अम्बिकापुर: फर्जी ‘पावर ऑफ अटॉर्नी’ दिखाकर जमीन का सौदा करने वाला गिरफ्तार अम्बिकापुर | सरगुजा पुलिस ने जमीन धोखाधड़ी के एक गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने कूटरचित (फर्जी) दस्तावेज तैयार कर एक व्यक्ति से लाखों रुपये की ठगी की थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से फर्जी जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (मुख्तारनामा आम) भी बरामद किया है। चर्च रोड, केदारपुर निवासी प्रार्थी प्रितपाल सिंह ने थाना कोतवाली में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपी ने खुद को ग्राम मोरभंज (जिला सूरजपुर) स्थित एक जमीन का पावर ऑफ अटॉर्नी धारक बताया था। यह भूमि मीना और देवपति के स्वामित्व की थी। आरोपी ने प्रार्थी को झांसे में लेकर 21 जुलाई 2022 को इस जमीन का सौदा 35 लाख रुपये में तय किया। विश्वास दिलाने के लिए आरोपी ने प्रार्थी से 02 लाख रुपये का अग्रिम भुगतान (चेक के माध्यम से) भी प्राप्त कर लिया और जल्द ही विक्रय पत्र (Registry) निष्पादित करने का वादा किया। विवेचना के दौरान पुलिस ने पाया कि आरोपी ने प्रार्थी को कूटरचित दस्तावेज दिखाकर अनुबंध पत्र तैयार किया था। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी राजेश कुमार पाण्डेय पिता राजन कुमार पाण्डेय, उम्र 41 साल, निवासी तिवारी बिल्डिंग रोड केदारपुर आनंद भवन, थाना कोतवाली, अम्बिकापुर को हिरासत में लिया। पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद अपराध स्वीकार करने पर पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया है। जब प्रितपाल सिंह ने जमीन के दस्तावेजों की बारीकी से जांच की, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पता चला कि जिस समय सौदा हुआ, उस समय जमीन के वास्तविक मालिकों ने आरोपी के पक्ष में कोई भी पावर ऑफ अटॉर्नी निष्पादित नहीं की थी। आरोपी ने फर्जी तरीके से दूसरे की जमीन पर अपना अधिकार बताते हुए आवेदक के साथ छल किया और पैसे प्राप्त करने के बाद लगातार टालमटोल करने लगा। पुलिस की कार्रवाई और धाराएं मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 661/25 दर्ज किया गया। शुरुआती जांच में धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज था, लेकिन कूट रचित दस्तावेजों के प्रमाण मिलने पर विवेचना के दौरान धारा 467, 468 और 471 (भा.द.स.) भी जोड़ी गई हैं। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शशिकान्त सिन्हा, उप निरीक्षक के. के. यादव, साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक जयदीप सिंह, विकास सिन्हा, और आरक्षक मनीष सिंह, अमनपुरी, शिव राजवाड़े, दीपक दास व मंटू गुप्ता सक्रिय रहे। पुलिस ने आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया है।
अम्बिकापुर: फर्जी ‘पावर ऑफ अटॉर्नी’ दिखाकर जमीन का सौदा करने वाला गिरफ्तार अम्बिकापुर | सरगुजा पुलिस ने जमीन धोखाधड़ी के एक गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने कूटरचित (फर्जी) दस्तावेज तैयार कर एक व्यक्ति से लाखों रुपये की ठगी की थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से फर्जी जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (मुख्तारनामा आम) भी बरामद किया है। चर्च रोड, केदारपुर निवासी प्रार्थी प्रितपाल सिंह ने थाना कोतवाली में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपी ने खुद को ग्राम मोरभंज (जिला सूरजपुर) स्थित एक जमीन का पावर ऑफ अटॉर्नी धारक बताया था। यह भूमि मीना और देवपति के स्वामित्व की थी। आरोपी ने प्रार्थी को झांसे में लेकर 21 जुलाई 2022 को इस जमीन का सौदा 35 लाख रुपये में तय किया। विश्वास दिलाने के लिए आरोपी ने प्रार्थी से 02 लाख रुपये का अग्रिम भुगतान (चेक के माध्यम से) भी प्राप्त कर लिया और जल्द ही विक्रय पत्र (Registry) निष्पादित करने का वादा किया। विवेचना के दौरान पुलिस ने पाया कि आरोपी ने प्रार्थी को कूटरचित दस्तावेज दिखाकर अनुबंध पत्र तैयार किया था। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी राजेश कुमार पाण्डेय पिता राजन कुमार पाण्डेय, उम्र 41 साल, निवासी तिवारी बिल्डिंग रोड केदारपुर आनंद भवन, थाना कोतवाली, अम्बिकापुर को हिरासत में लिया। पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद अपराध स्वीकार करने पर पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया है। जब प्रितपाल सिंह ने जमीन के दस्तावेजों की बारीकी से जांच की, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पता चला कि जिस समय सौदा हुआ, उस समय जमीन के वास्तविक मालिकों ने आरोपी के पक्ष में कोई भी पावर ऑफ अटॉर्नी निष्पादित नहीं की थी। आरोपी ने फर्जी तरीके से दूसरे की जमीन पर अपना अधिकार बताते हुए आवेदक के साथ छल किया और पैसे प्राप्त करने के बाद लगातार टालमटोल करने लगा। पुलिस की कार्रवाई और धाराएं मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 661/25 दर्ज किया गया। शुरुआती जांच में धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज था, लेकिन कूट रचित दस्तावेजों के प्रमाण मिलने पर विवेचना के दौरान धारा 467, 468 और 471 (भा.द.स.) भी जोड़ी गई हैं। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शशिकान्त सिन्हा, उप निरीक्षक के. के. यादव, साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक जयदीप सिंह, विकास सिन्हा, और आरक्षक मनीष सिंह, अमनपुरी, शिव राजवाड़े, दीपक दास व मंटू गुप्ता सक्रिय रहे। पुलिस ने आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया है।
- अम्बिकापुर: फर्जी ‘पावर ऑफ अटॉर्नी’ दिखाकर जमीन का सौदा करने वाला गिरफ्तार अम्बिकापुर | सरगुजा पुलिस ने जमीन धोखाधड़ी के एक गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने कूटरचित (फर्जी) दस्तावेज तैयार कर एक व्यक्ति से लाखों रुपये की ठगी की थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से फर्जी जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (मुख्तारनामा आम) भी बरामद किया है। चर्च रोड, केदारपुर निवासी प्रार्थी प्रितपाल सिंह ने थाना कोतवाली में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपी ने खुद को ग्राम मोरभंज (जिला सूरजपुर) स्थित एक जमीन का पावर ऑफ अटॉर्नी धारक बताया था। यह भूमि मीना और देवपति के स्वामित्व की थी। आरोपी ने प्रार्थी को झांसे में लेकर 21 जुलाई 2022 को इस जमीन का सौदा 35 लाख रुपये में तय किया। विश्वास दिलाने के लिए आरोपी ने प्रार्थी से 02 लाख रुपये का अग्रिम भुगतान (चेक के माध्यम से) भी प्राप्त कर लिया और जल्द ही विक्रय पत्र (Registry) निष्पादित करने का वादा किया। विवेचना के दौरान पुलिस ने पाया कि आरोपी ने प्रार्थी को कूटरचित दस्तावेज दिखाकर अनुबंध पत्र तैयार किया था। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी राजेश कुमार पाण्डेय पिता राजन कुमार पाण्डेय, उम्र 41 साल, निवासी तिवारी बिल्डिंग रोड केदारपुर आनंद भवन, थाना कोतवाली, अम्बिकापुर को हिरासत में लिया। पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद अपराध स्वीकार करने पर पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया है। जब प्रितपाल सिंह ने जमीन के दस्तावेजों की बारीकी से जांच की, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पता चला कि जिस समय सौदा हुआ, उस समय जमीन के वास्तविक मालिकों ने आरोपी के पक्ष में कोई भी पावर ऑफ अटॉर्नी निष्पादित नहीं की थी। आरोपी ने फर्जी तरीके से दूसरे की जमीन पर अपना अधिकार बताते हुए आवेदक के साथ छल किया और पैसे प्राप्त करने के बाद लगातार टालमटोल करने लगा। पुलिस की कार्रवाई और धाराएं मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 661/25 दर्ज किया गया। शुरुआती जांच में धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज था, लेकिन कूट रचित दस्तावेजों के प्रमाण मिलने पर विवेचना के दौरान धारा 467, 468 और 471 (भा.द.स.) भी जोड़ी गई हैं। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शशिकान्त सिन्हा, उप निरीक्षक के. के. यादव, साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक जयदीप सिंह, विकास सिन्हा, और आरक्षक मनीष सिंह, अमनपुरी, शिव राजवाड़े, दीपक दास व मंटू गुप्ता सक्रिय रहे। पुलिस ने आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया है।1
