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अलवर के दौलतपुरा स्थित कोली मोहल्ला में मुख्य मार्ग पर जलभराव के कारण स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। पूरे गांव को जोड़ने वाले इस मुख्य रास्ते पर करीब डेढ़ से दो फीट तक पानी भरा हुआ है, जिससे यहां रहने वाले लगभग 150 परिवारों का आना-जाना दूभर हो गया है। इस रास्ते से गुजरने वाले राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं सबसे ज्यादा आफत छोटे-छोटे बच्चों पर आ पड़ी है, जिनके कपड़े स्कूल जाते वक्त पानी और कीचड़ में सन जाते हैं। इस गंभीर समस्या के बावजूद स्थानीय लोगों की कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस बदहाली को लेकर सरपंच से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन उसने कोई ध्यान नहीं दिया। वहीं क्षेत्र के विधायक को भी इस पूरी स्थिति की जानकारी है, इसके बावजूद कोई भी अधिकारी या जनप्रतिनिधि सुध लेने को तैयार नहीं है।
Sunil
अलवर के दौलतपुरा स्थित कोली मोहल्ला में मुख्य मार्ग पर जलभराव के कारण स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। पूरे गांव को जोड़ने वाले इस मुख्य रास्ते पर करीब डेढ़ से दो फीट तक पानी भरा हुआ है, जिससे यहां रहने वाले लगभग 150 परिवारों का आना-जाना दूभर हो गया है। इस रास्ते से गुजरने वाले राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं सबसे ज्यादा आफत छोटे-छोटे बच्चों पर आ पड़ी है, जिनके कपड़े स्कूल जाते वक्त पानी और कीचड़ में सन जाते हैं। इस गंभीर समस्या के बावजूद स्थानीय लोगों की कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस बदहाली को लेकर सरपंच से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन उसने कोई ध्यान नहीं दिया। वहीं क्षेत्र के विधायक को भी इस पूरी स्थिति की जानकारी है, इसके बावजूद कोई भी अधिकारी या जनप्रतिनिधि सुध लेने को तैयार नहीं है।
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- राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार ग्रामीण सेवा शिविर-2026 की निरंतरता में दौसा जिले में 21 जुलाई से 31 अगस्त, 2026 तक फॉलो-अप शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य प्राप्त प्रकरणों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करना और आमजन को विभिन्न सरकारी विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिरदी चंद गंगवाल ने बताया कि ये शिविर मुख्य अभियान की तर्ज पर भारत निर्माण सेवा केंद्र, पंचायत भवन एवं विद्यालयों में आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का कैलेंडर संबंधित उपखंड अधिकारियों द्वारा जारी कर दिया गया है, जिसमें सभी संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहकर समस्याओं का समाधान करेंगे। अभियान के पहले दिन यानी 21 जुलाई को जिले की 13 ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर इन शिविरों का आयोजन होगा। इनमें दौसा पंचायत समिति की खुरी कलां, बांदीकुई की सोडाला, बसवा की गुढ़ा आशिकपुरा, सिकराय की राणोली व पाडली, महवा की पलानहेड़ा, मंडावर की हिंगोटा, लालसोट की श्रीमा व दौलतपुरा, नांगल राजावतान की कालाखाड़, रामगढ़ पचवारा की गोपालपुरा, लवाण की खानवास तथा सैंथल पंचायत समिति की सिंगडोली ग्राम पंचायत शामिल हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ जिले के शहरी निकायों में भी 21 जुलाई से 31 अगस्त तक नगर परिषद एवं नगर पालिका कार्यालयों में फॉलो-अप शिविर लगाए जाएंगे। इन शहरी शिविरों में नगर क्षेत्र के नागरिकों की समस्याओं की गंभीरता से सुनवाई कर उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा और पात्र व्यक्तियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा।1
- करौली जिले के टोडाभीम क्षेत्र में बलघाट की सड़क पिछले एक साल से अधूरी पड़ी हुई है, लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस सड़क का निर्माण कार्य जनवरी के महीने में शुरू किया गया था, जिसके बाद बाकी पूरी सड़क तो बनकर तैयार हो गई, लेकिन एक छोटा सा टुकड़ा अधूरा ही छोड़ दिया गया। यह अधूरा हिस्सा पिछले एक साल से इसी हाल में पड़ा हुआ है और बार-बार ध्यान आकर्षित करने के बावजूद इस मामले में कोई सुनवाई नहीं की जा रही है।1
