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जालौन तहसील परिसर में भीषण गर्मी के बीच पेयजल व्यवस्था पूरी तरह बदहाल हो गई है, जिससे यहाँ आने वाले फरियादियों, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परिसर में लगे अधिकांश वाटर कूलर या तो बंद पड़े हैं या फिर उनसे ठंडे पानी के बजाय गर्म पानी आ रहा है। रमेश चंद्र कुशवाहा, मुल्लू और राजेश मंगल जैसे फरियादियों ने बताया कि बुधवार को अपनी समस्या लेकर तहसील आए थे, जहाँ प्यास लगने पर उन्हें पता चला कि परिसर का एक वाटर कूलर पिछले कई दिनों से खराब पड़ा है। लोगों को गले तर करने के लिए ठंडे पानी की उम्मीद में इधर-उधर भटकना पड़ रहा है, और अंततः उन्हें निराश होकर बाजार से बिसलेरी या अन्य पैक्ड पानी खरीदना पड़ रहा है। बताया गया है कि तहसीलदार कार्यालय के समीप लगा वाटर कूलर ठंडा पानी नहीं दे रहा बल्कि गर्म पानी फेंक रहा है, वहीं उप जिलाधिकारी कार्यालय के पास का वाटर कूलर लंबे समय से बंद पड़ा है। इस बदहाल व्यवस्था के कारण प्रतिदिन आने वाले सैकड़ों लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्थानीय नागरिकों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि जिस सरकारी परिसर में आम जनता अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर आती है, वहाँ पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा का अभाव प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लोगों ने मांग की है कि खराब पड़े वाटर कूलरों की तत्काल मरम्मत कराई जाए और उन्हें चालू किया जाए, ताकि इस भीषण गर्मी में तहसील आने वाले लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना न पड़े और राहत मिल सके।

1 hr ago
user_अखिलेश सोनी
अखिलेश सोनी
Court reporter जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

जालौन तहसील परिसर में भीषण गर्मी के बीच पेयजल व्यवस्था पूरी तरह बदहाल हो गई है, जिससे यहाँ आने वाले फरियादियों, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परिसर में लगे अधिकांश वाटर कूलर या तो बंद पड़े हैं या फिर उनसे ठंडे पानी के बजाय गर्म पानी आ रहा है। रमेश चंद्र कुशवाहा, मुल्लू और राजेश मंगल जैसे फरियादियों ने बताया कि बुधवार को अपनी समस्या लेकर तहसील आए थे, जहाँ प्यास लगने पर उन्हें पता चला कि परिसर का एक वाटर कूलर पिछले कई दिनों से खराब पड़ा है। लोगों को गले तर करने के लिए ठंडे पानी की उम्मीद में इधर-उधर भटकना पड़ रहा है, और अंततः उन्हें निराश होकर बाजार से बिसलेरी या अन्य पैक्ड पानी खरीदना पड़ रहा है। बताया गया है कि तहसीलदार कार्यालय के समीप लगा वाटर कूलर ठंडा पानी नहीं दे रहा बल्कि गर्म पानी फेंक रहा है, वहीं उप जिलाधिकारी कार्यालय के पास का वाटर कूलर लंबे समय से बंद पड़ा है। इस बदहाल व्यवस्था के कारण प्रतिदिन आने वाले सैकड़ों लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्थानीय नागरिकों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि जिस सरकारी परिसर में आम जनता अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर आती है, वहाँ पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा का अभाव प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लोगों ने मांग की है कि खराब पड़े वाटर कूलरों की तत्काल मरम्मत कराई जाए और उन्हें चालू किया जाए, ताकि इस भीषण गर्मी में तहसील आने वाले लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना न पड़े और राहत मिल सके।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • जालौन तहसील परिसर में भीषण गर्मी के बीच पेयजल व्यवस्था पूरी तरह बदहाल हो गई है, जिससे यहाँ आने वाले फरियादियों, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परिसर में लगे अधिकांश वाटर कूलर या तो बंद पड़े हैं या फिर उनसे ठंडे पानी के बजाय गर्म पानी आ रहा है। रमेश चंद्र कुशवाहा, मुल्लू और राजेश मंगल जैसे फरियादियों ने बताया कि बुधवार को अपनी समस्या लेकर तहसील आए थे, जहाँ प्यास लगने पर उन्हें पता चला कि परिसर का एक वाटर कूलर पिछले कई दिनों से खराब पड़ा है। लोगों को गले तर करने के लिए ठंडे पानी की उम्मीद में इधर-उधर भटकना पड़ रहा है, और अंततः उन्हें निराश होकर बाजार से बिसलेरी या अन्य पैक्ड पानी खरीदना पड़ रहा है। बताया गया है कि तहसीलदार कार्यालय के समीप लगा वाटर कूलर ठंडा पानी नहीं दे रहा बल्कि गर्म पानी फेंक रहा है, वहीं उप जिलाधिकारी कार्यालय के पास का वाटर कूलर लंबे समय से बंद पड़ा है। इस बदहाल व्यवस्था के कारण प्रतिदिन आने वाले सैकड़ों लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्थानीय नागरिकों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि जिस सरकारी परिसर में आम जनता अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर आती है, वहाँ पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा का अभाव प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लोगों ने मांग की है कि खराब पड़े वाटर कूलरों की तत्काल मरम्मत कराई जाए और उन्हें चालू किया जाए, ताकि इस भीषण गर्मी में तहसील आने वाले लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना न पड़े और राहत मिल सके।
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    जालौन तहसील परिसर में भीषण गर्मी के बीच पेयजल व्यवस्था पूरी तरह बदहाल हो गई है, जिससे यहाँ आने वाले फरियादियों, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परिसर में लगे अधिकांश वाटर कूलर या तो बंद पड़े हैं या फिर उनसे ठंडे पानी के बजाय गर्म पानी आ रहा है। रमेश चंद्र कुशवाहा, मुल्लू और राजेश मंगल जैसे फरियादियों ने बताया कि बुधवार को अपनी समस्या लेकर तहसील आए थे, जहाँ प्यास लगने पर उन्हें पता चला कि परिसर का एक वाटर कूलर पिछले कई दिनों से खराब पड़ा है।

