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बहराइच में भारत-नेपाल सीमा पर 42वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की बॉर्डर इंटरैक्शन टीम ने एक 16 वर्षीय नाबालिग नेपाली किशोरी को मानव तस्करी का शिकार होने से बचा लिया है। एसएसबी की तत्परता से इस पूरी साजिश का पर्दाफाश हुआ, जिसके बाद आरोपी युवक को नेपाल पुलिस के हवाले कर दिया गया और किशोरी को पुनर्वास के लिए संबंधित नेपाली संस्था को सौंप दिया गया। यह मामला 21 जुलाई की रात करीब 8:45 बजे का है, जब सीमा पर नियमित जांच के दौरान नेपाल से भारत में प्रवेश कर रही किशोरी और उसके साथ मौजूद एक युवक को संदेह के आधार पर रोका गया। पूछताछ में किशोरी ने अपना नाम मोनिका (16 वर्ष) और युवक ने अपना नाम बिरेन्द्र बस्नेत (19 वर्ष) बताया, जो नेपाल के जाजरकोट जिले के ग्राम जुनी चाँदे (वार्ड-1) के निवासी हैं। युवक ने खुद को किशोरी का बड़ा भाई बताते हुए दावा किया कि वह उसे इलाज के लिए हिमाचल प्रदेश के शिमला ले जा रहा है। हालांकि, वह इस संबंध में कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका और परिजनों से संपर्क करने पर भी उसके दावों की पुष्टि नहीं हुई। दोनों के बयानों में विरोधाभास मिलने पर एसएसबी ने उन्हें एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के समक्ष प्रस्तुत किया, जहाँ अलग-अलग पूछताछ और काउंसलिंग में स्पष्ट हो गया कि किशोरी को मानव तस्करी के उद्देश्य से भारत लाया जा रहा था। वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, नेपाल पुलिस, देहात इंडिया और मानव सेवा संस्थान सेवा के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में किशोरी को सुरक्षा एवं पुनर्वास के लिए नेपाली गैर-सरकारी संस्था 'शांतिपूर्ण स्थापना गृह' के सुपुर्द कर दिया गया, वहीं आरोपी बिरेन्द्र बस्नेत को आगे की विधिक कार्रवाई के लिए नेपाल पुलिस को सौंप दिया गया।

4 hrs ago
user_Sarfaraj Siddiqui Journalist
Sarfaraj Siddiqui Journalist
Computer service बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
4 hrs ago

बहराइच में भारत-नेपाल सीमा पर 42वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की बॉर्डर इंटरैक्शन टीम ने एक 16 वर्षीय नाबालिग नेपाली किशोरी को मानव तस्करी का शिकार होने से बचा लिया है। एसएसबी की तत्परता से इस पूरी साजिश का पर्दाफाश हुआ, जिसके बाद आरोपी युवक को नेपाल पुलिस के हवाले कर दिया गया और किशोरी को पुनर्वास के लिए संबंधित नेपाली संस्था को सौंप दिया गया। यह मामला 21 जुलाई की रात करीब 8:45 बजे का है, जब सीमा पर नियमित जांच के दौरान नेपाल से भारत में प्रवेश कर रही किशोरी और उसके साथ मौजूद एक युवक को संदेह के आधार पर रोका गया। पूछताछ में किशोरी ने अपना नाम मोनिका (16 वर्ष) और युवक ने अपना नाम बिरेन्द्र बस्नेत (19 वर्ष) बताया, जो नेपाल के जाजरकोट जिले के ग्राम जुनी चाँदे (वार्ड-1) के निवासी हैं। युवक ने खुद को किशोरी का

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बड़ा भाई बताते हुए दावा किया कि वह उसे इलाज के लिए हिमाचल प्रदेश के शिमला ले जा रहा है। हालांकि, वह इस संबंध में कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका और परिजनों से संपर्क करने पर भी उसके दावों की पुष्टि नहीं हुई। दोनों के बयानों में विरोधाभास मिलने पर एसएसबी ने उन्हें एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के समक्ष प्रस्तुत किया, जहाँ अलग-अलग पूछताछ और काउंसलिंग में स्पष्ट हो गया कि किशोरी को मानव तस्करी के उद्देश्य से भारत लाया जा रहा था। वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, नेपाल पुलिस, देहात इंडिया और मानव सेवा संस्थान सेवा के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में किशोरी को सुरक्षा एवं पुनर्वास के लिए नेपाली गैर-सरकारी संस्था 'शांतिपूर्ण स्थापना गृह' के सुपुर्द कर दिया गया, वहीं आरोपी बिरेन्द्र बस्नेत को आगे की विधिक कार्रवाई के लिए नेपाल पुलिस को सौंप दिया गया।

