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निमचक बाथानी प्रखंड के अजय नगर में विवाह समारोह में शामिल हुए अजय नगर निवासी दसरथ राजवंशी जी की सुपुत्री के शुभ विवाह समारोह में शामिल होकर नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर परिवार के सदस्यों एवं गणमान्य लोगों से मुलाकात कर खुशी साझा की। ईश्वर से दोनों के सुखद, समृद्ध और खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना की।

21 hrs ago
user_MD aurangzeb
MD aurangzeb
Voice of people नीम चक बथानी, गया, बिहार•
21 hrs ago
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निमचक बाथानी प्रखंड के अजय नगर में विवाह समारोह में शामिल हुए अजय नगर निवासी दसरथ राजवंशी जी की सुपुत्री के शुभ विवाह समारोह में शामिल होकर नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर परिवार के सदस्यों एवं गणमान्य लोगों से मुलाकात कर खुशी साझा की। ईश्वर से दोनों के सुखद, समृद्ध और खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना की।

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  • Post by MD aurangzeb
    3
    Post by MD aurangzeb
    user_MD aurangzeb
    MD aurangzeb
    Voice of people नीम चक बथानी, गया, बिहार•
    21 hrs ago
  • दूध से भरा हुआ साइकिल गिरा दिया
    1
    दूध से भरा हुआ साइकिल गिरा दिया
    user_Singer Ravi Tiger
    Singer Ravi Tiger
    Artist राजगीर, नालंदा, बिहार•
    6 hrs ago
  • ShivSena Nalanda
    1
    ShivSena Nalanda
    user_Nishar Ahmed
    Nishar Ahmed
    Political party office Nalanda, Bihar•
    31 min ago
  • ये तस्वीरें आपको बिचलित कर सकती हैँ! ये तस्वीरें आपको अंदर से झकझोर सकती हैँ! लेकिन उससे पहले देश का सिस्टम समझ लीजिये! एक ऐसा देश जहाँ सरकारी अधिकारी और नेताओं के अगर कुत्ते गुम हो जाएं तो पुरा सिस्टम लग जाता है! ये वही देश है जहाँ मंत्री के भैंस गुम होने पर वहाँ के पुरा थाना पुरे इलाके की खाख छान मार देता है! इसी देश की सरकारी बैंक के हज़ारो करोड़ रूपये लेकर लोग हवा में उड़ जाते है!और इसी भारत देश में एक गरीब आदिवासी अपने मृत बहन की कंकाल को कंधो पर लेकर मिलो पैदल चल बैंक पहुंचता है! क्योंकि वो जबतक साबित नहीं करेंगा की उसकी बहन मर चुकी है! बैंक के खाते में पड़े शोलह हज़ार रूपये उसे बैंक वाले नहीं देंगे! बंगाल आसाम चुनाव से यदि फुरसत मिल गया होगा तब ईस तस्वीर को भी देखिये लीजियेगा! और यदि देख ही लिए है तब जरा सोचिये की हमने अस्सी सालों में क्या पाया है! अस्सी सालों में हमारे कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति को क्या दिया है! ईस देश में झालमुड़ी से लेकर मांस तक सब की बाते होती है! लेकिन बाते उनकी नहीं होती जिनकी वोट लेकर सरकार चुनी जाती है! उड़ीसा से जो तस्वीर निकलकर सामने आई है उसे देख कर किसी भी भारतीय की आँखों में आंसू आ जायेगा!क्योंकि ईस भारत की तस्वीर को शायद काले चश्मे के भीतर लुटियन्स जोन में बाटने वाले नेता देख नहीं पाते! सरकारी बाबुओ को तो मलाई खाने की आदत सी लग गई है!ईस देश में एक गरीब आदिवासी की औकात क्या हो सकती है!ईस तस्वीर को देख कर आप समझ जायेंगे!ईस तस्वीर में आपको क्या दिख रहा है!ये जो आदमी है जो दिखने से ही गरीब दिख रहा है!उसके कंधे पर बोर में क्या हो सकता है!