आज हरिद्वार में हुई गृहमंत्री की रैली के बाद ये तो साफ हो गया है कि राज्य में बार बार उड़ाई जा रही मुख्यमंत्री बदलने की ख़बरों का कोई आधार नहीं है। क्योंकि अगर गृहमंत्री धामी के चार साल बेमिसाल मान रहे हैं तो फिर पांचवा साल भी ठीक ही रहेगा लेकिन गृहमंत्री धामी के साथ त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल का भी जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री को खतरे का संकेत जरूर दे गये। क्योंकि अगर त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल को भी धामी सरकार की ही तरह उल्लेखनीय माना जा रहा है तो मतलब साफ है कि वह 2027 में मुख्यमंत्री का चेहरा भी हो सकते हैं। यहां यह भी बता दें कि अभीतक राज्य में चलती रही धामी की कुर्सी हिलने की खबरों के पीछे त्रिवेंद्र सिंह रावत का ही नाम प्रमुखता से उछाला जाता रहा है। दूसरी बात ये भी है कि आज केंद्रीय गृह मंत्री के मंच से भाषण देते हुए हरिद्वार सांसद ने एकबार भी मुख्यमंत्री का नाम नहीं लिया। अपने सवा दस मिनट के भाषण में उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सहित सभी सांसदों व उत्तराखंड सरकार के मंत्रियों का नाम तो लिया लेकिन मुख्यमंत्री का जिक्र नहीं किया। इसका यही निहितार्थ निकाला जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री की दृष्टि में धामी सरकार के चार साल बेमिसाल नहीं। हालांकि उन्होंने प्रदेश में चार साल के कामों का जिक्र जरूर किया। बता दें कि धामी सरकार के कुछ फैसलों पर हरिद्वार सांसद अपने ढंग से बेलाग टिप्पणियां करते रहे हैं।आज भी उनके तेवर से यही लगा कि कोई कितना ही बड़ा नेता आए-जाए वह अपने मानदंड और विचारधारा पर कायम हैं। (-कुमार दुष्यंत)
आज हरिद्वार में हुई गृहमंत्री की रैली के बाद ये तो साफ हो गया है कि राज्य में बार बार उड़ाई जा रही मुख्यमंत्री बदलने की ख़बरों का कोई आधार नहीं है। क्योंकि अगर गृहमंत्री धामी के चार साल बेमिसाल मान रहे हैं तो फिर पांचवा साल भी ठीक ही रहेगा लेकिन गृहमंत्री धामी के साथ त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल का भी जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री को खतरे का संकेत जरूर दे गये। क्योंकि अगर त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल को भी धामी सरकार की ही तरह उल्लेखनीय माना जा रहा है तो मतलब साफ है कि वह 2027 में मुख्यमंत्री का चेहरा भी हो सकते हैं। यहां यह भी बता दें कि अभीतक राज्य में चलती रही धामी की कुर्सी हिलने की खबरों के पीछे त्रिवेंद्र सिंह रावत का ही नाम प्रमुखता से उछाला जाता रहा है। दूसरी बात ये भी है कि आज केंद्रीय गृह मंत्री के मंच से भाषण देते हुए हरिद्वार सांसद ने एकबार भी मुख्यमंत्री का नाम नहीं लिया। अपने सवा दस मिनट के भाषण में उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सहित सभी सांसदों व उत्तराखंड सरकार के मंत्रियों का नाम तो लिया लेकिन मुख्यमंत्री का जिक्र नहीं किया। इसका यही निहितार्थ निकाला जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री की दृष्टि में धामी सरकार के चार साल बेमिसाल नहीं। हालांकि उन्होंने प्रदेश में चार साल के कामों का जिक्र जरूर किया। बता दें कि धामी सरकार के कुछ फैसलों पर हरिद्वार सांसद अपने ढंग से बेलाग टिप्पणियां करते रहे हैं।आज भी उनके तेवर से यही लगा कि कोई कितना ही बड़ा नेता आए-जाए वह अपने मानदंड और विचारधारा पर कायम हैं। (-कुमार दुष्यंत)
- Post by Dpk Chauhan1