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  • सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं के आंदोलन के समर्थन में मौन व्रत शुरू कर दिया है। अन्ना हजारे के इस कदम के बाद से राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। फिलहाल उनके इस कदम ने आंदोलन को नैतिक बल दिया है और पूरे घटनाक्रम पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। अन्ना हजारे के नेतृत्व में पहले हुए भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन ने देश की राजनीति पर गहरा असर डाला था और उसी दौर से आम आदमी पार्टी के उदय का रास्ता तैयार हुआ था। ऐसे में अब जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में उनके मौन व्रत को कई लोग एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत के रूप में देख रहे हैं। हालांकि, इस समर्थन का संबंधित संगठन या आंदोलन की राजनीतिक संभावनाओं पर क्या असर पड़ेगा, यह कहना अभी जल्दबाज़ी होगी।
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    सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं के आंदोलन के समर्थन में मौन व्रत शुरू कर दिया है। अन्ना हजारे के इस कदम के बाद से राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। फिलहाल उनके इस कदम ने आंदोलन को नैतिक बल दिया है और पूरे घटनाक्रम पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

अन्ना हजारे के नेतृत्व में पहले हुए भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन ने देश की राजनीति पर गहरा असर डाला था और उसी दौर से आम आदमी पार्टी के उदय का रास्ता तैयार हुआ था। ऐसे में अब जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में उनके मौन व्रत को कई लोग एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत के रूप में देख रहे हैं। हालांकि, इस समर्थन का संबंधित संगठन या आंदोलन की राजनीतिक संभावनाओं पर क्या असर पड़ेगा, यह कहना अभी जल्दबाज़ी होगी।
    user_Latest news india
    Latest news india
    Local News Reporter Bahraich, Uttar Pradesh•
    2 hrs ago
  • बहराइच में भारत-नेपाल सीमा पर 42वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की बॉर्डर इंटरैक्शन टीम ने एक 16 वर्षीय नाबालिग नेपाली किशोरी को मानव तस्करी का शिकार होने से बचा लिया है। एसएसबी की तत्परता से इस पूरी साजिश का पर्दाफाश हुआ, जिसके बाद आरोपी युवक को नेपाल पुलिस के हवाले कर दिया गया और किशोरी को पुनर्वास के लिए संबंधित नेपाली संस्था को सौंप दिया गया। यह मामला 21 जुलाई की रात करीब 8:45 बजे का है, जब सीमा पर नियमित जांच के दौरान नेपाल से भारत में प्रवेश कर रही किशोरी और उसके साथ मौजूद एक युवक को संदेह के आधार पर रोका गया। पूछताछ में किशोरी ने अपना नाम मोनिका (16 वर्ष) और युवक ने अपना नाम बिरेन्द्र बस्नेत (19 वर्ष) बताया, जो नेपाल के जाजरकोट जिले के ग्राम जुनी चाँदे (वार्ड-1) के निवासी हैं। युवक ने खुद को किशोरी का बड़ा भाई बताते हुए दावा किया कि वह उसे इलाज के लिए हिमाचल प्रदेश के शिमला ले जा रहा है। हालांकि, वह इस संबंध में कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका और परिजनों से संपर्क करने पर भी उसके दावों की पुष्टि नहीं हुई। दोनों के बयानों में विरोधाभास मिलने पर एसएसबी ने उन्हें एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के समक्ष प्रस्तुत किया, जहाँ अलग-अलग पूछताछ और काउंसलिंग में स्पष्ट हो गया कि किशोरी को मानव तस्करी के उद्देश्य से भारत लाया जा रहा था। वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, नेपाल पुलिस, देहात इंडिया और मानव सेवा संस्थान सेवा के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में किशोरी को सुरक्षा एवं पुनर्वास के लिए नेपाली गैर-सरकारी संस्था 'शांतिपूर्ण स्थापना गृह' के सुपुर्द कर दिया गया, वहीं आरोपी बिरेन्द्र बस्नेत को आगे की विधिक कार्रवाई के लिए नेपाल पुलिस को सौंप दिया गया।
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    बहराइच में भारत-नेपाल सीमा पर 42वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की बॉर्डर इंटरैक्शन टीम ने एक 16 वर्षीय नाबालिग नेपाली किशोरी को मानव तस्करी का शिकार होने से बचा लिया है। एसएसबी की तत्परता से इस पूरी साजिश का पर्दाफाश हुआ, जिसके बाद आरोपी युवक को नेपाल पुलिस के हवाले कर दिया गया और किशोरी को पुनर्वास के लिए संबंधित नेपाली संस्था को सौंप दिया गया।

