहचान बन गया है और संदेश दे रहा है कि 'धर्म' का अर्थ दिखावा नहीं, बल्कि 'सेवा' और 'समानता' है। यज्ञ स्थल को प्राचीन भारतीय वास्तुशैली के अनुरूप तैयार किया गया है, जहाँ मिट्टी की सुगंध, वैदिक मंत्रों का गुंजन और पारंपरिक वेशभूषा में स्वयंसेवक ऋषियों की कुटिया जैसा आभास कराते हैं, जो मन को असीम शांति प्रदान करता है।

इस महायज्ञ की सबसे बड़ी और क्रांतिकारी विशेषता 'समानता' का मंत्र है, जहाँ वीआईपी कल्चर का पूरी तरह से बहिष्कार किया गया है। बड़े से बड़े रसूखदार, प्रशासनिक अधिकारी या नेता—सभी को आम श्रद्धालुओं की तरह ही लाइन में लगकर दर्शन करने पड़ रहे हैं। भोजन व्यवस्था में भी वीआईपी के लिए कोई अलग कमरा या व्यवस्था नहीं है; हर कोई एक साथ जमीन पर बैठकर प्रसाद ग्रहण कर रहा है, जो समाज में व्याप्त ऊंच-नीच के भेदभाव को मिटा रहा है। पूरे यज्ञ परिसर में किसी भी राजनीतिक पार्टी का झंडा, नेता का पोस्टर या फोटो नहीं दिखाई देता, केवल भगवान की भक्ति और सेवा भाव का ही बोलबाला है। श्रद्धालुओं के लिए विशाल और व्यवस्थित निशुल्क पार्किंग, दिन-रात चलने वाला 'अन्नपूर्णा सेवा' का विशाल भंडारा जहाँ गर्म और सात्विक भोजन उपलब्ध है, और भीषण गर्मी में शीतल पेयजल की निरंतर व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम, निजी सुरक्षा गार्ड और हजारों की संख्या में समर्पित स्वयंसेवक दिन-रात निस्वार्थ भाव से सुरक्षा और सेवा में तत्पर हैं, जो साबित करता है कि आज भी समाज में इंसानियत जिंदा है।
    user_Shivkumar Jogi
    Shivkumar Jogi
    Customer Service Representative गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के निर्देश पर जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन और एसडीओपी राघौगढ़ श्रीमती दीपा डोडवे के पर्यवेक्षण में, धरनावदा थाना पुलिस ने अवैध गांजा तस्करी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करते हुए दो गांजा तस्करों को गिरफ्तार करने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। गत 28 मई 2026 की शाम को धरनावदा थाना पुलिस को एक मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक ग्लेमर मोटर साइकिल क्रमांक MP08 MW 8347 पर दो व्यक्ति बोरखेड़ा, बेरखेड़ी गांव के रास्ते से गुना हाईवे होकर शिवपुरी की तरफ गांजा बेचने जा रहे हैं। इस सूचना पर तत्काल झागर चौकी से पुलिस की एक टीम बेरखेड़ी गांव की पुलिया के पास पहुंची और घात लगाकर संदिग्ध मोटर साइकिल और व्यक्तियों का इंतजार किया। कुछ देर बाद, मुखबिर द्वारा बताए हुलिए की मोटर साइकिल पर दोनों व्यक्तियों के आने पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उन्हें रोक लिया। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम श्यामबाबू पुत्र रोड़ेलाल भील (उम्र 50 साल, निवासी ग्राम मेरियाखेड़ी थाना चांचौड़ा) और बहादुर सिंह पुत्र नारायण सिंह राजपूत (उम्र 55 साल, निवासी ग्राम बरवटपुरा थाना चांचौड़ा, जिला गुना) बताए। मुखबिर की सूचना के आधार पर विधिवत तलाशी लेने पर उनके पास मौजूद प्लास्टिक के कट्टे से कुल 2.988 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा बरामद हुआ। पुलिस द्वारा आरोपियों के कब्जे से बरामद गांजा, जिसकी कीमत 60 हजार रुपये है, और तस्करी में प्रयुक्त मोटर साइकिल, जिसकी कीमत 50 हजार रुपये है, सहित कुल 1.10 लाख रुपये का मशरूका विधिवत जब्त किया गया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर धरनावदा थाने में अपराध क्रमांक 104/26 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। नशे के खिलाफ धरनावदा थाना पुलिस की इस कार्रवाई में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक रुहिल शर्मा के नेतृत्व में झागर चौकी प्रभारी सउनि अनिल कदम, प्रधान आरक्षक जोगेश शर्मा, प्रधान आरक्षक अजय कुमार, आरक्षक राघवेन्द्र बुन्देला, आरक्षक राजेश परिहार, आरक्षक रविन्द्र सोलंकी और आरक्षक पवन शर्मा का विशेष योगदान रहा।
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    गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के निर्देश पर जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन और एसडीओपी राघौगढ़ श्रीमती दीपा डोडवे के पर्यवेक्षण में, धरनावदा थाना पुलिस ने अवैध गांजा तस्करी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करते हुए दो गांजा तस्करों को गिरफ्तार करने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है।