लोगों को गले तर करने के लिए ठंडे पानी की उम्मीद में इधर-उधर भटकना पड़ रहा है, और अंततः उन्हें निराश होकर बाजार से बिसलेरी या अन्य पैक्ड पानी खरीदना पड़ रहा है। बताया गया है कि तहसीलदार कार्यालय के समीप लगा वाटर कूलर ठंडा पानी नहीं दे रहा बल्कि गर्म पानी फेंक रहा है, वहीं उप जिलाधिकारी कार्यालय के पास का वाटर कूलर लंबे समय से बंद पड़ा है। इस बदहाल व्यवस्था के कारण प्रतिदिन आने वाले सैकड़ों लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

स्थानीय नागरिकों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि जिस सरकारी परिसर में आम जनता अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर आती है, वहाँ पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा का अभाव प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लोगों ने मांग की है कि खराब पड़े वाटर कूलरों की तत्काल मरम्मत कराई जाए और उन्हें चालू किया जाए, ताकि इस भीषण गर्मी में तहसील आने वाले लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना न पड़े और राहत मिल सके।
    user_अखिलेश सोनी
    अखिलेश सोनी
    Court reporter जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में जालौझंडा चौराहा के पास अपने परिजनों से बिछड़ गए एक बच्चे को ड्यूटी पर तैनात होमगार्डों ने ढूंढ निकाला। इन होमगार्डों ने बच्चे को सुरक्षित उसके परिवार को सौंप दिया, जिसके बाद सभी उपस्थित लोगों ने दोनों जवानों के इस सराहनीय कार्य की जमकर तारीफ की।
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    उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में जालौझंडा चौराहा के पास अपने परिजनों से बिछड़ गए एक बच्चे को ड्यूटी पर तैनात होमगार्डों ने ढूंढ निकाला। इन होमगार्डों ने बच्चे को सुरक्षित उसके परिवार को सौंप दिया, जिसके बाद सभी उपस्थित लोगों ने दोनों जवानों के इस सराहनीय कार्य की जमकर तारीफ की।
    user_Bheem rajawat 9628800458
    Bheem rajawat 9628800458
    पत्रकार जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • जनपद जालौन के माधौगढ़ में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संभावित विधानसभा प्रत्याशी और चर्चित नेता आशीष पांडे की चोरी हुई लाइसेंसी रिवॉल्वर के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसकी निशानदेही पर चोरी हुई रिवॉल्वर के साथ कारतूस भी बरामद किए हैं। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी कोई बाहरी बदमाश नहीं, बल्कि आशीष पांडे का ही एक भरोसेमंद परिचित निकला, जिस पर विश्वास किया जाता था। पुलिस के अनुसार, कुछ समय पूर्व आशीष पांडे की लाइसेंसी रिवॉल्वर संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की, जिसमें तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय सूचनाओं और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर पड़ताल को आगे बढ़ाया। इसी दौरान पुलिस का शक मुरारी द्विवेदी पर गहराया, जिसने कड़ी पूछताछ में चोरी की वारदात कबूल कर ली। इसके बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर चोरी हुई लाइसेंसी रिवॉल्वर और कारतूस बरामद कर लिए। बरामदगी के बाद पुलिस ने आरोपी मुरारी द्विवेदी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया। इस खुलासे के बाद क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बन गया है कि जिस व्यक्ति पर विश्वास किया गया, उसी ने भरोसा तोड़ते हुए वारदात को अंजाम दिया। इस मामले ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है, वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना बताती है कि अपराधी हमेशा बाहर से नहीं आते, बल्कि कई बार अपने ही विश्वास को चोट पहुँचा देते हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्यवाही पूरी की जा रही है और सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। रिवॉल्वर और कारतूस की बरामदगी से पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है, जिससे किसी संभावित दुरुपयोग की आशंका भी समाप्त हो गई है। मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्यवाही जारी है।
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    जनपद जालौन के माधौगढ़ में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संभावित विधानसभा प्रत्याशी और चर्चित नेता आशीष पांडे की चोरी हुई लाइसेंसी रिवॉल्वर के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसकी निशानदेही पर चोरी हुई रिवॉल्वर के साथ कारतूस भी बरामद किए हैं। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी कोई बाहरी बदमाश नहीं, बल्कि आशीष पांडे का ही एक भरोसेमंद परिचित निकला, जिस पर विश्वास किया जाता था।

