गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के मार्गदर्शन में आज जिला कलेक्ट्रेट सभागार में “दिव्यांगजन जागरूकता, संवेदनशीलता एवं समावेशी अभिसरण योजना” विषयक तीन दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजन के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ाना है, साथ ही विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर समावेशी और अधिकार-आधारित सेवाओं को सुदृढ़ करना है। कार्यशाला को संबोधित करते हुए कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने कहा कि समाजहित में काम करने वाली संस्थाओं और फाउंडेशन के प्रयासों का सम्मान किया जाना चाहिए, और प्रशासन को ऐसे सकारात्मक कार्यों में हरसंभव सहयोग देना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस तीन दिवसीय कार्यशाला का लाभ सभी प्रतिभागियों को मिलेगा, विशेष रूप से उन दिव्यांगजन भाई-बहनों को, जिनके कल्याण और सशक्तिकरण को ध्यान में रखकर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। कलेक्टर कन्याल ने समृद्धि केंद्र के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि देश में स्थापित केवल तीन समृद्धि केंद्रों में से एक गुना जिले में संचालित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना की शुरुआत केंद्रीय मंत्री एवं सांसद श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। समृद्धि केंद्र के माध्यम से दिव्यांगजन को डिस्टेंस लर्निंग कार्यक्रमों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। कलेक्टर ने आगे कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य केवल जागरूकता बढ़ाना नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय, आजीविका, लोक निर्माण, आपदा प्रबंधन, जल एवं स्वच्छता जैसे विभागों के मध्य समन्वित और समावेशी कार्यप्रणाली विकसित करना भी है, जिससे दिव्यांगजन हेतु प्रभावी सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें। कार्यशाला के दौरान, प्रतिभागियों को अनुभवात्मक गतिविधियों, संवाद और समूह अभ्यासों के माध्यम से दिव्यांगजन से जुड़े सामाजिक, व्यवहारिक एवं प्रशासनिक पहलुओं के प्रति संवेदनशील बनाया जाएगा। इसमें समावेशी संचार, विभागीय भूमिकाएं, आपदा प्रबंधन में दिव्यांगजन की आवश्यकताएं और रिजल्ट बेस्ड मैनेजमेंट जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी। आज आयोजित कार्यशाला में डॉ. प्रवीक वशिष्ठ (प्रॉस्थेटिस्ट एवं ऑर्थोटिस्ट तथा पुनर्वास विशेषज्ञ, दिल्ली) और सुश्री कृपाली बिदाये (समावेशन एवं इंटरसेक्शनैलिटी विषय की विशेषज्ञ परामर्शदाता, मुंबई) द्वारा विभिन्न तकनीकी सत्रों का संचालन किया गया। इस कार्यशाला के माध्यम से जिला स्तर पर ऐसी समावेशी कार्यप्रणाली विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे भविष्य में योजनाओं, सेवाओं और संसाधनों तक दिव्यांगजन की पहुंच और भागीदारी को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। कार्यशाला में सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग श्री दिनेश चंदेल सहित संबंधित विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के मार्गदर्शन में आज जिला कलेक्ट्रेट सभागार में “दिव्यांगजन जागरूकता, संवेदनशीलता एवं समावेशी अभिसरण योजना” विषयक तीन दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजन के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ाना है, साथ ही विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर समावेशी और अधिकार-आधारित सेवाओं को सुदृढ़ करना है। कार्यशाला को संबोधित करते हुए कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने कहा कि समाजहित में काम करने वाली संस्थाओं और फाउंडेशन के प्रयासों का सम्मान किया जाना चाहिए, और प्रशासन को ऐसे सकारात्मक कार्यों में हरसंभव सहयोग देना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस तीन दिवसीय कार्यशाला का लाभ सभी प्रतिभागियों को मिलेगा, विशेष रूप से उन दिव्यांगजन भाई-बहनों को, जिनके कल्याण और सशक्तिकरण को ध्यान में रखकर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। कलेक्टर कन्याल ने समृद्धि केंद्र के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि देश में स्थापित केवल तीन समृद्धि केंद्रों में से एक गुना जिले में संचालित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना की शुरुआत केंद्रीय मंत्री एवं सांसद श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। समृद्धि केंद्र के माध्यम से दिव्यांगजन को डिस्टेंस लर्निंग कार्यक्रमों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। कलेक्टर ने आगे कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य केवल जागरूकता बढ़ाना नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय, आजीविका, लोक निर्माण, आपदा प्रबंधन, जल एवं स्वच्छता जैसे विभागों के मध्य समन्वित और समावेशी कार्यप्रणाली विकसित करना भी है, जिससे दिव्यांगजन हेतु प्रभावी सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें। कार्यशाला के दौरान, प्रतिभागियों को अनुभवात्मक गतिविधियों, संवाद और समूह अभ्यासों के माध्यम से दिव्यांगजन से जुड़े सामाजिक, व्यवहारिक एवं प्रशासनिक पहलुओं के प्रति संवेदनशील बनाया जाएगा। इसमें समावेशी संचार, विभागीय भूमिकाएं, आपदा प्रबंधन में दिव्यांगजन की आवश्यकताएं और रिजल्ट बेस्ड मैनेजमेंट जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी। आज आयोजित कार्यशाला में डॉ. प्रवीक वशिष्ठ (प्रॉस्थेटिस्ट एवं ऑर्थोटिस्ट तथा पुनर्वास विशेषज्ञ, दिल्ली) और सुश्री कृपाली बिदाये (समावेशन एवं इंटरसेक्शनैलिटी विषय की विशेषज्ञ परामर्शदाता, मुंबई) द्वारा विभिन्न तकनीकी सत्रों का संचालन किया गया। इस कार्यशाला के माध्यम से जिला स्तर पर ऐसी समावेशी कार्यप्रणाली विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे भविष्य में योजनाओं, सेवाओं और संसाधनों तक दिव्यांगजन की पहुंच और भागीदारी को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। कार्यशाला में सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग श्री दिनेश चंदेल सहित संबंधित विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
- गुना पुलिस ने जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर कड़ा प्रहार करते हुए एक बड़ी कार्रवाई की है। चांचौड़ा थाना पुलिस ने करीब ढाई लाख रुपये मूल्य की स्मैक के साथ एक नशा तस्कर को गिरफ्तार करने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल नेतृत्व और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी चांचौड़ा श्री मनोज कुमार झा के पर्यवेक्षण में की गई। गत 27 मई 2026 की शाम को चांचौड़ा थानांतर्गत बीनागंज चौकी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि हाईवे पर बरखेड़ा गांव स्थित एक होटल के पास एक व्यक्ति स्मैक बेचने के इरादे से खड़ा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए बीनागंज चौकी से तत्काल एक पुलिस टीम मौके पर रवाना हुई। टीम ने बिना देर किए बरखेड़ा गांव पहुंचकर संदिग्ध व्यक्ति को होटल के पास खड़ा देखा, जो पुलिस को देखकर भागने लगा। हालांकि, पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे मौके पर ही पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान बृजमोहन पुत्र लक्ष्मीनारायण मीना, उम्र 45 साल, निवासी ग्राम चक हरीचा, थाना चांचौड़ा, जिला गुना के रूप में बताई। उसकी विधिवत तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 25.51 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 2.50 लाख रुपये है। पुलिस ने स्मैक को विधिवत जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया और चांचौड़ा थाने में अप.