logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

रोंगटे खड़े कर देनी वाली बेवसी बैंक ने मांगा डेथ सर्टिफिकेट तब,बहन का 'कंकाल' कंधे पर ले बैंक पहुंच गया भाई ये तस्वीरें आपको बिचलित कर सकती हैँ! ये तस्वीरें आपको अंदर से झकझोर सकती हैँ! लेकिन उससे पहले देश का सिस्टम समझ लीजिये! एक ऐसा देश जहाँ सरकारी अधिकारी और नेताओं के अगर कुत्ते गुम हो जाएं तो पुरा सिस्टम लग जाता है! ये वही देश है जहाँ मंत्री के भैंस गुम होने पर वहाँ के पुरा थाना पुरे इलाके की खाख छान मार देता है! इसी देश की सरकारी बैंक के हज़ारो करोड़ रूपये लेकर लोग हवा में उड़ जाते है!और इसी भारत देश में एक गरीब आदिवासी अपने मृत बहन की कंकाल को कंधो पर लेकर मिलो पैदल चल बैंक पहुंचता है! क्योंकि वो जबतक साबित नहीं करेंगा की उसकी बहन मर चुकी है! बैंक के खाते में पड़े शोलह हज़ार रूपये उसे बैंक वाले नहीं देंगे! बंगाल आसाम चुनाव से यदि फुरसत मिल गया होगा तब ईस तस्वीर को भी देखिये लीजियेगा! और यदि देख ही लिए है तब जरा सोचिये की हमने अस्सी सालों में क्या पाया है! अस्सी सालों में हमारे कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति को क्या दिया है! ईस देश में झालमुड़ी से लेकर मांस तक सब की बाते होती है! लेकिन बाते उनकी नहीं होती जिनकी वोट लेकर सरकार चुनी जाती है! उड़ीसा से जो तस्वीर निकलकर सामने आई है उसे देख कर किसी भी भारतीय की आँखों में आंसू आ जायेगा!क्योंकि ईस भारत की तस्वीर को शायद काले चश्मे के भीतर लुटियन्स जोन में बाटने वाले नेता देख नहीं पाते! सरकारी बाबुओ को तो मलाई खाने की आदत सी लग गई है!ईस देश में एक गरीब आदिवासी की औकात क्या हो सकती है!ईस तस्वीर को देख कर आप समझ जायेंगे!ईस तस्वीर में आपको क्या दिख रहा है!ये जो आदमी है जो दिखने से ही गरीब दिख रहा है!उसके कंधे पर बोर में क्या हो सकता है!सोचिये उस बोर से जो दिख रहा है वो क्या है!तो सुनिए ईस गरीब से दिखने वाले आदिवासी आदमी का नाम है जीतू मुंडा! जीतू मुंडा की बहन की मौत दो महीने पहले हो गई थी!उसकी बहन ने उड़ीसा के ग्रामीण बैंक में खाता भी खुलवा रखा था!मरने से पहले उसने अपने मावेसिओं को बेच कर कुछ पैसे बैंक में जमा किये थे! क्योंकि जीतू मुंडा के बहन के पति और बेटे की मौत पहले ही हो चुकी थी !ऐसे में उसका कोई वारिस नहीं था, जीतू मुंडा अपने बहन के बैंक अकाउंट में जमा पैसे को निकालने केलिए उड़ीसा ग्रामीण बैंक पहुंचता है! लेकिन वहाँ बैंक में मौजूद अधिकारी उनसे कहते है की उनको सबसे पहले डेथ सर्टिफिकेट लाना होगा जिससे ये साबित हो की उसकी बहन की मौत हो चुकी हो!लेकिन जीतू मुंडा अनपढ़ और अनपढ़ होने पर देश में एक लम्बी बहस हो सकती है!क्योंकि जीतू मुंडा जैसे करोड़ो ऐसे भारतीय है जो अनपढ़ है!जो ग्रामीण इलाकों में बस्ते है जंगल इलाकों में बस्ते है!पीढ़ी दर पीढ़ी से अनपढ़ ही होते आएं है!लेकिन फिलहाल इनकी बात तो किसी चुनाव में नहीं सुनाई देता है!तो अब कहानी को आगे बढ़ाते है, जीतू मुंडा बार बार बैंक की चककर काटता है!लेकिन हर बार बैंक से यही जवाब सुनने को मिलता है की आप अपनी का बहन का डेथ सर्टिफिकेट लेकर आएं तभी बैंक से पैसे मिलेंगे!हार कर जीतू मुंडा फैसला लेता है, वो अपनी बहन की मौत को साबित करना चाहता हैँ!