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दतिया पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल के निर्देशन में चलाए गए एक चेकिंग अभियान के तहत कार्रवाई की गई है। इस अभियान के दौरान पुलिस ने एक युवक को चार अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। यह रिपोर्ट दतिया से जिला ब्यूरो चीफ संजीव रिछारिया द्वारा दी गई है।
Sanjeev Richhariya
दतिया पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल के निर्देशन में चलाए गए एक चेकिंग अभियान के तहत कार्रवाई की गई है। इस अभियान के दौरान पुलिस ने एक युवक को चार अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। यह रिपोर्ट दतिया से जिला ब्यूरो चीफ संजीव रिछारिया द्वारा दी गई है।
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- दतिया पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल के निर्देशन में चलाए गए एक चेकिंग अभियान के तहत कार्रवाई की गई है। इस अभियान के दौरान पुलिस ने एक युवक को चार अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। यह रिपोर्ट दतिया से जिला ब्यूरो चीफ संजीव रिछारिया द्वारा दी गई है।1
- दतिया में सिविल लाइन पुलिस ने कट्टाधारी बदमाशों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनका जुलूस निकाला। यह कार्रवाई सेबड़ा चुंगी पर चेकिंग के दौरान की गई, जहाँ से इन कट्टाधारी बदमाशों को पकड़ा गया। पुलिस ने जिन बदमाशों का जुलूस निकाला, उनमें सागर अहिरवार, धर्मेंद्र पाल और सतेंद्र पाल शामिल हैं। सिविल लाइन पुलिस ने जुआ, सट्टा और कट्टाधारियों के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाया है। सिविल लाइन टीआई वैभव गुप्ता के नेतृत्व में, पुलिस ऐसे बदमाशों का जुलूस निकालकर उन पर कार्रवाई कर रही है जो “भौकाल बनाने” का प्रयास करते हैं।1
- मध्य प्रदेश के इन्दरगढ़ में नगर परिषद को जनसमस्याओं के समाधान के लिए 20 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। यह अल्टीमेटम नगर परिषद से लोगों की समस्याओं को जल्द से जल्द हल करने की मांग के साथ सामने आया है।1
- डबरा सिटी थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक मारुति वैगनआर कार से 35 पेटी अवैध शराब बरामद की है। इस बड़ी कार्रवाई के तहत, पुलिस ने तत्काल शराब से लदी इस गाड़ी को जब्त कर लिया। पुलिस ने मौके से शेखर शाक्य नामक आरोपी को भी गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और अब आगे की जांच जारी है।1
- मध्य प्रदेश के डबरा में चर्चा का विषय बने कथित लाखों रुपये के लूटकांड का ग्वालियर पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात के पीछे की साजिश का खुलासा करते हुए बताया कि जिस महिला को पूरे मामले में पीड़िता माना जा रहा था, वह अपने पति और उसके साथियों के साथ मिलकर इस पूरी फर्जी लूट की मुख्य किरदार निकली। पुलिस ने इस मामले में लगभग 49.50 लाख रुपये का पूरा लूटा गया सामान भी बरामद कर लिया है। घटना 4 जून 2026 की है, जब डबरा सिटी थाना क्षेत्र की मोनिका उर्फ रानू श्रीवास्तव ने पुलिस को सूचना दी थी कि उनकी भाभी पिंकी श्रीवास्तव घर पर अकेली थीं। तभी एसी सर्विसिंग के बहाने दो युवक घर में घुसे, उन्होंने मारपीट की, पिंकी को बंधक बनाया और अलमारी से 2.50 लाख रुपये नकद व लाखों के सोने-चांदी के जेवरात लूटकर फरार हो गए। इस खबर से शहर में हड़कंप मच गया और सोशल मीडिया व मीडिया में यह प्रमुखता से प्रसारित हुई। जनदबाव को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने विशेष टीमों का गठन कर आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। डबरा अनुभाग, क्राइम ब्रांच और साइबर टीम ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की। घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन और संदिग्ध गतिविधियों का विश्लेषण करने पर पुलिस को कथित लूट की कहानी पर संदेह हुआ। सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दिए संदिग्धों की पहचान शुभम श्रीवास्तव और सोनू जाटव के रूप में हुई। पुलिस ने जब शुभम श्रीवास्तव को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। शुभम ने बताया कि वह अपनी पत्नी पिंकी के साथ पिछले तीन महीनों से अपनी बहन मोनिका के घर रह रहा था। इसी दौरान पिंकी ने मोनिका को अलमारी में बड़ी मात्रा में नकदी और जेवर रखते हुए देख लिया, जिसके बाद दोनों ने संपत्ति हड़पने की योजना बनाई। योजना के तहत शुभम ने अपने दोस्त सोनू जाटव को साथ लिया। घटना वाले दिन जब मोनिका अपने बच्चों के साथ घर से बाहर थीं, तब शुभम और सोनू घर पहुंचे। पिंकी ने खुद दरवाजा खोला और सीसीटीवी कैमरे के सामने सामान्य बातचीत का नाटक किया ताकि किसी को शक न हो। इसके बाद घर के अंदर लोहे की रॉड से अलमारी तोड़ी गई और उसमें रखे 2.50 लाख रुपये नकद तथा लाखों के जेवर निकाल लिए गए। साजिश को असली लूट जैसा दिखाने के लिए ड्रेसिंग टेबल का कांच तोड़ा गया और पिंकी के माथे पर हल्की चोट भी पहुंचाई गई। फिर खुद को पीड़िता साबित करने के लिए पिंकी के हाथ-पैर बांध दिए गए। लूट की रकम में से एक लाख रुपये पिंकी के बैग में छिपाकर रख दिए गए, जबकि डेढ़ लाख रुपये सोनू जाटव को दे दिए गए। करोड़ों के बराबर महत्व रखने वाले जेवरातों को एक बैग में भरकर ग्वालियर निवासी आशिफ खान के घर छिपाया गया था। पुलिस की तकनीकी जांच, सीसीटीवी विश्लेषण और लगातार पूछताछ के दबाव में आरोपियों की कहानी टूट गई। पुलिस ने शुभम की निशानदेही पर सोनू जाटव को गिरफ्तार किया और उसके घर से 1.50 लाख रुपये बरामद किए। इसके बाद आशिफ खान के घर छापा मारकर सोने-चांदी के सभी जेवरात बरामद कर लिए गए और पिंकी के बैग से भी एक लाख रुपये बरामद हुए। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 252.82 ग्राम सोने के जेवर, लगभग 1.9 किलोग्राम चांदी के आभूषण, 2.50 लाख रुपये नकद और घटना में प्रयुक्त डिस्कवर मोटरसाइकिल जब्त की है, जिनकी कुल कीमत लगभग 49 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है। इस पूरे मामले को सुलझाने में डबरा सिटी थाना प्रभारी निरीक्षक संजय शर्मा, एसडीओपी डबरा सौरभ कुमार, डीएसपी अपराध नागेंद्र सिंह सिकरवार, डीएसपी मनीष यादव, क्राइम ब्रांच, साइबर सेल तथा डबरा, पिछोर और गिजौरा थाना पुलिस की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और वैज्ञानिक जांच के दम पर पुलिस ने 24 घंटे के भीतर इस हाई-प्रोफाइल मामले का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया, यह साबित करते हुए कि अपराधी चाहे कितनी भी शातिर योजना क्यों न बना लें, पुलिस की सतर्कता और जांच के सामने सच्चाई ज्यादा देर तक छिप नहीं सकती।3
- दतिया जिले के ग्रामीणों ने एक अनोखा और गंभीर आरोप लगाया है, जिसमें उनका कहना है कि उनके भगवान ताले में बंद रहते हैं। ग्रामीणों ने कलेक्टर साहब से सीधे गुहार लगाते हुए इन भगवानों को ताले से 'छुड़ाने' की मांग की है।1
- भिंड जिले के मौ थाना क्षेत्र के ग्राम मदनपुरा में एक नाबालिग दलित छात्रा के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म, हत्या और शव जलाने की नृशंस घटना के विरोध में दतिया में महिला कांग्रेस ने एक आक्रोशपूर्ण कैंडल मार्च निकाला। महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मृत छात्रा को श्रद्धांजलि अर्पित की और इस जघन्य अपराध के दोषियों को तत्काल फांसी देने के साथ-साथ मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। यह कैंडल मार्च महिला कांग्रेस की प्रदेश महासचिव एवं दतिया प्रभारी डॉ. रचना शेरसिंह के नेतृत्व में टाउन हॉल से किला चौक तक निकाला गया। हाथों में मोमबत्तियां लिए कार्यकर्ताओं ने पीड़ित छात्रा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की और घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। डॉ. रचना शेरसिंह ने आरोप लगाया कि छात्रा के लापता होने की सूचना मिलने के बावजूद पुलिस ने समय पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि पुलिस ने तत्काल कदम उठाए होते, तो संभवतः छात्रा की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और कठोरतम सजा सुनिश्चित करने की मांग की है। महिला कांग्रेस ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करने, तथा पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई। इस कैंडल मार्च में जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक दांगी, रामकिंकर गुर्जर, नरेंद्र गुर्जर, अजय शुक्ला सहित महिला कांग्रेस और कांग्रेस संगठन के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। दतिया में निकाले गए इस कैंडल मार्च के माध्यम से महिला कांग्रेस ने भिंड की पीड़ित छात्रा को न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपनी पुरजोर मांग दर्ज कराई।1
- दतिया पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल के निर्देशन में चलाए गए चेकिंग अभियान के दौरान एक युवक को चार अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई दतिया जिले में हुई।1