पांच सूत्रीय मांगोंपरफूलियाकलां में आमरण अनशन शुरू,सीएचसी परिसर के बाहर ग्रामीणों का सत्याग्रह* *डॉक्टरों की स्थायी नियुक्ति, पेयजल संकट, अवैध खनन पर रोक, एमजीजी स्कूल भवन व श्री कल्याण विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति सहित प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन तेज* फूलियाकलां (के.एम.कुरैशी)क्षेत्र की लम्बे अरसे से लंबित जनसमस्याओं के समाधान की मांग को लेकर फूलियाकलां में बुधवार से आमजन का आंदोलन शुरू हो गया। प्रशासन को कई बार ज्ञापन देने, जनकल्याण ग्रामीण सेवा शिविरों तथा फॉलो-अप शिविरों में समस्याएं उठाने के बावजूद समाधान नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने अब आंदोलन का रास्ता अपनाते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिसर के बाहर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन प्रारंभ कर दिया है। छात्र नेता शिवराज आचार्य एवं दिनेश कुमार माली के नेतृत्व में शुरू हुए इस शांतिपूर्ण आंदोलन से पूर्व उपखंड अधिकारी, फूलियाकलां को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन को अपनी मांगों से अवगत कराया गया। इसके बाद बुधवार सुबह 9 बजे से ग्रामीणों ने सीएचसी परिसर के बाहर आमरण अनशन शुरू कर दिया। अनशन स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा एवं सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे और आंदोलन को समर्थन दिया। ज्ञापन में कहा गया है कि क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को लेकर कई बार प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया गया, लेकिन अब तक किसी भी मांग पर प्रभावी एवं संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। इससे आमजन में गहरा असंतोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण आंदोलन उनका संवैधानिक अधिकार है और इसी भावना के साथ आमरण अनशन प्रारंभ किया गया है। अनशनकारियों ने प्रशासन के समक्ष पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थायी एवं योग्य चिकित्सकों की नियुक्ति, क्षेत्र में नियमित एवं समयबद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना, अवैध खनन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाना, वार्ड संख्या 15 स्थित एमजीजी स्कूल के भवन निर्माण को स्वीकृति प्रदान करना तथा श्री कल्याण राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में रिक्त शिक्षकों के पदों पर शीघ्र नियुक्ति करना शामिल है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इन जनहित से जुड़े मुद्दों पर लंबे समय से केवल आश्वासन मिलते रहे हैं, जबकि धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और पर्यावरण जैसे बुनियादी विषयों की लगातार अनदेखी से क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में प्रशासन को पूर्व में ही स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि यदि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की गई तो 29 जुलाई से आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। निर्धारित समय तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन शुरू कर दिया गया। अनशनकारियों ने स्पष्ट किया कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा तथा कानून-व्यवस्था का पूर्ण पालन किया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से वर्षों से लंबित जनसमस्याओं का शीघ्र समाधान कर क्षेत्रवासियों को राहत प्रदान करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक पांचों मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आमरण अनशन जारी रहेगा। साथ ही कहा कि यदि इसके बावजूद भी समस्याओं की अनदेखी की गई तो आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
