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*नशे में धुत ड्राइवर ने बस को ले जाकर खाई में खुदाया* *अंबेडकर नगर* बसखारी थाना क्षेत्र अंतर्गत मसडा मोहनपुर के पास अभी-अभी हुआ भीषण सड़क हादसा , एक प्राइवेट बस को नशेड़ी ड्राइवर ने खाई में कूदा दिया। बस में बैठे सभी पैसेंजर मौत के मुंह से निकले बाहर। पैसेंजरों ने बताया ड्राइवर काफी नशे में धुत था। जो मसाला में आते-आते अपना आपा खो बैठा और बस को खाई में कूदा दिया। स्थानीय पुलिस घटनास्थल पर मौजूद। *ब्यूरो रिपोर्ट वैभव सिंह* ✍️
India news 37 ( वैभव सिंह ब्यूरो चीफ) अंबेडकर नगर
*नशे में धुत ड्राइवर ने बस को ले जाकर खाई में खुदाया* *अंबेडकर नगर* बसखारी थाना क्षेत्र अंतर्गत मसडा मोहनपुर के पास अभी-अभी हुआ भीषण सड़क हादसा , एक प्राइवेट बस को नशेड़ी ड्राइवर ने खाई में कूदा दिया। बस में बैठे सभी पैसेंजर मौत के मुंह से निकले बाहर। पैसेंजरों ने बताया ड्राइवर काफी नशे में धुत था। जो मसाला में आते-आते अपना आपा खो बैठा और बस को खाई में कूदा दिया। स्थानीय पुलिस घटनास्थल पर मौजूद। *ब्यूरो रिपोर्ट वैभव सिंह* ✍️
More news from Uttar Pradesh and nearby areas
- बस्ती में ‘ज़िंदा आदमी’ ने खुद को किया पेश, DM ऑफिस में लेटकर लगाया न्याय की गुहार उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक बुज़ुर्ग व्यक्ति कफ़न और मालाओं में लिपटा हुआ जिला अधिकारी (DM) कार्यालय पहुंचा और ज़मीन पर लेट गया। कुछ देर बाद वह उठकर एक तख्ती हाथ में लेकर बैठ गया, जिस पर लिखा था— “DM साहब, मैं ज़िंदा हूँ।” बुज़ुर्ग का आरोप है कि राजस्व रिकॉर्ड में उसे गलती से मृत घोषित कर दिया गया है, जिसकी वजह से उसकी ज़मीन और अधिकारों पर संकट खड़ा हो गया है। उसने प्रशासन से अपनी ‘जिंदगी’ वापस दिलाने की गुहार लगाई। यह अनोखा विरोध देख वहां मौजूद लोग और अधिकारी भी हैरान रह गए। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच का भरोसा दिया है।1
- @sachin tiwari 26551
- बस्ती में शादी समारोह में दिल दहला देने वाली घटना उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के छावनी थाना क्षेत्र के मलौली गोसाई गांव में एक शादी समारोह के दौरान हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक मामूली रसगुल्ले के विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। आरोप है कि कैटरिंग ठेकेदार ने गुस्से में आकर 11 साल के एक बच्चे को जलते तंदूर में फेंक दिया। आग की लपटों से बच्चा चेहरे से लेकर कमर तक बुरी तरह झुलस गया। परिवार वालों ने तुरंत बच्चे को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपी की तलाश की जा रही है।1
- स्कूल चलो अभियान के तहत निकली जागरूकता रैली, शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल लम्भुआ/सुल्तानपुर। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित स्कूल चलो अभियान के अंतर्गत 1 अप्रैल से प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों के नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसी क्रम में आज क्षेत्र के विद्यालयों द्वारा जागरूकता रैली निकालकर अभिभावकों और बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित किया गया। रैली के दौरान “हर बच्चा पढ़े, हर बच्चा बढ़े” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को सरकारी विद्यालयों में अपने