भगवान लवकुश जयंती को लेकर कुशवाहा समाज की बैठक संपन्न, 28 अगस्त को निकाली जाएगी भव्य शोभायात्रा गौरझामर देवरी कला-:प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी भगवान लवकुश की जयंती एवं शोभायात्रा को लेकर कुशवाहा समाज की बैठक प्रेम परिणय गार्डन में आयोजित की गई। बैठक में समाज के युवाओं, वरिष्ठ जनों एवं बंधुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 28 अगस्त को भगवान लवकुश की जयंती धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाई जाएगी। भगवान लवकुश की भव्य शोभायात्रा माता मढ़िया कचहरी से प्रारंभ होकर सहजपुर तिराहा , गन्नी तिराहा, नगर पालिका तिराहा, महात्मा गांधी तिराहा, नौ देवी मंदिर से होती हुई मंडी प्रांगण पहुंचेगी जहां पर कार्यक्रम संपन्न किया जाएगा इस अवसर पर वाहन रैली भव्य शोभायात्रा के साथ निकाली जाएगी, जिसमें हजारों की संख्या में कुशवाहा समाज के बंधु शामिल होंगे। बैठक में मौजूद रहे प्रमुख लोगों में नर्मदा पटेल (मुखिया), राजाराम पटेल (सरपंच प्रतिनिधि, इमझिरा), रमेश पटेल, तुलसीराम पटेल, गणेश पटेल, देवेन्द्र पटेल, जगदीश पटेल, कांसीराम पटेल (पार्षद), छतर पटेल, महेंद्र पटेल, नारायण पटेल, गौरी पटेल, राजू पटेल, विनय पटेल, मोनू पटेल (सरपंच, कांसखेड़ा), रामू पटेल, राजकुमार पटेल के साथ युवा पीढ़ी से पीयूष (बंटी) पटेल, आकाश पटेल, अजय कुशवाहा, मिलन पटेल सहित अनेक समाज बंधु उपस्थित रहे।
भगवान लवकुश जयंती को लेकर कुशवाहा समाज की बैठक संपन्न, 28 अगस्त को निकाली जाएगी भव्य शोभायात्रा गौरझामर देवरी कला-:प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी भगवान लवकुश की जयंती एवं शोभायात्रा को लेकर कुशवाहा समाज की बैठक प्रेम परिणय गार्डन में आयोजित की गई। बैठक में समाज के युवाओं, वरिष्ठ जनों एवं बंधुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 28 अगस्त को भगवान लवकुश की जयंती धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाई जाएगी। भगवान लवकुश की भव्य शोभायात्रा माता मढ़िया कचहरी से प्रारंभ होकर सहजपुर तिराहा , गन्नी तिराहा, नगर पालिका तिराहा, महात्मा गांधी तिराहा, नौ देवी मंदिर से होती हुई मंडी प्रांगण पहुंचेगी जहां पर कार्यक्रम संपन्न किया जाएगा इस अवसर पर वाहन रैली भव्य शोभायात्रा के साथ निकाली जाएगी, जिसमें हजारों की संख्या में कुशवाहा समाज के बंधु शामिल होंगे। बैठक में मौजूद रहे प्रमुख लोगों में नर्मदा पटेल (मुखिया), राजाराम पटेल (सरपंच प्रतिनिधि, इमझिरा), रमेश पटेल, तुलसीराम पटेल, गणेश पटेल, देवेन्द्र पटेल, जगदीश पटेल, कांसीराम पटेल (पार्षद), छतर पटेल, महेंद्र पटेल, नारायण पटेल, गौरी पटेल, राजू पटेल, विनय पटेल, मोनू पटेल (सरपंच, कांसखेड़ा), रामू पटेल, राजकुमार पटेल के साथ युवा पीढ़ी से पीयूष (बंटी) पटेल, आकाश पटेल, अजय कुशवाहा, मिलन पटेल सहित अनेक समाज बंधु उपस्थित रहे।
- गौरझामर में पीडब्ल्यूडी के निर्माण कार्यों पर उठे सवाल, सीसी रोड और नाली निर्माण में अनियमितताओं के गंभीर आरोप गौरझामर। ग्राम पंचायत गौरझामर में लोक निर्माण विभाग द्वारा इन दिनों कराए जा रहे सीसी रोड और नाली निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्यों में निर्धारित मानकों की अनदेखी और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उप स्वास्थ्य केंद्र से सेंट्रल बैंक बस स्टैंड तक बनाई जा रही सीसी सड़क को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण में मिट्टी युक्त डस्ट एवं अन्य घटिया सामग्री का धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ दिन पहले विभागीय अधिकारियों ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया था। इस दौरान मौके पर मिली मिट्टी युक्त डस्ट पर चिह्न लगाकर उसके उपयोग पर रोक लगाने के सख्त निर्देश दिए गए थे। हालांकि, ग्रामीणों का दावा है कि अधिकारियों के जाने के कुछ ही समय बाद कथित तौर पर उसी डस्ट का दोबारा उपयोग शुरू कर दिया गया। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि सड़क निर्माण में सीमेंट की मात्रा बेहद कम रखी जा रही है, जबकि इसकी जगह रेत और क्रेशर डस्ट का अत्यधिक उपयोग किया जा रहा है। आरोप है कि सड़क की केवल ऊपरी सतह पर सीमेंट का हल्का लेप कर इसे मजबूत और बेहतर दिखाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे इसकी ड्यूरेबिलिटी पर बड़ा सवालिया निशान लग गया है। केवल सीसी सड़क ही नहीं, बल्कि गौरझामर में पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाए जा रहे नाली निर्माण कार्य पर भी ग्रामीणों ने सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, नालियों के निर्माण में भी घटिया और मिट्टी युक्त डस्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्माण कार्यों में ऐसे ही मानकों की अनदेखी जारी रही, तो आगामी बारिश के मौसम में न केवल नालियां क्षतिग्रस्त हो जाएंगी, बल्कि पूरे क्षेत्र में गंभीर जलभराव की समस्या भी पैदा हो सकती है। ग्राम के नरेंद्र रजक, श्रीराम प्रजापति, मनोज पटेल और गोलू कोरी वीरेंद्र पटेल सहित अन्य नागरिकों ने जिला प्रशासन और विभागीय उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि यदि जांच में अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो संबंधित ठेकेदार और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और गुणवत्तापूर्ण सामग्री से ही निर्माण पूरा कराया जाए। इनका कहना - मैं स्वयं मौके पर जाकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच करूंगा। यदि किसी प्रकार की कमी या अनियमितता पाई जाती है, तो ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशांत पटेल (सब इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी) नाली निर्माण में मिट्टी युक्त डस्ट के उपयोग की जानकारी संज्ञान में आई है। संबंधित सामग्री का उपयोग तत्काल प्रभाव से बंद करवाया जाएगा और सभी विकास कार्यों की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उमाशंकर तिवारी (एसडीओ, पीडब्ल्यूडी)4
- Narsinghpur___बारिश_में_भी_पानी_को_तरस_रहे_ग्रामीण,_एक_हैंडपंप_के_भरोसे_700_ग्रामीण1
- भीषण गर्मी में पानी की किल्लत समझ में आती है पर बरसात में पानी की किल्लत गले नहीं उतरती भीषण गर्मी में पानी की किल्लत समझ में आती है पर बरसात में पानी की किल्लत गले नहीं उतरती1
- …जिम्मेदारों से सवाल—आखिर कब बनेगा घधरोला खुर्द का पक्का रास्ता?”* एंकर — नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा तहसील के ग्राम घधरोला खुर्द में सड़क की बदहाली अब ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली बच्चों के लिए भी बड़ी परेशानी बन गई है। हालात ऐसे हैं कि अपनी समस्या प्रशासन तक पहुंचाने के लिए गांव के छोटे-छोटे पढ़ने वाले मासूम बच्चे भी ग्रामीणों के साथ शिकायत करने पहुंचे। गांव से घधरोला कला तक करीब 3 किलोमीटर का रास्ता आज भी पक्की सड़क के इंतजार में है। बारिश के दिनों में कच्चे रास्ते पर कीचड़ और पानी के कारण आवागमन मुश्किल हो जाता है। बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है और किसी आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाना भी चुनौती बन जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए कई बार पंचायत और अधिकारियों से गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक सड़क निर्माण नहीं हो सका। अब ग्रामीणों के साथ मासूम बच्चे भी जिम्मेदारों से सड़क की मांग कर रहे हैं। बाइट — निकिता नोरिया, छात्रा बाइट — ग्रामीण **सड़क के लिए मासूमों की गुहार…जिम्मेदारों से सवाल—आखिर कब बनेगा घधरोला खुर्द का पक्का रास्ता?”