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सिंचाई के उद्देश्य से स्थापित एक मशीन चोरी हो गई है। इस घटना के संबंध में, जानकारी मिली है कि अब तक कुल तीन मशीनें बरामद की जा चुकी हैं।
Rahulkumar
सिंचाई के उद्देश्य से स्थापित एक मशीन चोरी हो गई है। इस घटना के संबंध में, जानकारी मिली है कि अब तक कुल तीन मशीनें बरामद की जा चुकी हैं।
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- लातेहार के मैन रोड स्थित पानी टंकी तीन मुहान चौक से संत जेवियर स्कूल तक बनी पीसीसी सड़क अपने निर्माण के शुरुआती दिनों से ही विवादों में घिरी रही है। इसके घटिया गुणवत्ता को लेकर वार्ड पार्षद 14 इंद्रदेव उरांव ने उपायुक्त को आवेदन सौंपा था, वहीं नगर पंचायत अध्यक्ष महेश सिंह और उपाध्यक्ष संतोष रंजन ने चंदनडीह मोहल्ले का खुद दौरा कर निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए थे और इसे घटिया करार दिया था। अब इस सड़क की भराई (बैकफिलिंग) में भी लापरवाही सामने आई है। नियमों के अनुसार, कंक्रीट (पीसीसी) सड़क के किनारों पर खाली जगहों को मजबूती के लिए मोरम या बजरी से भरा जाना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय मिट्टी का उपयोग किया गया है। इसका परिणाम यह है कि मानसून की शुरुआत से पहले ही सड़क के दोनों ओर डाली गई मिट्टी सड़क पर फैल रही है, जिससे आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीण अब वरीय पदाधिकारियों से सड़क की गुणवत्ता का मौके पर आकर निरीक्षण करने की मांग कर रहे हैं, सवाल उठाते हुए कि क्या यह सड़क है या भ्रष्टाचार का जीता-जागता नमूना।1
- लातेहार जिले के महुआडार स्थित पोटमाडीह ग्राम में हुई एक हत्या के मामले में आरोपी छोटे भाई और भतीजे को शनिवार सुबह 11:00 बजे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। महुआडार थाना प्रभारी मनोज कुमार ने इस घटना की जानकारी देते हुए बताया कि यह हत्या जमीन विवाद को लेकर की गई थी। छोटे भाई पोलिकार बेक और उसके बेटे मैथ्यू बेक ने अपने बड़े भाई कामिल ब्रेक की टांगी से वार कर हत्या कर दी थी। घटना को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस ने महुआडार थाने में इस मामले को 30/2026 में दर्ज कर दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी अभियान चलाया। इस अभियान के तहत दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया, जहाँ उन्होंने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। इसके बाद, दोनों को लातेहार न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उन्हें मंडल कारा लातेहार भेज दिया गया है।1
- झारखंड के बालूमाथ प्रखंड अंतर्गत मुरपा पंचायत के ग्राम जिपुवा में शनिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) Awas Plus Survey 2024 के सत्यापन के लिए एक ग्राम सभा आयोजित की गई। इस सभा के दौरान ग्रामीणों में काफी आक्रोश और नाराजगी देखने को मिली, जो योजना के क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं को लेकर थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पूर्व में सर्वेक्षण और जियो-टैगिंग के नाम पर कुछ लोगों ने लाभुकों से ₹500 तक की राशि वसूली थी। उन्होंने बताया कि पैसे लेने के बावजूद कई पात्र लोगों का नाम आवास योजना की सूची में शामिल नहीं किया गया। इस धोखाधड़ी पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने मांग की कि इस अवैध वसूली की जवाबदेही कौन लेगा और गरीबों से ली गई राशि का हिसाब कौन देगा। ग्राम सभा में स्थिति कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गई, जिसके बाद ग्राम प्रधान विश्वनाथ यादव ने ग्रामीणों को समझाते हुए आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की बिचौलियागिरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में यदि कोई व्यक्ति जियो-टैगिंग, सर्वेक्षण या किसी सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर पैसे की मांग करता है, तो उसकी शिकायत तत्काल प्रशासन से की जाए। ग्राम प्रधान ने यह भी भरोसा दिलाया कि पात्र लाभुकों के हितों की रक्षा की जाएगी और योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा, जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए और आपसी सहमति से ग्राम सभा संपन्न हुई। ग्रामीणों ने अब प्रशासन से मांग की है कि जियो-टैगिंग एवं सर्वेक्षण के नाम पर अवैध वसूली करने वाले लोगों की गहन जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में गरीब और जरूरतमंद परिवारों का शोषण रोका जा सके।1