बच्चों का नामांकन कराने के लिए जागरूक किया गया। रैली में शामिल शिक्षक, छात्र-छात्राओं ने गांव और कस्बे के विभिन्न मार्गों से होकर लोगों को शिक्षा के महत्व के बारे में बताया। इस अवसर पर शिक्षकों ने सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि एक ओर जहां सर्व शिक्षा अभियान के तहत बच्चों को विद्यालयों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जगह-जगह अंग्रेजी माध्यम के निजी स्कूलों के खुलने से सरकारी शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। शिक्षकों का दावा है कि सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक उच्च योग्यताधारी हैं, जबकि कई निजी स्कूलों में शिक्षण स्तर उतना मजबूत नहीं है, जितना दिखाया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार द्वारा प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को निःशुल्क किताबें, कॉपियां, ड्रेस, जूते आदि उपलब्ध कराए जाते हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ता। इसके बावजूद अभिभावकों के मन में सरकारी स्कूलों को लेकर संदेह बना रहना एक गंभीर चिंता का विषय है। शिक्षकों का मानना है कि शिक्षा विभाग में कार्य करने के लिए जितनी कठिन परीक्षाओं और प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है, उतनी अन्य विभागों में नहीं होतीं, इसके बावजूद सरकारी स्कूलों की छवि को लेकर सवाल उठते रहते हैं। खंड शिक्षा अधिकारी अजय सिंह के नेतृत्व में निकाली गई इस जागरूकता रैली में शिक्षकों, विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी रही। अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।3
- नर्स ने डिलीवरी में की जबरदस्ती, बच्चे का सिर मां के पेट में रह गया, धड़ हो गया अलग, फिर... उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल बेहाल हो चुका है, जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुदरहा बनहरा में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसको सुनकर आप के होश उड़ जाएंगे. एक महिला प्रसव कराने के लिए अस्पताल पहुंची. अस्पताल पर आरोप है कि डिलिवरी कराते समय जबरदस्ती की गई और बच्चे का सर धड़ से अलग हो गया और नवजात का सिर पेट के अंदर रह गया. इसके बाद आनन फानन में उसे स्वास्थ्य केंद्र के बगल प्राइवेट हॉस्पिटल ले जाया गया. वहां से मेडिकल कॉलेज बस्ती रेफर किया गया. मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर बच्चे का सर पेट से निकाला और किसी तरह से महिला की जान बचाई.1
- सुलतानपुर में बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने कथित अवैध धर्मांतरण की घटनाओं को लेकर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से देशभर में सख्त कानून बनाने की मांग की है। कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि देश की सामाजिक और राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अवैध धर्मांतरण के खिलाफ एक समान और प्रभावी कानून लागू किया जाना चाहिए। संगठन के पदाधिकारियों ने यह भी मांग की कि इस प्रकार के मामलों की जांच राष्ट्रीय स्तर पर कराई जाए और जरूरत पड़ने पर संबंधित एजेंसियों को शामिल किया जाए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे और सभी राजनीतिक दलों से राष्ट्रीय हित में इस विषय पर ठोस कदम उठाने की अपील की।1