पांच सूत्रीय मांगोंपरफूलियाकलां में आमरण अनशन शुरू,सीएचसी परिसर के बाहर ग्रामीणों का सत्याग्रह* *डॉक्टरों की स्थायी नियुक्ति, पेयजल संकट, अवैध खनन पर रोक, एमजीजी स्कूल भवन व श्री कल्याण विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति सहित प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन तेज* फूलियाकलां (के.एम.कुरैशी)क्षेत्र की लम्बे अरसे से लंबित जनसमस्याओं के समाधान की मांग को लेकर फूलियाकलां में बुधवार से आमजन का आंदोलन शुरू हो गया। प्रशासन को कई बार ज्ञापन देने, जनकल्याण ग्रामीण सेवा शिविरों तथा फॉलो-अप शिविरों में समस्याएं उठाने के बावजूद समाधान नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने अब आंदोलन का रास्ता अपनाते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिसर के बाहर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन प्रारंभ कर दिया है। छात्र नेता शिवराज आचार्य एवं दिनेश कुमार माली के नेतृत्व में शुरू हुए इस शांतिपूर्ण आंदोलन से पूर्व उपखंड अधिकारी, फूलियाकलां को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन को अपनी मांगों से अवगत कराया गया। इसके बाद बुधवार सुबह 9 बजे से ग्रामीणों ने सीएचसी परिसर के बाहर आमरण अनशन शुरू कर दिया। अनशन स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा एवं सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे और आंदोलन को समर्थन दिया। ज्ञापन में कहा गया है कि क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को लेकर कई बार प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया गया, लेकिन अब तक किसी भी मांग पर प्रभावी एवं संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। इससे आमजन में गहरा असंतोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण आंदोलन उनका संवैधानिक अधिकार है और इसी भावना के साथ आमरण अनशन प्रारंभ किया गया है। अनशनकारियों ने प्रशासन के समक्ष पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थायी एवं योग्य चिकित्सकों की नियुक्ति, क्षेत्र में नियमित एवं समयबद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना, अवैध खनन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाना, वार्ड संख्या 15 स्थित एमजीजी स्कूल के भवन निर्माण को स्वीकृति प्रदान करना तथा श्री कल्याण राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में रिक्त शिक्षकों के पदों पर शीघ्र नियुक्ति करना शामिल है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इन जनहित से जुड़े मुद्दों पर लंबे समय से केवल आश्वासन मिलते रहे हैं, जबकि धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और पर्यावरण जैसे बुनियादी विषयों की लगातार अनदेखी से क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में प्रशासन को पूर्व में ही स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि यदि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की गई तो 29 जुलाई से आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। निर्धारित समय तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन शुरू कर दिया गया। अनशनकारियों ने स्पष्ट किया कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा तथा कानून-व्यवस्था का पूर्ण पालन किया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से वर्षों से लंबित जनसमस्याओं का शीघ्र समाधान कर क्षेत्रवासियों को राहत प्रदान करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक पांचों मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आमरण अनशन जारी रहेगा। साथ ही कहा कि यदि इसके बावजूद भी समस्याओं की अनदेखी की गई तो आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
- आईटीआई नसीराबाद का मेगा प्रवेश अभियान तेज, 28 जुलाई अंतिम तिथि; गांव-गांव पहुंचकर विद्यार्थियों को किया जागरूक आईटीआई नसीराबाद का मेगा प्रवेश अभियान तेज, 28 जुलाई अंतिम तिथि; गांव-गांव पहुंचकर विद्यार्थियों को किया जागरूक1
- भीलवाड़ा के प्रमुख चौराहे का नाम 'संत शिरोमणि श्री राजूराम जी महाराज सर्कल' करने की मांग भीलवाड़ा के प्रमुख चौराहे का नाम 'संत शिरोमणि श्री राजूराम जी महाराज सर्कल' करने की मांग भीलवाड़ा तेली (साहु) समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शहर के ईरास सर्किल अथवा किसी अन्य प्रमुख चौराहे का नाम 'संत शिरोमणि श्री राजूराम जी महाराज सर्कल' रखने तथा वहां संत राजूराम जी महाराज का स्मारक निर्माण कराने की अनुमति देने की मांग की। समाज के अध्यक्ष नानूराम तेली ने बताया कि संत शिरोमणि श्री राजूराम जी महाराज का जन्म विक्रम संवत 1663 में जोधपुर जिले के गाणा मंगरा (बिलाड़ा) गांव में हुआ था। वे लोकदेवता बाबा रामदेव जी के परम भक्त थे और उन्होंने समाज