जालौन तहसील परिसर में भीषण गर्मी के बीच फरियादियों को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। परिसर में लगाए गए वाटर कूलरों की खराब व्यवस्था के कारण लोगों को राहत की बजाय भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। जानकारी के अनुसार, तहसील परिसर में कुल दो वाटर कूलर स्थापित हैं। इनमें से एक कूलर से ठंडे पानी के स्थान पर गर्म पानी निकल रहा है, जबकि दूसरा वाटर कूलर पिछले लगभग 15 दिनों से पूरी तरह बंद पड़ा है क्योंकि उसकी बत्ती गुल है। ये वाटर कूलर न्यायिक मजिस्ट्रेट कार्यालय और उपजिलाधिकारी कार्यालय के समीप स्थित हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए तहसील पहुंचते हैं, लेकिन भीषण गर्मी में उन्हें पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। फरियादियों ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा है कि जब तहसील जैसे महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय में ही मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, तो आम जनता की समस्याओं के समाधान की कल्पना कैसे की जा सकती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों से जनसुविधाओं की ओर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया है। उन्होंने मांग की है कि तहसील परिसर में खराब पड़े वाटर कूलरों की तत्काल मरम्मत कराकर पेयजल व्यवस्था को सुचारु किया जाए, ताकि गर्मी में आने वाले लोगों को राहत मिल सके। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को कितनी गंभीरता से लेता है और फरियादियों को इस पेयजल संकट से कब तक निजात मिल पाती है।
जालौन तहसील परिसर में भीषण गर्मी के बीच फरियादियों को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। परिसर में लगाए गए वाटर कूलरों की खराब व्यवस्था के कारण लोगों को राहत की बजाय भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। जानकारी के अनुसार, तहसील परिसर में कुल दो वाटर कूलर स्थापित हैं। इनमें से एक कूलर से ठंडे पानी के स्थान पर गर्म पानी निकल रहा है, जबकि दूसरा वाटर कूलर पिछले लगभग 15 दिनों से पूरी तरह बंद पड़ा है क्योंकि उसकी बत्ती गुल है। ये वाटर कूलर न्यायिक मजिस्ट्रेट कार्यालय और उपजिलाधिकारी कार्यालय के समीप स्थित हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए तहसील पहुंचते हैं, लेकिन भीषण गर्मी में उन्हें पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। फरियादियों ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा है कि जब तहसील जैसे महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय में ही मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, तो आम जनता की समस्याओं के समाधान की कल्पना कैसे की जा सकती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों से जनसुविधाओं की ओर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया है। उन्होंने मांग की है कि तहसील परिसर में खराब पड़े वाटर कूलरों की तत्काल मरम्मत कराकर पेयजल व्यवस्था को सुचारु किया जाए, ताकि गर्मी में आने वाले लोगों को राहत मिल सके। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को कितनी गंभीरता से लेता है और फरियादियों को इस पेयजल संकट से कब तक निजात मिल पाती है।
- जालौन के देवनगर चौराहे पर लगे वाटरकूलर में पानी न होने की शिकायत 4-5 दिन पहले सोशल मीडिया पर की गई थी। अब मौके पर पहुँचने पर पता चला है कि जो वाटरकूलर पहले 'रेगिस्तानी' थे, उनमें पानी की 'सांस' तो दिखाई दी है, लेकिन सबसे बड़ी चिंता यह है कि अभी तक ठंडा पानी देखने को नहीं मिला है। भीषण गर्मी में राहगीर, छोटे-छोटे बच्चों के साथ, गर्म पानी पीकर अपनी प्यास बुझाने को मजबूर हैं, और व्यंग्यात्मक रूप से नेताओं को 'अगली बार की शुभकामनाएँ' दे रहे हैं। पोस्ट में कटाक्ष किया गया है कि गर्म पानी के कई 'फायदे' हैं, जैसे लोग जल्दी बीमार पड़ते हैं, जिससे अस्पताल के बिल लंबे-चौड़े होते हैं, आम इंसान का रोजगार ठप होता है, आर्थिक स्थिति बिगड़ती है, और अंततः आम जनता नेताओं के कदमों में झुकने को मजबूर होती है। शायद इसी कारण इस कार्य को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। एक नजर में, नगर पालिका अधिकारी को सूचित किया गया है कि वाटरकूलर के पीछे से देखने पर यह नजर आता है कि बिजली संचालन न होने के कारण संभवतः पानी को फिल्टर और ठंडा नहीं किया जा पा रहा है, इसलिए इस ओर भी ध्यान देने की अपील की गई है। अंततः, खबर का असर आंशिक रहा है, क्योंकि देवनगर चौराहे पर लगे वाटरकूलर में पानी तो आने लगा है, मगर वह 'गर्म पानी' है, जिससे 'खबर का असर अधूरा' रह गया है।2
- जालौन जिले के कुठोंद थाना क्षेत्र से एक खबर सामने आई है, जहाँ कुठोंद पुलिस ने एक वांछित वारंटी को पकड़ा है। थाना प्रभारी जगदंबा दुबे के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने यह कार्रवाई की। गिरफ्तारी के बाद, वांछित वारंटी को न्यायालय भेज दिया गया है। यह पूरी रिपोर्ट द न्यूज जालौन पर देवेश कुमार स्वर्णकार द्वारा शुरू एप्प के माध्यम से प्रस्तुत की गई है।1