- अजीत मिश्रा (खोजी) ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल (उत्तर प्रदेश) बस्ती। राजनीति में सेवा का मेवा तो सबने सुना था, लेकिन बस्ती के हरैया क्षेत्र में एक 'माननीय' ने सेवा का ऐसा 'पॉइंट' खोला कि ग्राहकों की मेहनत की गाढ़ी कमाई ही 'पॉइंट-ब्लैंक' पर गायब कर दी। मामला हरैया के मुलायमगंज बाजार का है, जहाँ एक जिला पंचायत सदस्य महोदय 'कस्टमर सर्विस पॉइंट' (CSP) के नाम पर जनता के पैसों से अपनी राजनीति की 'सर्विस' चमका रहे थे। अब जब खाते खाली हुए और जनता सड़कों पर आई, तो नेता जी को अचानक 'प्रताड़ना' याद आ गई और उन्होंने 'आत्महत्या' की धमकी वाला पुराना फिल्मी पैंतरा चल दिया। खाते हुए 'नील बटे सन्नाटा', साहब! मेरा पैसा कहाँ गया? एसबीआई (SBI) शाखा केशवपुर के बाहर खड़ी भीड़ किसी सरकारी योजना का लाभ लेने नहीं, बल्कि अपनी लूटी हुई उम्मीदों की शिकायत करने आई थी। उपभोक्ताओं का आरोप है कि मुलायमगंज बाजार के इस सीएसपी संचालक ने, जो कि जिला पंचायत सदस्य भी हैं, उनके खातों में सेंध लगा दी है। लोग बैंक मैनेजर के सामने गिड़गिड़ा रहे हैं— "साहब! हमने तो दाने-दाने जोड़कर जमा किए थे, यहाँ तो पूरा का पूरा खाता ही गोल हो गया!" गबन, धमकी और गायब होने का 'मास्टर स्ट्रोक' इस पूरे घोटाले की पटकथा बड़ी दिलचस्प है। पहले जनता का पैसा उड़ाया गया, और जब हिसाब देने की बारी आई तो नेता जी ने 'विक्टिम कार्ड' खेल दिया। संबंधित विभाग के अधिकारियों पर प्रताड़ना का आरोप मढ़ते हुए और 'ब्याज पर पैसा लेने' का रोना रोते हुए उन्होंने आत्महत्या की धमकी भरा पत्र लिख डाला। शायद नेता जी को लगता है कि 'इमोशनल ब्लैकमेलिंग' की चादर में गबन के दाग छिप जाएंगे। मजेदार बात यह है कि अब 'पिता-पुत्र' दोनों ही घर से लापता हैं। पैकोलिया थाने में गुमशुदगी दर्ज है। इसे 'फरार' होना कहें या 'गायब' होना, यह तो पुलिस तय करेगी, लेकिन जनता की नजर में यह सीधा-सीधा 'हिसाब' से बचने का जुगाड़ है। बस्ती में 'सीएसपी' यानी 'चपत लगाओ पैसा' केंद्र? यह कोई पहला मामला नहीं है। बस्ती मंडल में सीएसपी संचालकों द्वारा गबन करना अब एक परंपरा बनती जा रही है। सवाल यह है कि आखिर इन केंद्रों पर बैंक और प्रशासन की लगाम कितनी ढीली है? क्या कोई भी 'माननीय' कुर्सी की रसूख और बैंक की आईडी लेकर जनता की जेब काट सकता है? व्यवस्था पर कुछ तीखे सवाल: बैंक प्रशासन: जब खाते से पैसा गायब हो रहा था, तब आपकी मॉनिटरिंग प्रणाली क्या 'कुंभकर्णी नींद' में थी? प्रशासन: क्या आत्महत्या की धमकी मात्र देने से गबन का अपराध धुल जाता है? जनता: क्या अब हम अपने पैसे की सुरक्षा के लिए बैंक जाने के बजाय 'माननीयों' के रहमोकरम पर जिएं? नेता जी, पत्र लिखकर धमकी देना आसान है, लेकिन उन गरीबों के आंसुओं का हिसाब देना मुश्किल होगा जिनकी खून-पसीने की कमाई आपके 'डिजिटल' खेल की भेंट चढ़ गई। फिलहाल, पुलिस और बैंक जांच की फाइलें पलट रहे हैं, और जनता अपने खाली पासबुक को देख कर लोकतंत्र के इस 'अनोखे' जनसेवक को कोस रही है।1
- आप देख सकते हैं लखनऊ में इतना वीजा आग लगी थी कितने आदमी का रोजगार चला जाएगा कितने आदमी का पैसा चल गया कितनी जॉब चाहिए सरकार से हमारी यही विनती है उनके लिए कुछ उपाय किया जाए हमारे योगी आदित्यनाथ जी से2
- 🏫 Bindu Devi Memorial Academy Bindu Devi Memorial Academy is a school located in Thakurdandi area of Sant Kabir Nagar district, Uttar Pradesh (India).1