सोचिये उस बोर से जो दिख रहा है वो क्या है!तो सुनिए ईस गरीब से दिखने वाले आदिवासी आदमी का नाम है जीतू मुंडा! जीतू मुंडा की बहन की मौत दो महीने पहले हो गई थी!उसकी बहन ने उड़ीसा के ग्रामीण बैंक में खाता भी खुलवा रखा था!मरने से पहले उसने अपने मावेसिओं को बेच कर कुछ पैसे बैंक में जमा किये थे! क्योंकि जीतू मुंडा के बहन के पति और बेटे की मौत पहले ही हो चुकी थी !ऐसे में उसका कोई वारिस नहीं था, जीतू मुंडा अपने बहन के बैंक अकाउंट में जमा पैसे को निकालने केलिए उड़ीसा ग्रामीण बैंक पहुंचता है! लेकिन वहाँ बैंक में मौजूद अधिकारी उनसे कहते है की उनको सबसे पहले डेथ सर्टिफिकेट लाना होगा जिससे ये साबित हो की उसकी बहन की मौत हो चुकी हो!लेकिन जीतू मुंडा अनपढ़ और अनपढ़ होने पर देश में एक लम्बी बहस हो सकती है!क्योंकि जीतू मुंडा जैसे करोड़ो ऐसे भारतीय है जो अनपढ़ है!जो ग्रामीण इलाकों में बस्ते है जंगल इलाकों में बस्ते है!पीढ़ी दर पीढ़ी से अनपढ़ ही होते आएं है!लेकिन फिलहाल इनकी बात तो किसी चुनाव में नहीं सुनाई देता है!तो अब कहानी को आगे बढ़ाते है, जीतू मुंडा बार बार बैंक की चककर काटता है!लेकिन हर बार बैंक से यही जवाब सुनने को मिलता है की आप अपनी का बहन का डेथ सर्टिफिकेट लेकर आएं तभी बैंक से पैसे मिलेंगे!हार कर जीतू मुंडा फैसला लेता है, वो अपनी बहन की मौत को साबित करना चाहता हैँ!इसी लिए वो सीधे कब्रिस्तान जाता हैँ, जहाँ उसने दो महीने पहले उसने अपनी बहन को दफनाया था!उसके मृत शरीर को बाहर निकालता हैँ!लेकिन दो महीनों में वो शव कंकाल में तब्दील हो चुका था!उसे वो बोर में डालता हैँ!अपने कंधे पर लेता हैँ और तीन किलोमीटर पैदल चलकर ग्रामीण बैंक के बरामदे तक पहुंचता हैँ!ग्रामीण बैंक के बरामदे में वो शव रख देता हैँ!बैंक अधिकारी ईस हरकत को देख कर हक्के बक्के हो जाते हैँ!वो अंदर से ग्रिल बंद कर देते हैँ ये खबर शहर में आग की तरह फैलती हैँ!खबर पुलिस स्टेशन तक भी पहुंच जाती हैँ!पुलिस के अधिकारी दौड़े दौड़े बैंक पहुंच जाते हैँ!और फिर जीतू को समझाने लग जाते हैँ!पुलिस के अनुसार जीतू अनपढ़ हैँ और कानूनी प्रक्रिया से अनजान था!पुलिस ने उसे नियम समझाया और जल्द ही पैसे दिलाने का भरोसा दिया!पुलिस के आश्वासन के बाद जीतू दुबारा कब्रिस्तान जाता हैँ और अपनी बहन के कंकाल को फिर से दफना दिया! कहने को तो यह एक मामूली घटना हो सकती हैँ!लेकिन जरा सोचिये भारत के ग्रामीण इलाको में रहने वाले जीतू जैसे ना जाने कितने करोड़ लोग रहते हैँ! इनलोग के साथ आएं दिन सरकारी विभागों में आएं दिन इसी तरह का व्यवहार किया जाता हैँ!एक अदना सा कागज लेने केलिए इन्हे बारा बार दौड़ाया जाता हैँ!बैंक के अधिकारी भी इसी आदत से मजबूर थे! उन्होंने जीतू मुंडा को देखकर ये नहीं समझा की जीतू मुंडा की स्थिति क्या हैँ!जीतू मुंडा की मदद कैसे की जा सकती हैँ!उन्होंने जीतू मुंडा के बहन के डेथ सर्टिफिकेट लाने की बात कहीं, जबकि ग्रामीण इलाकों में आम तौर पर ये होता हैँ की किसी मौत के बाद शायद ही कोई डेथ सर्टिफिकेट बनवाता हो!जीतू मुंडा के कहानी ये बताती हैँ की भारत में कतार में खड़े आख़िरी पंक्ति में लोग ईस हालत में आज भी जी रहे हैँ! फिलहाल आप इंतजार कीजिये 4 मई का क्योंकि 4 मई को 5 राज्यों के चुनाव के नतीजे आने हैँ और उसके बाद फिर नेताओं का इंटरभिव देखिये और मजा लीजिये! धन्यवाद
