देवास जिले के सतवास (कन्नौद) में स्कूली बच्चों की यूनिफॉर्म, महंगी किताबें, जूते और अन्य जरूरी सामान एक ही जगह से मिलने की प्राइवेट स्कूलों की मोनोपली (मनमानी) के खिलाफ अभिभावकों और चौथे स्तंभ (मीडिया) ने जोरदार मोर्चा खोल दिया। लगातार शिकायतों के बाद भी जब जिला सरकार और राजनेताओं की सांठगांठ के कारण कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो पीड़ितों ने गांधीवादी तरीके से शांतिपूर्ण अहिंसक आंदोलन का रास्ता चुना। इस बड़े और एकजुट विरोध प्रदर्शन से आखिरकार प्रशासन को घुटने टेकने पड़े। यह पूरा मामला निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मुनाफाखोरी और खुली लूट से जुड़ा है, जहां अभिभावक महंगी फीस, महंगी ड्रेस और महंगे जूते-किताबों के भारी खर्च से बेहद त्रस्त थे। जब धारदार कलम के माध्यम से जिला सरकार तक लगाई गई गुहार का कोई नतीजा नहीं निकला, तब अभिभावकों और चौथे स्तंभ ने मिलकर सड़क पर उतरने का फैसला किया। इस गांधीवादी विरोध प्रदर्शन के मैदान में आते ही सोई हुई जिला सरकार अचानक जाग गई और प्रशासनिक अफसर पुलिस के साये में भागते हुए सतवास पहुंचे। प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी बिंदुओं पर जांच-पड़ताल की और समस्या की सत्यता पर मुहर लगा दी। इसके बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए निजी स्कूलों की मोनोपली को धूल चटाई गई और मुनाफाखोरों को कानूनी शिकंजे में लेकर उनकी दुकानें सील कर दी गईं। अब देखना यह होगा कि जिला सरकार इस गंभीर समस्या पर आगे कैसा कानूनी शिकंजा कसती है और समूचे जिले के प्राइवेट स्कूलों की इस मनमानी को पूरी तरह से खत्म कर पाती है या नहीं।
देवास जिले के सतवास (कन्नौद) में स्कूली बच्चों की यूनिफॉर्म, महंगी किताबें, जूते और अन्य जरूरी सामान एक ही जगह से मिलने की प्राइवेट स्कूलों की मोनोपली (मनमानी) के खिलाफ अभिभावकों और चौथे स्तंभ (मीडिया) ने जोरदार मोर्चा खोल दिया। लगातार शिकायतों के बाद भी जब जिला सरकार और राजनेताओं की सांठगांठ के कारण कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो पीड़ितों ने गांधीवादी तरीके
से शांतिपूर्ण अहिंसक आंदोलन का रास्ता चुना। इस बड़े और एकजुट विरोध प्रदर्शन से आखिरकार प्रशासन को घुटने टेकने पड़े। यह पूरा मामला निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मुनाफाखोरी और खुली लूट से जुड़ा है, जहां अभिभावक महंगी फीस, महंगी ड्रेस और महंगे जूते-किताबों के भारी खर्च से बेहद त्रस्त थे। जब धारदार कलम के माध्यम से जिला सरकार तक लगाई गई गुहार
का कोई नतीजा नहीं निकला, तब अभिभावकों और चौथे स्तंभ ने मिलकर सड़क पर उतरने का फैसला किया। इस गांधीवादी विरोध प्रदर्शन के मैदान में आते ही सोई हुई जिला सरकार अचानक जाग गई और प्रशासनिक अफसर पुलिस के साये में भागते हुए सतवास पहुंचे। प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी बिंदुओं पर जांच-पड़ताल की और समस्या की सत्यता पर मुहर लगा दी।
इसके बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए निजी स्कूलों की मोनोपली को धूल चटाई गई और मुनाफाखोरों को कानूनी शिकंजे में लेकर उनकी दुकानें सील कर दी गईं। अब देखना यह होगा कि जिला सरकार इस गंभीर समस्या पर आगे कैसा कानूनी शिकंजा कसती है और समूचे जिले के प्राइवेट स्कूलों की इस मनमानी को पूरी तरह से खत्म कर पाती है या नहीं।
- मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं आवास विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आष्टा में नगर की जीवनदायिनी मां पार्वती नदी के तट पर पहुंचकर पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-अर्चना की और उनका आशीर्वाद लिया। वे धाम सरकार के जन्मोत्सव कार्यक्रम में सहभागिता करने के बाद इंदौर जा रहे थे, तभी मार्ग में आष्टा रुके। वहां स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समर्थकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया, जिसके बाद वे नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा के नेतृत्व में सीधे नदी तट पर पहुंचे। घाट पर स्थित प्राचीन शंकर मंदिर के पुजारी हेमंत गिरी द्वारा पूर्ण विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां पार्वती का पूजन संपन्न कराया गया। