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एक वीडियो में लोग ज़मीन के एक छोटे से टुकड़े के लिए आपस में लड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि यह वीडियो कहाँ का है, इस बात की स्पष्ट जानकारी नहीं है, लेकिन इसे देखकर ज़माने के बदलते हालात पर अफ़सोस जताया जा रहा है। इंसान के चले जाने के बाद भी ज़मीन यहीं पड़ी रह जाएगी, इसलिए ज़मीन के छोटे-छोटे टुकड़ों के लिए आपस में लड़ाई-झगड़ा न करने और अपना ध्यान रखने की अपील की गई है।
जनता की आवाज
एक वीडियो में लोग ज़मीन के एक छोटे से टुकड़े के लिए आपस में लड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि यह वीडियो कहाँ का है, इस बात की स्पष्ट जानकारी नहीं है, लेकिन इसे देखकर ज़माने के बदलते हालात पर अफ़सोस जताया जा रहा है। इंसान के चले जाने के बाद भी ज़मीन यहीं पड़ी रह जाएगी, इसलिए ज़मीन के छोटे-छोटे टुकड़ों के लिए आपस में लड़ाई-झगड़ा न करने और अपना ध्यान रखने की अपील की गई है।
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- भीनमाल के पास स्थित भरूडी गांव में 25 जुलाई की सुबह महज 2 घंटे हुई बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। गांव में पानी भर जाने से ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और लोग बाढ़ की स्थिति से जूझने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के अनुसार, 2 साल पहले गांव से होकर गुजरने वाले रामसीन से रानीवाड़ा मार्ग पर राज्य मार्ग संख्या 31 (मुख्य मेगा हाईवे रोड) का निर्माण हुआ था। उस समय ग्रामीणों ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से अवगत कराया था कि वार्ड संख्या 12 एवं 13 के पानी की निकासी के लिए रोड पर नाले का निर्माण कराया जाए। इसके बावजूद PW विभाग (सार्वजनिक निर्माण विभाग) ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया, जिसके चलते आज पूरे गांव में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। समस्या को लेकर ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन से भी शिकायत की, लेकिन पंचायत प्रशासन के अधिकारियों ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि यह काम राज्य मार्ग और PW विभाग के अधीन आता है, इसलिए वे इस नाले की सफाई भी नहीं करेंगे। प्रशासन और विभाग की इस टालमटोल के कारण ग्रामीणों के पास अब कोई रास्ता नहीं बचा है और वे जलभराव की गंभीर समस्या से परेशान हैं।4
- जालौर के स्वर्णागिरी पहाड़ों पर बादलों का जमावड़ा देखने को मिला है, जिसके बाद हुई बारिश से मौसम बेहद सुहाना हो गया है। स्वर्णागिरी पहाड़ पर छाए बादलों और बारिश के इस खुशनुमा मौसम के बीच यहाँ का वातावरण मन को सुकून देने वाला बना हुआ है।1
- आबूरोड के गांधीनगर वार्ड संख्या 28 में एलएनटी द्वारा किए जा रहे सीवरेज कार्य की अत्यंत धीमी गति के कारण क्षेत्रवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई दिनों पहले वार्ड की गलियों को सीवरेज लाइन डालने के लिए पूरी तरह खोद दिया गया था, जिसके बाद तत्काल सीसी सड़क का निर्माण किया जाना था। कार्य अधूरा छोड़ दिए जाने से पूरे क्षेत्र की स्थिति बदहाल हो चुकी है। बरसात के चलते टूटी हुई गलियों में पानी और कीचड़ भर गया है, जिससे कई घरों में बारिश का पानी घुस रहा है और लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ रोजमर्रा के आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी खराब है कि छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए घर से निकलना तक मुश्किल हो गया है। जिला कांग्रेस कमेटी सिरोही के जिला सचिव एवं पूर्व पार्षद शमशाद अली अब्बासी ने कहा कि उन्होंने इस गंभीर समस्या को लेकर नगर पालिका प्रशासन, एलएनटी के अधिकारियों तथा संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को कई बार मौखिक एवं लिखित रूप से अवगत कराया है। इसके बावजूद आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई और अधिकारियों की उदासीनता का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। अब्बासी ने कहा कि विकास के नाम पर जनता को परेशानी में डालना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। यदि सीवरेज कार्य शीघ्र पूर्ण कर क्षतिग्रस्त गलियों पर सीसी सड़क का निर्माण और जलभराव का समाधान नहीं किया गया, तो वार्डवासियों के साथ मिलकर संबंधित विभाग एवं नगर पालिका के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।4
- राजस्थान के जालौर शहर में बारिश के बाद कई स्थानों पर पानी का भराव हो गया है, जिससे पूरे शहर में स्थिति बिगड़ चुकी है। व्यवस्थित ढंग से पानी निकासी की व्यवस्था न होने के कारण जगह-जगह पानी जमा है, जिसके चलते वाहन चालकों और पैदल चलने वाले राहगीरों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के बाद जलभराव की इस समस्या से शहरवासी बेहाल हैं और स्थानीय लोग इस बदहाली के लिए जिला प्रशासन तथा नगर परिषद की नाकामी को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।4
- जालौर जिले के कंवला गांव की आबादी से सटी खसरा नंबर 499 की पहाड़ी पर कथित अवैध खनन और भारी ब्लास्टिंग के विरोध में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इस पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि रेड ज़ोन घोषित क्षेत्र में भी अवैध खनन और हैवी ब्लास्टिंग लगातार जारी है, जिससे मकानों में दरारें आ रही हैं और लोगों की जान-माल पर खतरा बना हुआ है। ज्ञापन के अनुसार, 23 जुलाई को बिना किसी पूर्व सूचना के की गई ब्लास्टिंग के कारण पत्थर आबादी तक आ पहुंचे और कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। इसके साथ ही अवैध खनन से बरसाती प्राकृतिक नालों का प्रवाह भी बाधित हो गया है, जिससे आसपास के गांवों में जल निकासी और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। पहाड़ी पर स्थित प्राचीन शिव, कालिका, माताजी और गणेश मंदिरों तक पहुंचने वाला मार्ग भी इस खनन के कारण प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष मांग रखी है कि अवैध खनन और ब्लास्टिंग पर तुरंत रोक लगाई जाए, वहां से अवैध मलबा हटाया जाए, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और क्षेत्र में कोई नया खनन पट्टा आवंटित न किया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे न्यायालय की शरण लेने के लिए मजबूर होंगे।1
- राजस्थान के जालौर जिले के सांचौर, चितलवाना और देवड़ा गांव में भारी बारिश को देखते हुए सभी लोगों को सतर्क रहने और घर पर ही रहने की अपील की गई है। क्षेत्र में हो रही तेज बारिश के कारण बिना किसी आवश्यक काम के घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही लोगों को अपने छोटे बच्चों का विशेष ख्याल रखने और सावधानी बरतने की सख्त हिदायत दी गई है।1
- एक वीडियो में लोग ज़मीन के एक छोटे से टुकड़े के लिए आपस में लड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि यह वीडियो कहाँ का है, इस बात की स्पष्ट जानकारी नहीं है, लेकिन इसे देखकर ज़माने के बदलते हालात पर अफ़सोस जताया जा रहा है। इंसान के चले जाने के बाद भी ज़मीन यहीं पड़ी रह जाएगी, इसलिए ज़मीन के छोटे-छोटे टुकड़ों के लिए आपस में लड़ाई-झगड़ा न करने और अपना ध्यान रखने की अपील की गई है।1