- gram panchayat narbadapara janpad ambikapur ki mahila mahtari vandan yojna ka paisa nahi milne ki sikayat karte.khas report himanshu raj patrkar md news ambikapur district.surguja c.g.7805838076.4
- 34 दिन कितने ने तकलीफ हुआ आदिवासियों को हमारे पऺडो समाज के लोगों को1
- अम्बिकापुर में थाना कोतवाली पुलिस ने ठगी के मामले में आरोपी राजेश कुमार पाण्डेय (41) को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने कूटरचित अधिकार पत्र दिखाकर भूमि विक्रय का सौदा किया और प्रार्थी से 02 लाख रुपये अग्रिम के रूप में प्राप्त किए। जांच में दस्तावेज फर्जी पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 भा.दं.सं. के तहत कार्रवाई की गई। आरोपी के कब्जे से मुख्तारनामा आम (जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी) जप्त कर न्यायालय में पेश किया गया। शुरू न्यूज़ के लिए सुनील गुप्ता की रिपोर्ट1
- बलरामपुर जिले के कुसमी एसडीएम करुण डहरिया पर हँसपुर निवासी एक ग्रामीण की पीट-पीटकर हत्या के आरोप के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। सामाजिक कार्यकर्ता सोमनाथ भगत ने मंगलवार को डीजीपी, सरगुजा आईजी और बलरामपुर एसपी को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। उनका आरोप है कि घटना में थानेदार, नायब तहसीलदार और एसडीएम के अंगरक्षक भी शामिल थे, जिन्हें बचाने का प्रयास किया जा रहा है। वीओ-1ज्ञापन में सोमनाथ भगत ने कहा कि यह घटना गंभीर है और मानवाधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने मांग की कि एसडीएम करुण डहरिया के साथ-साथ इस पूरे घटनाक्रम में शामिल अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भी निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में बाक्साइट तस्कर राहुल जायसवाल की संदिग्ध भूमिका और जब्त ट्रक के फरार चालक की गिरफ्तारी न होने पर भी सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय, उचित मुआवजा और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा।1
- Post by क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ1
- कैमरे में कैद धमकी! ओडिशा से आए पिता-पुत्र पर दुकानदार को जान से मारने की धमकी का आरोप | Viral Video1
- छत्तीसगढ़ शासन का स्पष्टीकरण रमजान में मुस्लिम कर्मचारीयों को समय से पूर्व छुट्टी की खबर निराधार और भ्रामक रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग ने सोशल मीडिया और अन्य सूचना माध्यमों पर प्रसारित हो रही एक खबर का खंडन करते हुए इसे पूरी तरह से भ्रामक करार दिया है। पिछले कुछ दिनों से विभिन्न मंचों पर यह दावा किया जा रहा था कि प्रदेश सरकार ने रमजान के महीने के दौरान मुस्लिम शासकीय कर्मचारियों को कार्यालय समय से एक घंटा पहले घर जाने की विशेष अनुमति प्रदान की है। अब शासन ने आधिकारिक पत्र जारी कर स्पष्ट किया है कि विभाग द्वारा इस तरह का कोई भी आदेश या निर्देश जारी नहीं किया गया है। भ्रामक दावों पर सरकार का रुख पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग, मंत्रालय (महानदी भवन) द्वारा जारी पत्र क्रमांक 94/obc/2026 के अनुसार, विभाग के संज्ञान में यह बात आई है कि मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से कर्मचारियों के बीच एक गलत सूचना साझा की जा रही है। संयुक्त सचिव अनुपम त्रिवेदी के हस्ताक्षर से जारी इस स्पष्टीकरण में कहा गया है कि “रमजान में शासकीय मुस्लिम कर्मचारियों को एक घंटा पूर्व कार्यालय छोड़ने संबंधी कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है, अतः मीडिया में आ रही ऐसी खबरें आधारहीन हैं।”1