इसी लिए वो सीधे कब्रिस्तान जाता हैँ, जहाँ उसने दो महीने पहले उसने अपनी बहन को दफनाया था!उसके मृत शरीर को बाहर निकालता हैँ!लेकिन दो महीनों में वो शव कंकाल में तब्दील हो चुका था!उसे वो बोर में डालता हैँ!अपने कंधे पर लेता हैँ और तीन किलोमीटर पैदल चलकर ग्रामीण बैंक के बरामदे तक पहुंचता हैँ!ग्रामीण बैंक के बरामदे में वो शव रख देता हैँ!बैंक अधिकारी ईस हरकत को देख कर हक्के बक्के हो जाते हैँ!वो अंदर से ग्रिल बंद कर देते हैँ ये खबर शहर में आग की तरह फैलती हैँ!खबर पुलिस स्टेशन तक भी पहुंच जाती हैँ!पुलिस के अधिकारी दौड़े दौड़े बैंक पहुंच जाते हैँ!और फिर जीतू को समझाने लग जाते हैँ!पुलिस के अनुसार जीतू अनपढ़ हैँ और कानूनी प्रक्रिया से अनजान था!पुलिस ने उसे नियम समझाया और जल्द ही पैसे दिलाने का भरोसा दिया!पुलिस के आश्वासन के बाद जीतू दुबारा कब्रिस्तान जाता हैँ और अपनी बहन के कंकाल को फिर से दफना दिया! कहने को तो यह एक मामूली घटना हो सकती हैँ!लेकिन जरा सोचिये भारत के ग्रामीण इलाको में रहने वाले जीतू जैसे ना जाने कितने करोड़ लोग रहते हैँ! इनलोग के साथ आएं दिन सरकारी विभागों में आएं दिन इसी तरह का व्यवहार किया जाता हैँ!एक अदना सा कागज लेने केलिए इन्हे बारा बार दौड़ाया जाता हैँ!बैंक के अधिकारी भी इसी आदत से मजबूर थे! उन्होंने जीतू मुंडा को देखकर ये नहीं समझा की जीतू मुंडा की स्थिति क्या हैँ!जीतू मुंडा की मदद कैसे की जा सकती हैँ!उन्होंने जीतू मुंडा के बहन के डेथ सर्टिफिकेट लाने की बात कहीं, जबकि ग्रामीण इलाकों में आम तौर पर ये होता हैँ की किसी मौत के बाद शायद ही कोई डेथ सर्टिफिकेट बनवाता हो!जीतू मुंडा के कहानी ये बताती हैँ की भारत में कतार में खड़े आख़िरी पंक्ति में लोग ईस हालत में आज भी जी रहे हैँ! फिलहाल आप इंतजार कीजिये 4 मई का क्योंकि 4 मई को 5 राज्यों के चुनाव के नतीजे आने हैँ और उसके बाद फिर नेताओं का इंटरभिव देखिये और मजा लीजिये! धन्यवाद

1 hr ago
user_हेमन्त कुमार  सिंह
हेमन्त कुमार सिंह
जनहित मे समर्पित Wazirganj•
1 hr ago

रोंगटे खड़े कर देनी वाली बेवसी बैंक ने मांगा डेथ सर्टिफिकेट तब,बहन का 'कंकाल' कंधे पर ले बैंक पहुंच गया भाई ये तस्वीरें आपको बिचलित कर सकती हैँ! ये तस्वीरें आपको अंदर से झकझोर सकती हैँ! लेकिन उससे पहले देश का सिस्टम समझ लीजिये! एक ऐसा देश जहाँ सरकारी अधिकारी और नेताओं के अगर कुत्ते गुम हो जाएं तो पुरा सिस्टम लग जाता है! ये वही देश है जहाँ मंत्री के भैंस गुम होने पर वहाँ के पुरा थाना पुरे इलाके की खाख छान मार देता है! इसी देश की सरकारी बैंक के हज़ारो करोड़ रूपये लेकर लोग हवा में उड़ जाते है!और इसी भारत देश में एक गरीब आदिवासी अपने मृत बहन की कंकाल को कंधो पर लेकर मिलो पैदल चल बैंक पहुंचता है! क्योंकि वो जबतक साबित नहीं करेंगा की उसकी बहन मर चुकी है! बैंक के खाते में पड़े शोलह हज़ार रूपये उसे बैंक वाले नहीं देंगे! बंगाल आसाम चुनाव से यदि फुरसत मिल गया होगा तब ईस तस्वीर को भी देखिये लीजियेगा! और यदि देख ही लिए है तब जरा सोचिये की हमने अस्सी सालों में क्या पाया है! अस्सी सालों में हमारे कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति को क्या दिया है! ईस देश में झालमुड़ी से लेकर मांस तक सब की बाते होती है! लेकिन बाते उनकी नहीं होती जिनकी वोट लेकर सरकार चुनी जाती है! उड़ीसा से जो तस्वीर निकलकर सामने आई है उसे देख कर किसी भी भारतीय की आँखों में आंसू आ जायेगा!