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देवास जिले के हाटपीपल्या नगर में मोहर्रम का पर्व अत्यंत उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इसी क्रम में, मोहर्रम की आठवीं तारीख को परचम निकाला गया।
पत्रकार करीम खान H. p
देवास जिले के हाटपीपल्या नगर में मोहर्रम का पर्व अत्यंत उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इसी क्रम में, मोहर्रम की आठवीं तारीख को परचम निकाला गया।
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- देवास जिले के हाटपीपल्या नगर में मोहर्रम का पर्व अत्यंत उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इसी क्रम में, मोहर्रम की आठवीं तारीख को परचम निकाला गया।1
- सोनकच्छ में एक पुराने विवाद में राजीनामा की बात को लेकर एक ही समाज के दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। इस झड़प में कुल 15 लोग घायल हुए हैं। घायलों में तीन महिलाएं और दो बच्चे भी शामिल हैं।1
- पुलिस के अनुसार, कुछ आरोपियों ने खुद को पत्रकार बताकर एक कॉलोनी संचालक को ब्लैकमेल किया। वे कॉलोनी और उसके व्यवसाय को बदनाम करने की धमकी दे रहे थे, साथ ही खबरें प्रकाशित करने की बात कहकर लगातार दबाव बना रहे थे। इस दौरान आरोपियों ने पीड़ित से ऑनलाइन लेनदेन के माध्यम से 4 लाख 80 हजार रुपये प्राप्त किए। इतनी रकम वसूलने के बाद भी उनकी मांगें समाप्त नहीं हुईं, बल्कि उन्होंने पीड़ित से एक फ्लैट की भी मांग की। इस लगातार हो रही ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर पीड़ित ने बाणगंगा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के बाद चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया, जिसमें मुख्य आरोपी अनवर खान को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस फिलहाल मामले में शामिल अन्य दो आरोपियों की तलाश कर रही है और पूरे नेटवर्क के साथ-साथ सभी लेनदेन की भी गहनता से जांच कर रही है।1
- इंदौर में कर्बला कमेटी को बहुप्रतीक्षित अनुमति मिल गई है, जिसके बाद अब कर्बला मेला अपनी 200 साल पुरानी परंपरा के अनुसार उसी शानो शौकत से आयोजित किया जाएगा। पिछले कई दिनों से नगर निगम और कर्बला कमेटी के बीच मेले की अनुमति को लेकर खींचतान चल रही थी, जो अब समाप्त हो गई है। शहर भर में यह चर्चा का विषय बना हुआ था कि क्या इस बार यह ऐतिहासिक मेला लगेगा या नहीं, क्योंकि मैदान को लेकर कर्बला कमेटी और नगर निगम के बीच कोर्ट में एक मामला चल रहा था। कोर्ट ने यह फैसला निगम के पक्ष में सुनाया था, जिसके बाद निगम ने शुरुआत में मेला भरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। बड़ी जद्दोजहद के बाद, नगर निगम ने मेले की अनुमति आयोजन से ठीक एक दिन पहले दी है। जिला वक्फ कमेटी के अध्यक्ष रेहान शेख ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि वे इंदौर नगर निगम के महापौर, कमिश्नर, कलेक्टर और सभी जनप्रतिनिधियों के शुक्रगुजार हैं, जिन्होंने इस परंपरागत मेले को सुचारू रूप से चलने की अनुमति प्रदान की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि कमेटी अब 24 घंटे के भीतर मैदान को पूर्ण रूप से एक बड़े आयोजन के लिए तैयार कर लेगी।1