गत 28 मई 2026 की शाम को धरनावदा थाना पुलिस को एक मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक ग्लेमर मोटर साइकिल क्रमांक MP08 MW 8347 पर दो व्यक्ति बोरखेड़ा, बेरखेड़ी गांव के रास्ते से गुना हाईवे होकर शिवपुरी की तरफ गांजा बेचने जा रहे हैं। इस सूचना पर तत्काल झागर चौकी से पुलिस की एक टीम बेरखेड़ी गांव की पुलिया के पास पहुंची और घात लगाकर संदिग्ध मोटर साइकिल और व्यक्तियों का इंतजार किया। कुछ देर बाद, मुखबिर द्वारा बताए हुलिए की मोटर साइकिल पर दोनों व्यक्तियों के आने पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उन्हें रोक लिया। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम श्यामबाबू पुत्र रोड़ेलाल भील (उम्र 50 साल, निवासी ग्राम मेरियाखेड़ी थाना चांचौड़ा) और बहादुर सिंह पुत्र नारायण सिंह राजपूत (उम्र 55 साल, निवासी ग्राम बरवटपुरा थाना चांचौड़ा, जिला गुना) बताए।

मुखबिर की सूचना के आधार पर विधिवत तलाशी लेने पर उनके पास मौजूद प्लास्टिक के कट्टे से कुल 2.988 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा बरामद हुआ। पुलिस द्वारा आरोपियों के कब्जे से बरामद गांजा, जिसकी कीमत 60 हजार रुपये है, और तस्करी में प्रयुक्त मोटर साइकिल, जिसकी कीमत 50 हजार रुपये है, सहित कुल 1.10 लाख रुपये का मशरूका विधिवत जब्त किया गया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर धरनावदा थाने में अपराध क्रमांक 104/26 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।