क्योंकि ईस भारत की तस्वीर को शायद काले चश्मे के भीतर लुटियन्स जोन में बाटने वाले नेता देख नहीं पाते! सरकारी बाबुओ को तो मलाई खाने की आदत सी लग गई है!ईस देश में एक गरीब आदिवासी की औकात क्या हो सकती है!ईस तस्वीर को देख कर आप समझ जायेंगे!ईस तस्वीर में आपको क्या दिख रहा है!ये जो आदमी है जो दिखने से ही गरीब दिख रहा है!उसके कंधे पर बोर में क्या हो सकता है!सोचिये उस बोर से जो दिख रहा है वो क्या है!तो सुनिए ईस गरीब से दिखने वाले आदिवासी आदमी का नाम है जीतू मुंडा! जीतू मुंडा की बहन की मौत दो महीने पहले हो गई थी!उसकी बहन ने उड़ीसा के ग्रामीण बैंक में खाता भी खुलवा रखा था!मरने से पहले उसने अपने मावेसिओं को बेच कर कुछ पैसे बैंक में जमा किये थे! क्योंकि जीतू मुंडा के बहन के पति और बेटे की मौत पहले ही हो चुकी थी !ऐसे में उसका कोई वारिस नहीं था, जीतू मुंडा अपने बहन के बैंक अकाउंट में जमा पैसे को निकालने केलिए उड़ीसा ग्रामीण बैंक पहुंचता है! लेकिन वहाँ बैंक में मौजूद अधिकारी उनसे कहते है की उनको सबसे पहले डेथ सर्टिफिकेट लाना होगा जिससे ये साबित हो की उसकी बहन की मौत हो चुकी हो!लेकिन जीतू मुंडा अनपढ़ और अनपढ़ होने पर देश में एक लम्बी बहस हो सकती है!क्योंकि जीतू मुंडा जैसे करोड़ो ऐसे भारतीय है जो अनपढ़ है!जो ग्रामीण इलाकों में बस्ते है जंगल इलाकों में बस्ते है!पीढ़ी दर पीढ़ी से अनपढ़ ही होते आएं है!लेकिन फिलहाल इनकी बात तो किसी चुनाव में नहीं सुनाई देता है!तो अब कहानी को आगे बढ़ाते है, जीतू मुंडा बार बार बैंक की चककर काटता है!लेकिन हर बार बैंक से यही जवाब सुनने को मिलता है की आप अपनी का बहन का डेथ सर्टिफिकेट लेकर आएं तभी बैंक से पैसे मिलेंगे!हार कर जीतू मुंडा फैसला लेता है, वो अपनी बहन की मौत को साबित करना चाहता हैँ!इसी लिए वो सीधे कब्रिस्तान जाता हैँ, जहाँ उसने दो महीने पहले उसने अपनी बहन को दफनाया था!उसके मृत शरीर को बाहर निकालता हैँ!लेकिन दो महीनों में वो शव कंकाल में तब्दील हो चुका था!उसे वो बोर में डालता हैँ!अपने कंधे पर लेता हैँ और तीन किलोमीटर पैदल चलकर ग्रामीण बैंक के बरामदे तक पहुंचता हैँ!ग्रामीण बैंक के बरामदे में वो शव रख देता हैँ!बैंक अधिकारी ईस हरकत को देख कर हक्के बक्के हो जाते हैँ!वो अंदर से ग्रिल बंद कर देते हैँ ये खबर शहर में आग की तरह फैलती हैँ!खबर पुलिस स्टेशन तक भी पहुंच जाती हैँ!पुलिस के अधिकारी दौड़े दौड़े बैंक पहुंच जाते हैँ!और फिर जीतू को समझाने लग जाते हैँ!पुलिस के अनुसार जीतू अनपढ़ हैँ और कानूनी प्रक्रिया से अनजान था!पुलिस ने उसे नियम समझाया और जल्द ही पैसे दिलाने का भरोसा दिया!पुलिस के आश्वासन के बाद जीतू दुबारा कब्रिस्तान जाता हैँ और अपनी बहन के कंकाल को फिर से दफना दिया! कहने को तो यह एक मामूली घटना हो सकती हैँ!लेकिन जरा सोचिये भारत के ग्रामीण इलाको में रहने वाले जीतू जैसे ना जाने कितने करोड़ लोग रहते हैँ! इनलोग के साथ आएं दिन सरकारी विभागों में आएं दिन इसी तरह का व्यवहार किया जाता हैँ!