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    ये तस्वीरें आपको बिचलित कर सकती हैँ! ये तस्वीरें आपको अंदर से झकझोर सकती हैँ! लेकिन उससे पहले देश का सिस्टम समझ लीजिये! एक ऐसा देश जहाँ सरकारी अधिकारी और नेताओं के अगर कुत्ते गुम हो जाएं तो पुरा सिस्टम लग जाता है! ये वही देश है जहाँ मंत्री के भैंस गुम होने पर वहाँ के पुरा थाना पुरे इलाके की खाख छान मार देता है! इसी देश की सरकारी बैंक के हज़ारो करोड़ रूपये लेकर लोग हवा में उड़ जाते है!और इसी भारत देश में एक गरीब आदिवासी अपने मृत बहन की कंकाल को कंधो पर लेकर मिलो पैदल चल बैंक पहुंचता है! क्योंकि वो जबतक साबित नहीं करेंगा की उसकी बहन मर चुकी है! बैंक के खाते में पड़े शोलह हज़ार रूपये उसे बैंक वाले नहीं देंगे! बंगाल आसाम चुनाव से यदि फुरसत मिल गया होगा तब ईस तस्वीर को भी देखिये लीजियेगा! और यदि देख ही लिए है तब जरा सोचिये की हमने अस्सी सालों में क्या पाया है! अस्सी सालों में हमारे कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति को क्या दिया है! ईस देश में झालमुड़ी से लेकर मांस तक सब की बाते होती है! लेकिन बाते उनकी नहीं होती जिनकी वोट लेकर सरकार चुनी जाती है! उड़ीसा से जो तस्वीर निकलकर सामने आई है उसे देख कर किसी भी भारतीय की आँखों में आंसू आ जायेगा!क्योंकि ईस भारत की तस्वीर को शायद काले चश्मे के भीतर लुटियन्स जोन में बाटने वाले नेता देख नहीं पाते! सरकारी बाबुओ को तो मलाई खाने की आदत सी लग गई है!ईस देश में एक गरीब आदिवासी की औकात क्या हो सकती है!ईस तस्वीर को देख कर आप समझ जायेंगे!ईस तस्वीर में आपको क्या दिख रहा है!ये जो आदमी है जो दिखने से ही गरीब दिख रहा है!उसके कंधे पर बोर में क्या हो सकता है!सोचिये उस बोर से जो दिख रहा है वो क्या है!तो सुनिए ईस गरीब से दिखने वाले आदिवासी आदमी का नाम है जीतू मुंडा! जीतू मुंडा की बहन की मौत दो महीने पहले हो गई थी!उसकी बहन ने उड़ीसा के ग्रामीण बैंक में खाता भी खुलवा रखा था!मरने से पहले उसने अपने मावेसिओं को बेच कर कुछ पैसे बैंक में जमा किये थे! क्योंकि जीतू मुंडा के बहन के पति और बेटे की मौत पहले ही हो चुकी थी !ऐसे में उसका कोई वारिस नहीं था, जीतू मुंडा अपने बहन के बैंक अकाउंट में जमा पैसे को निकालने केलिए उड़ीसा ग्रामीण बैंक पहुंचता है!
लेकिन वहाँ बैंक में मौजूद अधिकारी उनसे कहते है की उनको सबसे पहले डेथ सर्टिफिकेट लाना होगा जिससे ये साबित हो की उसकी बहन की मौत हो चुकी हो!लेकिन जीतू मुंडा अनपढ़ और अनपढ़ होने पर देश में एक लम्बी बहस हो सकती है!क्योंकि जीतू मुंडा जैसे करोड़ो ऐसे भारतीय है जो अनपढ़ है!जो ग्रामीण इलाकों में बस्ते है जंगल इलाकों में बस्ते है!पीढ़ी दर पीढ़ी से अनपढ़ ही होते आएं है!लेकिन फिलहाल इनकी बात तो किसी चुनाव में नहीं सुनाई देता है!तो अब कहानी को आगे बढ़ाते है, जीतू मुंडा बार बार बैंक की चककर काटता है!लेकिन हर बार बैंक से यही जवाब सुनने को मिलता है की आप अपनी का बहन का डेथ सर्टिफिकेट लेकर आएं तभी बैंक से पैसे मिलेंगे!हार कर जीतू मुंडा फैसला लेता है, वो अपनी बहन की मौत को साबित करना चाहता हैँ!इसी लिए वो सीधे कब्रिस्तान जाता हैँ, जहाँ उसने दो महीने पहले उसने अपनी बहन को दफनाया था!उसके मृत शरीर को बाहर निकालता हैँ!लेकिन दो महीनों में वो शव कंकाल में तब्दील हो चुका था!उसे वो बोर में डालता हैँ!अपने कंधे पर लेता हैँ और तीन किलोमीटर पैदल चलकर ग्रामीण बैंक के बरामदे तक पहुंचता हैँ!