इंडिया न्यूज टीवी 24 लाइव ने अपने दर्शकों के अपार प्रेम, विश्वास और समर्थन का उल्लेख करते हुए अब 'इंडिया विजन' के रूप में अपनी नई पहचान और संकल्प के साथ आगे बढ़ने की घोषणा की है। यह केवल एक नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि एक नई सोच, नए दृष्टिकोण और जनसेवा के प्रति और अधिक मजबूत प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मंच ने गर्व और उत्साह के साथ इस नए स्वरूप को प्रस्तुत किया है, जो दर्शकों द्वारा साझा किए गए भरोसे की कहानी बताता है। वर्षों से इंडिया न्यूज टीवी 24 लाइव ने पत्रकारिता के मूल्यों को सर्वोपरि रखते हुए समाज, राष्ट्र और आम जनमानस की आवाज बुलंद की है। इसने निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के माध्यम से किसानों की समस्याओं, युवाओं के रोजगार के सवालों, महिलाओं की सुरक्षा, गरीब और वंचित वर्ग की परेशानियों, तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने जैसे जनहित के मुद्दों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाया। अब इसी मिशन को व्यापक रूप देते हुए इंडिया विजन का मानना है कि पत्रकारिता केवल खबर दिखाने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का एक सशक्त साधन है, और मीडिया लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में जनता के अधिकारों, हितों और आवाज की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। इंडिया विजन उन लोगों का मंच बनने का दावा करता है जिनकी आवाज अक्सर सत्ता के गलियारों तक नहीं पहुंच पाती—यह दबे-कुचले, शोषित, पीड़ित और वंचित लोगों की ताकत है, जिन्हें न्याय और समर्थन की आवश्यकता है। यह संकल्प लेता है कि यदि किसी की समस्या नहीं सुनी जा रही, बात को नजरअंदाज किया जा रहा है, या अधिकारों का हनन हो रहा है, तो इंडिया विजन उनकी आवाज बनकर खड़ा रहेगा। उनकी पत्रकारिता का आधार सनसनी नहीं, बल्कि सच्चाई है, और इसका उद्देश्य टीआरपी की दौड़ में शामिल होना नहीं, बल्कि जनता का विश्वास जीतना है। वे हर खबर को तथ्यों, प्रमाणों और निष्पक्षता के आधार पर प्रस्तुत करने का संकल्प लेते हैं। आज के सूचना-बहुलता और अफवाहों के दौर में, इंडिया विजन जिम्मेदार पत्रकारिता के महत्व को समझते हुए सत्य और तथ्यपरक पत्रकारिता के मार्ग पर चलेगा, केवल खबर नहीं बल्कि उसके पीछे की सच्चाई भी सामने लाएगा। यह समाज के हर वर्ग को समान महत्व देते हुए गांव की छोटी समस्याओं से लेकर राष्ट्रीय स्तर के बड़े मुद्दों तक को गंभीरता से उठाएगा, और उनका लक्ष्य केवल घटनाओं की जानकारी देना नहीं, बल्कि उनके समाधान की दिशा में सार्थक पहल करना भी है। इसका उद्देश्य नए भारत की ऐसी तस्वीर प्रस्तुत करना है जो विकास, नवाचार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय एकता के मूल्यों पर आगे बढ़ रहा हो, साथ ही सकारात्मक प्रयासों को उजागर करने और ध्यान देने योग्य कमियों व चुनौतियों को सामने लाने का भी काम करेगा। इंडिया विजन अपने दर्शकों को अपनी सबसे बड़ी पूंजी मानते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान की भावना और पत्रकारिता की मर्यादाओं का सम्मान करेगा, केवल सत्य और जनहित के पक्ष में खड़ा रहेगा, और अपनी निष्ठा देश की जनता से होने का दावा करता है। इस नए सफर को दर्शकों, शुभचिंतकों, सहयोगियों और समाज के हर उस व्यक्ति के सहयोग और विश्वास के बिना असंभव बताया गया है, जिसके लिए उनका हृदय से धन्यवाद व्यक्त किया गया है। इंडिया विजन का संकल्प है: "हमको आपकी फिक्र है, हम सिर्फ सच दिखाते हैं। हम आपकी आवाज थे, हैं और हमेशा रहेंगे", और यह जनता की आवाज, समाज का विश्वास और नए भारत की नई पहचान बनने का वादा करता है।