- जय श्री श्याम! बाबा श्याम के दर्शन कर सभी लोग धन्य हो जाएं।1
- भरतपुर जिले के नदबई क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले झौरोल गाँव के रास्ते की हालत सामने आई है।3
- पांवटा स्थित कुजोता-अजीतपुरा कलां संघर्ष समिति के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली जाकर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल से मुलाक़ात की। समिति के सदस्यों ने उन्हें अवगत कराया कि 2 जून को नेशनल लाइम स्टोन कम्पनी और ग्रामीणों के बीच जो समझौता हुआ था, वही बरकरार रहना चाहिए। इस पर हनुमान बेनीवाल ने दूरभाष के माध्यम से कोटपूतली बहरोड़ की कलेक्टर और एडिशनल SP नाज़िम अली खान से बात की। बेनीवाल ने अधिकारियों से कहा कि उनके और उनकी टीम के साथ हुए समझौते में किसी प्रकार का फेरबदल नहीं होना चाहिए और A ब्लॉक पूरी तरह निरस्त व बंद रहना चाहिए। उन्होंने ग्रामीणों को मदद का आश्वासन देते हुए चेतावनी दी कि यदि बंद किए गए A ब्लॉक को फिर से चलाने की कोशिश की गई, तो राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ग्रामीणों के लिए फिर से पुरज़ोर तरीक़े से आंदोलन करेगी। दिल्ली में हुई इस वार्ता के दौरान संघर्ष समिति के सचिव महेन्द्र मीणा, शीशराम होलदार, भागीरथ मीणा, जगदीश मीणा और अशोक समेत कई अन्य लोग उपस्थित रहे।1
- दौसा में हाईवे पुलिया निर्माण कार्य के चलते 21 जुलाई को कलक्ट्रेट पावर हाउस से संचालित 11 केवी आगरा रोड प्रथम और आगरा रोड-द्वितीय फीडरों की विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की सहायक अभियंता (एचटीएम) नेहा मीणा ने बताया कि 11 केवी आगरा रोड-प्रथम फीडर की विद्युत आपूर्ति 21 जुलाई को सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक बंद रहेगी। इस दौरान सूर्य मंदिर, गंगा विहार, संत सुंदरदास स्मारक, करणी नगर, संगम विहार, गोविंद देवजी मंदिर, श्रीनगर, पायलट नगर, सरस्वती कॉलेज, श्रीराम होटल, खेड़ली पेट्रोल पंप, नवोदय विद्यालय तथा इस फीडर से जुड़े सभी क्षेत्रों में बिजली गुल रहेगी। इसी प्रकार, 11 केवी आगरा रोड-द्वितीय फीडर की विद्युत आपूर्ति 21 जुलाई को दोपहर 3 बजे से अपराह्न 4 बजे तक बंद रखी जाएगी। इस समय अवधि के दौरान इम्पल्स कॉलेज, कपिल विहार, सरस दूध डेयरी, बिचलवास रोड, गिर्राज मंदिर, अतिथि होटल, सत्कार होटल, हवेली होटल, जोरावर नगर, गोविंद देवजी मंदिर के सामने का क्षेत्र, सुभी हॉस्पिटल, राजाहेड़ा और इस फीडर से जुड़े सभी संबंधित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी।1
- सतीश जी पूनिया को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण करने पर बहुत-बहुत बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं दी गई हैं। राजस्थान की माटी के लाल सतीश जी पूनिया अब राज्यसभा के मंच के जरिए किसानों और जनसरोकार की बात करेंगे।1
- भरतपुर के नदबई में रास्ता खराब होने और जलभराव की गंभीर समस्या के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर पानी भरे होने की वजह से यहाँ से आने-जाने वाले राहगीर बेहद परेशान हैं। इस बदहाली के कारण स्थिति इतनी खराब है कि कई लोग तो पानी के बीच ही गिर जाते हैं।4
- राजस्थान में स्कूल संचालकों से एक विशेष अपील की गई है कि वे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतें। स्कूल संचालकों से पुरजोर अनुरोध किया गया है कि वे स्कूल बसों में बच्चों को छोड़ने वाले हर कर्मचारी और बस चालक को उचित तरीके से निर्देशित करें। बच्चे अक्सर छुट्टी के बाद घर जाने की जल्दी में रहते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। भविष्य में इस तरह के हादसों से बचने के लिए यह बेहद जरूरी है कि बस चालक या किसी भी अन्य कर्मचारी को ड्यूटी पर भेजने से पहले उन्हें अच्छी तरह से समझाकर और बोलकर ही भेजा जाए।1