नशे के खिलाफ धरनावदा थाना पुलिस की इस कार्रवाई में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक रुहिल शर्मा के नेतृत्व में झागर चौकी प्रभारी सउनि अनिल कदम, प्रधान आरक्षक जोगेश शर्मा, प्रधान आरक्षक अजय कुमार, आरक्षक राघवेन्द्र बुन्देला, आरक्षक राजेश परिहार, आरक्षक रविन्द्र सोलंकी और आरक्षक पवन शर्मा का विशेष योगदान रहा।
    user_Pradeep Sharma
    Pradeep Sharma
    Local News Reporter गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के मार्गदर्शन में आज जिला कलेक्ट्रेट सभागार में “दिव्यांगजन जागरूकता, संवेदनशीलता एवं समावेशी अभिसरण योजना” विषयक तीन दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजन के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ाना है, साथ ही विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर समावेशी और अधिकार-आधारित सेवाओं को सुदृढ़ करना है। कार्यशाला को संबोधित करते हुए कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने कहा कि समाजहित में काम करने वाली संस्थाओं और फाउंडेशन के प्रयासों का सम्मान किया जाना चाहिए, और प्रशासन को ऐसे सकारात्मक कार्यों में हरसंभव सहयोग देना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस तीन दिवसीय कार्यशाला का लाभ सभी प्रतिभागियों को मिलेगा, विशेष रूप से उन दिव्यांगजन भाई-बहनों को, जिनके कल्याण और सशक्तिकरण को ध्यान में रखकर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। कलेक्टर कन्याल ने समृद्धि केंद्र के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि देश में स्थापित केवल तीन समृद्धि केंद्रों में से एक गुना जिले में संचालित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना की शुरुआत केंद्रीय मंत्री एवं सांसद श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। समृद्धि केंद्र के माध्यम से दिव्यांगजन को डिस्टेंस लर्निंग कार्यक्रमों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। कलेक्टर ने आगे कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य केवल जागरूकता बढ़ाना नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय, आजीविका, लोक निर्माण, आपदा प्रबंधन, जल एवं स्वच्छता जैसे विभागों के मध्य समन्वित और समावेशी कार्यप्रणाली विकसित करना भी है, जिससे दिव्यांगजन हेतु प्रभावी सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें। कार्यशाला के दौरान, प्रतिभागियों को अनुभवात्मक गतिविधियों, संवाद और समूह अभ्यासों के माध्यम से दिव्यांगजन से जुड़े सामाजिक, व्यवहारिक एवं प्रशासनिक पहलुओं के प्रति संवेदनशील बनाया जाएगा। इसमें समावेशी संचार, विभागीय भूमिकाएं, आपदा प्रबंधन में दिव्यांगजन की आवश्यकताएं और रिजल्ट बेस्ड मैनेजमेंट जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी। आज आयोजित कार्यशाला में डॉ. प्रवीक वशिष्ठ (प्रॉस्थेटिस्ट एवं ऑर्थोटिस्ट तथा पुनर्वास विशेषज्ञ, दिल्ली) और सुश्री कृपाली बिदाये (समावेशन एवं इंटरसेक्शनैलिटी विषय की विशेषज्ञ परामर्शदाता, मुंबई) द्वारा विभिन्न तकनीकी सत्रों का संचालन किया गया। इस कार्यशाला के माध्यम से जिला स्तर पर ऐसी समावेशी कार्यप्रणाली विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे भविष्य में योजनाओं, सेवाओं और संसाधनों तक दिव्यांगजन की पहुंच और भागीदारी को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। कार्यशाला में सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग श्री दिनेश चंदेल सहित संबंधित विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
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    गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के मार्गदर्शन में आज जिला कलेक्ट्रेट सभागार में “दिव्यांगजन जागरूकता, संवेदनशीलता एवं समावेशी अभिसरण योजना” विषयक तीन दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजन के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ाना है, साथ ही विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर समावेशी और अधिकार-आधारित सेवाओं को सुदृढ़ करना है।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने कहा कि समाजहित में काम करने वाली संस्थाओं और फाउंडेशन के प्रयासों का सम्मान किया जाना चाहिए, और प्रशासन को ऐसे सकारात्मक कार्यों में हरसंभव सहयोग देना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस तीन दिवसीय कार्यशाला का लाभ सभी प्रतिभागियों को मिलेगा, विशेष रूप से उन दिव्यांगजन भाई-बहनों को, जिनके कल्याण और सशक्तिकरण को ध्यान में रखकर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। कलेक्टर कन्याल ने समृद्धि केंद्र के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि देश में स्थापित केवल तीन समृद्धि केंद्रों में से एक गुना जिले में संचालित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना की शुरुआत केंद्रीय मंत्री एवं सांसद श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। समृद्धि केंद्र के माध्यम से दिव्यांगजन को डिस्टेंस लर्निंग कार्यक्रमों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

कलेक्टर ने आगे कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य केवल जागरूकता बढ़ाना नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय, आजीविका, लोक निर्माण, आपदा प्रबंधन, जल एवं स्वच्छता जैसे विभागों के मध्य समन्वित और समावेशी कार्यप्रणाली विकसित करना भी है, जिससे दिव्यांगजन हेतु प्रभावी सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें। कार्यशाला के दौरान, प्रतिभागियों को अनुभवात्मक गतिविधियों, संवाद और समूह अभ्यासों के माध्यम से दिव्यांगजन से जुड़े सामाजिक, व्यवहारिक एवं प्रशासनिक पहलुओं के प्रति संवेदनशील बनाया जाएगा। इसमें समावेशी संचार, विभागीय भूमिकाएं, आपदा प्रबंधन में दिव्यांगजन की आवश्यकताएं और रिजल्ट बेस्ड मैनेजमेंट जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी।

