पोते की मौत के सदमे में दादी की मृत्यु, बीसलपुर में दोहरी त्रासदी बीसलपुर (पीलीभीत)। नगर के मोहल्ला दुबे में रविवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां पोते की सड़क हादसे में मौत से आहत दादी ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना से परिवार में कोहराम मचा है, वहीं आसपास के लोग भी स्तब्ध हैं। जानकारी के अनुसार, मोहल्ला दुबे में सिंह जी की मणि के निकट रहने वाले सालिकराम (शालिग्राम) ने बताया कि वह मनोज पतंग वालों की दुकान के पास विशातखाने का काम करते हैं। रविवार सुबह करीब 10:30 बजे उनकी पत्नी श्याम कली (57 वर्ष) घर के पास स्थित एक बंद पड़े पुराने मकान में चली गईं और वहां फांसी लगा ली। परिजनों ने बताया कि बीते 5 अप्रैल को उनके बड़े बेटे सुनील के 17 वर्षीय पुत्र हर्षित की पीलीभीत मार्ग पर जिरोनिया चौकी के पास सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से श्याम कली गहरे सदमे में थीं और अक्सर गुमसुम रहती थीं। रविवार को जब वह काफी देर तक नजर नहीं आईं तो परिवार के लोगों ने उनकी तलाश शुरू की। कई घंटे खोजबीन के बाद जब बंद पड़े मकान का दरवाजा खोला गया तो वह फंदे से लटकी मिलीं। यह दृश्य देख परिजनों में चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना बीसलपुर कोतवाल संजीव शुक्ला को दी गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। आसपास के लोगों में भी शोक और चिंता का माहौल है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
पोते की मौत के सदमे में दादी की मृत्यु, बीसलपुर में दोहरी त्रासदी बीसलपुर (पीलीभीत)। नगर के मोहल्ला दुबे में रविवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां पोते की सड़क हादसे में मौत से आहत दादी ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना से परिवार में कोहराम मचा है, वहीं आसपास के लोग भी स्तब्ध हैं। जानकारी के अनुसार, मोहल्ला दुबे में सिंह जी की मणि के निकट रहने वाले सालिकराम (शालिग्राम) ने बताया कि वह मनोज पतंग वालों की दुकान के पास विशातखाने का काम करते हैं। रविवार सुबह करीब 10:30 बजे उनकी पत्नी श्याम कली (57 वर्ष) घर के पास स्थित एक बंद पड़े पुराने मकान में चली गईं और वहां फांसी लगा ली। परिजनों ने बताया कि बीते 5 अप्रैल को उनके बड़े बेटे सुनील के 17 वर्षीय पुत्र हर्षित की पीलीभीत मार्ग पर जिरोनिया चौकी के पास सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से श्याम कली गहरे सदमे में थीं और अक्सर गुमसुम रहती थीं। रविवार को जब वह काफी देर तक नजर नहीं आईं तो परिवार के लोगों ने उनकी तलाश शुरू की। कई घंटे खोजबीन के बाद जब बंद पड़े मकान का दरवाजा खोला गया तो वह फंदे से लटकी मिलीं। यह दृश्य देख परिजनों में चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना बीसलपुर कोतवाल संजीव शुक्ला को दी गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। आसपास के लोगों में भी शोक और चिंता का माहौल है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
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- Post by समाचार Crime News1
- पीलीभीत: प्रशासन की मुस्तैदी से खिले किसानों के चेहरे, गेहूं खरीद की रफ्तार तेज पीलीभीत। जनपद में जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) के कुशल निर्देशन और सटीक रणनीति का असर अब धरातल पर साफ दिखने लगा है। जिले के सभी गेहूं क्रय केंद्रों पर खरीद की प्रक्रिया न केवल निर्बाध रूप से संचालित हो रही है, बल्कि पारदर्शिता और सुगमता के नए मानक भी स्थापित कर रही है। प्रमुख बिंदु: क्यों खुश हैं अन्नदाता? निर्बाध संचालन: केंद्रों पर किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा को तुरंत दूर किया जा रहा है, जिससे किसानों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ रहा। समयबद्ध भुगतान: खरीद प्रक्रिया में तेजी के साथ-साथ किसानों के भुगतान की प्रक्रिया को भी प्राथमिकता दी जा रही है। बेहतर सुविधाएं: क्रय केंद्रों पर छाया, पानी और बैठने की समुचित व्यवस्था से किसान खुद को सम्मानित महसूस कर रहे हैं। "प्रशासन का सहयोग सराहनीय है। हमें अपनी फसल बेचने में किसी भी बिचौलिए या परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। केंद्रों पर व्यवस्थाएं चाक-चौबंद हैं।" — स्थानीय किसान प्रशासनिक सतर्कता डीएम द्वारा लगातार किए जा रहे औचक निरीक्षण और फीडबैक प्रणाली ने तंत्र को जवाबदेह बनाया है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि किसानों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और उनकी उपज का एक-एक दाना बिना किसी असुविधा के तौला जाए। निष्कर्ष: पीलीभीत में गेहूं खरीद की यह सफलता न केवल जिले के कृषि प्रबंधन को दर्शाती है, बल्कि यह अन्य जनपदों के लिए भी एक अनुकरणीय मॉडल पेश कर रही है। किसानों का प्रशासन पर बढ़ता यह भरोसा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगा।2
- Post by Vijay Gupta1
- Post by Prashant mishra1
- Post by यूपी समाचार1
- धान और गेहूं के खरीद के दौरान सरकारी कर्मचारी और काश्तकारों में जो टकराव होता है उसे कैसे रोका जा सकता है1
- Post by Vijay Gupta1
- Post by Prashant mishra1