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खूनी रास्ता” बना National Highway 34 (India) : कानपुर से सागर तक सफर या मौत का सफर? कभी विकास की रफ्तार बढ़ाने वाला हाईवे आज खौफ का दूसरा नाम बन चुका है। कानपुर से लेकर मध्य प्रदेश के सागर तक फैला NH-34 अब लोगों के बीच “खूनी रास्ता” के नाम से पहचाना जाने लगा है। यहां हर दिन सफर करना मानो किस्मत से खेलना हो गया है। ⚠️ 120 KM का खतरनाक सफर कानपुर से कबरई (महोबा) तक करीब 120 किलोमीटर का यह हिस्सा सबसे ज्यादा बदनाम है। हादसों का सिलसिला ऐसा कि कोई दिन खाली नहीं जाता। अगर दुर्घटना नहीं तो जाम तय है। Hamirpur से Kanpur की 65 किमी दूरी, जो सामान्यतः 2 घंटे में पूरी होनी चाहिए, कई बार 6–8 घंटे तक खिंच जाती है। 🚧 जाम और मौत—दोनों साथ-साथ इस हाईवे पर जाम अब “समस्या” नहीं, बल्कि “नियम” बन चुका है। कहीं ओवरलोड ट्रक, कहीं खराब सड़क, तो कहीं अचानक हुए हादसे—हर वजह सफर को मुश्किल बना देती है। 💔 एक बारात, चार लाशें सोमवार 27 अप्रैल की रात इस हाईवे ने फिर चार जिंदगियां निगल लीं। Kurara थाना क्षेत्र के डामर गांव से निकली एक बारात खुशी से गम में बदल गई। हादसे में दूल्हे के सगे, मौसेरे और फुफेरे भाइयों समेत चार बारातियों की मौके पर मौत हो गई, जबकि तीन लोग अब भी जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। शादी का जश्न, चंद मिनटों में मातम में बदल गया—और यह कहानी अब इस हाईवे पर आम होती जा रही है। 🏗️ ग्रीन फील्ड हाईवे—सपना या सियासी वादा? सरकार की ओर से “ग्रीन फील्ड हाईवे” बनाने की योजना जरूर सामने आई है। बजट स्वीकृत होने और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने की बातें भी सामने आई हैं। लेकिन असली सवाल वही है—काम कब शुरू होगा? जनप्रतिनिधि संसद से लेकर विधानसभा तक आवाज उठा चुके हैं, लेकिन जमीनी हकीकत अभी भी जस की तस है। 🔥 सवाल जो जवाब मांगते हैं आखिर कब तक यह हाईवे लोगों की जान लेता रहेगा? कब शुरू होगा नया सुरक्षित मार्ग? क्या हर हादसे के बाद सिर्फ मुआवजा ही समाधान है? ✍️ आखिरी बात अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो National Highway 34 (India) सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि “मौत का कॉरिडोर” बनकर रह जाएगा—जहां हर गुजरने वाला शख्स डर के साये में सफर करेगा। 👉 अब जरूरत है कि ये आवाज सड़क से उठकर सत्ता के गलियारों तक पहुंचे… वरना ये खामोशी और भी कई परिवारों को उजाड़ देगी।

9 hrs ago
user_Mohammad Adnan
Mohammad Adnan
Local News Reporter गोलमुरी-कम-जुगसलाई, पूर्वी सिंहभूम, झारखंड•
9 hrs ago
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खूनी रास्ता” बना National Highway 34 (India) : कानपुर से सागर तक सफर या मौत का सफर? कभी विकास की रफ्तार बढ़ाने वाला हाईवे आज खौफ का दूसरा नाम बन चुका है। कानपुर से लेकर मध्य प्रदेश के सागर तक फैला NH-34 अब लोगों के बीच “खूनी रास्ता” के नाम से पहचाना जाने लगा है। यहां हर दिन सफर करना मानो किस्मत से खेलना हो गया है। ⚠️ 120 KM का खतरनाक सफर कानपुर से कबरई (महोबा) तक करीब 120 किलोमीटर का यह हिस्सा सबसे ज्यादा बदनाम है। हादसों का सिलसिला ऐसा कि कोई दिन खाली नहीं जाता। अगर दुर्घटना