एक अदना सा कागज लेने केलिए इन्हे बारा बार दौड़ाया जाता हैँ!बैंक के अधिकारी भी इसी आदत से मजबूर थे! उन्होंने जीतू मुंडा को देखकर ये नहीं समझा की जीतू मुंडा की स्थिति क्या हैँ!जीतू मुंडा की मदद कैसे की जा सकती हैँ!उन्होंने जीतू मुंडा के बहन के डेथ सर्टिफिकेट लाने की बात कहीं, जबकि ग्रामीण इलाकों में आम तौर पर ये होता हैँ की किसी मौत के बाद शायद ही कोई डेथ सर्टिफिकेट बनवाता हो!जीतू मुंडा के कहानी ये बताती हैँ की भारत में कतार में खड़े आख़िरी पंक्ति में लोग ईस हालत में आज भी जी रहे हैँ! फिलहाल आप इंतजार कीजिये 4 मई का क्योंकि 4 मई को 5 राज्यों के चुनाव के नतीजे आने हैँ और उसके बाद फिर नेताओं का इंटरभिव देखिये और मजा लीजिये! धन्यवाद

More news from Bihar and nearby areas
  • Post by SATISH KUMAR (पत्रकार)
    1
    Post by SATISH KUMAR (पत्रकार)
    user_SATISH KUMAR (पत्रकार)
    SATISH KUMAR (पत्रकार)
    स्थानीय समाचार रिपोर्टर Gaya Town C.D.Block, Bihar•
    21 hrs ago
  • हिसुआ में अवैध पार्किंग वसूली का विरोध: ट्रक चालक पर हमला, घंटों सड़क जाम से बाजार ठप हिसुआ बाजार में अवैध पार्किंग वसूली को लेकर बुधवार सुबह बड़ा बवाल खड़ा हो गया। गया रोड से आ रहे धान लदे ट्रक चालक द्वारा जबरन पार्किंग शुल्क देने से इनकार करने पर कथित पार्किंग एजेंट और उसके सहयोगियों ने पीछा कर चालक के साथ मारपीट की। जानकारी के अनुसार, बस स्टैंड के समीप ट्रक रोककर रुपये की मांग की गई थी, लेकिन चालक ने गाड़ी आगे बढ़ा दी। इसके बाद आरोपियों ने बाइक से पीछा कर नवादा रोड स्थित बड़की पुल के पास ट्रक को रुकवाया और चालक पर हमला कर दिया। इस दौरान ट्रक की खिड़की तोड़कर चालक को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। हमले में घायल चालक की पहचान गया जिले के इमामगंज थाना क्षेत्र निवासी राहुल कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद आक्रोशित चालक ने ट्रक बीच सड़क पर खड़ा कर दिया, जिससे हिसुआ बाजार में घंटों जाम की स्थिति बनी रही। सुबह-सुबह बाजार क्षेत्र में लंबा जाम लगने से आम लोगों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब तीन घंटे बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया, जाम हटवाया और घायल चालक को अस्पताल भेजा। स्थानीय लोगों ने हिसुआ नगर परिषद और प्रशासन पर अवैध वसूली रोकने में लापरवाही का आरोप लगाया है। लोगों ने वेंडिंग जोन और बस पड़ाव के नाम पर हो रही जबरन वसूली पर रोक लगाने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
    1
    हिसुआ में अवैध पार्किंग वसूली का विरोध: ट्रक चालक पर हमला, घंटों सड़क जाम से बाजार ठप
हिसुआ बाजार में अवैध पार्किंग वसूली को लेकर बुधवार सुबह बड़ा बवाल खड़ा हो गया। गया रोड से आ रहे धान लदे ट्रक चालक द्वारा जबरन पार्किंग शुल्क देने से इनकार करने पर कथित पार्किंग एजेंट और उसके सहयोगियों ने पीछा कर चालक के साथ मारपीट की। जानकारी के अनुसार, बस स्टैंड के समीप ट्रक रोककर रुपये की मांग की गई थी, लेकिन चालक ने गाड़ी आगे बढ़ा दी। इसके बाद आरोपियों ने बाइक से पीछा कर नवादा रोड स्थित बड़की पुल के पास ट्रक को रुकवाया और चालक पर हमला कर दिया। इस दौरान ट्रक की खिड़की तोड़कर चालक को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया।