आज आयोजित कार्यशाला में डॉ. प्रवीक वशिष्ठ (प्रॉस्थेटिस्ट एवं ऑर्थोटिस्ट तथा पुनर्वास विशेषज्ञ, दिल्ली) और सुश्री कृपाली बिदाये (समावेशन एवं इंटरसेक्शनैलिटी विषय की विशेषज्ञ परामर्शदाता, मुंबई) द्वारा विभिन्न तकनीकी सत्रों का संचालन किया गया। इस कार्यशाला के माध्यम से जिला स्तर पर ऐसी समावेशी कार्यप्रणाली विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे भविष्य में योजनाओं, सेवाओं और संसाधनों तक दिव्यांगजन की पहुंच और भागीदारी को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। कार्यशाला में सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग श्री दिनेश चंदेल सहित संबंधित विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
    user_रणधीर चदेल
    रणधीर चदेल
    पत्रकार (फोटोग्राफर) Guna, Madhya Pradesh•
    8 hrs ago
  • विदिशा पुलिस ने महिला एवं बाल सुरक्षा के प्रति अपनी संवेदनशीलता और तत्परता दिखाते हुए, दुष्कर्म के एक फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। थाना कोतवाली पुलिस द्वारा त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए इस आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विदिशा रोहित काशवानी के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और नगर पुलिस अधीक्षक अतुल सिंह के मार्गदर्शन में सफल रही। आरोपी के खिलाफ थाना कोतवाली क्षेत्र में वर्ष 2026 में अपराध क्रमांक 196/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2), इजाफा धारा 87, 65(1), 351(3), पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6, तथा एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(w)(i), 2(2)(va), 2(2)(v) के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था। आरोपी ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था, जिसके बाद पुलिस ने गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ तत्काल जांच प्रारंभ की थी। पुलिस टीम ने लगातार दबिश, मुखबिर सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को विदिशा क्षेत्र से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान आनंद सागर, पिता अनूप सागर, उम्र 25 वर्ष, निवासी पुरनपुरा, विदिशा के रूप में हुई है। इस सराहनीय भूमिका में निरीक्षक आनंद राज, सहायक उप निरीक्षक विनोद शर्मा, आरक्षक भूपेंद्र कुर्मी, आरक्षक नीलेश धाकड़, आरक्षक राघवेंद्र सिकरवार, आरक्षक जयदेव लोधी और शिशुपाल सिंह दांगी शामिल रहे।
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    विदिशा पुलिस ने महिला एवं बाल सुरक्षा के प्रति अपनी संवेदनशीलता और तत्परता दिखाते हुए, दुष्कर्म के एक फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। थाना कोतवाली पुलिस द्वारा त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए इस आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विदिशा रोहित काशवानी के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और नगर पुलिस अधीक्षक अतुल सिंह के मार्गदर्शन में सफल रही। आरोपी के खिलाफ थाना कोतवाली क्षेत्र में वर्ष 2026 में अपराध क्रमांक 196/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2), इजाफा धारा 87, 65(1), 351(3), पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6, तथा एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(w)(i), 2(2)(va), 2(2)(v) के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था। आरोपी ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था, जिसके बाद पुलिस ने गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ तत्काल जांच प्रारंभ की थी।

पुलिस टीम ने लगातार दबिश, मुखबिर सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को विदिशा क्षेत्र से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान आनंद सागर, पिता अनूप सागर, उम्र 25 वर्ष, निवासी पुरनपुरा, विदिशा के रूप में हुई है।