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नहीं तो जाम तय है। Hamirpur से Kanpur की 65 किमी दूरी, जो सामान्यतः 2 घंटे में पूरी होनी चाहिए, कई बार 6–8 घंटे तक खिंच जाती है। 🚧 जाम और मौत—दोनों साथ-साथ इस हाईवे पर जाम अब “समस्या” नहीं, बल्कि “नियम” बन चुका है। कहीं ओवरलोड ट्रक, कहीं खराब सड़क, तो कहीं अचानक हुए हादसे—हर वजह सफर को मुश्किल बना देती है। 💔 एक बारात, चार लाशें सोमवार 27 अप्रैल की रात इस हाईवे ने फिर चार जिंदगियां निगल लीं। Kurara थाना क्षेत्र के डामर गांव से निकली एक बारात खुशी से गम में बदल गई। हादसे में दूल्हे के सगे, मौसेरे

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और फुफेरे भाइयों समेत चार बारातियों की मौके पर मौत हो गई, जबकि तीन लोग अब भी जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। शादी का जश्न, चंद मिनटों में मातम में बदल गया—और यह कहानी अब इस हाईवे पर आम होती जा रही है। 🏗️ ग्रीन फील्ड हाईवे—सपना या सियासी वादा? सरकार की ओर से “ग्रीन फील्ड हाईवे” बनाने की योजना जरूर सामने आई है। बजट स्वीकृत होने और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने की बातें भी सामने आई हैं। लेकिन असली सवाल वही है—काम कब शुरू होगा? जनप्रतिनिधि संसद से लेकर विधानसभा तक आवाज उठा चुके हैं,

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लेकिन जमीनी हकीकत अभी भी जस की तस है। 🔥 सवाल जो जवाब मांगते हैं आखिर कब तक यह हाईवे लोगों की जान लेता रहेगा? कब शुरू होगा नया सुरक्षित मार्ग? क्या हर हादसे के बाद सिर्फ मुआवजा ही समाधान है? ✍️ आखिरी बात अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो National Highway 34 (India) सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि “मौत का कॉरिडोर” बनकर रह जाएगा—जहां हर गुजरने वाला शख्स डर के साये में सफर करेगा। 👉 अब जरूरत है कि ये आवाज सड़क से उठकर सत्ता के गलियारों तक पहुंचे… वरना ये खामोशी और भी कई परिवारों को उजाड़ देगी।

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  • Post by Govinda maikup
    1
    Post by Govinda maikup
    user_Govinda maikup
    Govinda maikup
    Appliance repair service गोलमुरी-कम-जुगसलाई, पूर्वी सिंहभूम, झारखंड•
    2 hrs ago
  • बंगाल पुलिस की इच्छा जानकर आप हैरान रहे जाओगे।
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    बंगाल पुलिस की इच्छा जानकर आप हैरान रहे जाओगे।
    user_डॉ. उमेश कुमार
    डॉ. उमेश कुमार
    Doctor गोलमुरी-कम-जुगसलाई, पूर्वी सिंहभूम, झारखंड•
    2 hrs ago
  • कांग्रेस और INDI गठबंधन का अहंकार: जब कलम पर हुआ प्रहार!🖋️🔥 झारखंड की JMM-कांग्रेस सरकार के मंत्री इरफान अंसारी के गुंडों द्वारा पत्रकारों की सरेआम पिटाई ने INDI गठबंधन के लोकतंत्र-विरोधी चेहरे को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। जब मंत्री कहते हैं कि "इनकी दुकान हम चलाते हैं", तो यह साफ हो जाता है कि राहुल गांधी की मोहब्बत की दुकान में पत्रकारों के लिए सिर्फ नफरत और डंडे ही बचे हैं। संविधान बचाने का ढोंग करने वाले इस गठबंधन का दमनकारी इतिहास पंजाब से लेकर तमिलनाडु तक फैला हुआ है, जहां 2025 में भी DMK और AAP के नेताओं ने सच दिखाने वाले पत्रकारों को घर में घुसकर निशाना बनाया था। आज कांग्रेस और उसके सहयोगी दल कलम को कुचलने की जो कोशिश कर रहे हैं, उसका करारा जवाब देश की जनता और सजग मीडिया जल्द ही देगी।🖋️ संकलक:: कुमार विश्वजीत जमशेदपुर झारखंड
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    कांग्रेस और INDI गठबंधन का अहंकार: जब कलम पर हुआ प्रहार!🖋️🔥