हमले में घायल चालक की पहचान गया जिले के इमामगंज थाना क्षेत्र निवासी राहुल कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद आक्रोशित चालक ने ट्रक बीच सड़क पर खड़ा कर दिया, जिससे हिसुआ बाजार में घंटों जाम की स्थिति बनी रही। सुबह-सुबह बाजार क्षेत्र में लंबा जाम लगने से आम लोगों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
करीब तीन घंटे बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया, जाम हटवाया और घायल चालक को अस्पताल भेजा। स्थानीय लोगों ने हिसुआ नगर परिषद और प्रशासन पर अवैध वसूली रोकने में लापरवाही का आरोप लगाया है। लोगों ने वेंडिंग जोन और बस पड़ाव के नाम पर हो रही जबरन वसूली पर रोक लगाने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
    user_Sanjay Verma
    Sanjay Verma
    बिजनेस के साथ साथ पत्रकारिता नवादा, नवादा, बिहार•
    1 hr ago
  • I am Neha Sinha please subscribe my channel
    1
    I am Neha Sinha please subscribe my channel
    user_Neha Sinha
    Neha Sinha
    Photographer Belaganj, Gaya•
    4 hrs ago
  • ShivSena Nalanda
    1
    ShivSena Nalanda
    user_Nishar Ahmed
    Nishar Ahmed
    Political party office Nalanda, Bihar•
    5 min ago
  • liye o apni bahan ki kabr ko khod kar kankal ko le kar bank pahunche like
    1
    liye o apni bahan ki kabr ko khod kar kankal ko le kar bank pahunche 
like
    user_Md Tazabul Ansari
    Md Tazabul Ansari
    चौपारण, हजारीबाग, झारखंड•
    3 hrs ago
  • माधोपुर में जंगली हाथियों का कहर, आक्रोशित ग्रामीणों ने SH-103 किया जाम, घंटों ठप रहा यातायात गोविंदपुर (नवादा): गोविंदपुर प्रखंड के माधोपुर गांव में करीब एक महीने से जंगली हाथियों का आतंक लगातार जारी है। हाथियों के तांडव से ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। लोग दहशत में जीने को मजबूर हैं। हाथियों द्वारा अब तक कई घरों को क्षतिग्रस्त किया जा चुका है, खेतों में लगी गेहूं और गन्ने की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं, वहीं जंगली हाथियों ने एक महिला और एक गाय की जान भी जा चुकी है। सोमवार देर रात एक बार फिर हाथियों ने गांव में उत्पात मचाया और स्टेट हाईवे-103 किनारे हनुमान मंदिर के समीप राजेश राजवंशी के घर को नुकसान पहुंचाया और घर में रखा अनाज भी चट कर गए। लगातार हो रही घटनाओं से नाराज ग्रामीणों का आक्रोश मंगलवार को फूट पड़ा। मंगलवार को ग्रामीणों ने माधोपुर गांव के समीप SH-103 को पूरी तरह जाम कर दिया। सड़क जाम होते ही दोनों ओर सैकड़ों वाहनों की लंबी कतार लग गई। ट्रक, यात्री वाहन, दोपहिया और तीनपहिया वाहनों के साथ-साथ बारात की गाड़ियां भी घंटों जाम में फंसी रहीं। शादी-विवाह के मौसम में यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग भूखे-प्यासे जाम में फंसे रहे, तो कुछ लोग तो सिर पर सामान उठाकर पैदल ही अपने गंतव्य की ओर जाते नजर आए। हालांकि, इस दौरान ग्रामीणों ने मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए एम्बुलेंस को नहीं रोका और उसे तत्काल रास्ता दिया। ग्रामीणों की मुख्य मांग थी कि वन विभाग के वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचें और प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने का ठोस आश्वासन दें। सूचना मिलने पर वन विभाग के कई कर्मी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। बाद में रेंजर राकेश कुमार ने फोन पर बातचीत कर मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया, लेकिन ग्रामीण मौके पर अधिकारियों की उपस्थिति की मांग करते रहे। करीब साढ़े चार घंटे तक जाम जारी रहा। अंततः अकबरपुर फॉरेस्टर ए. के. मिश्रा एवं नीतीश राज सहित अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर अब तक क्षतिग्रस्त सभी घरों की लिखित सूची मांगी। साथ ही सभी प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिलाने और टूटे हुए चापाकलों की मरम्मत कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार, बीते एक महीने में हाथियों ने लगभग 15 से 20 घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया है, जिससे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। अब लोग जल्द से जल्द स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
    1
    माधोपुर में जंगली हाथियों का कहर, आक्रोशित ग्रामीणों ने SH-103 किया जाम, घंटों ठप रहा यातायात
गोविंदपुर (नवादा): गोविंदपुर 
प्रखंड के माधोपुर गांव में करीब एक महीने से जंगली हाथियों का आतंक लगातार जारी है। हाथियों के तांडव से ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। लोग दहशत में जीने को मजबूर हैं। हाथियों द्वारा अब तक कई घरों को क्षतिग्रस्त किया जा चुका है, खेतों में लगी गेहूं और गन्ने की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं, वहीं जंगली हाथियों ने एक महिला और एक गाय की जान भी जा चुकी है।
सोमवार देर रात एक बार फिर हाथियों ने गांव में उत्पात मचाया और स्टेट हाईवे-103 किनारे  हनुमान मंदिर के समीप राजेश राजवंशी के घर को नुकसान पहुंचाया और घर में रखा अनाज भी चट कर गए। लगातार हो रही घटनाओं से नाराज ग्रामीणों का आक्रोश मंगलवार को फूट पड़ा।
मंगलवार को ग्रामीणों ने माधोपुर गांव के समीप SH-103 को पूरी तरह जाम कर दिया। सड़क जाम होते ही दोनों ओर सैकड़ों वाहनों की लंबी कतार लग गई। ट्रक, यात्री वाहन, दोपहिया और तीनपहिया वाहनों के साथ-साथ बारात की गाड़ियां भी घंटों जाम में फंसी रहीं। शादी-विवाह के मौसम में यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग भूखे-प्यासे जाम में फंसे रहे, तो कुछ लोग तो सिर पर सामान उठाकर पैदल ही अपने गंतव्य की ओर जाते नजर आए।
हालांकि, इस दौरान ग्रामीणों ने मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए एम्बुलेंस को नहीं रोका और उसे तत्काल रास्ता दिया।
ग्रामीणों की मुख्य मांग थी कि वन विभाग के वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचें और प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने का ठोस आश्वासन दें। सूचना मिलने पर वन विभाग के कई कर्मी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे।