क्र. 152/26 धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा आरोपी के स्मैक तस्करी के अन्य स्त्रोतों और संभावित नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। इस उल्लेखनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज राणा के नेतृत्व में बीनागंज चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अजयप्रताप सिंह, सउनि बृजेश देवरिया, सउनि ताराचंद सगर, आरक्षक मोनू करारे, आरक्षक शिवप्रताप तोमर, आरक्षक सचिन भिलाला और आरक्षक प्रदीप मसराम की विशेष भूमिका रही।1
- कुंभराज तहसील के ग्राम खेजड़ा रामा में गुरुवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पारिवारिक अनबन से क्षुब्ध एक महिला गांव में स्थित ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई। सुबह करीब 5 बजे भोर के उजाले में महिला को टावर पर देख ग्रामीणों के होश उड़ गए, जिसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही कुंभराज तहसीलदार कमल मंडेलिया, थाना प्रभारी पंकज त्यागी, और पटवारी प्रवीण सिंह राणा अपनी टीमों के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर परिषद और स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भी आपातकालीन तैयारियों के साथ बुलाया गया था। महिला अत्यधिक आक्रोश में थी और नीचे आने को तैयार नहीं थी, जिसके मद्देनजर प्रशासनिक अधिकारियों ने बल प्रयोग या जल्दबाजी करने के बजाय बेहद संवेदनशील रणनीति अपनाई। उन्होंने लाउडस्पीकर और सीधे संवाद के जरिए महिला से बातचीत की, उसे ढांढस बंधाते हुए भरोसा दिलाया कि उसकी हर समस्या सुनी जाएगी और प्रशासनिक व कानूनी दायरे में रहकर उसे न्याय दिया जाएगा, बस वह सुरक्षित नीचे आ जाए। प्रशासन के इस मानवीय चेहरे और ठोस आश्वासन का महिला पर सकारात्मक असर हुआ, जिससे उसका गुस्सा शांत हुआ और वह धीरे-धीरे टावर से नीचे उतर आई। करीब तीन घंटे तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामा का सुखद अंत होते ही वहां मौजूद सैकड़ों ग्रामीणों और अधिकारियों ने राहत की सांस ली। टावर से नीचे आते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्काल महिला का प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण किया। यह घटना सुबह 5 बजे शुरू हुई थी, जिसमें राजस्व, पुलिस, नगर परिषद और स्वास्थ्य विभाग ने मिलकर मोर्चा संभाला। प्रशासन ने बिना किसी दबाव के, सिर्फ बातचीत और दिलासे (काउंसलिंग) के दम पर महिला को सुरक्षित नीचे उतारा, जो संवेदनशीलता की मिसाल साबित हुई। महिला को सुरक्षित सौंपने के बाद अब पुलिस इस पारिवारिक मतभेद और विवाद के मूल कारणों की बारीकी से जांच कर रही है। कुंभराज प्रशासन और पुलिस टीम का यह त्वरित और सूझबूझ भरा प्रयास अत्यंत सराहनीय है, जिसने संकट के समय मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर एक बहुमूल्य जान बचाई।4