इंडिया न्यूज टीवी 24 लाइव ने अपने दर्शकों के अपार प्रेम, विश्वास और समर्थन का उल्लेख करते हुए अब 'इंडिया विजन' के रूप में अपनी नई पहचान और संकल्प के साथ आगे बढ़ने की घोषणा की है। यह केवल एक नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि एक नई सोच, नए दृष्टिकोण और जनसेवा के प्रति और अधिक मजबूत प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मंच ने गर्व और उत्साह के साथ इस नए स्वरूप को प्रस्तुत किया है, जो दर्शकों द्वारा साझा किए गए भरोसे की कहानी बताता है। वर्षों से इंडिया न्यूज टीवी 24 लाइव ने पत्रकारिता के मूल्यों को सर्वोपरि रखते हुए समाज, राष्ट्र और आम जनमानस की आवाज बुलंद की है। इसने निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के माध्यम से किसानों की समस्याओं, युवाओं के रोजगार के सवालों, महिलाओं की सुरक्षा, गरीब और वंचित वर्ग की परेशानियों, तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने जैसे जनहित के मुद्दों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाया। अब इसी मिशन को व्यापक रूप देते हुए इंडिया विजन का मानना है कि पत्रकारिता केवल खबर दिखाने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का एक सशक्त साधन है, और मीडिया लोकतंत्र के चौथे स्तंभ
के रूप में जनता के अधिकारों, हितों और आवाज की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। इंडिया विजन उन लोगों का मंच बनने का दावा करता है जिनकी आवाज अक्सर सत्ता के गलियारों तक नहीं पहुंच पाती—यह दबे-कुचले, शोषित, पीड़ित और वंचित लोगों की ताकत है, जिन्हें न्याय और समर्थन की आवश्यकता है। यह संकल्प लेता है कि यदि किसी की समस्या नहीं सुनी जा रही, बात को नजरअंदाज किया जा रहा है, या अधिकारों का हनन हो रहा है, तो इंडिया विजन उनकी आवाज बनकर खड़ा रहेगा। उनकी पत्रकारिता का आधार सनसनी नहीं, बल्कि सच्चाई है, और इसका उद्देश्य टीआरपी की दौड़ में शामिल होना नहीं, बल्कि जनता का विश्वास जीतना है। वे हर खबर को तथ्यों, प्रमाणों और निष्पक्षता के आधार पर प्रस्तुत करने का संकल्प लेते हैं। आज के सूचना-बहुलता और अफवाहों के दौर में, इंडिया विजन जिम्मेदार पत्रकारिता के महत्व को समझते हुए सत्य और तथ्यपरक पत्रकारिता के मार्ग पर चलेगा, केवल खबर नहीं बल्कि उसके पीछे की सच्चाई भी सामने लाएगा। यह समाज के हर वर्ग को समान महत्व देते हुए गांव की छोटी समस्याओं से लेकर राष्ट्रीय स्तर के बड़े मुद्दों तक को गंभीरता से
उठाएगा, और उनका लक्ष्य केवल घटनाओं की जानकारी देना नहीं, बल्कि उनके समाधान की दिशा में सार्थक पहल करना भी है। इसका उद्देश्य नए भारत की ऐसी तस्वीर प्रस्तुत करना है जो विकास, नवाचार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय एकता के मूल्यों पर आगे बढ़ रहा हो, साथ ही सकारात्मक प्रयासों को उजागर करने और ध्यान देने योग्य कमियों व चुनौतियों को सामने लाने का भी काम करेगा। इंडिया विजन अपने दर्शकों को अपनी सबसे बड़ी पूंजी मानते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान की भावना और पत्रकारिता की मर्यादाओं का सम्मान करेगा, केवल सत्य और जनहित के पक्ष में खड़ा रहेगा, और अपनी निष्ठा देश की जनता से होने का दावा करता है। इस नए सफर को दर्शकों, शुभचिंतकों, सहयोगियों और समाज के हर उस व्यक्ति के सहयोग और विश्वास के बिना असंभव बताया गया है, जिसके लिए उनका हृदय से धन्यवाद व्यक्त किया गया है। इंडिया विजन का संकल्प है: "हमको आपकी फिक्र है, हम सिर्फ सच दिखाते हैं। हम आपकी आवाज थे, हैं और हमेशा रहेंगे", और यह जनता की आवाज, समाज का विश्वास और नए भारत की नई पहचान बनने का वादा करता है।