बाद में रेंजर राकेश कुमार ने फोन पर बातचीत कर मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया, लेकिन ग्रामीण मौके पर अधिकारियों की उपस्थिति की मांग करते रहे। करीब साढ़े चार घंटे तक जाम जारी रहा।
अंततः अकबरपुर फॉरेस्टर ए. के. मिश्रा एवं नीतीश राज सहित अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर अब तक क्षतिग्रस्त सभी घरों की लिखित सूची मांगी। साथ ही सभी प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिलाने और टूटे हुए चापाकलों की मरम्मत कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया।
ग्रामीणों के अनुसार, बीते एक महीने में हाथियों ने लगभग 15 से 20 घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया है, जिससे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। अब लोग जल्द से जल्द स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
    user_Kanhai chaudhary
    Kanhai chaudhary
    गोविंदपुर, नवादा, बिहार•
    4 hrs ago
  • नटखट लड़के का कुरकुरे पाने का मजेदार प्रयास सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में लड़का बड़े ही शरारती अंदाज में कुरकुरे हासिल करने के लिए अनोखे तरीके अपनाता नजर आता है। उसकी मासूम हरकतें और चतुराई लोगों को खूब पसंद आ रही हैं। कभी वह मिन्नत करता है तो कभी मजेदार बहाने बनाता है, जिसे देखकर दर्शक हंसने पर मजबूर हो जाते हैं। इस वीडियो ने इंटरनेट पर धूम मचा दी है और लोग इसे जमकर शेयर कर रहे हैं। बच्चे की नटखट अदाएं सभी का दिल जीत रही हैं।
    2
    नटखट लड़के का कुरकुरे पाने का मजेदार प्रयास सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में लड़का बड़े ही शरारती अंदाज में कुरकुरे हासिल करने के लिए अनोखे तरीके अपनाता नजर आता है। उसकी मासूम हरकतें और चतुराई लोगों को खूब पसंद आ रही हैं। कभी वह मिन्नत करता है तो कभी मजेदार बहाने बनाता है, जिसे देखकर दर्शक हंसने पर मजबूर हो जाते हैं। इस वीडियो ने इंटरनेट पर धूम मचा दी है और लोग इसे जमकर शेयर कर रहे हैं। बच्चे की नटखट अदाएं सभी का दिल जीत रही हैं।
    user_Sanjay Verma
    Sanjay Verma
    बिजनेस के साथ साथ पत्रकारिता नवादा, नवादा, बिहार•
    21 hrs ago
  • Post by SK tarik
    1
    Post by SK tarik
    user_SK tarik
    SK tarik
    रोह, नवादा, बिहार•
    13 hrs ago
  • बिहार शरीफ के सुंदरगढ़ स्थित ब्रिलियंट कान्वेंट की सभागार में नारी शक्ति का स्वाभिमान विपक्ष ने फिर किया अपमान, जन आक्रोश महिला सम्मेलन का आयोजन किया गया, जहां मुख्य अतिथि के रूप में डॉक्टर पूनम शर्मा के साथ दर्जनों की संख्या में महिला कार्यकर्ता सम्मिलित हुई...
    1
    बिहार शरीफ के सुंदरगढ़ स्थित ब्रिलियंट कान्वेंट की सभागार में  नारी शक्ति का स्वाभिमान विपक्ष ने फिर किया अपमान,  जन आक्रोश महिला सम्मेलन का आयोजन किया गया, जहां मुख्य अतिथि के रूप में डॉक्टर पूनम शर्मा के साथ दर्जनों की संख्या में महिला कार्यकर्ता सम्मिलित हुई...
    user_ख़बरें टी वी
    ख़बरें टी वी
    Journalist Nalanda, Bihar•
    14 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.