- बारां जिले के छबड़ा में स्टेशन रोड स्थित धाकड़ छात्रावास में चल रहा अवैध कब्जों का विवाद माननीय न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद आखिरकार सुलझ गया है। अदालती आदेश और निर्धारित समयावधि का पालन करते हुए, छात्रावास की दुकानों पर काबिज समाज के 10 लोगों ने अपने अवैध कब्जे हटा लिए हैं। इसके साथ ही, धाकड़ समाज सेवा समिति ने न्यायालय के निर्देशानुसार, इन सभी 10 दुकानदारों को उनकी 1-1 लाख रुपये की धरोहर (सहयोग) राशि भी ससम्मान वापस लौटा दी है। इस महत्वपूर्ण कदम के बाद अब छात्रावास के सुचारु संचालन का मार्ग प्रशस्त हो गया है, जिसकी समाज के वरिष्ठ जनों ने अध्यक्ष सहित उनकी कार्यकारिणी के सदस्यों का पुरजोर स्वागत किया है। दरअसल, यह मामला तब शुरू हुआ था जब धाकड़ छात्रावास के निर्माण के समय समाज के 10 लोगों ने ₹1-1 लाख की धरोहर सहयोग राशि जमा की थी। बाद में, राज्य सरकार की शर्तों के तहत धाकड़ समाज सेवा समिति के अधीन छात्रावास का निर्माण हुआ और आय के स्रोत के रूप में आगे के कमरों को दुकानों का रूप देकर इन्हीं 10 सहयोगकर्ताओं को व्यवसाय के लिए सौंपा गया। हालांकि, जब समाज ने उनसे धरोहर राशि वापस लेकर छात्रावास खाली करने को कहा, तो काबिज लोगों ने दुकानें खाली करने से इनकार कर दिया। राजनीतिक प्रभाव और रसूख के कारण यह कब्जा लंबे समय तक बना रहा, जिससे छात्रावास का संचालन बाधित रहा। इस दौरान कई बैठकों में यह मुद्दा उठा, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। शुरुआती कार्यकारी अध्यक्षों के बाद कई अध्यक्षों ने समाज को आय-व्यय का ब्यौरा भी नहीं दिया। राधेश्याम धाकड़ के निधन के बाद रामेश्वर धाकड़ अध्यक्ष बने, लेकिन वे भी कब्जा मुक्त नहीं करा सके। इसके पश्चात्, धर्मा धाकड़ को छात्रावास खाली कराने की शर्त पर कमान सौंपी गई, जिन्होंने कुछ समय बाद इस्तीफा दे दिया। तत्पश्चात, भुवाखेड़ी के पटेल श्री लाल धाकड़ को कार्यकारी अध्यक्ष चुना गया। पदभार संभालते ही श्री लाल धाकड़ ने सख्त कदम उठाते हुए सभी 10 दुकानदारों को नोटिस जारी कर अपनी राशि लेने और दुकानें खाली करने का निर्देश दिया। इस कार्रवाई से बौखलाए काबिज लोगों ने एक सुनियोजित योजना के तहत समाज की बैठक में अध्यक्ष श्री लाल धाकड़ और उनकी कार्यकारिणी सहित मौजूद समाज के लोगों पर जानलेवा हमला किया और मारपीट की। इस घटना के संबंध में दोनों पक्षों की ओर से छबड़ा थाने में मुकदमे भी दर्ज हैं। कब्जे की नीयत से खुद को समाज हितैषी बताने वाले कुछ लोगों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। माननीय न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 'दूध का दूध और पानी का पानी' कर दिया। न्यायालय ने राजीनामे के अनुसार काबिज लोगों को 27 मई तक छात्रावास खाली करने के सख्त आदेश जारी किए थे। इसी आदेश के अनुपालन में, 27 मई को कार्यकारी अध्यक्ष श्री लाल धाकड़ की अध्यक्षता में समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जहाँ सभी 10 लोगों से सादा प्राप्ति रसीद पर हस्ताक्षर करवाकर उनकी मूल धरोहर राशि वापस कर दी गई और छात्रावास को पूर्णतः कब्जा मुक्त करा लिया गया। छात्रावास के कब्जा मुक्त होने से समाज में खुशी की लहर है, वहीं तथाकथित 'कर्णधारों' के रवैये को लेकर गहरा आक्रोश और दुःख भी है, जिन्होंने वाद दायर कर और अध्यक्ष पर हमला कर समाज को गलत संदेश दिया। यह मुद्दा आज पूरे धाकड़ समाज में चर्चा का विषय बना हुआ है। न्यायालय के फैसले से अब छात्रावास संचालन के लिए सामाजिक गतिविधियों पर प्रतिबंध से आय के स्रोत खत्म हो गए हैं। भविष्य में धाकड़ छात्रावास का उपयोग केवल समाज के पढ़ने वाले बालक-बालिकाओं के लिए ही किया जाएगा, और इसे शादी-विवाह या किसी अन्य प्रयोजन के लिए नहीं दिया जाएगा। अध्यक्ष श्री लाल धाकड़ ने समाज के लोगों से आह्वान किया है कि वर्तमान में छात्रावास के पास कोई सरकारी या निजी आय का संसाधन नहीं है, इसलिए दानदाता आगे आएं, ताकि प्राप्त दान का उपयोग गरीब और मध्यम आय वर्ग के बालक-बालिकाओं की शिक्षा के लिए किया जा सके। उन्होंने उन सभी लोगों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से छात्रावास की मदद की है, और उनसे समाज हित में निडर होकर आगे आने का आग्रह किया, ताकि छात्रावास संचालन को नई दिशा मिल सके। धाकड़ समाज ने स्टेशन रोड छबड़ा स्थित छात्रावास से अवैध कब्जे हटवाने पर अध्यक्ष श्री लाल धाकड़ को 'समाज का सर्वश्रेष्ठ सिपाही' बताया है।4