झारखंड की JMM-कांग्रेस सरकार के मंत्री इरफान अंसारी के गुंडों द्वारा पत्रकारों की सरेआम पिटाई ने INDI गठबंधन के लोकतंत्र-विरोधी चेहरे को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। 
जब मंत्री कहते हैं कि "इनकी दुकान हम चलाते हैं", तो यह साफ हो जाता है कि राहुल गांधी की मोहब्बत की दुकान में पत्रकारों के लिए सिर्फ नफरत और डंडे ही बचे हैं। 
संविधान बचाने का ढोंग करने वाले इस गठबंधन का दमनकारी इतिहास पंजाब से लेकर तमिलनाडु तक फैला हुआ है, जहां 2025 में भी DMK और AAP के नेताओं ने सच दिखाने वाले पत्रकारों को घर में घुसकर निशाना बनाया था। 
आज कांग्रेस और उसके सहयोगी दल कलम को कुचलने की जो कोशिश कर रहे हैं, उसका करारा जवाब देश की जनता और सजग मीडिया जल्द ही देगी।🖋️
संकलक::
कुमार विश्वजीत 
जमशेदपुर झारखंड
    user_Kumar S Vishwajeet
    Kumar S Vishwajeet
    राष्ट्रवादी,मानवतावादी,भाजपा समर्थक गोलमुरी-कम-जुगसलाई, पूर्वी सिंहभूम, झारखंड•
    7 hrs ago
  • मजदूर दिवस पर BKMS का भव्य आयोजन अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर भारतीय क्रांतिकारी मजदूर संघ (BKMS) द्वारा टाटा-कांड्रा मेन रोड स्थित बिको मोड़, गम्हरिया (आदित्यपुर) में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मजदूर नेता रतिलाल महतो जी को माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की गई। इसके बाद सैकड़ों मजदूर साथियों को सम्मानित किया गया और उनके बीच चना एवं शरबत का वितरण किया गया। इस मौके पर वक्ताओं ने मजदूरों के अधिकार, एकता और सम्मान पर जोर देते हुए कहा कि संगठित होकर ही मजदूर अपने हक की लड़ाई को मजबूत बना सकते हैं। कार्यक्रम में मुख्य रूप से संजय गोराई (क्षेत्रीय प्रभारी, कोल्हान - BKMS) उपस्थित रहे। साथ ही BKMS के सक्रिय सदस्य उमेश महतो, रूपेश गोराई, रोहित प्रधान, बाबू महतो, लक्ष्मण महतो, मनोज महानता, राजू महतो और राज महतो समेत कई अन्य लोग शामिल हुए।
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    मजदूर दिवस पर BKMS का भव्य आयोजन
अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर भारतीय क्रांतिकारी मजदूर संघ (BKMS) द्वारा टाटा-कांड्रा मेन रोड स्थित बिको मोड़, गम्हरिया (आदित्यपुर) में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत मजदूर नेता रतिलाल महतो जी को माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की गई। इसके बाद सैकड़ों मजदूर साथियों को सम्मानित किया गया और उनके बीच चना एवं शरबत का वितरण किया गया।
इस मौके पर वक्ताओं ने मजदूरों के अधिकार, एकता और सम्मान पर जोर देते हुए कहा कि संगठित होकर ही मजदूर अपने हक की लड़ाई को मजबूत बना सकते हैं।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से संजय गोराई (क्षेत्रीय प्रभारी, कोल्हान - BKMS) उपस्थित रहे। साथ ही BKMS के सक्रिय सदस्य उमेश महतो, रूपेश गोराई, रोहित प्रधान, बाबू महतो, लक्ष्मण महतो, मनोज महानता, राजू महतो और राज महतो समेत कई अन्य लोग शामिल हुए।
    user_DALMA NEWS live
    DALMA NEWS live
    आदित्यपुर (गमहरिया), सरायकेला खरसावां, झारखंड•
    2 hrs ago