- आज हरिद्वार में हुई गृहमंत्री की रैली के बाद ये तो साफ हो गया है कि राज्य में बार बार उड़ाई जा रही मुख्यमंत्री बदलने की ख़बरों का कोई आधार नहीं है। क्योंकि अगर गृहमंत्री धामी के चार साल बेमिसाल मान रहे हैं तो फिर पांचवा साल भी ठीक ही रहेगा लेकिन गृहमंत्री धामी के साथ त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल का भी जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री को खतरे का संकेत जरूर दे गये। क्योंकि अगर त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल को भी धामी सरकार की ही तरह उल्लेखनीय माना जा रहा है तो मतलब साफ है कि वह 2027 में मुख्यमंत्री का चेहरा भी हो सकते हैं। यहां यह भी बता दें कि अभीतक राज्य में चलती रही धामी की कुर्सी हिलने की खबरों के पीछे त्रिवेंद्र सिंह रावत का ही नाम प्रमुखता से उछाला जाता रहा है। दूसरी बात ये भी है कि आज केंद्रीय गृह मंत्री के मंच से भाषण देते हुए हरिद्वार सांसद ने एकबार भी मुख्यमंत्री का नाम नहीं लिया। अपने सवा दस मिनट के भाषण में उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सहित सभी सांसदों व उत्तराखंड सरकार के मंत्रियों का नाम तो लिया लेकिन मुख्यमंत्री का जिक्र नहीं किया। इसका यही निहितार्थ निकाला जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री की दृष्टि में धामी सरकार के चार साल बेमिसाल नहीं। हालांकि उन्होंने प्रदेश में चार साल के कामों का जिक्र जरूर किया। बता दें कि धामी सरकार के कुछ फैसलों पर हरिद्वार सांसद अपने ढंग से बेलाग टिप्पणियां करते रहे हैं।आज भी उनके तेवर से यही लगा कि कोई कितना ही बड़ा नेता आए-जाए वह अपने मानदंड और विचारधारा पर कायम हैं। (-कुमार दुष्यंत)1
- हरिद्वार: एक व्यक्ति के अचानक लापता हो जाने से परिजनों और गांव में हड़कंप मच गया। काफी तलाश के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई। बताया जा रहा है कि व्यक्ति अपनी ड्यूटी समाप्त करने के बाद अचानक कहीं चला गया था। परिवार और ग्रामीणों ने आसपास के इलाकों में काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत सक्रिय हो गई और गुमशुदा व्यक्ति की तलाश के लिए अभियान शुरू किया गया। इस दौरान बेटे ने पुलिस को बताया कि उसके पिता का स्वास्थ्य पिछले कुछ दिनों से ठीक नहीं था और वे दवाइयाँ भी ले रहे थे। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद ली। तलाश के दौरान पुलिस टीम ने करनपुर क्षेत्र के पास खेतों में बेहोशी की हालत में पड़े व्यक्ति को महज एक घंटे के भीतर ढूंढ निकाला। पुलिस द्वारा सकुशल बरामदगी के बाद परिजनों और ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी लौट आई। परिजनों ने हरिद्वार पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए उनकी तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता की सराहना की।1
- The Aman Times डोईवाला के भानिया वाला निवासी प्रसिद्ध यूट्यूबर UK07 राइडर बाबू भइया उर्फ अनुराग डोभाल मानसिक रूप से बेहद परेशान हैं। इसी कारण शनिवार देर रात को उन्होंने अपनी गाड़ी 150 की स्पीड से चलाई जो दुर्घटना का शिकार हो गई, हालांकि बाबू भइया बाल बाल बच गए। उनके एक्सीडेंट का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है, दून पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- Post by Kehar Singh1
- भाषण हो तो ऐसा जो हर कोई रह जाए हैरान बंगाल को लेकर ममता बैनर की पर की गई टिप्पणियां1
- Post by Bijnor Super News1
- Post by Dpk Chauhan1