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने श्रद्धापूर्वक मां पार्वती को चुनरी अर्पित की और हाथ में आरती की थाल लेकर मां की आरती उतारी। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की सुख, समृद्धि और जन-कल्याण की कामना की। पूजन के बाद नगरीय प्रशासन मंत्री ने पार्वती नदी पर बने नवनिर्मित सुंदर घाट का बारीकी से अवलोकन किया। घाट की भव्यता, स्वच्छता और व्यवस्थित निर्माण को देखकर उन्होंने नपाध्यक्ष श्रीमती हेमकुंवर रायसिंह मेवाड़ा के कार्यों की जमकर सराहना की और कहा कि इससे धार्मिक स्थलों की गरिमा व पर्यटन की संभावनाएं बढ़ती हैं। इस अवसर पर पूर्व विधायक रघुनाथसिंह मालवीय, भाजपा जिला महिला मोर्चा अध्यक्ष ऋतु जैन, पूर्व मार्केटिंग अध्यक्ष कृपालसिंह पटाड़ा, मुख्य नगरपालिका अधिकारी विनोदकुमार प्रजापति, भाजपा जिला महामंत्री तारा कटारिया, जिला सहकार्यालय मंत्री उमेश शर्मा, नपाउपाध्यक्ष सिद्दीका बी, नपाउपाध्यक्ष प्रतिनिधि भूरू खां, जनपद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि सोनू गुणवान, पार्षद रवि शर्मा, डॉ. सलीम खान, राजकुमार मालवीय, अरशद अली, वरिष्ठ पत्रकार नरेन्द्र गंगवाल, युवा पत्रकार एडव्होकेट अक्षत पाठक, आनंद जैन, देवकरण पहलवान, कमलेश विश्वकर्मा, अभिराज पटाड़ा और दीपक मारूति सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।2
- देवास जिले के पीपलरावाँ क्षेत्र में स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल, ग्राम चौबारा धीरा में गुरुवार, 16 जुलाई 2026 को नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में स्कूल के शिक्षकों सहित लगभग 150 से 200 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी छात्र-छात्राओं को नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ दिलाई गई। यह अभियान मध्यप्रदेश पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के निर्देशन में 15 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक चलाया जा रहा है। इसी के तहत पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोत के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एच.एन. बाथम तथा अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) संजय सिंह बैस के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी और पुलिस स्टाफ ने विद्यार्थियों को शराब, चरस, गांजा, अफीम और अन्य मादक पदार्थों के शारीरिक, मानसिक व सामाजिक दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी। जागरूकता बढ़ाने के लिए विद्यार्थियों को रील्स और शॉर्ट फिल्में भी दिखाई गईं। पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं से स्वयं नशे के खिलाफ जागरूक रहने और अपने परिवार व समाज को भी इसके प्रति सचेत करने का आह्वान किया।4
- मध्य प्रदेश को दूध की कैपिटल बनाने, दुग्ध उत्पादन को दोगुना करने और पशुपालकों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा 'दूध समृद्धि संपर्क अभियान' चलाया जा रहा है। यह विशेष अभियान 13 जुलाई 2026 से 18 जुलाई 2026 तक संचालित किया जा रहा है। विभाग के प्रमुख सचिव और जिला कलेक्टर के निर्देश व पशुपालन एवं डेयरी विभाग जिला सीहोर के उप संचालक के मार्गदर्शन में इस अभियान के तहत जमीनी स्तर पर पशुपालकों से संपर्क साधा जा रहा है। अभियान के अंतर्गत सीहोर जिले के रहमतपुर क्षेत्र के ग्राम पीपलखेड़ा रसूलपुर में तीन से चार पशु रखने वाले पशुपालकों से सीधा संपर्क किया गया। इसका निरीक्षण करने के लिए भोपाल से आईं सीहोर जिला प्रभारी डॉक्टर वाणी पांडे और पशुपालन एवं डेयरी विभाग सीहोर के उप संचालक डॉक्टर नरेंद्र कुमार गुप्ता ने खुद गांवों का दौरा कर घर-घर जाकर निरीक्षण किया। इस दौरान डॉक्टर नरेंद्र कुमार गुप्ता ने पशुपालकों को पशुओं के संतुलित आहार के लिए विभाग द्वारा तैयार किए गए 'गोरस ऐप' की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस ऐप की मदद से सभी पशुपालक अपने प्रत्येक पशु की आवश्यकता के अनुसार संतुलित आहार की सही मात्रा की गणना कर सकते हैं। इस अवसर पर अहमदपुर के पशु चिकित्सक डॉक्टर तनवीर सिद्दीकी, श्री एस गौर और स्थानीय पशुपालक भागीरथ डांगी, रवि मीणा व रूपेंद्र डांगी से भी अभियान को लेकर चर्चा की गई।2