- झारखंड के त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि संघ के अध्यक्ष विकास कुमार महतो ने महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर पंचम राज्य वित्त आयोग मद के अंतर्गत पंचायतों को आवंटित राशि के उपयोग हेतु विस्तृत मार्गदर्शिका जारी करने की मांग की है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पंचायतों को अनुदान राशि आवंटित की जा चुकी है, लेकिन योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देशों की अनुपलब्धता के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। महतो ने राज्यपाल से आग्रह किया कि वे शीघ्र ही यह मार्गदर्शिका जारी कराएं, जिससे पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं का सुचारू और प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जा सके। इस अवसर पर जीप सदस्य मनोज बाजपेयी और मुखिया कुशेन्द्र पाहन समेत अन्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।1
- झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन विभाग की एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन निर्णयों में सबसे प्रमुख यह है कि अब राज्य में सड़क दुर्घटना में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर मृतक के परिजनों को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। बैठक के दौरान आपदा राहत व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने, राहत वितरण प्रक्रिया में तेजी लाने तथा विभिन्न प्राकृतिक एवं मानवीय आपदाओं से प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुँचाने पर विशेष जोर दिया गया। सरकार ने इस फैसले के पीछे का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए कहा है कि इसका लक्ष्य दुर्घटना प्रभावित परिवारों को कठिन समय में आर्थिक संबल प्रदान करना और राज्य की आपदा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाना है।1
- गुमला के सिसई अंचल कार्यालय परिसर में आयोजित विशेष 'अंचल दिवस' कार्यक्रम में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत उपायुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचल अधिकारी द्वारा बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर और भगवान बिरसा मुण्डा की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण से हुई। उपस्थित जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और आमजनों को संबोधित करते हुए अधिकारियों ने 'अंचल दिवस' के उद्देश्य और राजस्व प्रशासन की जनोन्मुखी पहल की जानकारी दी। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएँ रखीं, जिनमें अधिकतर मामले भूमि और राजस्व से संबंधित थे। उपायुक्त ने भूमि मापी, दाखिल-खारिज, लगान रसीद निर्गमन, सीमांकन और राजस्व अभिलेखों में सुधार जैसे विभिन्न मामलों की सुनवाई की। मौके पर ही कई मामलों का निपटारा सुनिश्चित किया गया, वहीं जटिल और प्रक्रियाधीन मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पात्र लाभुकों के बीच विभिन्न प्रमाण पत्रों का वितरण भी किया गया। उपायुक्त ने अंचल कार्यालय के अधिकारियों और कर्मियों को निर्देशित किया कि जनता की शिकायतों और प्रमाण पत्रों से संबंधित आवेदनों को बिना उचित कारण के लंबित न रखा जाए, तथा राजस्व मामलों का निष्पादन पारदर्शी, संवेदनशील और समयबद्ध तरीके से हो। उन्होंने चेतावनी दी कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने बताया कि 'अंचल दिवस' का उद्देश्य प्रशासन की पहुँच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करना है, और स्थानीय स्तर पर अधिकाधिक समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए आम का एक विशेष स्टॉल भी लगाया गया। 'विशेष अंचल दिवस' कार्यक्रम के बाद उपायुक्त ने सिसई स्थित रेफरल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें चिकित्सा प्रभारी द्वारा बताया गया कि अस्पताल का वर्तमान भवन अत्यंत जर्जर स्थिति में है और छत के हिस्से टूटकर गिर रहे हैं, जिससे मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को खतरा है। चिकित्सा सेवाओं के निर्बाध संचालन के लिए अस्पताल को समीपवर्ती भवन में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को वर्तमान भवन को तत्काल कंडम घोषित करने और स्वास्थ्य विभाग को उक्त स्थल पर नए एवं आधुनिक अस्पताल भवन निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने हेतु प्रस्ताव अग्रसारित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी सिसई सहित विभिन्न विभागों के जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।4
- गुमला जिले के भरनो थाना क्षेत्र अंतर्गत ब्लॉक चौक ब्रिज के पास एक बाइक सवार ने मोहन फुचका वाले को जोरदार टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में मोहन गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि टक्कर मारने वाला बाइक सवार दुमबो का है, हालाँकि उसकी सटीक पहचान जाँच के बाद ही सामने आ पाएगी। पुलिस और स्थानीय लोगों के सहयोग से घायल मोहन को भरनो अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल रांची रेफर कर दिया गया।1