- आज दिनांक 28 मई 2026 को छीपाबड़ौद वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध खनन कर पत्थर चिंगारी का परिवहन कर रहे एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया। यह कार्रवाई बारां के उप वन संरक्षक विवेकानंद माणिक राव के निर्देशानुसार नाका सारथल के कलमोदिया वन क्षेत्र में गश्त के दौरान की गई। वन विभाग की टीम ने ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त करने के साथ ही वाहन चालक को भी मौके से गिरफ्तार किया। इस अभियान में रेंज गश्ती दल प्रभारी जितेंद्र कुमार और भगवान सिंह, सहायक गश्ती दल प्रभारी संजय मीणा, मालम सिंह, प्रवीण शर्मा, लाल सिंह सहित अन्य वनकर्मी शामिल रहे।3
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के तहत छीपाबड़ौद के स्टेडियम में पूर्ण शरीर को मजबूत करने वाले आसनों का अभ्यास किया गया।1
- गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल नेतृत्व में, गुना पुलिस जिले में अवैध मादक पदार्थों की बिक्री, तस्करी और इन गतिविधियों में संलिप्त माफियाओं पर सतत निगरानी रखते हुए निरंतर कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन और एसडीओपी गुना श्री विवेक अष्ठाना के पर्यवेक्षण में, बमौरी थाना पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान एक नशा तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी से लगभग चार किलोग्राम गांजा और तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित कुल करीब ₹2.50 लाख मूल्य का सामान जब्त किया है। यह घटना 27 मई 2026 की रात की है, जब बमौरी थाने की एक टीम गुना रोड स्थित सीएम राइज स्कूल के सामने वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बागेरी गांव की ओर से आ रहे एक हीरो एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति को रोककर पूछताछ की गई, जिसने अपना नाम बालस्वरूप पुत्र राधाकिशन धाकड़ (उम्र 52 साल, निवासी ग्राम परांठ, थाना बमौरी) बताया। पुलिस की पूछताछ के दौरान उसकी घबराहट और हड़बड़ाहट से पुलिस को उस पर संदिग्ध गतिविधि में संलिप्त होने का संदेह हुआ। विधिवत तलाशी लेने पर उसके पास मौजूद थैले से 4.059 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा बरामद हुआ। आरोपी के कब्जे से बरामद गांजे की कीमत लगभग ₹2 लाख और तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल की कीमत ₹50 हजार आंकी गई, जिससे कुल ₹2.50 लाख मूल्य का मशरूका विधिवत जब्त किया गया। पुलिस ने आरोपी बालस्वरूप को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ बमौरी थाने में अप.क्र. 119/26 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया है। नशे के विरुद्ध बमौरी थाना पुलिस की इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप राजौरिया, सउनि दिलीप सिंह कुशवाह, प्रधान आरक्षक रामकृष्ण रघुवंशी, प्रधान आरक्षक बालस्वरुप धाकड, आरक्षक महेन्द्र पटेलिया, आरक्षक रवि गुर्जर, आरक्षक संजय जाट, आरक्षक मनोज कश्यप, आरक्षक गुलाब सिंह और महिला आरक्षक रीनू निगवाल की सराहनीय भूमिका रही है। गुना पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ लगातार यह कार्रवाई जारी रहेगी।1
