शाहाबाद में खलिहान की जमीन पर अवैध निर्माण का आरोप, ग्रामीणों ने उठाए प्रशासनिक मिलीभगत के सवाल शाहाबाद, हरदोई। तहसील क्षेत्र के सफीपुर गांव में सार्वजनिक उपयोग में आने वाली खलिहान की जमीन पर अवैध निर्माण का मामला सामने आने से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। आरोप है कि गांव की इस बेशकीमती जमीन पर दबंगई के बल पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है, जबकि यह भूमि लंबे समय से गांव के लोगों द्वारा सामुदायिक उपयोग में लाई जाती रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर खलिहान की जमीन को कब्जा मुक्त कराने की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार सफीपुर गांव के गिगियानी मोहल्ला निवासी एक सभासद पर आरोप है कि वह खेत के आगे स्थित खलिहान की जमीन पर निर्माण कार्य कराकर उस पर कब्जा जमाने का प्रयास कर रहा है। बताया जाता है कि यह जमीन वर्षों से गांव के किसानों द्वारा फसल की मड़ाई और अन्य सामुदायिक कार्यों के लिए उपयोग में लाई जाती रही है। अब अचानक वहां निर्माण कार्य शुरू होने से गांव में चर्चा और नाराजगी का माहौल बन गया है। इंसर्ट: “ग्रामीणों का आरोप – लेखपाल और सभासद की मिलीभगत से चल रहा कब्जे का खेल” स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्रीय लेखपाल और संबंधित सभासद की कथित मिलीभगत से इस जमीन पर कब्जे की कोशिश की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार इस संबंध में अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे लोगों में प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है। बताया जा रहा है कि इससे पहले यहां तैनात रहे उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को जब इस मामले की जानकारी मिली थी तो उन्होंने मौके पर हस्तक्षेप करते हुए खलिहान की जमीन पर हो रहे निर्माण कार्य को रुकवा दिया था। उस समय प्रशासनिक सख्ती के बाद कुछ समय तक स्थिति सामान्य रही, लेकिन अब दोबारा निर्माण कार्य शुरू होने की चर्चा सामने आ रही है। इंसर्ट: “पहले भी रुक चुका है निर्माण, फिर शुरू होने से उठे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल” ग्रामीणों का कहना है कि अगर यह जमीन वास्तव में सार्वजनिक खलिहान की है तो उस पर किसी भी प्रकार का निजी निर्माण नहीं होना चाहिए। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि राजस्व अभिलेखों की जांच कराकर सच्चाई सामने लाई जाए और यदि अवैध कब्जा किया जा रहा है तो उसे तत्काल हटवाया जाए। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है। ग्रामीणों की नजर अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है कि आखिर इस सार्वजनिक जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
शाहाबाद में खलिहान की जमीन पर अवैध निर्माण का आरोप, ग्रामीणों ने उठाए प्रशासनिक मिलीभगत के सवाल शाहाबाद, हरदोई। तहसील क्षेत्र के सफीपुर गांव में सार्वजनिक उपयोग में आने वाली खलिहान की जमीन पर अवैध निर्माण का मामला सामने आने से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। आरोप है कि गांव की इस बेशकीमती जमीन पर दबंगई के बल पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है, जबकि यह भूमि लंबे समय से गांव के लोगों द्वारा सामुदायिक उपयोग में लाई जाती रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर खलिहान की जमीन को कब्जा मुक्त कराने की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार सफीपुर गांव के गिगियानी मोहल्ला निवासी एक सभासद पर आरोप है कि वह खेत के आगे स्थित खलिहान की जमीन पर निर्माण कार्य कराकर उस पर कब्जा जमाने का प्रयास कर रहा है। बताया जाता है कि
यह जमीन वर्षों से गांव के किसानों द्वारा फसल की मड़ाई और अन्य सामुदायिक कार्यों के लिए उपयोग में लाई जाती रही है। अब अचानक वहां निर्माण कार्य शुरू होने से गांव में चर्चा और नाराजगी का माहौल बन गया है। इंसर्ट: “ग्रामीणों का आरोप – लेखपाल और सभासद की मिलीभगत से चल रहा कब्जे का खेल” स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्रीय लेखपाल और संबंधित सभासद की कथित मिलीभगत से इस जमीन पर कब्जे की कोशिश की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार इस संबंध में अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे लोगों में प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है। बताया जा रहा है कि इससे पहले यहां तैनात रहे उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को जब इस मामले की जानकारी मिली थी तो उन्होंने मौके पर हस्तक्षेप करते हुए खलिहान की जमीन
पर हो रहे निर्माण कार्य को रुकवा दिया था। उस समय प्रशासनिक सख्ती के बाद कुछ समय तक स्थिति सामान्य रही, लेकिन अब दोबारा निर्माण कार्य शुरू होने की चर्चा सामने आ रही है। इंसर्ट: “पहले भी रुक चुका है निर्माण, फिर शुरू होने से उठे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल” ग्रामीणों का कहना है कि अगर यह जमीन वास्तव में सार्वजनिक खलिहान की है तो उस पर किसी भी प्रकार का निजी निर्माण नहीं होना चाहिए। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि राजस्व अभिलेखों की जांच कराकर सच्चाई सामने लाई जाए और यदि अवैध कब्जा किया जा रहा है तो उसे तत्काल हटवाया जाए। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है। ग्रामीणों की नजर अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है कि आखिर इस सार्वजनिक जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