  • आज राजनगर बाजार में रघुनाथ मुर्मू की मूर्ति पर माल्यार्पण एवं पूजा अर्चना कर धूमधाम से उनके जयंती मनाई गई। मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधायक श्रीमान चंपई सोरेन को गाजे बाजे एवं पारंपरिक नृत्य का स्वागत किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने पूजा अर्चना कर रघुनाथ मुर्मू की मूर्तियों पर माल्यार्पण किये। उसके बाद राजनगर चौक पर सिद्धू कानू मूर्तियों पर भी माल्यार्पण किया। चंपई सोरेन ने कहा कि पंडित रघुनाथ मुर्मू संताली भाषा के महान लेखक, शिक्षाविद और ओल चिकी लिपि के निर्माता थे। संताली समाज में उन्हें गुरु गोमके यानी महान गुरु के नाम से जाना जाता है। उनके जन्म 5 मई 1905 दांदबोस गांव मयूरभुज जिला उड़ीसा में हुआ था। उनकी मृत्यु 1 फरवरी 1982 को हुआ,1925 में उन्होंने संताली भाषा के लिए खुद की लिपि और ओल चिकी बनाई। इसके पहले संताली लोग बांगला , देवनागरी या रोमन लिपि में लिखते थे। चिकी में 30 अक्षर है और यह संताली ध्वनियों के हिसाब से बनाई गई है। भारत सरकार ने 2003 में इसे मान्यता दी। रघुनाथ मुर्मू के कारण ही आज संताली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में जगह मिल। लाखों लोग अपनी लिपि में पढ़ लिख पा रहे हैं। भारत सरकार ने डाक टिकट भी जारी किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विष्णु मुर्मू , सामरम टुडू , सुखलाल टुडू , चामरू टुडू ,वास्को मुर्मू , टकला मुर्मू , अर्जुन मुर्मू , राजो टुडू ,लक्ष्मी मुर्मू ,रुक्मणी टुडू , सुकुरमनी टुडू, बसंती टुडू, अतिथिगण ,समाजसेवी एवं ग्रामवासी मौजूद थे।
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    आज राजनगर बाजार में रघुनाथ मुर्मू की मूर्ति पर माल्यार्पण एवं पूजा अर्चना कर धूमधाम से उनके जयंती मनाई गई।
मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधायक श्रीमान चंपई सोरेन को गाजे बाजे एवं पारंपरिक नृत्य का स्वागत किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने पूजा अर्चना कर रघुनाथ मुर्मू की मूर्तियों पर माल्यार्पण किये। उसके बाद राजनगर चौक पर सिद्धू कानू मूर्तियों पर भी माल्यार्पण किया। 
चंपई सोरेन ने कहा कि पंडित रघुनाथ मुर्मू संताली भाषा के महान लेखक, शिक्षाविद और ओल चिकी लिपि के निर्माता थे। संताली समाज में उन्हें गुरु गोमके यानी महान गुरु के नाम से जाना जाता है। उनके जन्म 5 मई 1905 दांदबोस गांव मयूरभुज जिला उड़ीसा में हुआ था। उनकी मृत्यु 1 फरवरी 1982 को हुआ,1925 में उन्होंने संताली भाषा के लिए खुद की लिपि और ओल चिकी बनाई। इसके पहले संताली लोग बांगला , देवनागरी या रोमन लिपि में लिखते थे। चिकी में 30 अक्षर है और यह संताली ध्वनियों के हिसाब से बनाई गई है। भारत सरकार ने 2003 में इसे मान्यता दी। रघुनाथ मुर्मू के कारण ही आज संताली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में जगह मिल। लाखों लोग अपनी लिपि में पढ़ लिख पा रहे हैं। भारत सरकार ने डाक टिकट भी जारी किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विष्णु मुर्मू , सामरम टुडू , सुखलाल टुडू , चामरू टुडू ,वास्को मुर्मू , टकला मुर्मू , अर्जुन मुर्मू , राजो टुडू ,लक्ष्मी मुर्मू ,रुक्मणी टुडू , सुकुरमनी टुडू, बसंती टुडू, अतिथिगण ,समाजसेवी एवं ग्रामवासी मौजूद थे।
    user_NUNU RAM MAHATO
    NUNU RAM MAHATO
    Local News Reporter गोविंदपुर (राजनगर), सरायकेला खरसावां, झारखंड•
    3 hrs ago