- हाटपीपल्या नगर सहित देश और प्रदेश में भी मोहर्रम का पर्व बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। देवास जिले के हाटपीपल्या में हर साल की तरह इस साल भी मोहर्रम की आठवीं तारीख को परचम जुलूस निकाला गया। यह परचम जुलूस मदीना मस्जिद से शुरू हुआ, जिसमें मुस्लिम समाज के सैकड़ों लोग शामिल थे। जुलूस का जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान समाज सेवी पार्षद बंसी तंवर और सफी मंसूरी ने साफा पहनाकर अली अखाड़े के उस्ताद खलिफा का इस्तकबाल किया। हाजी एहसान मंसूरी ने भी साफा पहनाकर अली अखाड़े के उस्ताद खलिफा का सम्मान किया। परचम जुलूस का समापन भी मदीना मस्जिद में ही किया गया।4
- देवास शहर में चल रहा महापौर का ड्रीम प्रोजेक्ट, जिसका उद्देश्य सड़कों का चौड़ीकरण है, बेतरतीब विकास का शिकार बन गया है। इस परियोजना के कारण शहर में हर तरफ खुदाई और अव्यवस्था का आलम है, जिससे नागरिक और व्यापारी बुरी तरह प्रभावित हैं। उल्लेखनीय है कि देवास विधानसभा क्षेत्र बीते 36 सालों से भाजपा का गढ़ रहा है, और वर्तमान में जिले की सभी पाँचों सीटों पर भाजपा काबिज है। नगर निगम, प्रदेश और देश में भी भाजपा का ही शासन है, ऐसे में शहर के विकास की स्थिति पर सवाल उठाए जा रहे हैं। शहर के मुख्य मार्ग एमजी रोड के चौड़ीकरण की बात लगभग पचास साल पहले से उठती रही है। पूर्व में एक बार तत्कालीन जिलाधीश गौरीसिंह ने भी इस दिशा में प्रयास किया था, लेकिन वह प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ सका। बढ़ती जनसंख्या और अतिक्रमण के कारण एमजी रोड पर जाम लगना आम बात हो गई थी, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा था, खासकर तीज-त्योहारों पर सयाजी द्वार से तहसील चौराहे और नावलटी चौराहे से सुभाष चौक तक यातायात की स्थिति बद से बदतर हो जाती थी। बीते नवंबर से महापौर के ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में चौड़ीकरण का श्रीगणेश हुआ, जिसे बड़े-बड़े सपनों, एआई निर्मित सुंदर तस्वीरों, और स्वैच्छिक अतिक्रमण हटाने के लिए गुलाब के फूल देने जैसे आयोजनों के साथ शुरू किया गया। नवंबर से शुरू हुए इस चौड़ीकरण ने शहर के मुख्य मार्ग की दशा ही बदल दी है। कभी लोगों के विरोध, कभी राजनैतिक दबाव, कभी काम की कछुआ चाल तो कभी मौसम के कारण यह प्रोजेक्ट आज तक पूरा नहीं हो पाया है। व्यवसायी अपने चौपट धंधों से परेशान हैं, वहीं नगर निगम ठेकेदारों के ढीले रवैये से जूझ रहा है। आयुक्त ने हाल ही में स्थिति का मुआयना करने के बाद ठेकेदार पर उनके ढीले काम के लिए पाँच लाख रुपये की पेनल्टी भी लगाई है। वर्तमान में सयाजी द्वार से लेकर जनता बैंक तक आने-जाने में लोगों को काफी परेशानी हो रही है। सड़कों पर दोनों तरफ नालियों की खुदाई, बीच में मिट्टी के ढेर और बरसात की शुरुआत से वाहन चालकों के लिए तो छोड़िए, पैदल चलना भी दूभर हो गया है। नागरिकों को विशाल कुल्फी, फिर आगे तहसील चौराहा, पीपली बाजार, नावलटी चौराहे से सुभाष चौक तक कहाँ कौन सा रास्ता खुदा है, यह तक पता नहीं चल पा रहा है। थोड़ी सी बारिश में ही ज्वैलर्स बाजार से सुभाष चौक, तीन बत्ती, तहसील चौराहे तक हर जगह कीचड़, पानी और जाम की स्थिति बन जाती है। चौपट धंधों और जेसीबी की मार से परेशान व्यापारी इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि नवंबर से शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट आखिर कब पूरा होगा, खासकर बारिश और सामने आ रहे त्योहारों के बीच यह बेतरतीब विकास का शिकार एमजी रोड का ड्रीम प्रोजेक्ट कब पूरा होगा, यह राम ही जाने।2