यह मामला 21 जुलाई की रात करीब 8:45 बजे का है, जब सीमा पर नियमित जांच के दौरान नेपाल से भारत में प्रवेश कर रही किशोरी और उसके साथ मौजूद एक युवक को संदेह के आधार पर रोका गया। पूछताछ में किशोरी ने अपना नाम मोनिका (16 वर्ष) और युवक ने अपना नाम बिरेन्द्र बस्नेत (19 वर्ष) बताया, जो नेपाल के जाजरकोट जिले के ग्राम जुनी चाँदे (वार्ड-1) के निवासी हैं। युवक ने खुद को किशोरी का बड़ा भाई बताते हुए दावा किया कि वह उसे इलाज के लिए हिमाचल प्रदेश के शिमला ले जा रहा है। हालांकि, वह इस संबंध में कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका और परिजनों से संपर्क करने पर भी उसके दावों की पुष्टि नहीं हुई।

दोनों के बयानों में विरोधाभास मिलने पर एसएसबी ने उन्हें एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के समक्ष प्रस्तुत किया, जहाँ अलग-अलग पूछताछ और काउंसलिंग में स्पष्ट हो गया कि किशोरी को मानव तस्करी के उद्देश्य से भारत लाया जा रहा था। वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, नेपाल पुलिस, देहात इंडिया और मानव सेवा संस्थान सेवा के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में किशोरी को सुरक्षा एवं पुनर्वास के लिए नेपाली गैर-सरकारी संस्था 'शांतिपूर्ण स्थापना गृह' के सुपुर्द कर दिया गया, वहीं आरोपी बिरेन्द्र बस्नेत को आगे की विधिक कार्रवाई के लिए नेपाल पुलिस को सौंप दिया गया।
    user_Sarfaraj Siddiqui Journalist
    Sarfaraj Siddiqui Journalist
    Computer service बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के जनपद बहराइच स्थित दरगाह शरीफ थाना पुलिस पर सलारपुर गाँव के रहने वाले बेहद गरीब बाबूलाल (पुत्र पूरन) को थाने में बिठाकर ₹50,000 की अवैध वसूली मांगने का गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि थाना प्रभारी द्वारा बाबूलाल को 22 तारीख की सुबह 10:00 बजे बुलाया गया था और 23 जुलाई तक जांच पूरी करने के नाम पर बिना वजह थाने में ही बिठाकर रखा गया है। पीड़ित की पत्नी दर-बदर भटकने को मजबूर और बेबस है। इस संबंध में जब थाना प्रभारी से वार्ता की गई तो उन्होंने जांच जारी रहने की बात कहकर फोन काट दिया, जबकि बिना कोई आरोप सिद्ध हुए व्यक्ति को थाने में बैठाकर रखने और छोड़ने के एवज में ₹50,000 मांगे जाने की बात कही जा रही है। इस मामले में आदरणीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश और राज्य सरकार से भ्रष्ट थाना प्रभारी के विरुद्ध अति शीघ्र कठोर कार्रवाई करने तथा पीड़ित बाबूलाल को छुड़वाने का अनुरोध किया गया है। साथ ही एंटी करप्शन टीम की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए थाना प्रभारी के खिलाफ सशक्त कार्रवाई की मांग की गई है।
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    उत्तर प्रदेश के जनपद बहराइच स्थित दरगाह शरीफ थाना पुलिस पर सलारपुर गाँव के रहने वाले बेहद गरीब बाबूलाल (पुत्र पूरन) को थाने में बिठाकर ₹50,000 की अवैध वसूली मांगने का गंभीर आरोप लगा है।

आरोप है कि थाना प्रभारी द्वारा बाबूलाल को 22 तारीख की सुबह 10:00 बजे बुलाया गया था और 23 जुलाई तक जांच पूरी करने के नाम पर बिना वजह थाने में ही बिठाकर रखा गया है। पीड़ित की पत्नी दर-बदर भटकने को मजबूर और बेबस है। इस संबंध में जब थाना प्रभारी से वार्ता की गई तो उन्होंने जांच जारी रहने की बात कहकर फोन काट दिया, जबकि बिना कोई आरोप सिद्ध हुए व्यक्ति को थाने में बैठाकर रखने और छोड़ने के एवज में ₹50,000 मांगे जाने की बात कही जा रही है।