  • SERAIKELLA | CHANDI L : चांडिल में मई दिवस पर गूंजे श्रमिक अधिकारों के स्वर बिष्णु पद महापात्र 📲 9471102055(wa) अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर चांडिल में स्लीपर मजदूर यूनियन द्वारा लाल झंडा फहराकर मई दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने श्रमिक अधिकारों की रक्षा पर जोर देते हुए केंद्र सरकार से लेबर कोड वापस लेने की मांग की। सैकड़ों मजदूरों ने एकजुट होकर “मजदूर एकता जिंदाबाद” के नारों के साथ अपनी आवाज बुलंद की।
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    SERAIKELLA | CHANDI L : चांडिल में मई दिवस पर गूंजे श्रमिक अधिकारों के स्वर
बिष्णु पद महापात्र 📲 9471102055(wa)
अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर चांडिल में स्लीपर मजदूर यूनियन द्वारा लाल झंडा फहराकर मई दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने श्रमिक अधिकारों की रक्षा पर जोर देते हुए केंद्र सरकार से लेबर कोड वापस लेने की मांग की। सैकड़ों मजदूरों ने एकजुट होकर “मजदूर एकता जिंदाबाद” के नारों के साथ अपनी आवाज बुलंद की।
    user_Suryoday Samvaad
    Suryoday Samvaad
    Local News Reporter चांडिल, सरायकेला खरसावां, झारखंड•
    4 hrs ago
  • सरायकेला- शुक्रवार को 'अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस' के अवसर पर सरायकेला नगर पंचायत परिसर में एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। नगर पंचायत अध्यक्ष श्री मनोज कुमार चौधरी ने स्वयं उपस्थित होकर नगर पंचायत में कार्यरत मजदूरों को सम्मानित किया और उनके प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की शुरुआत में अध्यक्ष श्री चौधरी ने मजदूरों को तिलक लगाया, उन पर पुष्प वर्षा की और मिठाई खिलाकर उनका मुँह मीठा कराया। इस भावुक क्षण में उन्होंने मजदूरों को समाज की रीढ़ बताया। संबोधन के दौरान अध्यक्ष ने कहा कि नगर पंचायत के मजदूर भीषण गर्मी, बरसात और कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी के दौरान भी पीछे नहीं हटे। उन्होंने कहा: "प्राकृतिक आपदा हो या कोविड का संकट, हमारे मजदूरों ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ किया है। इनके बिना स्वच्छ और सुंदर नगर की कल्पना असंभव है।" अध्यक्ष ने जानकारी दी कि बोर्ड की बैठक में मजदूरों के सम्मान का निर्णय लिया गया था, जिसके तहत सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी सफल आयोजन किया गया। समारोह के सुखद माहौल के बीच अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि: पदाधिकारी नियमित रूप से कार्यालय नहीं आ रहे हैं, जिससे विकास कार्य पूरी तरह ठप हैं। सिर्फ "काम नहीं रुकेगा" का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हो रहा। मजदूर दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर भी पदाधिकारी की अनुपस्थिति और मजदूरों के प्रति उदासीनता खेदजनक है। अध्यक्ष ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह इस उपेक्षा से काफी मर्माहत हैं। मजदूरों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अध्यक्ष ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने घोषणा की कि वह मजदूरों के हक के लिए निम्नलिखित सुविधाओं हेतु हमेशा संघर्ष करेंगे: श्रम कार्ड और पीएफ (PF) की सुविधा। बचत योजनाएं और सुरक्षा किट का वितरण। मजदूरों के परिवारों के हितों की रक्षा। इस अवसर पर नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों के पार्षद, कर्मचारी और भारी संख्या में सफाई मित्र व मजदूर उपस्थित थे।