पुलिस के अनुसार, कुछ समय पूर्व आशीष पांडे की लाइसेंसी रिवॉल्वर संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की, जिसमें तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय सूचनाओं और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर पड़ताल को आगे बढ़ाया। इसी दौरान पुलिस का शक मुरारी द्विवेदी पर गहराया, जिसने कड़ी पूछताछ में चोरी की वारदात कबूल कर ली। इसके बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर चोरी हुई लाइसेंसी रिवॉल्वर और कारतूस बरामद कर लिए। बरामदगी के बाद पुलिस ने आरोपी मुरारी द्विवेदी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया।

इस खुलासे के बाद क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बन गया है कि जिस व्यक्ति पर विश्वास किया गया, उसी ने भरोसा तोड़ते हुए वारदात को अंजाम दिया। इस मामले ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है, वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना बताती है कि अपराधी हमेशा बाहर से नहीं आते, बल्कि कई बार अपने ही विश्वास को चोट पहुँचा देते हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्यवाही पूरी की जा रही है और सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। रिवॉल्वर और कारतूस की बरामदगी से पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है, जिससे किसी संभावित दुरुपयोग की आशंका भी समाप्त हो गई है। मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्यवाही जारी है।
    user_Samir mansuri
    Samir mansuri
    Local News Reporter जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिए लगातार नए कदम उठा रही है। इसी कड़ी में, यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 5,000 से अधिक समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर कराने की तैयारी की जा रही है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश में निवेश आकर्षित करना और उद्योगों तथा रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने कुशीनगर दौरे के दौरान कई जनहितकारी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। दूसरी ओर, वाराणसी में 300 करोड़ रुपये की लागत से नमो सेंटर के निर्माण की योजना को भी गति मिली है। यह केंद्र आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा और शहर के विकास तथा पर्यटन को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेश, आधारभूत संरचना और जनकल्याणकारी योजनाओं पर सरकार का यह विशेष ध्यान उत्तर प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
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    उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिए लगातार नए कदम उठा रही है। इसी कड़ी में, यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 5,000 से अधिक समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर कराने की तैयारी की जा रही है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश में निवेश आकर्षित करना और उद्योगों तथा रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है।

वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने कुशीनगर दौरे के दौरान कई जनहितकारी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। दूसरी ओर, वाराणसी में 300 करोड़ रुपये की लागत से नमो सेंटर के निर्माण की योजना को भी गति मिली है। यह केंद्र आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा और शहर के विकास तथा पर्यटन को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि निवेश, आधारभूत संरचना और जनकल्याणकारी योजनाओं पर सरकार का यह विशेष ध्यान उत्तर प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
    user_Pankaj Gupta
    Pankaj Gupta
    Media and information sciences faculty उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    14 min ago
  • कोंच के मालवीय नगर में दहेज उत्पीड़न का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एक गर्भवती महिला के साथ मारपीट की गई। इस क्रूर घटना के परिणामस्वरूप महिला के चार माह के गर्भ का गर्भपात हो गया। इस पूरे मामले में, पुलिस ने पति सहित कुल 6 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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    कोंच के मालवीय नगर में दहेज उत्पीड़न का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एक गर्भवती महिला के साथ मारपीट की गई। इस क्रूर घटना के परिणामस्वरूप महिला के चार माह के गर्भ का गर्भपात हो गया। इस पूरे मामले में, पुलिस ने पति सहित कुल 6 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
    user_Vivek Dwivedi public news
    Vivek Dwivedi public news
    पत्रकार Konch, Jalaun•
    3 hrs ago
  • जालौन तहसील परिसर में भीषण गर्मी के बीच फरियादियों को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। परिसर में लगाए गए वाटर कूलरों की खराब व्यवस्था के कारण लोगों को राहत की बजाय भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। जानकारी के अनुसार, तहसील परिसर में कुल दो वाटर कूलर स्थापित हैं। इनमें से एक कूलर से ठंडे पानी के स्थान पर गर्म पानी निकल रहा है, जबकि दूसरा वाटर कूलर पिछले लगभग 15 दिनों से पूरी तरह बंद पड़ा है क्योंकि उसकी बत्ती गुल है। ये वाटर कूलर न्यायिक मजिस्ट्रेट कार्यालय और उपजिलाधिकारी कार्यालय के समीप स्थित हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए तहसील पहुंचते हैं, लेकिन भीषण गर्मी में उन्हें पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। फरियादियों ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा है कि जब तहसील जैसे महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय में ही मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, तो आम जनता की समस्याओं के समाधान की कल्पना कैसे की जा सकती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों से जनसुविधाओं की ओर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया है। उन्होंने मांग की है कि तहसील परिसर में खराब पड़े वाटर कूलरों की तत्काल मरम्मत कराकर पेयजल व्यवस्था को सुचारु किया जाए, ताकि गर्मी में आने वाले लोगों को राहत मिल सके। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को कितनी गंभीरता से लेता है और फरियादियों को इस पेयजल संकट से कब तक निजात मिल पाती है।
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    जालौन तहसील परिसर में भीषण गर्मी के बीच फरियादियों को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। परिसर में लगाए गए वाटर कूलरों की खराब व्यवस्था के कारण लोगों को राहत की बजाय भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। जानकारी के अनुसार, तहसील परिसर में कुल दो वाटर कूलर स्थापित हैं। इनमें से एक कूलर से ठंडे पानी के स्थान पर गर्म पानी निकल रहा है, जबकि दूसरा वाटर कूलर पिछले लगभग 15 दिनों से पूरी तरह बंद पड़ा है क्योंकि उसकी बत्ती गुल है। ये वाटर कूलर न्यायिक मजिस्ट्रेट कार्यालय और उपजिलाधिकारी कार्यालय के समीप स्थित हैं।