ग्रामीण बैंक के बरामदे में वो शव रख देता हैँ!बैंक अधिकारी ईस हरकत को देख कर हक्के बक्के हो जाते हैँ!वो अंदर से ग्रिल बंद कर देते हैँ ये खबर शहर में आग की तरह फैलती हैँ!खबर पुलिस स्टेशन तक भी पहुंच जाती हैँ!पुलिस के अधिकारी दौड़े दौड़े बैंक पहुंच जाते हैँ!और फिर जीतू को समझाने लग जाते हैँ!पुलिस के अनुसार जीतू अनपढ़ हैँ और कानूनी प्रक्रिया से अनजान था!पुलिस ने उसे नियम समझाया और जल्द ही पैसे दिलाने का भरोसा दिया!पुलिस के आश्वासन के बाद जीतू दुबारा कब्रिस्तान जाता हैँ और अपनी बहन के कंकाल को फिर से दफना दिया! कहने को तो यह एक मामूली घटना हो सकती हैँ!लेकिन जरा सोचिये भारत के ग्रामीण इलाको में रहने वाले जीतू जैसे ना जाने कितने करोड़ लोग रहते हैँ! इनलोग के साथ आएं दिन सरकारी विभागों में आएं दिन इसी तरह का व्यवहार किया जाता हैँ!एक अदना सा कागज लेने केलिए इन्हे बारा बार दौड़ाया जाता हैँ!बैंक के अधिकारी भी इसी आदत से मजबूर थे! उन्होंने जीतू मुंडा को देखकर ये नहीं समझा की जीतू मुंडा की स्थिति क्या हैँ!जीतू मुंडा की मदद कैसे की जा सकती हैँ!उन्होंने जीतू मुंडा के बहन के डेथ सर्टिफिकेट लाने की बात कहीं, जबकि ग्रामीण इलाकों में आम तौर पर ये होता हैँ की किसी मौत के बाद शायद ही कोई डेथ सर्टिफिकेट बनवाता हो!जीतू मुंडा के कहानी ये बताती हैँ की भारत में कतार में खड़े आख़िरी पंक्ति में लोग ईस हालत में आज भी जी रहे हैँ! फिलहाल आप इंतजार कीजिये 4 मई का क्योंकि 4 मई को 5 राज्यों के चुनाव के नतीजे आने हैँ और उसके बाद फिर नेताओं का इंटरभिव देखिये और मजा लीजिये! धन्यवाद
    user_हेमन्त कुमार  सिंह
    हेमन्त कुमार सिंह
    जनहित मे समर्पित Wazirganj•
    1 hr ago
  • I am Neha Sinha please subscribe my channel
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    I am Neha Sinha please subscribe my channel
    user_Neha Sinha
    Neha Sinha
    Photographer Belaganj, Gaya•
    4 hrs ago
  • बिहार शरीफ के सुंदरगढ़ स्थित ब्रिलियंट कान्वेंट की सभागार में नारी शक्ति का स्वाभिमान विपक्ष ने फिर किया अपमान, जन आक्रोश महिला सम्मेलन का आयोजन किया गया, जहां मुख्य अतिथि के रूप में डॉक्टर पूनम शर्मा के साथ दर्जनों की संख्या में महिला कार्यकर्ता सम्मिलित हुई...
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    बिहार शरीफ के सुंदरगढ़ स्थित ब्रिलियंट कान्वेंट की सभागार में  नारी शक्ति का स्वाभिमान विपक्ष ने फिर किया अपमान,  जन आक्रोश महिला सम्मेलन का आयोजन किया गया, जहां मुख्य अतिथि के रूप में डॉक्टर पूनम शर्मा के साथ दर्जनों की संख्या में महिला कार्यकर्ता सम्मिलित हुई...
    user_ख़बरें टी वी
    ख़बरें टी वी
    Journalist Nalanda, Bihar•
    14 hrs ago
  • महिला मोर्चा की कार्यकर्ता सड़क पर उतरीं और विरोध प्रदर्शन किया।
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    महिला मोर्चा की कार्यकर्ता सड़क पर उतरीं और विरोध प्रदर्शन किया।
    user_National TV Bihar  🗞️ 📰
    National TV Bihar 🗞️ 📰
    Local News Reporter बिहार, नालंदा, बिहार•
    17 hrs ago
  • Post by त्रिलोकी नाथ
    1
    Post by त्रिलोकी नाथ
    user_त्रिलोकी नाथ
    त्रिलोकी नाथ
    गया टाउन सी.डी.ब्लॉक, गया, बिहार•
    1 hr ago
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