- Post by Ashish Awasthi Ljp R प्रदेश सचिव बरेली मंडल प्रभारी6
- शाहजहांपुर, 14 मार्च। मंदिर से लौट से बाइक सवार युवको की बाइक खंबे से टकरा गई हादसे में तीन युवक घायल हो गए। तीनो युवक नगर क्षेत्र के रहने वाले है, जो की कछियानी खेड़ा स्थित मंदिर पर पूजा अर्चना कर बापस घर जा रहे थे। इसी बीच तिलहर क्षेत्र में राइखेड़ा गांव के पास उनकी बाइक अनियंत्रित होकर खंबे से टकरा गई। बाइक पर सवार तीनो युवक घायल हो गए। स्थानीय लोगो की मदद से घायलो में भर्ती कराया गया।2
- शाहजहांपुर: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 150 जोड़ों का हुआ विवाह2
- रिपोर्टर अमित दीक्षित धराना घाट या 'डेथ ट्रैप'? ⚠️ पीलीभीत के पूरनपुर में आए दिन धराना घाट पर बेजुबान जानवर गहरे दलदल में गिर रहे हैं। बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए। क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? 😠🛑1
- शाहजहांपुर। यूपीएसआई-2025 भर्ती परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस अधीक्षक ने जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने अभ्यर्थियों के प्रवेश की व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध, ड्यूटी में तैनात पुलिस बल की सतर्कता, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, परीक्षा कक्षों की व्यवस्था तथा केंद्रों के आसपास की यातायात व्यवस्था का गहनता से अवलोकन किया। इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वारों पर की जा रही सघन चेकिंग प्रक्रिया का भी निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया गया कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं प्रभावी ढंग से लागू हों। पुलिस अधीक्षक ने परीक्षा केंद्रों पर तैनात पुलिस बल और संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा के दौरान पूरी सतर्कता बरती जाए तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या अनियमितता मिलने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए और उन्हें शांतिपूर्ण वातावरण में परीक्षा देने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएं। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों से भी बातचीत कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और उन्हें परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दीं। अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्रों पर की गई व्यवस्थाओं और सुरक्षा प्रबंधों पर संतोष व्यक्त किया। जनपद पुलिस द्वारा परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सकुशल संपन्न कराने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर सतत निगरानी रखी जा रही है।1
- Gram Panchayat ullapur ke pass mein gaon hai bahut nikalne ke liye Chala nahin Hai jyada Se jyada share karo karo bhai sahab1
- Post by Ashish Awasthi Ljp R प्रदेश सचिव बरेली मंडल प्रभारी4
- शाहजहांपुर, 14 मार्च । वजीरपुर घाट पर बहुप्रतीक्षित पैंटून पुल के निर्माण कार्य का आज विधिवत भूमि पूजन किया गया। भूमि पूजन कार्यक्रम क्षेत्रीय विधायक हरिप्रकाश वर्मा ने किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक शरद वीर सिंह, जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। गौरतलब है कि क्षेत्र के लोग लंबे समय से इस पुल की मांग कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने समस्याओं के समाधान के लिए विधायक हरि प्रकाश वर्मा की मांग पर 100 वर्ष पुराने घाट वजीरपुर और मनिहार घाट पर पैंटून पुल की स्वीकृति दे दी। शनिवार को जलालाबाद विधायक हरि प्रकाश वर्मा , पूर्व विधायक शरदवीर सिंह और जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने विधि विधान पूर्वक भूमि पूजन किया गया। इस दौरान विधायक हरि प्रकाश वर्मा ने कहा कि प्रदेश की योगी सरकार लगातार किसानों नौजवानों और व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए सदैव तत्पर है पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में शिक्षा सड़क सुरक्षा और स्वास्थ्य विभाग को लेकर काफी कुछ बदलाव देखने को मिले हैं। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार किसानों की समस्याओं के समाधान को लेकर संकल्पबद्ध है साथ ही जो कार्य बिना किसी मांग के ही पूरे हो रहे है। किसान नेता नरेंद्र सिंह सोमवंशी ने पैंटून पुल के साथ दोनों ओर सड़क निर्माण कराए जाने और छुट्टा गौ वंशों से निजात दिलाने के लिए गौ शाला के निर्माण की मांग की। वहीं,जनप्रतिनिधियों ने बताया कि पुल बनने से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर जिलों के बीच व्यापार और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।3
- तिलहर क्षेत्र का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, लोगों में चर्चा1