- अयोध्या स्थित राम मंदिर को लेकर कथित अनियमितताओं और करोड़ों रुपये की चोरी के आरोपों के बीच, पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का एक बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि, 'राम मंदिर में करोड़ों की चोरी की बात कही जा रही है, लेकिन हमें तो अभी सिर्फ संभावनाएं ही संभावनाएं दिखाई दे रही हैं।' सिंह ने आगे स्पष्ट किया कि उन्होंने आज तक राम मंदिर के दर्शन भी नहीं किए हैं, इसलिए इस विषय पर ज्यादा कुछ कहना उचित नहीं होगा। पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। राम मंदिर से जुड़े मामलों को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच लगातार बयानबाजी जारी है, वहीं श्रद्धालु इस पूरे विवाद पर अपनी निगाहें बनाए हुए हैं।1
- अंकुर गर्ग द्वारा गोण्डा जिले के सभी हिन्दू भाइयों से आजाद परिवार की ओर से एक खास अपील की गई है। इस अपील में जयश्रीराम, हर हर महादेव, बाबा नूरामल आजाद की जय और सनातन धर्म की जय के उद्घोष शामिल हैं।1
- अयोध्या में अवैध बालू खनन धड़ल्ले से जारी है, जिससे खनन विभाग पर निष्क्रियता और “कुंभकरण की नींद” में होने का गंभीर आरोप लग रहा है। आरोप है कि रात होते ही खनन विभाग सो जाता है और खनन माफिया सक्रिय हो जाते हैं। रिहायशी इलाकों से गुजरते अवैध खनन में लिप्त डंफर की गर्जना से आम लोग सहम जाते हैं। रात के समय शहर के हर कोने और चौराहों से ये डंफर तेज रफ्तार से गरजते हुए निकलते हैं। जानकारी के लिए जब खनन अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया जाता है, तो उनका फोन नहीं उठता। यहां तक कि अयोध्या में आए नए खनन अधिकारी पत्रकारों तक का फोन उठाना सही नहीं समझते। न तो खनन विभाग और न ही कोई अन्य जिम्मेदार यह बताने को तैयार है कि अवैध बालू कहाँ से खोदी जा रही है और कहाँ ले जाई जा रही है। इस पूरे मामले को लेकर वंदे मातरम फाउंडेशन की टीम ने जल्द ही अयोध्या के जिलाधिकारी (DM) से मुलाकात करने और खनन अधिकारी तथा अवैध खनन में लिप्त माफियाओं के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराने की घोषणा की है।1
- एक जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने भगवान राम और राम मंदिर को लेकर एक विवादास्पद टिप्पणी की है। उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाते हुए कहा कि करोड़ों रुपये लुटेरे राम के मंदिर और दरबार से लूट ले गए, जिसमें चांदी और सोना भी शामिल था, लेकिन भगवान राम उन लुटेरों को सजा नहीं दे पाए। मौर्य ने पूछा कि जो भगवान अपने मंदिर की रक्षा नहीं कर सकता, वह लोगों का भला या उनकी रक्षा कैसे कर सकता है। स्वामी प्रसाद मौर्य के इस बयान के बाद राजनीतिक और धार्मिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं आने की संभावना जताई जा रही है। उनके इस बयान को लेकर समर्थकों और विरोधियों के बीच बहस छिड़ गई है, हालांकि, संबंधित पक्षों की विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।1
- अयोध्या में राम मंदिर दान चोरी मामले को लेकर सिंधी समाज ने एक वीडियो जारी किया है। इस वीडियो के माध्यम से समाज ने बताया है कि उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए 200 किलोग्राम चांदी की ईंटें भेंट की थीं। सिंधी समाज अब यह सवाल उठा रहा है कि ये दान की गई ईंटें इस समय कहाँ हैं और इनका प्रयोग कहाँ किया गया है। समाज के प्रतिनिधि इन चांदी की ईंटों के बारे में विस्तृत जानकारी की मांग कर रहे हैं और इनकी वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने की अपील कर रहे हैं। समाज की ओर से जारी यह वीडियो, जिसमें 200 किलोग्राम चांदी की ईंटों का उल्लेख है, वायरल हो गया है।2
- पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने राम मंदिर चंदा चोरी के मामले को लेकर एक विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर भगवान राम उन लुटेरों को सजा नहीं दे पाए, तो वे आम लोगों का भला क्या कर सकते हैं। मौर्य ने यह भी सवाल उठाया कि जो अपने मंदिर की ही रक्षा नहीं कर सकता, वह आपकी रक्षा क्या करेगा।1
- अयोध्या जिले में भारतीय किसान यूनियन (BKU) के कार्यकर्ताओं ने नगर निगम कार्यालय का घेराव किया और बाद में कलेक्ट्रेट की ओर मार्च किया। यह प्रदर्शन पिछली पंचायत में नगर निगम द्वारा चिलचिलाती धूप में पीने के लिए टैंकर से 'उबलता हुआ पानी' और 'गंदा पानी' भेजे जाने के कारण उपजे आक्रोश से शुरू हुआ। किसानों की महापंचायत नगर निगम कार्यालय अयोध्या परिसर में आयोजित की गई थी, जिसमें यूरिया खाद की कालाबाजारी और थोक दर घोषित न किए जाने सहित विभिन्न समस्याओं का समाधान मांगा गया। महापंचायत के बीच नगर मजिस्ट्रेट और नायब तहसीलदार ने पहुंचकर समस्या समाधान का प्रयास किया। नगर निगम अधिकारियों को बुलाने की कोशिश करने के बाद भी जब कोई अधिकारी नहीं आया, तो क्रोधित कार्यकर्ताओं ने नगर निगम का घेराव कर दिया और हॉल में ही पंचायत शुरू कर दी। बाद में नगर निगम के जोनल अधिकारी और अधिशासी अभियंता मौके पर पहुंचे, जिन्होंने समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया और गंदे पानी के लिए माफी भी मांगी। हालांकि, नगर निगम के वायदे से असंतुष्ट भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट की ओर मार्च किया। रास्ते में एक बार फिर नगर मजिस्ट्रेट पहुंचे, जिन्होंने प्रधानमंत्री को संबोधित 11 सूत्रीय मांगपत्र प्राप्त किया। उन्होंने जनपदीय समस्याओं के समाधान के लिए 27 या 28 जून को जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के साथ संयुक्त बैठक करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलन समाप्त हो गया। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव घनश्याम वर्मा ने जनपद में यूरिया की कालाबाजारी का मुद्दा उठाते हुए थोक विक्रेताओं द्वारा थोक दर घोषित करने की मांग की, क्योंकि फुटकर विक्रेताओं को महंगे दाम पर खाद बेची जा रही है। उन्होंने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को भारत और किसानों के हित में न बताते हुए इसे पूरी तरह समाप्त करने की मांग भी की। राम मंदिर चढ़ावा/चंदा चोरी के सवाल पर घनश्याम वर्मा ने कहा कि वर्तमान ट्रस्टियों द्वारा मंदिर व्यवस्था ठीक से संभाली नहीं जा रही है, इसलिए राम जन्मभूमि को 'सुना' के हवाले कर दिया जाना चाहिए। पंचायत को संबोधित करने वाले अन्य नेताओं, जिनमें प्रदेश महासचिव अभयराज ब्रह्मचारी, प्रदेश सचिव श्रीराम वर्मा, फरीद अहमद, मध्यांचल सचिव सूर्यनाथ वर्मा, जिला अध्यक्ष राम गणेश मौर्य और महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष सुमन पांडे शामिल थे, ने चेतावनी दी कि यदि जिला प्रशासन किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं करता है, तो एक बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा। इस प्रदर्शन में जिला उपाध्यक्ष शंकरपाल पांडे, भागीरथी वर्मा, जिला सचिव राजदेव यादव सहित सैकड़ों कार्यकर्ता, पदाधिकारी और किसानों ने भाग लिया।2