* एंकर — नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा तहसील के ग्राम घधरोला खुर्द में सड़क की बदहाली अब ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली बच्चों के लिए भी बड़ी परेशानी बन गई है। हालात ऐसे हैं कि अपनी समस्या प्रशासन तक पहुंचाने के लिए गांव के छोटे-छोटे पढ़ने वाले मासूम बच्चे भी ग्रामीणों के साथ शिकायत करने पहुंचे। गांव से घधरोला कला तक करीब 3 किलोमीटर का रास्ता आज भी पक्की सड़क के इंतजार में है। बारिश के दिनों में कच्चे रास्ते पर कीचड़ और पानी के कारण आवागमन मुश्किल हो जाता है। बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है और किसी आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाना भी चुनौती बन जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए कई बार पंचायत और अधिकारियों से गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक सड़क निर्माण नहीं हो सका। अब ग्रामीणों के साथ मासूम बच्चे भी जिम्मेदारों से सड़क की मांग कर रहे हैं। बाइट — निकिता नोरिया, छात्रा बाइट — ग्रामीण3
- 6 गायों की मौत डंफर ने मारी टक्कर गौशाला में गायों को क्यों नहीं भेजा जाता बड़ा सवाल। मध्य प्रदेश नरसिंहपुर जिला गाडरवारा भोपाल रोड सेठान स्टैंड के पास तेज डंफर ने गायों को टक्कर मार दी जिसमें 6गाय की मौके पर मौत हो गई। कई बार मांग उठने के बाद भी एनटीपीसी के डंपरों की तेज स्पीड कम नहीं हो रही है जिसके कारण इस तरह की घटनाएं देखी जाती है। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव मवेशी गाय के लिए कोई ठोस नियम बनाए जिससे यह घटना कम हो।1
- पवई में आगामी त्योहारों को लेकर शांति समिति की बैठक, प्रशासन ने की तैयारियों की समीक्षा पवई में आगामी त्योहारों को लेकर शांति समिति की बैठक, प्रशासन ने की तैयारियों की समीक्षा1
- लोलरी में कैबिनेट मंत्री राहुल उदय प्रताप सिंह ने क्षेत्रीय जनों से मुलाकात की1
- सेठान चौराहे पर दर्दनाक हादसा: डंपर की चपेट में आईं 8 गौमाताएं, 6 की मौके पर मौत सेठान चौराहे पर दर्दनाक हादसा: डंपर की चपेट में आईं 8 गौमाताएं, 6 की मौके पर मौत साईंखेड़ा। बुधवार रात करीब 1 बजे सेठान चौराहे पर एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तेज रफ्तार डंपर ने सड़क पर मौजूद 8 गौमाताओं को कुचल दिया, जिसमें 6 गौमाताओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 2 गंभीर रूप से घायल होकर खून से लथपथ हालत में सड़क पर तड़पती मिलीं। घटना के बाद मौके पर पहुंचे गौभक्तों और स्वयंसेवकों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने डंपरों को रोकना शुरू कर दिया। देखते ही देखते सेठान चौराहे पर करीब 50–60 डंपर खड़े हो गए, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इस हृदयविदारक घटना ने क्षेत्र के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी वाहनों की तेज रफ्तार और लगातार आवागमन के कारण इस मार्ग पर पशुओं के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा भी खतरे में है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हादसे की निष्पक्ष जांच कर दोषी वाहन चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और भारी वाहनों की गति व आवागमन पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जाए। समाचार लिखे जाने तक घटना की आधिकारिक पुष्टि एवं पुलिस कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई थी।1