प्रतिदिन बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए तहसील पहुंचते हैं, लेकिन भीषण गर्मी में उन्हें पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। फरियादियों ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा है कि जब तहसील जैसे महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय में ही मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, तो आम जनता की समस्याओं के समाधान की कल्पना कैसे की जा सकती है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों से जनसुविधाओं की ओर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया है। उन्होंने मांग की है कि तहसील परिसर में खराब पड़े वाटर कूलरों की तत्काल मरम्मत कराकर पेयजल व्यवस्था को सुचारु किया जाए, ताकि गर्मी में आने वाले लोगों को राहत मिल सके। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को कितनी गंभीरता से लेता है और फरियादियों को इस पेयजल संकट से कब तक निजात मिल पाती है।
    user_Kishan kumar
    Kishan kumar
    Local News Reporter जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • जालौन नगर और तहसील क्षेत्र में इन दिनों SDM रिंकू सिंह राही के संभावित तबादले को लेकर जोरों पर चर्चा है, जिसने आम जनता, व्यापारियों, युवाओं और सामाजिक संगठनों के बीच बहस छेड़ दी है। कई लोग उनकी कार्यशैली की सराहना करते हुए उन्हें जालौन में ही बनाए रखने की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ वर्गों द्वारा उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठाए गए हैं। जनता का कहना है कि रिंकू सिंह राही ने जालौन में अतिक्रमण, राजस्व मामलों, जनसुनवाई और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में उनकी कई पहलें चर्चा में रहीं, जिनमें बुजुर्गों को स्कूल में प्रवेश दिलाकर साक्षरता अभियान चलाना और फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना शामिल है। एक व्यापारी ने कहा, "जो अधिकारी जनता की सुनता है, उसका तबादला नहीं होना चाहिए," जबकि एक युवा ने टिप्पणी की, "राही साहब ने काम करने की कोशिश की है, ऐसे अधिकारियों की जरूरत है।" हालांकि, कुछ लोगों का मानना है कि प्रशासन में अनुशासन आवश्यक है, लेकिन सभी वर्गों को साथ लेकर चलना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। हाल के दिनों में शिक्षक संगठनों द्वारा उनके खिलाफ शिकायतें भी सामने आई हैं। फ़िलहाल, इस संभावित तबादले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जालौन की जनता के बीच यह सवाल बना हुआ है कि क्या एक सक्रिय और चर्चित अधिकारी को हटाना प्रशासनिक व्यवस्था की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है, या ऐसे अधिकारी को और समय मिलना चाहिए।
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    जालौन नगर और तहसील क्षेत्र में इन दिनों SDM रिंकू सिंह राही के संभावित तबादले को लेकर जोरों पर चर्चा है, जिसने आम जनता, व्यापारियों, युवाओं और सामाजिक संगठनों के बीच बहस छेड़ दी है। कई लोग उनकी कार्यशैली की सराहना करते हुए उन्हें जालौन में ही बनाए रखने की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ वर्गों द्वारा उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठाए गए हैं।

जनता का कहना है कि रिंकू सिंह राही ने जालौन में अतिक्रमण, राजस्व मामलों, जनसुनवाई और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में उनकी कई पहलें चर्चा में रहीं, जिनमें बुजुर्गों को स्कूल में प्रवेश दिलाकर साक्षरता अभियान चलाना और फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना शामिल है। एक व्यापारी ने कहा, "जो अधिकारी जनता की सुनता है, उसका तबादला नहीं होना चाहिए," जबकि एक युवा ने टिप्पणी की, "राही साहब ने काम करने की कोशिश की है, ऐसे अधिकारियों की जरूरत है।"

हालांकि, कुछ लोगों का मानना है कि प्रशासन में अनुशासन आवश्यक है, लेकिन सभी वर्गों को साथ लेकर चलना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। हाल के दिनों में शिक्षक संगठनों द्वारा उनके खिलाफ शिकायतें भी सामने आई हैं। फ़िलहाल, इस संभावित तबादले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जालौन की जनता के बीच यह सवाल बना हुआ है कि क्या एक सक्रिय और चर्चित अधिकारी को हटाना प्रशासनिक व्यवस्था की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है, या ऐसे अधिकारी को और समय मिलना चाहिए।
    user_अखिलेश सोनी
    अखिलेश सोनी
    Court reporter जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • जालौन जनपद के अकबरपुर इटौरा में भीषण पेयजल संकट व्याप्त है, जहां एक ओर स्थानीय लोग पीने के पानी के लिए परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर जलापूर्ति पाइपलाइनें कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने के कारण प्रतिदिन हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है। यह स्थिति जल संरक्षण के दावों और जमीनी हकीकत के बीच एक बड़ा अंतर उजागर करती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में कई दिनों से पेयजल आपूर्ति अनियमित है और कई मोहल्लों में नलों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुँच पा रहा, जिसके कारण लोगों को दूर स्थित हैंडपंपों और निजी जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच पानी की बढ़ती आवश्यकता ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जल निगम की पाइपलाइन कई जगह से फटी हुई है, जिससे पानी सड़कों और नालियों में लगातार बह रहा है। इस बर्बादी के चलते आपूर्ति का दबाव कम हो जाता है, जिससे अंतिम छोर के परिवारों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुँच पाता। क्षेत्रवासी यह भी मानते हैं कि फटी पाइपलाइनों से बहता पानी न केवल अमूल्य प्राकृतिक संसाधन की बर्बादी है, बल्कि इससे सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो रही हैं और आसपास गंदगी फैलने का खतरा बढ़ रहा है। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद भी पाइपलाइन की समय पर मरम्मत नहीं कराई जाती, जिससे यह समस्या लगातार बनी हुई है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की तत्काल मरम्मत कराने तथा नियमित एवं सुचारु जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में पेयजल संकट और गहरा सकता है, क्योंकि जल संरक्षण के इस दौर में पानी की हर बूँद अमूल्य है। रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि 'जल ही जीवन है' का संदेश तभी सार्थक होगा जब जल संरक्षण के साथ-साथ जलापूर्ति व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जाएगा, और प्रशासन व आम नागरिकों दोनों को जल संसाधनों की सुरक्षा के प्रति गंभीरता दिखानी होगी।
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    जालौन जनपद के अकबरपुर इटौरा में भीषण पेयजल संकट व्याप्त है, जहां एक ओर स्थानीय लोग पीने के पानी के लिए परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर जलापूर्ति पाइपलाइनें कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने के कारण प्रतिदिन हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है। यह स्थिति जल संरक्षण के दावों और जमीनी हकीकत के बीच एक बड़ा अंतर उजागर करती है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में कई दिनों से पेयजल आपूर्ति अनियमित है और कई मोहल्लों में नलों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुँच पा रहा, जिसके कारण लोगों को दूर स्थित हैंडपंपों और निजी जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच पानी की बढ़ती आवश्यकता ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जल निगम की पाइपलाइन कई जगह से फटी हुई है, जिससे पानी सड़कों और नालियों में लगातार बह रहा है। इस बर्बादी के चलते आपूर्ति का दबाव कम हो जाता है, जिससे अंतिम छोर के परिवारों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुँच पाता। क्षेत्रवासी यह भी मानते हैं कि फटी पाइपलाइनों से बहता पानी न केवल अमूल्य प्राकृतिक संसाधन की बर्बादी है, बल्कि इससे सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो रही हैं और आसपास गंदगी फैलने का खतरा बढ़ रहा है।

लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद भी पाइपलाइन की समय पर मरम्मत नहीं कराई जाती, जिससे यह समस्या लगातार बनी हुई है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की तत्काल मरम्मत कराने तथा नियमित एवं सुचारु जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में पेयजल संकट और गहरा सकता है, क्योंकि जल संरक्षण के इस दौर में पानी की हर बूँद अमूल्य है। रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि 'जल ही जीवन है' का संदेश तभी सार्थक होगा जब जल संरक्षण के साथ-साथ जलापूर्ति व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जाएगा, और प्रशासन व आम नागरिकों दोनों को जल संसाधनों की सुरक्षा के प्रति गंभीरता दिखानी होगी।
    user_Samir mansuri
    Samir mansuri
    Local News Reporter जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • जालौन जिले के आटा थाना क्षेत्र के अकबरपुर इटौरा निवासी जाविद ने पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती पत्र सौंपा है। इसमें उसने आरोप लगाया है कि उसके भाई शहजादे को उसकी पत्नी के मायके वालों ने पहले बेरहमी से पीटा और फिर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। यह गंभीर घटना 7 मई को उरई के रामकुंड क्षेत्र में हुई बताई गई है, जब शहजादे अपनी पत्नी को लेने उसके मायके गया था। आग लगने से शहजादे गंभीर रूप से झुलस गया, जिसके बाद उसे इलाज के लिए झांसी, कानपुर और लखनऊ के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि घटना की शिकायत करने के बावजूद अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। जाविद ने पुलिस अधीक्षक से इस पूरे प्रकरण में तत्काल मुकदमा दर्ज करने और दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
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    जालौन जिले के आटा थाना क्षेत्र के अकबरपुर इटौरा निवासी जाविद ने पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती पत्र सौंपा है। इसमें उसने आरोप लगाया है कि उसके भाई शहजादे को उसकी पत्नी के मायके वालों ने पहले बेरहमी से पीटा और फिर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। यह गंभीर घटना 7 मई को उरई के रामकुंड क्षेत्र में हुई बताई गई है, जब शहजादे अपनी पत्नी को लेने उसके मायके गया था।

आग लगने से शहजादे गंभीर रूप से झुलस गया, जिसके बाद उसे इलाज के लिए झांसी, कानपुर और लखनऊ के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि घटना की शिकायत करने के बावजूद अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

जाविद ने पुलिस अधीक्षक से इस पूरे प्रकरण में तत्काल मुकदमा दर्ज करने और दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
    user_Sanjay kumar Pattakar
    Sanjay kumar Pattakar
    Local News Reporter जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
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