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मेरी भक्ति तो ऐसी है लेकिन लेकिन क्या करूं
Champat kharadi
मेरी भक्ति तो ऐसी है लेकिन लेकिन क्या करूं
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- मेरी भक्ति तो ऐसी है लेकिन लेकिन क्या करूं1
- फालना पुलिस थाना क्षेत्र के अंबिका नगरी में स्थापित श्री संकेश्वर पारसनाथ जैन मंदिर में चोरों ने चोरी की घटना को अंजाम दिया मुख्य दरवाजा को पीछे का दरवाजा तोड़कर चोरों ने दान पत्र चुराया एवं मंदिर से करीब 300 मीटर दूर ले जाकर दान पत्र को तोड़ा एवं तोड़कर उसमें बड़े रुपए ले जाकर लेकर हुए फरार वही सुबह जब घटना की जानकारी पुजारी को मिली तो पुजारी ने पुलिस को जानकारी दी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का मौका महीना क्या एवं आसपास में लगे सीसीटीवी फुटेज कर्नल ने किया शुरू पुलिस ने आगे की कार्रवाई की शुरू1
- Post by Ganesh Choudhary1
- sablon ka khera se Laxmi pura thikriya sadak bahot kharab hai 5 year garenty bhi pury nahi huye1
- Post by फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांदोली राजसमंद राजस्थान1
- बाली खीमेल के पास दो बाइकों की भिड़ंत, तीन की मौत, दो घायल, एक पाली पाली रे। फालना थाना क्षेत्र के खीमेल स्थित पवन वाटिका के पास दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में तीन युवकों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक की लहर छा गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार दुर्घटना में रानी निवासी अजय मदनलाल माली (होली चौक), प्रेम गणेश बावरी एवं श्रवण हंजाराम निवासी खीमेल की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं अजय मोडाराम मेघवाल गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को प्राथमिक उपचार के बाद रानी अस्पताल से पाली रेफर किया गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को रानी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। दुसरा घायल रोहित मालवीय रानी प्रावेट हास्पीटल मे भर्ती पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।1
- जमाल खान बाली।फालना ब्रह्माकुमारी सेंटर पर शिवरात्रि का त्योहार मनाया* फालना बाली ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय फालना सेंटर पर आज महाशिवरात्रि का पर्व सेंटर की संरक्षिका मीरा दीदी एवम् समाज सेवी अमित मेहता, अधिवक्ता कमल श्रीमाली और कैलाश जोशी आदि लोगो की उपस्थिति में झंडारोहण के साथ कार्यक्रम प्रारंभ किया इस अवसर पर सेंटर की संरक्षिका मीरा दीदी ने महाशिवरात्रि का आध्यात्मिक महत्व माह अर्थात ‘महान’,रात्रि अर्थात ‘अज्ञान की रात’ और जयंती अर्थात ‘जन्मदिवस’ परमपिता परमात्मा शिव तब आते हैं जब वह अज्ञान अंधकार की रात्रि प्रबल हो जाती है परम आत्मा का ही नाम शिव, है इसका संस्कृत अर्थ है ‘सदा कल्याणकारी’, अर्थात जो सभी का *कल्याण करता है शिवरात्रि वह शिव जयंती भारत में द्वापर युग से मनाई जाती है यह दिन हम ईश्वर के इस धरा कि इस पर अवतरण के समय की याद में मनाते हैं शिव के अलावा और किसी को हम ‘परम आत्मा’ नहीं कहते ब्रह्मा,विष्णु,शंकर को देवता कहते हैं बाक़ी सभी है मनुष्य तो हम उसी निरंकार परमपिता ( सभी आत्माओं के रूहानीबाबा) अवतरण का यादगार दिवस मनाते हैं एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया एवं अंत में सभी बाबा के भक्तों को प्रसादी वितरित की गई एवं इस अवसर पर संतोषी बहन,ललिता बहन,भारती बहन,अमित मेहता,कमल श्रीमाली,सुख सिंह खंगारोत,विरेंदर सिंह,बंसीलाल मालवीय,अशोक बछेटा,हीरालाल चौधरी,मूल चंद डाबी,सुरेंद्र सिंह,बाबूलाल मालवीय,सुरेश कुमार आदि लोग उपस्थीत रहे*1
- हमारे आदिवासी की शादी देखो भील समाज की1