- ग्राम पहाड़पुरा में साफ-सफाई की कमी के चलते ग्रामीणों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यहां नलों की नियमित साफ-सफाई न होने के कारण घरों के सामने पानी भर रहा है, जिससे गंदगी और जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसके अतिरिक्त, गांव में न तो नलों की खुदाई (मरम्मत) का कार्य किया जा रहा है और न ही तालाब की साफ-सफाई पर कोई ध्यान दिया जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में जालौझंडा चौराहा के पास अपने परिजनों से बिछड़ गए एक बच्चे को ड्यूटी पर तैनात होमगार्डों ने ढूंढ निकाला। इन होमगार्डों ने बच्चे को सुरक्षित उसके परिवार को सौंप दिया, जिसके बाद सभी उपस्थित लोगों ने दोनों जवानों के इस सराहनीय कार्य की जमकर तारीफ की।1
- उत्तर प्रदेश के 18 वर्षीय नरेंद्र कुमार के एक चिकित्सीय मामले ने डॉक्टरों को भी आश्चर्यचकित कर दिया है। नरेंद्र लंबे समय से पेट दर्द, उल्टियों और तेजी से वजन घटने जैसी समस्याओं से जूझ रहे थे, जिसके बाद की गई जांच में एक अत्यंत दुर्लभ चिकित्सीय स्थिति का खुलासा हुआ। सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने उनके पेट से लगभग ढाई किलो वजनी असामान्य ऊतक निकाला, जिसमें बाल, दांत और हड्डियों जैसी संरचनाएं मौजूद थीं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामला 'फीटस इन फीटू' नामक एक बेहद दुर्लभ स्थिति से जुड़ा है, जिसमें जन्म से पहले विकास प्रक्रिया के दौरान ही असामान्य ऊतक शरीर के अंदर रह जाते हैं। सफल सर्जरी के बाद अब मरीज की स्थिति में सुधार बताया जा रहा है।1
- जालौन में नालियों की सफाई व्यवस्था बाधित हो गई है, जिसका मुख्य कारण उनमें पड़ा एक पाइप बताया जा रहा है। इस पाइप की मौजूदगी के चलते नालियों की ठीक से सफाई नहीं हो पा रही है। परिणामस्वरूप, सभी नालियां भारी मात्रा में कचरे से भर गई हैं और गंदगी का अंबार लगा हुआ है।1
- जालौन तहसील परिसर में भीषण गर्मी के बीच पेयजल व्यवस्था पूरी तरह बदहाल हो गई है, जिससे यहाँ आने वाले फरियादियों, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परिसर में लगे अधिकांश वाटर कूलर या तो बंद पड़े हैं या फिर उनसे ठंडे पानी के बजाय गर्म पानी आ रहा है। रमेश चंद्र कुशवाहा, मुल्लू और राजेश मंगल जैसे फरियादियों ने बताया कि बुधवार को अपनी समस्या लेकर तहसील आए थे, जहाँ प्यास लगने पर उन्हें पता चला कि परिसर का एक वाटर कूलर पिछले कई दिनों से खराब पड़ा है। लोगों को गले तर करने के लिए ठंडे पानी की उम्मीद में इधर-उधर भटकना पड़ रहा है, और अंततः उन्हें निराश होकर बाजार से बिसलेरी या अन्य पैक्ड पानी खरीदना पड़ रहा है। बताया गया है कि तहसीलदार कार्यालय के समीप लगा वाटर कूलर ठंडा पानी नहीं दे रहा बल्कि गर्म पानी फेंक रहा है, वहीं उप जिलाधिकारी कार्यालय के पास का वाटर कूलर लंबे समय से बंद पड़ा है। इस बदहाल व्यवस्था के कारण प्रतिदिन आने वाले सैकड़ों लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्थानीय नागरिकों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि जिस सरकारी परिसर में आम जनता अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर आती है, वहाँ पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा का अभाव प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लोगों ने मांग की है कि खराब पड़े वाटर कूलरों की तत्काल मरम्मत कराई जाए और उन्हें चालू किया जाए, ताकि इस भीषण गर्मी में तहसील आने वाले लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना न पड़े और राहत मिल सके।1
- जालौन नगर के बाबई-चुरखी रोड स्थित प्रकाश लाइब्रेरी के पास बुधवार को एक विद्युत खंभे पर लगे बॉक्स में अचानक भीषण आग लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लाइन में विद्युत फॉल्ट होने के कारण स्पार्किंग हुई, जिसने बाद में आग का विकराल रूप ले लिया। इस आग की चपेट में आने से खंभे पर लगा विद्युत बॉक्स पूरी तरह से जलकर नष्ट हो गया, साथ ही आसपास की विद्युत केबलें भी जलकर राख हो गईं। घटना के दौरान पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, और लोगों ने सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए स्थिति पर नजर रखी। स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता तो बड़ा नुकसान हो सकता था; गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। इस संबंध में विद्युत विभाग के जेई नवीन कनौजिया ने पुष्टि की कि आग विद्युत फॉल्ट के कारण लगी थी, जिससे खंभे पर लगा बॉक्स और आसपास की केबलें जल गईं। विभाग द्वारा क्षतिग्रस्त उपकरणों को बदलने और क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति को सामान्य करने की कार्रवाई की जा रही है।1