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    सरायकेला-  शुक्रवार को 'अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस' के अवसर पर सरायकेला नगर पंचायत परिसर में एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। नगर पंचायत अध्यक्ष श्री मनोज कुमार चौधरी ने स्वयं उपस्थित होकर नगर पंचायत में कार्यरत मजदूरों को सम्मानित किया और उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में अध्यक्ष श्री चौधरी ने मजदूरों को तिलक लगाया, उन पर पुष्प वर्षा की और मिठाई खिलाकर उनका मुँह मीठा कराया। इस भावुक क्षण में उन्होंने मजदूरों को समाज की रीढ़ बताया।
संबोधन के दौरान अध्यक्ष ने कहा कि नगर पंचायत के मजदूर भीषण गर्मी, बरसात और कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी के दौरान भी पीछे नहीं हटे। उन्होंने कहा:
"प्राकृतिक आपदा हो या कोविड का संकट, हमारे मजदूरों ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ किया है। इनके बिना स्वच्छ और सुंदर नगर की कल्पना असंभव है।"
अध्यक्ष ने जानकारी दी कि बोर्ड की बैठक में मजदूरों के सम्मान का निर्णय लिया गया था, जिसके तहत सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी सफल आयोजन किया गया।
समारोह के सुखद माहौल के बीच अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी  की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि:
पदाधिकारी नियमित रूप से कार्यालय नहीं आ रहे हैं, जिससे विकास कार्य पूरी तरह ठप हैं।
सिर्फ "काम नहीं रुकेगा" का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हो रहा।
मजदूर दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर भी पदाधिकारी की अनुपस्थिति और मजदूरों के प्रति उदासीनता खेदजनक है।
अध्यक्ष ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह इस उपेक्षा से काफी मर्माहत हैं।
मजदूरों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अध्यक्ष ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने घोषणा की कि वह मजदूरों के हक के लिए निम्नलिखित सुविधाओं हेतु हमेशा संघर्ष करेंगे:
श्रम कार्ड और पीएफ (PF) की सुविधा।
बचत योजनाएं और सुरक्षा किट का वितरण।
मजदूरों के परिवारों के हितों की रक्षा।
इस अवसर पर नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों के पार्षद, कर्मचारी और भारी संख्या में सफाई मित्र व मजदूर उपस्थित थे।
    user_JAGDISH SAO - स्थानीय रिपोर्टर
    JAGDISH SAO - स्थानीय रिपोर्टर
    Advertising Photographer सरायकेला, सरायकेला खरसावां, झारखंड•
    5 hrs ago
  • ये पश्चिम बंगाल का Exit Poll है!! *🕎दशकों से प्रताड़ित Bengal के हिंदुओं का धैर्य अब जवाब दे गया..!* इन माताजी को सुनिए_👇 १. हम चाहते हैं कि अब खुलकर जय श्रीराम बोलें। २. गला पकड़कर अल्लाह हू अकबर बोल सकते हैं और जय श्रीराम नहीं। *Bengali Hindu अभी तो कभी नहीं वाले मूड में है।*
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    ये पश्चिम बंगाल का Exit Poll है!!
*🕎दशकों से प्रताड़ित Bengal के हिंदुओं का धैर्य अब जवाब दे गया..!*
इन माताजी को सुनिए_👇
१. हम चाहते हैं कि अब खुलकर जय श्रीराम बोलें।
२. गला पकड़कर अल्लाह हू अकबर बोल सकते हैं और जय श्रीराम नहीं।
*Bengali Hindu अभी तो कभी नहीं वाले मूड में है।*
    user_डॉ. उमेश कुमार
    डॉ. उमेश कुमार
    Doctor गोलमुरी-कम-जुगसलाई, पूर्वी सिंहभूम, झारखंड•
    7 hrs ago
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