स्केटिंग करते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए निकले सनातन युवा, पंडारक-मोकामा के युवाओं का अनोखा संकल्प सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार, युवाओं को धर्म से जोड़ने और समाज में सकारात्मक संदेश देने के उद्देश्य से पंडारक और मोकामा के युवाओं का एक दल स्केटिंग करते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर की यात्रा पर निकल पड़ा है। सभी युवा भगवा वस्त्र धारण किए हुए हैं और हाथों में भगवा ध्वज लेकर अपनी यात्रा कर रहे हैं। इनका मार्ग सुल्तानगंज होकर देवघर तक जाएगा। यात्रा की शुरुआत गुरुवार सुबह पंडारक से हुई। यात्रा में शामिल सौरभ कुमार ने बताया कि उनका उद्देश्य सनातन संस्कृति का प्रचार करना और युवाओं को धर्म के प्रति जागरूक करना है। वहीं दीपक कुमार ने बताया कि इससे पहले भी वे स्केटिंग करते हुए मोकामा से केदारनाथ, काशी विश्वनाथ, प्रयागराज, वृंदावन और मथुरा की सफल यात्रा कर चुके हैं। इस बार भी वे बाबा बैद्यनाथ धाम तक स्केटिंग के माध्यम से अपनी आस्था और संकल्प का संदेश लेकर जा रहे हैं।
स्केटिंग करते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए निकले सनातन युवा, पंडारक-मोकामा के युवाओं का अनोखा संकल्प सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार, युवाओं को धर्म से जोड़ने और समाज में सकारात्मक संदेश देने के उद्देश्य से पंडारक और मोकामा के युवाओं का एक दल स्केटिंग करते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर की यात्रा पर निकल पड़ा है। सभी युवा भगवा वस्त्र धारण किए हुए हैं और हाथों में भगवा ध्वज लेकर अपनी यात्रा कर रहे हैं। इनका मार्ग सुल्तानगंज होकर देवघर तक जाएगा। यात्रा की शुरुआत गुरुवार सुबह पंडारक से हुई। यात्रा में शामिल सौरभ कुमार ने बताया कि उनका उद्देश्य सनातन संस्कृति का प्रचार करना और युवाओं को धर्म के प्रति जागरूक करना है। वहीं दीपक कुमार ने बताया कि इससे पहले भी वे स्केटिंग करते हुए मोकामा से केदारनाथ, काशी विश्वनाथ, प्रयागराज, वृंदावन और मथुरा की सफल यात्रा कर चुके हैं। इस बार भी वे बाबा बैद्यनाथ धाम तक स्केटिंग के माध्यम से अपनी आस्था और संकल्प का संदेश लेकर जा रहे हैं।
- स्केटिंग करते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए निकले सनातन युवा, पंडारक-मोकामा के युवाओं का अनोखा संकल्प सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार, युवाओं को धर्म से जोड़ने और समाज में सकारात्मक संदेश देने के उद्देश्य से पंडारक और मोकामा के युवाओं का एक दल स्केटिंग करते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर की यात्रा पर निकल पड़ा है। सभी युवा भगवा वस्त्र धारण किए हुए हैं और हाथों में भगवा ध्वज लेकर अपनी यात्रा कर रहे हैं। इनका मार्ग सुल्तानगंज होकर देवघर तक जाएगा। यात्रा की शुरुआत गुरुवार सुबह पंडारक से हुई। यात्रा में शामिल सौरभ कुमार ने बताया कि उनका उद्देश्य सनातन संस्कृति का प्रचार करना और युवाओं को धर्म के प्रति जागरूक करना है। वहीं दीपक कुमार ने बताया कि इससे पहले भी वे स्केटिंग करते हुए मोकामा से केदारनाथ, काशी विश्वनाथ, प्रयागराज, वृंदावन और मथुरा की सफल यात्रा कर चुके हैं। इस बार भी वे बाबा बैद्यनाथ धाम तक स्केटिंग के माध्यम से अपनी आस्था और संकल्प का संदेश लेकर जा रहे हैं।1
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- मध्य विद्यालय सालहा बिंद टोली में नल का ऐसा हाल है कि हिजाब फैल जाएगा बच्चे वहीं पर पानी पीते हैं और खेलने का तो कोई व्यवस्था ही नहीं है छोटा सा ग्राउंड है उसी में पानी बहता है सालहा बिंद टोली में स्कूल का कैंपस बहुत छोटा होने के कारण जो बर्तन धोने का कार्य होता है वहीं पर फील्ड में होता है क्योंकि यहीं पर एक चापाकल है और उसका पानी पूरा फील्ड में जमा हुआ रहता है उसमें जो चावल के दाने बर्तन का होता है वह कर कर कीड़ा लग जाते हैं और बच्चे वह इस चापाकल से पानी पीते हैं वहां पर और कोई पानी का व्यवस्था नहीं है जिससे बच्चे बीमार पड़ सकते हैं1
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- नाली के पानी से होकर गुजरने को मजबूर ग्रामीण, दुल्लापुर में बदहाल सड़क पर उठे सवाल शेखपुरा। सदर प्रखंड के दुल्लापुर गांव में ग्रामीणों को आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ रहा है। गांव में आने-जाने का मुख्य रास्ता पूरी तरह नाली के गंदे पानी से भरा हुआ है, जिससे लोगों को उसी पानी से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले करीब 6 महीनों से स्थिति जस की तस बनी हुई है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दिनों में परेशानी और बढ़ जाती है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को रोजाना गंदे पानी से होकर आवागमन करना पड़ता है। उनका कहना है कि कई बार जनप्रतिनिधि गांव में आते हैं, हालात देखते हैं और आश्वासन देकर चले जाते हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं होता। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की हालत देखकर यह समझना मुश्किल हो जाता है कि वे गली से गुजर रहे हैं या नाली से। उनका आरोप है कि विकास के दावे तो किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। हालांकि ग्रामीणों ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने अब तक इस समस्या की औपचारिक शिकायत संबंधित विभाग में नहीं की है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द सड़क एवं जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है, ताकि लोगों को इस परेशानी से राहत मिल सके।1
- गड्ढों में फंसा विकास, सरकार से जवाब मांग रही जनता,NH-80 पर 10 सालों से बदहाली, 100 मीटर दूर टोल… फिर भी सड़क बदहाल! हाथीदह (एनएच-80): बड़हिया से गोसाईं गांव तक एनएच-80 की सड़क पिछले करीब 10 वर्षों से बदहाली का दंश झेल रही है। बड़े-बड़े गड्ढों और जलजमाव के कारण राहगीरों, किसानों और वाहन चालकों को रोज भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भूसा लदी ठेला-गाड़ियां भी किसी तरह इस मार्ग से गुजरने को मजबूर हैं। हैरानी की बात यह है कि इस बदहाल सड़क से महज 100 मीटर की दूरी पर टोल रोड मौजूद है, जहां वाहन तेज रफ्तार से दौड़ते हैं, जबकि यह मुख्य मार्ग बारिश के बाद तालाब में तब्दील हो जाता है। इससे पैदल यात्रियों और वाहनों का आवागमन प्रभावित होता है। यह सड़क बाढ़, मोकामा, लखीसराय और मुंगेर को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। सड़क की खराब स्थिति का मुद्दा पहले भी उठ चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों बीत जाने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया गया, जिससे आम जनता को लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अब ग्रामीणों और राहगीरों ने सड़क की शीघ्र मरम्मत की मांग करते हुए संबंधित विभाग और प्रशासन से जल्द कार्रवाई की अपील की है।1