- पूर्वी निमाड़ के खंडवा पुलिस नियंत्रण कक्ष में पदोन्नत अधिकारियों और कर्मचारियों के सम्मान में स्टार सेरेमनी का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक खंडवा श्री अगम जैन ने पदोन्नत हुए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। इसके साथ ही उन्होंने सभी कर्मियों के पद के अनुसार उनकी यूनिफॉर्म पर पदचिह्न लगाए। मध्यप्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों के ये स्थायी पदोन्नति आदेश माननीय मुख्यमंत्री महोदय की प्रबल इच्छाशक्ति के परिणामस्वरूप जारी हुए हैं, जिसके बाद खंडवा पुलिस ने इस गौरवमयी समारोह का आयोजन किया।1
- मध्य प्रदेश के कालापीपल के नांदनी गांव में 10 वर्षीय प्रियांश मेवाड़ा की निर्मम हत्या से पूरा इलाका स्तब्ध है। गुरुवार शाम से लापता मासूम का गला रेतकर बेरहमी से कत्ल कर दिया गया और शुक्रवार को उसका शव बिजली विभाग के एक खंडहर भवन में मिला। इस दर्दनाक वारदात के बाद से पूरे गांव में सनसनी फैल गई है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और हत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है। इस खौफनाक हत्याकांड को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है और प्रियांश को न्याय दिलाने के लिए #JusticeForPriyansh की मांग उठ रही है।1
- देवास जिले के सतवास (कन्नौद) में स्कूली बच्चों की यूनिफॉर्म, महंगी किताबें, जूते और अन्य जरूरी सामान एक ही जगह से मिलने की प्राइवेट स्कूलों की मोनोपली (मनमानी) के खिलाफ अभिभावकों और चौथे स्तंभ (मीडिया) ने जोरदार मोर्चा खोल दिया। लगातार शिकायतों के बाद भी जब जिला सरकार और राजनेताओं की सांठगांठ के कारण कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो पीड़ितों ने गांधीवादी तरीके से शांतिपूर्ण अहिंसक आंदोलन का रास्ता चुना। इस बड़े और एकजुट विरोध प्रदर्शन से आखिरकार प्रशासन को घुटने टेकने पड़े। यह पूरा मामला निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मुनाफाखोरी और खुली लूट से जुड़ा है, जहां अभिभावक महंगी फीस, महंगी ड्रेस और महंगे जूते-किताबों के भारी खर्च से बेहद त्रस्त थे। जब धारदार कलम के माध्यम से जिला सरकार तक लगाई गई गुहार का कोई नतीजा नहीं निकला, तब अभिभावकों और चौथे स्तंभ ने मिलकर सड़क पर उतरने का फैसला किया। इस गांधीवादी विरोध प्रदर्शन के मैदान में आते ही सोई हुई जिला सरकार अचानक जाग गई और प्रशासनिक अफसर पुलिस के साये में भागते हुए सतवास पहुंचे। प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी बिंदुओं पर जांच-पड़ताल की और समस्या की सत्यता पर मुहर लगा दी। इसके बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए निजी स्कूलों की मोनोपली को धूल चटाई गई और मुनाफाखोरों को कानूनी शिकंजे में लेकर उनकी दुकानें सील कर दी गईं। अब देखना यह होगा कि जिला सरकार इस गंभीर समस्या पर आगे कैसा कानूनी शिकंजा कसती है और समूचे जिले के प्राइवेट स्कूलों की इस मनमानी को पूरी तरह से खत्म कर पाती है या नहीं।4
- नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा में किसानों को आंदोलन करते हुए 8 से 10 दिन का समय बीत चुका है। इसके बावजूद, सरकार की ओर से अब तक इस पर कोई जवाब या रिप्लाई नहीं दिया गया है। किसानों के इस आंदोलन को इतने दिन होने के बाद भी सरकार का कोई भी रुख सामने नहीं आया है।1
- हरदा में टेमा गांव से डोलरिया के बीच टोल टैक्स के पास कल शाम (16/7/2026) एक ट्रक रोड से नीचे उतर गया। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। ट्रक ड्राइवर ने कूदकर अपनी जान बचा ली, लेकिन ट्रक पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है।1