में भक्ति, सद्भावना, मानवता तथा भेदभाव मिटाने का संदेश दिया। उन्होंने विक्रम संवत 1777 में पाली जिले के बगड़ी नगर स्थित रामदेव मंदिर में जीवित समाधि ली। वर्तमान में राजस्थान सहित देशभर में उनके लाखों अनुयायी हैं। समाज के सचिव पप्पू लाल तेली ने बताया कि भीलवाड़ा में भी संत राजूराम जी महाराज के प्रति समाज के लोगों में गहरी आस्था है। नई पीढ़ी को उनके आदर्शों और प्रेरणादायी जीवन से परिचित कराने तथा जनभावनाओं का सम्मान करने के उद्देश्य से शहर के किसी प्रमुख चौराहे, विशेष रूप से ईरास सर्किल, का नाम उनके नाम पर रखा जाना चाहिए। साथ ही वहां उनकी प्रतिमा एवं स्मारक निर्माण की स्वीकृति भी प्रदान की जाए। प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में ज्ञापन की प्रतियां नगर विकास न्यास के सचिव एवं नगर निगम आयुक्त को भी भेजकर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया। ज्ञापन सौंपने के दौरान अध्यक्ष नानूराम तेली, सचिव पप्पू लाल तेली, राजू आसरवा, नन्दलाल तेली आम्बा, दुर्गेश तेली, पूर्व पार्षद गोपाल तेली, कालू सोनावा, गोपाल तेली सांगवा, राजू तेली, एडवोकेट प्रताप तेली, गोपाल अग्रवाल, शंकर तेली, किशन तेली, शिव तेली, दिनेश तेली दादीया, प्यारेलाल तेली, श्यामलाल तेली, विष्णु कुमार तेली सहित समाज के अनेक पदाधिकारी, प्रबुद्ध नागरिक एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- स्थानांतरण पर प्रधानाचार्य का भावुक सम्मान, मंदिर व गौशाला को दी सहयोग राशि स्थानांतरण पर प्रधानाचार्य का भावुक सम्मान, मंदिर व गौशाला को दी सहयोग राशि दूनी/टोंक (हरि शंकर माली)। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चांदली के प्रधानाचार्य चंद्र प्रकाश माहेश्वरी के अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी द्वितीय (समग्र शिक्षा), देवली के पद पर स्थानांतरण होने पर विद्यालय परिवार ने उन्हें भावभीनी विदाई दी। इस अवसर पर शिक्षकों एवं ग्रामीणों ने तिलक लगाकर, साफा पहनाकर तथा माल्यार्पण कर उनके सेवाकाल की सराहना की और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। विदाई समारोह के दौरान प्रधानाचार्य माहेश्वरी ने विद्यालय के लिए साउंड सिस्टम भेंट किया। साथ ही सामाजिक सरोकार का परिचय देते हुए चारभुजा मंदिर में माइक एवं साउंड व्यवस्था के लिए ₹11,000 तथा गौशाला में गायों के चारे की व्यवस्था हेतु ₹5,100 की सहयोग राशि प्रदान की। भंवर लाल वैष्णव ने बताया कि समारोह में बंथली की प्रधानाचार्य अनिता लाठी, शंकर लाल सोनी, रामप्रसाद प्रजापति, ओमप्रकाश सोनी, अक्षय पत्रिया सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। इनमें रामकरण प्रजापति, छीतर धाकड़, छीतर डागर, शिवपाल नागर, सागर जांगिड़, रामस्वरूप पांचाल, रतन प्रजापति, दुर्गालाल नागर, राजेंद्र प्रजापति, संपत धाकड़, परमेश्वर धाकड़, अंतिमा गौतम एवं निर्मला धाकड़ प्रमुख रूप से शामिल रहे।1
- गुरु पूर्णिमा पर कैबिनेट मंत्री सुरेश सिंह रावत ने साधु संतों का किया सम्मान गुरु पूर्णिमा पर कैबिनेट मंत्री सुरेश सिंह रावत ने साधु-संतों का किया सम्मान अजमेर/पुष्कर। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री सुरेश सिंह रावत ने विभिन्न धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर साधु-संतों का सम्मान किया तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है। गुरु ही ज्ञान, संस्कार और सही मार्गदर्शन का स्रोत हैं। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए समाज में आध्यात्मिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान साधु-संतों का पुष्पमाला एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। सभी ने प्रदेश में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।1
- सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण के लिए जागरूकता सबसे प्रभावी सुरक्षा: एडीजे दिनेश कुमार जलुथरिया सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण के लिए जागरूकता सबसे प्रभावी सुरक्षा: एडीजे दिनेश कुमार जलुथरिया दूनी/टोंक (हरि शंकर माली)। पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, देवली में “विद्यार्थियों के विरुद्ध यौन उत्पीड़न एवं विधिक संरक्षण“ विषय पर आयोजित विशेष विधिक जागरूकता सत्र में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टोंक के सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश दिनेश कुमार जलुथरिया ने विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक शैक्षणिक वातावरण के महत्व तथा उपलब्ध कानूनी संरक्षण की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यौन उत्पीड़न केवल एक आपराधिक कृत्य नहीं, बल्कि किसी विद्यार्थी की गरिमा, आत्मसम्मान, मानसिक स्वास्थ्य और शिक्षा के अधिकार पर गंभीर आघात है। प्रत्येक छात्र-छात्रा को भयमुक्त वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। उन्होंने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21, अनुच्छेद 15(3) एवं अनुच्छेद 39 ए का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रत्येक नागरिक को गरिमापूर्ण जीवन, समान संरक्षण तथा पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने का अधिकार है। उन्होंने विद्यार्थियों को पाॅक्सो अधिनियम, 2012 तथा कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 की जानकारी देते हुए बताया कि अनुचित स्पर्श, अश्लील टिप्पणी, आपत्तिजनक संदेश, सोशल मीडिया के माध्यम से उत्पीड़न, निजी फोटो या वीडियो साझा करना तथा किसी भी प्रकार का ऑनलाइन या ऑफलाइन यौन उत्पीड़न कानून के तहत दंडनीय अपराध है। सचिव ने विद्यार्थियों को अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने की सलाह देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति अनुचित स्पर्श करे, अशोभनीय व्यवहार करे अथवा किसी भी प्रकार से असहज महसूस कराए तो उसे कभी सामान्य न समझें। ऐसी स्थिति में स्पष्ट रूप से विरोध करें, तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाएं तथा बिना किसी डर या संकोच के अपने माता-पिता, शिक्षक, विद्यालय प्रशासन या किसी विश्वसनीय वयस्क को तत्काल जानकारी दें। उन्होंने सोशल मीडिया का सावधानीपूर्वक उपयोग करने, निजी जानकारी साझा करने से बचने तथा किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धमकी या ब्लैकमेल की स्थिति में तुरंत शिकायत करने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी विद्यार्थी के साथ ऐसी घटना होती है तो उसे भय, शर्म या सामाजिक दबाव के कारण चुप नहीं रहना चाहिए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता, कानूनी परामर्श, पैनल अधिवक्ता की सेवाएं, आवश्यकतानुसार मनोवैज्ञानिक परामर्श तथा राजस्थान पीड़ित प्रतिकर योजना के अंतर्गत सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने बताया कि कानूनी सहायता के लिए नालसा हेल्पलाइन 15100, आपातकालीन पुलिस सहायता के लिए 112 अथवा 100 तथा 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों से संबंधित मामलों में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर संपर्क किया जा सकता है। तालुका सचिव विजय गौड़ एवं पैरा लीगल वाॅलंटियर भगवान कंवर उपस्थित रहे तथा उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग प्रदान किया।1
- आज मारवाड़ जंक्शन स्थित श्री झांझरिया हनुमान मंदिर की पावन धरा पर वीर बजरंगबली के आशीर्वाद से लगभग ₹150 करोड़ की लागत से निर्मित विभिन्न विकास कार्यों जिसमें मारवाड़ जंक्शन स्काई ओवर ब्रिज, रानी से भीमालिया सड़क, सवराड़ नदी पुल तथा सिरियारी नदी पुल का लोकार्पण एवं विभिन्न कार्यों के शिलान्यास करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। यह महत्वपूर्ण परियोजना क्षेत्र की सड़क संपर्क व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ आवागमन को सुगम, सुरक्षित एवं तीव्र गति प्रदान करेगी। साथ ही, यह मारवाड़ और मेवाड़ के बीच कनेक्टिविटी को नई गति देकर दोनों क्षेत्रों के सामाजिक, आर्थिक एवं व्यावसायिक संबंधों को और अधिक सशक्त बनाएगी। इससे स्थानीय नागरिकों, व्यापार, कृषि गतिविधियों तथा क्षेत्रीय विकास को नई ऊर्जा मिलेगी। कार्यक्रम में मारवाड़ जंक्शन विधायक श्री केसाराम चौधरी जी, पूर्व सांसद श्री पुष्प जैन जी, जिला अध्यक्ष श्री सुनील भंडारी जी, पूर्व प्रधान श्री मंगलाराम देवासी जी व श्री सुमेर सिंह जी, समस्त मंडल अध्यक्ष, जिला पदाधिकारी, मोर्चा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधिगण, कार्यकर्ता एवं देवतुल्य जनता उपस्थित रही।1
- भोपाल में किसानों का मन आंदोलन चल चुका है तो सड़कों पर आ गए1