इस मामले में आदरणीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश और राज्य सरकार से भ्रष्ट थाना प्रभारी के विरुद्ध अति शीघ्र कठोर कार्रवाई करने तथा पीड़ित बाबूलाल को छुड़वाने का अनुरोध किया गया है। साथ ही एंटी करप्शन टीम की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए थाना प्रभारी के खिलाफ सशक्त कार्रवाई की मांग की गई है।
    user_अर्जुन पडिण्त जि0प्रमुखशिवसेना
    अर्जुन पडिण्त जि0प्रमुखशिवसेना
    Local Politician बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • नेपाली पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश के बाद शारदा, गिरिजा और सरयू बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण घाघरा नदी का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ गया है। इससे महसी क्षेत्र में बाढ़ का संकट गहराने लगा है और बुधवार को जोधे पुरवा व बिंद्रा पुरवा गांव बाढ़ के पानी से जलमग्न हो गए। तेजी से बढ़ते जलस्तर को देखकर तटवर्ती इलाकों के ग्रामीण सुरक्षित स्थानों का ठिकाना तलाशने में जुट गए हैं। मंगलवार रात से ही नदी का जलस्तर बढ़ रहा है और बुधवार शाम 4 बजे एल्गिन ब्रिज पर 2,73,798 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज दर्ज किया गया, जहां घाघरा नदी खतरे के निशान से महज 5 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। जलस्तर में इस बढ़ोतरी के कारण जानकी नगर, पूरेप्रसाद सिंह, पचदेवरी, चुरई पुरवा, फक्कड़ पुरवा, बांसगढ़ी, गोलागंज, कायमपुर, पिपरी, बौंडी, जोगा पुरवा, पिपरा, टिकुरी और कोढ़वा सहित दर्जनों गांवों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। यदि बैराजों से पानी का डिस्चार्ज निरंतर बढ़ता रहा तो महसी तहसील के 1836.712 हेक्टेयर जल प्लावित क्षेत्र की 65 ग्राम पंचायतों में रहने वाली 1,32,356 की आबादी पर बाढ़ का संकट मंडराने लगेगा। स्थिति पर महसी के एसडीएम प्रकाश सिंह ने बताया कि तहसील प्रशासन लगातार बाढ़ प्रभावित गांवों पर नजर रखे हुए है और तटवर्ती गांवों में राजस्व कर्मियों को अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने कहा कि जलस्तर जरूर बढ़ा है लेकिन अभी स्थिति नियंत्रण में है और आपदा प्रबंधन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, हालांकि पीछे से पानी का डिस्चार्ज बढ़ने पर बाढ़ आने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
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    नेपाली पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश के बाद शारदा, गिरिजा और सरयू बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण घाघरा नदी का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ गया है। इससे महसी क्षेत्र में बाढ़ का संकट गहराने लगा है और बुधवार को जोधे पुरवा व बिंद्रा पुरवा गांव बाढ़ के पानी से जलमग्न हो गए। तेजी से बढ़ते जलस्तर को देखकर तटवर्ती इलाकों के ग्रामीण सुरक्षित स्थानों का ठिकाना तलाशने में जुट गए हैं।

मंगलवार रात से ही नदी का जलस्तर बढ़ रहा है और बुधवार शाम 4 बजे एल्गिन ब्रिज पर 2,73,798 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज दर्ज किया गया, जहां घाघरा नदी खतरे के निशान से महज 5 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। जलस्तर में इस बढ़ोतरी के कारण जानकी नगर, पूरेप्रसाद सिंह, पचदेवरी, चुरई पुरवा, फक्कड़ पुरवा, बांसगढ़ी, गोलागंज, कायमपुर, पिपरी, बौंडी, जोगा पुरवा, पिपरा, टिकुरी और कोढ़वा सहित दर्जनों गांवों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। यदि बैराजों से पानी का डिस्चार्ज निरंतर बढ़ता रहा तो महसी तहसील के 1836.712 हेक्टेयर जल प्लावित क्षेत्र की 65 ग्राम पंचायतों में रहने वाली 1,32,356 की आबादी पर बाढ़ का संकट मंडराने लगेगा।

स्थिति पर महसी के एसडीएम प्रकाश सिंह ने बताया कि तहसील प्रशासन लगातार बाढ़ प्रभावित गांवों पर नजर रखे हुए है और तटवर्ती गांवों में राजस्व कर्मियों को अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने कहा कि जलस्तर जरूर बढ़ा है लेकिन अभी स्थिति नियंत्रण में है और आपदा प्रबंधन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, हालांकि पीछे से पानी का डिस्चार्ज बढ़ने पर बाढ़ आने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
    user_SHARMA NEWS AGENCY
    SHARMA NEWS AGENCY
    रिपोर्टर बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के विशेश्वरगंज इलाके में एक बेटे ने अपनी मां की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। इस खौफनाक वारदात के सामने आते ही पूरे गांव में हड़कंप और सनसनी मच गई है।
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    उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के विशेश्वरगंज इलाके में एक बेटे ने अपनी मां की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। इस खौफनाक वारदात के सामने आते ही पूरे गांव में हड़कंप और सनसनी मच गई है।
    user_Fariyad Ali
    Fariyad Ali
    Local News Reporter बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
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