- सुरेश चंद मेहरा की आगामी सेवानिवृत्ति के अवसर पर, अटरू के सीबीईओ कार्यालय में बुधवार को उन्हें एक भावभीनी विदाई दी गई, जिसमें ब्लॉक के शिक्षकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस कार्यक्रम के दौरान, कार्यालय कर्मियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने उनके सेवाकाल की सराहना की। छबड़ा तहसील के भीलवाड़ा ऊंचा ग्राम में सेठ राम प्रसाद मेहरा के घर जन्मे सुरेश चंद मेहरा ने गांव के विद्यालय से अपनी प्राथमिक शिक्षा पूरी की और उच्च शिक्षा ग्रहण की। उन्होंने 29 फरवरी 1988 को प्राथमिक स्कूल सेमली में तृतीय श्रेणी शिक्षक के रूप में अपनी सेवा यात्रा शुरू की। उनके लंबे कार्यकाल में प्राथमिक स्कूल बरौनी (1989-1990), प्राथमिक स्कूल घट्टी (1990-1993), प्राथमिक स्कूल घट्टा (जुलाई 1993-2000), और बमौरा स्कूल (2001-2009) शामिल हैं। सितंबर 2009 में उन्हें द्वितीय श्रेणी प्रधानाध्यापक के रूप में पदोन्नत किया गया, जिसके बाद उन्होंने राउप्रावि पारोलिया (सितंबर 2009-13 जनवरी 2014) और राउप्रावि पारलिया ब्लॉक अटरू (14 जनवरी 2014-फरवरी 2016) में प्रधानाध्यापक के रूप में कार्य किया। उन्होंने अटरू में आरपी (फरवरी 2016-जून 2017) और छबड़ा ब्लॉक में आरपी (जुलाई 2017-सितंबर 2018) के रूप में भी सेवाएँ दीं, जिसके बाद वे देहरी के राउप्रावि में प्रधानाध्यापक (अक्टूबर 2018-फरवरी 2021) रहे। व्याख्याता पद पर पदोन्नति के बाद, उन्होंने राउमावि सेमली में व्याख्याता (मार्च 2021-अगस्त 2023) के रूप में अपनी सेवाएँ दीं। सुरेश चंद मेहरा 1 सितंबर 2023 से अटरू में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से आरपी पद पर कार्यरत हैं और 31 मई 2026 को इसी पद से सेवानिवृत्त होंगे। विदाई समारोह की अध्यक्षता सीबीईओ अटरू ने की, जबकि छबड़ा चांचौड़ा से सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य आर. के. मेहता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर ओशो आशीष ध्यान केंद्र, भुवाखेड़ी के संचालक स्वामी ध्यान गगन ने व्हाट्सएप पर संदेश भेजकर मेहरा को शुभकामनाएं दीं और उनके सामाजिक जीवन के लिए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यालय से ललित प्रजापत, नरेंद्र कुमावत, प्रशासनिक अधिकारी, सहायक प्रशासनिक अधिकारी रुपेश गुप्ता, खालिद खान, कनिष्ठ सहायक देवेश मेघवाल, विजय मीणा, सहायक अभियंता राकेश यादव, जूनियर अकाउंटेंट राहुल मीणा, हेमराज बैरवा, समग्र शिक्षा प्रभारी गिर्राज नागर, कंप्यूटर ऑपरेटर विनोद सुमन, सुरेंद्र सुमन सहित अन्य स्टाफ सदस्यों ने अपने विचार साझा किए और फूल-मालाओं से उनका जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम के समापन पर, सुरेश मेहरा ने सभी सहकर्मियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त करते हुए अपने आगे के जीवन में भी उनका आशीर्वाद बनाए रखने का आग्रह किया। अपनी सेवानिवृत्ति के उपलक्ष्य में, सुरेश चंद मेहरा 31 मई 2026 को छबड़ा स्थित अपने निजी आवास पर सहकर्मियों, इष्टमित्रों और रिश्तेदारों के सम्मान में सहभोज का आयोजन करेंगे।4
- छिपाबड़ौद के स्टेडियम में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इन तैयारियों के तहत, मानसिक स्वास्थ्य और शारीरिक लचीलेपन को बढ़ावा देने के लिए ताली बजाने जैसी गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं। इस दौरान 'राधे राधे श्याम मिलादे' का भी उल्लेख किया गया है।1
- हरनावदास शाहजी से मनोहर थाना रोड पर गणेशपुर के निकट एक भीषण सड़क हादसा हो गया है। इस दुर्घटना में एक बस और दो मोटरसाइकिलों के बीच जबरदस्त टक्कर हुई। इस हादसे के परिणामस्वरूप, एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।2