- इंडिया न्यूज टीवी 24 लाइव ने अपने दर्शकों के अपार प्रेम, विश्वास और समर्थन का उल्लेख करते हुए अब 'इंडिया विजन' के रूप में अपनी नई पहचान और संकल्प के साथ आगे बढ़ने की घोषणा की है। यह केवल एक नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि एक नई सोच, नए दृष्टिकोण और जनसेवा के प्रति और अधिक मजबूत प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मंच ने गर्व और उत्साह के साथ इस नए स्वरूप को प्रस्तुत किया है, जो दर्शकों द्वारा साझा किए गए भरोसे की कहानी बताता है। वर्षों से इंडिया न्यूज टीवी 24 लाइव ने पत्रकारिता के मूल्यों को सर्वोपरि रखते हुए समाज, राष्ट्र और आम जनमानस की आवाज बुलंद की है। इसने निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के माध्यम से किसानों की समस्याओं, युवाओं के रोजगार के सवालों, महिलाओं की सुरक्षा, गरीब और वंचित वर्ग की परेशानियों, तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने जैसे जनहित के मुद्दों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाया। अब इसी मिशन को व्यापक रूप देते हुए इंडिया विजन का मानना है कि पत्रकारिता केवल खबर दिखाने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का एक सशक्त साधन है, और मीडिया लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में जनता के अधिकारों, हितों और आवाज की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। इंडिया विजन उन लोगों का मंच बनने का दावा करता है जिनकी आवाज अक्सर सत्ता के गलियारों तक नहीं पहुंच पाती—यह दबे-कुचले, शोषित, पीड़ित और वंचित लोगों की ताकत है, जिन्हें न्याय और समर्थन की आवश्यकता है। यह संकल्प लेता है कि यदि किसी की समस्या नहीं सुनी जा रही, बात को नजरअंदाज किया जा रहा है, या अधिकारों का हनन हो रहा है, तो इंडिया विजन उनकी आवाज बनकर खड़ा रहेगा। उनकी पत्रकारिता का आधार सनसनी नहीं, बल्कि सच्चाई है, और इसका उद्देश्य टीआरपी की दौड़ में शामिल होना नहीं, बल्कि जनता का विश्वास जीतना है। वे हर खबर को तथ्यों, प्रमाणों और निष्पक्षता के आधार पर प्रस्तुत करने का संकल्प लेते हैं। आज के सूचना-बहुलता और अफवाहों के दौर में, इंडिया विजन जिम्मेदार पत्रकारिता के महत्व को समझते हुए सत्य और तथ्यपरक पत्रकारिता के मार्ग पर चलेगा, केवल खबर नहीं बल्कि उसके पीछे की सच्चाई भी सामने लाएगा। यह समाज के हर वर्ग को समान महत्व देते हुए गांव की छोटी समस्याओं से लेकर राष्ट्रीय स्तर के बड़े मुद्दों तक को गंभीरता से उठाएगा, और उनका लक्ष्य केवल घटनाओं की जानकारी देना नहीं, बल्कि उनके समाधान की दिशा में सार्थक पहल करना भी है। इसका उद्देश्य नए भारत की ऐसी तस्वीर प्रस्तुत करना है जो विकास, नवाचार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय एकता के मूल्यों पर आगे बढ़ रहा हो, साथ ही सकारात्मक प्रयासों को उजागर करने और ध्यान देने योग्य कमियों व चुनौतियों को सामने लाने का भी काम करेगा। इंडिया विजन अपने दर्शकों को अपनी सबसे बड़ी पूंजी मानते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान की भावना और पत्रकारिता की मर्यादाओं का सम्मान करेगा, केवल सत्य और जनहित के पक्ष में खड़ा रहेगा, और अपनी निष्ठा देश की जनता से होने का दावा करता है। इस नए सफर को दर्शकों, शुभचिंतकों, सहयोगियों और समाज के हर उस व्यक्ति के सहयोग और विश्वास के बिना असंभव बताया गया है, जिसके लिए उनका हृदय से धन्यवाद व्यक्त किया गया है। इंडिया विजन का संकल्प है: "हमको आपकी फिक्र है, हम सिर्फ सच दिखाते हैं। हम आपकी आवाज थे, हैं और हमेशा रहेंगे", और यह जनता की आवाज, समाज का विश्वास और नए भारत की नई पहचान बनने का वादा करता है।3