इस सराहनीय भूमिका में निरीक्षक आनंद राज, सहायक उप निरीक्षक विनोद शर्मा, आरक्षक भूपेंद्र कुर्मी, आरक्षक नीलेश धाकड़, आरक्षक राघवेंद्र सिकरवार, आरक्षक जयदेव लोधी और शिशुपाल सिंह दांगी शामिल रहे।
    user_IBN NEWS
    IBN NEWS
    सिरोंज, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • बीना के कुरवाई रोड क्षेत्र में नगर पालिका द्वारा कराए जा रहे नाला निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय रहवासियों और प्रशासन के बीच विवाद उत्पन्न हो गया है। रोड किनारे पाइप लाइन डालने और नाले के निर्माण के लिए जेसीबी से खुदाई की जा रही है, जिसका स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया है। यह कार्य एक मकान के सामने बनी पक्की आईसीसी सड़क के नीचे नाला निर्माण के लिए किया जा रहा है। मकान मालिक क्षमा पांडे ने इस निर्माण कार्य पर आपत्ति जताते हुए कई सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इस कार्य से उनके मकान और आसपास की संरचना को नुकसान पहुँच सकता है, साथ ही यह भी आरोप है कि कार्य बिना किसी उचित जानकारी के किया जा रहा है। दूसरी ओर, भगत सिंह वार्ड के पार्षद प्रतिनिधि आकाश यादव ने नगर पालिका के कार्य को नियमों के अनुसार बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नाले का निर्माण आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। फिलहाल, इस निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों और नगर पालिका के बीच असहमति बनी हुई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या समाधान प्रस्तुत करता है।
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    बीना के कुरवाई रोड क्षेत्र में नगर पालिका द्वारा कराए जा रहे नाला निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय रहवासियों और प्रशासन के बीच विवाद उत्पन्न हो गया है। रोड किनारे पाइप लाइन डालने और नाले के निर्माण के लिए जेसीबी से खुदाई की जा रही है, जिसका स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया है। यह कार्य एक मकान के सामने बनी पक्की आईसीसी सड़क के नीचे नाला निर्माण के लिए किया जा रहा है।

मकान मालिक क्षमा पांडे ने इस निर्माण कार्य पर आपत्ति जताते हुए कई सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इस कार्य से उनके मकान और आसपास की संरचना को नुकसान पहुँच सकता है, साथ ही यह भी आरोप है कि कार्य बिना किसी उचित जानकारी के किया जा रहा है। दूसरी ओर, भगत सिंह वार्ड के पार्षद प्रतिनिधि आकाश यादव ने नगर पालिका के कार्य को नियमों के अनुसार बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नाले का निर्माण आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है।

फिलहाल, इस निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों और नगर पालिका के बीच असहमति बनी हुई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या समाधान प्रस्तुत करता है।
    user_Mp news 24live
    Mp news 24live
    पत्रकार बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • बीना के सागर गेट अंडर ब्रिज से लगातार गिर रहे गंदे पानी ने शहरवासियों को भारी परेशानी में डाल दिया है, जिससे लोगों में गहरा असंतोष व्याप्त है। यह गंदा पानी न केवल राहगीरों पर गिर रहा है, बल्कि रेलवे ट्रैक पर भी जा रहा है, जिससे किसी बड़ी अनहोनी घटना का खतरा मंडरा रहा है। कांग्रेस सेवादल के शहर अध्यक्ष प्रमोद राय ने बताया कि पिछले लगभग एक हफ्ते से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन रेल प्रशासन कुंभकरणीय नींद में है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो आम जनता के सहयोग से आंदोलन किया जाएगा। चेतन धाम निवासी सुदर्शन जैन ने अपनी परेशानी साझा करते हुए कहा कि सुबह नहा-धोकर निकलने पर गंदगी का सामना करना पड़ता है, जिससे पूरा दिन मन में ग्लानि महसूस होती है। उन्होंने यह भी बताया कि अंडर ब्रिज से बचने के लिए ओवर ब्रिज का रास्ता लेने पर करीब 3 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है। गांधी वार्ड निवासी शिवकुमार अहिरवार ने भी बताया कि गंदा पानी काफी समय से टपक रहा है, लेकिन रेल प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है और उन्हें शीघ्र व्यवस्था करवानी चाहिए। सिंधी कॉलोनी के जन्नू लाल राय के अनुसार, यह समस्या अंडर ब्रिज के निर्माण के बाद से ही इसमें मौजूद खामी के कारण बनी हुई है, जहां समय पर सफाई नहीं होती। उन्होंने भी इस बात पर जोर दिया कि गंदा पानी रेलवे ट्रैक पर जाने से कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। अशोक सेन ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि गंदे पानी के कारण लोग सुपरमार्केट और बड़ी बजरिया आने से कतराते हैं, क्योंकि या तो उन्हें लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, या अंडर ब्रिज से निकलने पर गंदे पानी का सामना करना पड़ता है। लोगों की मांग है कि रेलवे प्रशासन इस समस्या का शीघ्र निराकरण करे।
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    बीना के सागर गेट अंडर ब्रिज से लगातार गिर रहे गंदे पानी ने शहरवासियों को भारी परेशानी में डाल दिया है, जिससे लोगों में गहरा असंतोष व्याप्त है। यह गंदा पानी न केवल राहगीरों पर गिर रहा है, बल्कि रेलवे ट्रैक पर भी जा रहा है, जिससे किसी बड़ी अनहोनी घटना का खतरा मंडरा रहा है।

