Shuru
Apke Nagar Ki App…
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं के आंदोलन के समर्थन में मौन व्रत शुरू कर दिया है। अन्ना हजारे के इस कदम के बाद से राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। फिलहाल उनके इस कदम ने आंदोलन को नैतिक बल दिया है और पूरे घटनाक्रम पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। अन्ना हजारे के नेतृत्व में पहले हुए भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन ने देश की राजनीति पर गहरा असर डाला था और उसी दौर से आम आदमी पार्टी के उदय का रास्ता तैयार हुआ था। ऐसे में अब जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में उनके मौन व्रत को कई लोग एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत के रूप में देख रहे हैं। हालांकि, इस समर्थन का संबंधित संगठन या आंदोलन की राजनीतिक संभावनाओं पर क्या असर पड़ेगा, यह कहना अभी जल्दबाज़ी होगी।
Latest news india
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं के आंदोलन के समर्थन में मौन व्रत शुरू कर दिया है। अन्ना हजारे के इस कदम के बाद से राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। फिलहाल उनके इस कदम ने आंदोलन को नैतिक बल दिया है और पूरे घटनाक्रम पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। अन्ना हजारे के नेतृत्व में पहले हुए भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन ने देश की राजनीति पर गहरा असर डाला था और उसी दौर से आम आदमी पार्टी के उदय का रास्ता तैयार हुआ था। ऐसे में अब जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में उनके मौन व्रत को कई लोग एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत के रूप में देख रहे हैं। हालांकि, इस समर्थन का संबंधित संगठन या आंदोलन की राजनीतिक संभावनाओं पर क्या असर पड़ेगा, यह कहना अभी जल्दबाज़ी होगी।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में एक युवक और तीन सगी बहनों की शादी के वायरल वीडियो के मामले में एक नया मोड़ आ गया है। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर जिसे अब तक महज़ एक रील या मज़ाक माना जा रहा था, उस पर अब खुद तीनों बहनें और उनका पति कैमरे के सामने आए हैं। कैमरे पर सामने आकर तीनों बहनों और उनके पति ने दावा किया है कि यह शादी पूरी तरह से असली है। इसके साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की है कि उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल न किया जाए। इस मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है, जहाँ लोग इस विवाह की सच्चाई और इसके कानूनी पहलुओं पर लगातार सवाल उठा रहे हैं।1
- सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं के आंदोलन के समर्थन में मौन व्रत शुरू कर दिया है। अन्ना हजारे के इस कदम के बाद से राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। फिलहाल उनके इस कदम ने आंदोलन को नैतिक बल दिया है और पूरे घटनाक्रम पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। अन्ना हजारे के नेतृत्व में पहले हुए भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन ने देश की राजनीति पर गहरा असर डाला था और उसी दौर से आम आदमी पार्टी के उदय का रास्ता तैयार हुआ था। ऐसे में अब जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में उनके मौन व्रत को कई लोग एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत के रूप में देख रहे हैं। हालांकि, इस समर्थन का संबंधित संगठन या आंदोलन की राजनीतिक संभावनाओं पर क्या असर पड़ेगा, यह कहना अभी जल्दबाज़ी होगी।1
- बहराइच में भारत-नेपाल सीमा पर 42वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की बॉर्डर इंटरैक्शन टीम ने एक 16 वर्षीय नाबालिग नेपाली किशोरी को मानव तस्करी का शिकार होने से बचा लिया है। एसएसबी की तत्परता से इस पूरी साजिश का पर्दाफाश हुआ, जिसके बाद आरोपी युवक को नेपाल पुलिस के हवाले कर दिया गया और किशोरी को पुनर्वास के लिए संबंधित नेपाली संस्था को सौंप दिया गया। यह मामला 21 जुलाई की रात करीब 8:45 बजे का है, जब सीमा पर नियमित जांच के दौरान नेपाल से भारत में प्रवेश कर रही किशोरी और उसके साथ मौजूद एक युवक को संदेह के आधार पर रोका गया। पूछताछ में किशोरी ने अपना नाम मोनिका (16 वर्ष) और युवक ने अपना नाम बिरेन्द्र बस्नेत (19 वर्ष) बताया, जो नेपाल के जाजरकोट जिले के ग्राम जुनी चाँदे (वार्ड-1) के निवासी हैं। युवक ने खुद को किशोरी का बड़ा भाई बताते हुए दावा किया कि वह उसे इलाज के लिए हिमाचल प्रदेश के शिमला ले जा रहा है। हालांकि, वह इस संबंध में कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका और परिजनों से संपर्क करने पर भी उसके दावों की पुष्टि नहीं हुई। दोनों के बयानों में विरोधाभास मिलने पर एसएसबी ने उन्हें एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के समक्ष प्रस्तुत किया, जहाँ अलग-अलग पूछताछ और काउंसलिंग में स्पष्ट हो गया कि किशोरी को मानव तस्करी के उद्देश्य से भारत लाया जा रहा था। वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, नेपाल पुलिस, देहात इंडिया और मानव सेवा संस्थान सेवा के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में किशोरी को सुरक्षा एवं पुनर्वास के लिए नेपाली गैर-सरकारी संस्था 'शांतिपूर्ण स्थापना गृह' के सुपुर्द कर दिया गया, वहीं आरोपी बिरेन्द्र बस्नेत को आगे की विधिक कार्रवाई के लिए नेपाल पुलिस को सौंप दिया गया।2
- उत्तर प्रदेश के जनपद बहराइच स्थित दरगाह शरीफ थाना पुलिस पर सलारपुर गाँव के रहने वाले बेहद गरीब बाबूलाल (पुत्र पूरन) को थाने में बिठाकर ₹50,000 की अवैध वसूली मांगने का गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि थाना प्रभारी द्वारा बाबूलाल को 22 तारीख की सुबह 10:00 बजे बुलाया गया था और 23 जुलाई तक जांच पूरी करने के नाम पर बिना वजह थाने में ही बिठाकर रखा गया है। पीड़ित की पत्नी दर-बदर भटकने को मजबूर और बेबस है। इस संबंध में जब थाना प्रभारी से वार्ता की गई तो उन्होंने जांच जारी रहने की बात कहकर फोन काट दिया, जबकि बिना कोई आरोप सिद्ध हुए व्यक्ति को थाने में बैठाकर रखने और छोड़ने के एवज में ₹50,000 मांगे जाने की बात कही जा रही है। इस मामले में आदरणीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश और राज्य सरकार से भ्रष्ट थाना प्रभारी के विरुद्ध अति शीघ्र कठोर कार्रवाई करने तथा पीड़ित बाबूलाल को छुड़वाने का अनुरोध किया गया है। साथ ही एंटी करप्शन टीम की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए थाना प्रभारी के खिलाफ सशक्त कार्रवाई की मांग की गई है।2
- उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के विशेश्वरगंज इलाके में एक बेटे ने अपनी मां की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। इस खौफनाक वारदात के सामने आते ही पूरे गांव में हड़कंप और सनसनी मच गई है।1