कांग्रेस सेवादल के शहर अध्यक्ष प्रमोद राय ने बताया कि पिछले लगभग एक हफ्ते से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन रेल प्रशासन कुंभकरणीय नींद में है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो आम जनता के सहयोग से आंदोलन किया जाएगा। चेतन धाम निवासी सुदर्शन जैन ने अपनी परेशानी साझा करते हुए कहा कि सुबह नहा-धोकर निकलने पर गंदगी का सामना करना पड़ता है, जिससे पूरा दिन मन में ग्लानि महसूस होती है। उन्होंने यह भी बताया कि अंडर ब्रिज से बचने के लिए ओवर ब्रिज का रास्ता लेने पर करीब 3 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है।

गांधी वार्ड निवासी शिवकुमार अहिरवार ने भी बताया कि गंदा पानी काफी समय से टपक रहा है, लेकिन रेल प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है और उन्हें शीघ्र व्यवस्था करवानी चाहिए। सिंधी कॉलोनी के जन्नू लाल राय के अनुसार, यह समस्या अंडर ब्रिज के निर्माण के बाद से ही इसमें मौजूद खामी के कारण बनी हुई है, जहां समय पर सफाई नहीं होती। उन्होंने भी इस बात पर जोर दिया कि गंदा पानी रेलवे ट्रैक पर जाने से कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। अशोक सेन ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि गंदे पानी के कारण लोग सुपरमार्केट और बड़ी बजरिया आने से कतराते हैं, क्योंकि या तो उन्हें लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, या अंडर ब्रिज से निकलने पर गंदे पानी का सामना करना पड़ता है। लोगों की मांग है कि रेलवे प्रशासन इस समस्या का शीघ्र निराकरण करे।
    user_Rakesh sen
    Rakesh sen
    बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के गुना जिले की कुंभराज तहसील के खेजरा रामा गांव में गुरुवार सुबह करीब 5 बजे उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब 23 वर्षीय निकिता नामक एक महिला गांव में स्थित एक मोबाइल टावर पर चढ़ गई। ग्रामीणों ने निकिता को इतनी ऊंचाई पर देख शोर मचाया और अन्य लोगों को इकट्ठा किया, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया। बताया गया कि निकिता, जिसकी शादी लगभग 3 साल पहले कुलदीप मीना से हुई थी, अपने ससुराल वालों के साथ चल रहे पारिवारिक विवाद से नाराज थी और इसी के चलते उसने यह 'हाई वोल्टेज ड्रामा' किया। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। करीब तीन घंटे तक चले इस 'हाई वोल्टेज ड्रामे' के बाद, अधिकारियों ने महिला को समझाने-बुझाने में काफी मेहनत की। उनकी समझाइश के बाद, निकिता को सुरक्षित टावर से नीचे उतारा जा सका। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ।
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    मध्य प्रदेश के गुना जिले की कुंभराज तहसील के खेजरा रामा गांव में गुरुवार सुबह करीब 5 बजे उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब 23 वर्षीय निकिता नामक एक महिला गांव में स्थित एक मोबाइल टावर पर चढ़ गई। ग्रामीणों ने निकिता को इतनी ऊंचाई पर देख शोर मचाया और अन्य लोगों को इकट्ठा किया, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया। बताया गया कि निकिता, जिसकी शादी लगभग 3 साल पहले कुलदीप मीना से हुई थी, अपने ससुराल वालों के साथ चल रहे पारिवारिक विवाद से नाराज थी और इसी के चलते उसने यह 'हाई वोल्टेज ड्रामा' किया।

ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। करीब तीन घंटे तक चले इस 'हाई वोल्टेज ड्रामे' के बाद, अधिकारियों ने महिला को समझाने-बुझाने में काफी मेहनत की। उनकी समझाइश के बाद, निकिता को सुरक्षित टावर से नीचे उतारा जा सका। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ।
    user_Shivkumar Jogi
    Shivkumar Jogi
    Customer Service Representative गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
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